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Matru Navami 2026:पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी के रूप में जाना जाता है। यह दिन माता, दादी, नानी, परदादी और परिवार की दिवंगत मातृशक्ति को श्रद्धापूर्वक याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए विशेष माना जाता है।लेकिन अगर किसी कारण से मातृ नवमी के दिन श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान नहीं हो पाए तो क्या करना चाहिए? क्या इससे पितृ नाराज या रुष्ट हो जाते हैं? ऐसी स्थिति में हिंदू परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौन से विकल्प अपनाए जा सकते हैं?

Matru Navami 2026:Matru Navami is observed during Pitru Paksha and is traditionally dedicated to remembering and offering श्रद्धा to deceased mothers and other maternal figures of the family, such as grandmothers and great-grandmothers.But what if you are unable to perform Shradh or Tarpan on Matru Navami due to health issues, an emergency, or unavoidable circumstances? Does it mean that the ancestors will be displeased? What do Hindu traditions and religious beliefs suggest in such a situation?

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~HT.318~ED.120~PR.114~VG.HM~
Transcript
00:03पित्रपक्ष के नौमी दिथी जिसे मात्री नौमी के नाम से जाना चाता है
00:07हमारे जीवन के सबसे पूझने स्त्रियों, माता, दादी, परदादी और सास के प्रती कृत्यग्या व्यक्त करने का पावन दिन है
00:16लेकिन कई बार अंजाने में स्वास्त संबंधी कारणों से
00:20या किसी अपात स्थिती की वजह से
00:23वेक्ति मात्री नौमी का शाद या तरपण नहीं कर पाता
00:27ऐसे में मन में ये डर बैठ जाता है कि क्या पित्र रुस्ट हो जाएगे
00:31हिंदु धर्म और शास्त्रों में इसका समधान बताया गया है
00:35ऐसे में चली बताते हैं आपको इस वीडियो में कि अगर कोई वेक्ति
00:38मात्री नौमी का शाद ना कर पाए तो उसे क्या करना चाहिए
00:42पित्र पक्ष की अंतिम दिथी यानि सर्व पित्री अमवस्या को
00:46विसर्जनी अमवस्या भी कहा जाता है इस दिन भूल चुक से छूटे हुए सभी पित्रों
00:52और माताओं का शाद एक साथ किया जा सकता है इस दिन किया गया तरपड और दान सीधे माताओं तक
00:59पहुचता है
01:00अगर अमवस्या तक रुखना संभव ना हो तो नौमी के बाद आने वाली द्वादशी यानि की बारवी तिथी या त्रियोदशी
01:08तिथी को भी सात्विक भोजन बनाकर माताओं के नाम से धूब ध्यान दिया जा सकता है
01:14वह अगर आप विस्तरित पूजा या फिर पंडिच जी को बुला कर शाद नहीं कर सकते तो भोजन पका कर
01:22उसका पहला भाग गाय कुत्ते कोवे और चीटी के लिए निकाल लें
01:28विशेशकर गाय को हराचारा या गुड रोटी खिला कर माताओं का स्मरण करें
01:33वह अगर आप किसी यात्रा में है या कोई भी विवस्ता नहीं हो पा रही तो दोपहर बारा बज़े से
01:40एक बज़े के बीच दक्षिन दिशा की और मुख करके खड़े हो जाए
01:45दोनों हाथ उठा कर भगवान सूरे और अपनी माता पित्रों का ध्यान करें
01:51साथ ही अपनी विवस्ता के लिए शमा मांगे
01:54सास्त्रों में इसे मानसिक्स श्राद कहा जाता है
01:57उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
01:59फिलाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना भूले

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