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Jitiya Vrat 2026:जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत में जितवाहन देव और चील-शियारिन को सरसों का तेल और खली चढ़ाने की परंपरा है। लेकिन तेल-खली कब चढ़ाएं और अगर खली न मिले तो क्या करें? जानिए शास्त्र और लोक-परंपरा के अनुसार पूजा से जुड़ी जरूरी बातें।

Jitiya Vrat 2026:Jitiya Vrat, also known as Jivitputrika Vrat, is observed by mothers for the long life, good health and happiness of their children. Know when mustard oil and khali are offered during Jitiya Puja and what can be done if khali is not available.

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~HT.318~ED.120~PR.114~VG.HM~
Transcript
00:03जीतिय यानि जीवित पुत्री का व्रत महिलाओं के लिए सबसे कठिन और फलदाई व्रतों में से एक मना गया है
00:10इस दिन माता हैं अपने बच्चों की लंबी आयू, उत्तम स्वास्त और सुखी जीवन के लिए 24 घंटे से ज़ादा
00:16समय तक नर्जला व्रत रखती है
00:19जीतिय पूजा में जीत वाहन देव और चील सियार को सरसो का तेल और खरी चढ़ाने का विशेश महत्व है
00:27लेकिन कई बर माताओं के मन में सवाल आता है कि तेल खरी कब चढ़ाना चाहिए और अगर पूजा के
00:33समय खरी या तेल ना मिले तो क्या करना चाहिए
00:36तो चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में
00:39जीतिय पूजा के शुरुवात नहाय खाय से होती है
00:42इस दिन माताओं इसनान करके साफसुत्रे वस्त्र पहनती है
00:46इसके बाद कूशा से बनाई गई चील और शियार की मूर्ती को एक पत्ते पर स्थापित किया जाता है
00:54कई लोग नहाय खाय की रात यसुभे व्रत के शुरुवात से ठीक पहले ओटगन के समय जब माताओं भोजन ग्रहन
01:03करती है
01:03तब भी जिमुत वाहन देव को और चील सियार को तेल और खरी चढ़ाने की परंपरा है
01:10वहीं कई लोगों के घर में ये परंपरा होती है कि वो खरी तेल नहाय खाय से पहले चढ़ाते है
01:18वहीं पूजा में जो तेल और खरी चढ़ाई जाती है उसे बाद में प्रशाद के रूप में अपने बच्चों के
01:24सिर पर लगाया जाता है
01:26मानेता है कि इसे बच्चों को बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है और उनका स्वास्त उत्तम रहता है
01:32वहीं शहरों और आधुनिक समय में कई बार सरसो के असली खरी मिलना मुश्किल हो जाता है
01:38अगर आपको पूजा के समय खरी ना मिले तो आप साबुत खरी या पीली सरसो को थोड़े से सरसो के
01:45तेल में मिला कर भगवान को और पित कर सकते हैं
01:48गई जगहों पर सर्सों की खरी की जगे काले तिल को थोड़ा सा कूट कर तेल के साथ चढ़ाने का
01:54विधान भी माना जाता है
01:56हिंदु धर में पूजा का सबसे बड़ा अधार आपका भाव है अगर कोई समागरी ना मिले तो आप केवल शुद्ध
02:03सर्सों का तेल अर्पित करके मन में चील सियार और जीमुत वहन देव से प्रातना कर सकते हैं कि वो
02:10आपके भावनाओं को स्विकार करें
02:12उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंदाई होगी फिल हाल अमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और
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