Skip to playerSkip to main content
Matri Navami Kab Hai 2026: मातृ नवमी 2026 की तारीख पंचांग के अनुसार,आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगा। नवमी तिथि का समापन 5 अक्टूबर को सुबह 3 बजकर 53 मिनट पर होगा। मातृ नवमी 4 अक्टूबर 2026, रविवार को रहेगी। मातृ नवमी 2026 श्राद्धकर्म का समय श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने के लिए कुतुप, रौहिण का समय सबसे उत्तम माना गया है। अपराह्न काल समाप्त होने तक श्राद्धकर्म संपन्न करना लेना चाहिए। मातृ नवमी के दिन अपराह्न काल दोपहर 1 बजकर 39 मिनट से दोपहर 4 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। वहीं कुतुप मुहूर्त का आरंभ दोपहर 12 बजकर 3 मिनट पर और समाप्त दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर होगा। रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 51 मिनट से दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।Matri Navami Kab Hai 2026: Shraddh Muhurt,Kin Purvajo Ka Kare Tarpan ?

According to the calendar, the Navami Tithi of the Krishna Paksha (dark fortnight) of the month of Ashwin will begin at 5:51 am on October 4th. The Navami Tithi will end at 3:53 am on October 5th. Matru Navami will fall on Sunday, October 4th, 2026. Matru Navami 2026 Shraddha Karma Timings The time of Qutup and Rohini is considered the best for performing Shradh, Tarpan and Pind Daan. Shradh rituals should be completed before the afternoon period ends. On the day of Matru Navami, the afternoon period will be from 1:39 pm to 4:01 pm. The Qutup Muhurta will start at 12:03 pm and end at 12:51 pm. The Rohini Muhurta will be from 12:51 pm to 1:39 pm.

#matrinavami #pitrupaksha2026 #pitrupakshadosharemedies #pitrupakshashraddh #pitrupakshaupay #boldskyhindi

~PR.111~HT.408~ED.120~VG.MX~

Category

🗞
News
Transcript
00:03अश्वन मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा तिथी के साथ पित्रपक्ष आरंब हो गये थे तो सर्व पित्रियों मवस्या तिथी को
00:10ये समाप्त होंगे
00:11ऐसे ही अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथी को सुहागिन स्त्रियों अज्यात महलाओं का श्राद करने का विधान
00:18है
00:18इसी के कारण इसे मात्री नवमी के नाम से जानते हैं
00:22इसके अलावा पित्रपक्ष की नवमी तिथी को नवमी श्राद, नवमी श्राद और अविध्वा श्राद के डाम से भी जाना जाता
00:29है
00:29धर्मेक मानेत आगे अनुसार इस दिन इनका श्राद तरपन करने से उनका अशरवाद मलता है
00:35आईए जानते हैं मात्री नवमी की सहीतिति, मुहुरत और अन्य जरूरी जानकारिया
00:41द्रिग पंचांग के अनुसार अश्विनमास के कृष्णपक्ष की नवमी तिति 4 ओक्टूबर को सुब़ 5 बचकर 51 मिनट से शुरू
00:49हो रही है
00:49जो 5 ओक्टूबर को सुब़ 3 बचकर 53 मिनट पर समाप्त होगी
00:54ऐसे में मात्री नवमी 4 ओक्टूबर 2026 को पड़ रही है
00:58मात्री नवमी में कुतूब मुहुरत 12 बचकर 20 मिनट से 1 बचकर 13 मिनट पर जिसकी अवधी 33 मिनट की
01:05है
01:06मैं रोहनी मुहुर्त एक बचकर तेरह मिनट से दोपहर दोबचकर छे मिनट तक है
01:12अपराहन काल मुहुर्त दोपहर दोबचकर छे मिनट से शाम चार बचकर पैंतालस मिनट तक की रहेगी
01:19मात्री नवमी के दिन दिवंगत सुहागिन महलाओं के अलावा उन लोगों का भी श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्य शुक
01:26लिया कृष्ण पक्ष की नवमी तिथी को हुई थी
01:28हिंदु धर में मात्री नवमी का खास महत्व है
01:32इस दिन दिवंगत माता, मात्रिपक्ष की महिलाएं और सुहागिन अवस्था में दिवंगत स्त्रियों का श्राद्ध तरपण और पिंडदान करते हैं
01:40इसे मात्रियरण और पूर्वजों के प्रती कृतग्यत अव्यक्त करने का अच्छा उसर माना गया है
01:46इस दिन विधिविधान से तरपण करने से पूर्वजों कारशरवात तो मलता ही है
01:51साथी परिवार में सुख शांती के साथ समृद्धी खुशहाली बनी रहती है
01:55इसके साथ ही इस दिन दान करने का विशेश महत्तो है
01:59फिल हाल इस वीडियो में इतना ही
02:01विडियो को लाइक और शेयर करें
02:02साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें

Recommended