00:03जीतिया को जीवती और जीवित पुत्र का वरत के नाम से भी जानते हैं
00:07जीतिया का वरत हर साल अश्वन मास के कृष्ण पक्ष की अश्टमीतिति को मनाते हैं
00:12जो भी महलाएं अपने संतान की मंगल कामना के उद्देश से पहली बार जीतिया का वरत रखने जा रही हैं
00:17उन्हें कुछ खास नियमों का पालन करना बेहत जरूरी है
00:21है साल जीतिया का वरत 3 ओक्टूबर 2026 शनिवार के दिन रखा जाएगा
00:25पंचांग के अनुसार अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अश्टिमी तिथी की शुर्वात 3 ओक्टूबर को सुब़ 7 बचकर 69
00:33मिनट पर होगा
00:35वई अश्टिमी तिथी का समापन 4 ओक्टूबर को सुब़ 5 बचकर 51 मिनट पर होगा
00:39उद्याति थी के आधार पर 3 ओक्टूबर शनिवार को जीतिया वरत रखेंगे
00:44जीतिया का वरत मुख्य रूप से 3 दिनों का होता है
00:47जिसमें पहला दिन नहाय खाय, दूसरा दिन नर्जला उपुवास और तीसरे दिन पारण किया जाता है
00:52इन 3 दिनों में किन नियमों का पालन करना है? आईए बताते हैं
00:56जीतिया का वरत नहाय खाय 2 ओक्टूबर शुक्रवार्ख से शुरू होगा
01:00इस दिन वरत रखने वाली महलाओं को सात्विक भोजन और जीवनशाली का पालन करना है
01:05इस दिन भोजन के रूप में नोनी का साग, महुआ की रोटी, कद्दू या लौकी की सबजी जरूर खाएं
01:11सनानादी से निवरत तो होकर जिमूत वाहन और चील सियार की पूजा करें
01:15उनका ध्यान करते हुए
01:17बताए गए भोजन को ग्रहन करें
01:19इस दिन पूरा सात्विक रखना है खुद को
01:22ब्रह्मचर एका पालन करें
01:23मैं नहाय खाए के दूसरे दिन निर्जला का वरत किया जाता है
01:26इस दोरान वरत करने वाली महलाओं को अन और जल दोनों का त्याग करना होगा
01:31यानि कि निर्जला वरत रखना होगा
01:33इस दिन माता है सूरियो दै से पहले ओड कर साड़े तीम बजे से लेकर साड़े चार बजे के बीच
01:38मीठा भोजन या दही चुड़ा खाएंगी
01:40ध्यान रहे इसे ओठगन भी कहते हैं
01:43ओडगन के समय अगर पक्षियों की आवाज आ जाए तो आपको अपना भोजन वहीं छोड़ देना है
01:48अब इस वरत का पारण तीसरे दिन होगा
01:51पूजा पाठ और सूरिदेव को जल चढ़ाने के बाद
01:53अलग अलग स्थानों पर पारण के मौके पर पारंपर एक भोजन खाने की भी परंपरा है
01:59जीतिया वरत तीन दिनों तक चलने वाले इस पवित्र तेओहार पर वरती महिलाएं साफ सफाई का ध्यान रखें
02:04भूल कर भी तीन दिनों तक गुस्सा न करें नहीं अपने संतान के लिए किसी भी तरह क्याप शब्दों का
02:09इस्तमाल करें
02:09जीतिया वरत के दोरान चील सियार और भगवान जीमूत वाहन की कथा जरूर सुनें
02:14बिना कथा सुनें सुरत को पूर्ण नहीं माना जाएगा