00:02जीतिया वृत में जितना महत्व निर्जला उपवास का है उतना ही पवित्र माना जाता है जीतिया का लॉकेट इसे संतान
00:10की रक्षा का कवज कहते हैं लेकिन ये लॉकेट कैसा देखता है इसे कब और कौन पहनता है पहली बार
00:15वृत कर रही है तो इसे कहां से ले और कब उता
00:18आईए जीतिया की लौकेट से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आपको इस वीडियो में देते हैं
00:23ये लौकेट चाप यानि की चंद्रमा या अर्ध चंद्र के आकार का पत्रे जैसा या भगवान जीमूत वहान अक्षत धूप
00:31के नकाशी वाला होता है
00:32ये मुख्य रूप से चांदी या सोने का बना होता है इसे लाल पिले या रंगीन सूती धागे में पिरोकर
00:38गले में पहनते हैं
00:39जितने बच्चे होते हैं कुछ जगपर उतने ही धागे या लौकेट की गाटे पिरोनी की परंपरा है
00:45जीतिया का लौकेट मुख्य रूप से वही मा पहनती हैं जो जीतिया का वरत रखती हैं ये मा के गले
00:50में संतान की सुरक्षा और दीरगायू के रक्षा कवच की रूप में धारन किया जाता है
00:55बिहार और पूर्वान्चल के कई हिस्सों में पूजा के बाद जीतिया का धागा या छोटा लॉकेट बच्चों के गले अकलाई
01:02में भी बानते हैं
01:03जीतिया वरत वाले दिन जब शाम को भगवान जीमूत वाहन चील और सियार की पूजा और कथा सुनी जाती है
01:10तब इस लॉकेट को भी पूजा में रखते हैं
01:12कथा और पूजा संपन्न होने के बाद मा इसे पूजा स्थल पर ही गले में धारन कर लेती हैं
01:18अगर आप पहली बार वरत उठा रही हैं तो आप किसी भी स्थानिय सराफा ये जूलिरी शॉप से चांदिया सोने
01:24का जीतिया लॉकेट खरीद सकती हैं ये और देकर बनवा सकती हैं
01:27जीतिया लॉकेट नामसे से आसानी से समझा भी जा सकता है कई परिवारों में पहली बार जीतिया करने पर लॉकेट
01:33माईके से भी आता है जबकि कुछ जगह ससुराल से मलता है आप चाहे तो खुद के पैसो से भी
01:38खरीद सकती हैं
01:39अगर तुरन सोने या चांदी का लॉकेट बनवाना संभव नहीं तो पूजा में लाल या पीले सूती धागे में गाठ
01:46लगाकर उसे भी जीतिया की रूप में पहन सकते हैं
01:48ध्यान रहें आपकी जितनी संतान होगी उतनी ही लॉकेट भी पहनना है और उतनी ही गाठे भी लगानी है
01:54अगर आप प्रेगनेंट है और आपकी अभी एक संतान या दो संतान है और आपकी दुबारा डिलीवरी होने वाली है
02:00तो ऐसे में तो अभी आपकी जितनी संताने हैं आप उनके संख्या के हिसाब से लॉकेट पहने या गांठे लगाएं
02:08व्रत के अगले दिन जब सूर्योदे के बाद पारण होता है तो उसके बाद इस लॉकेट को उतार देते हैं
02:13या लॉकेट साल दर साल इस्तमाल किया जा सकता है उतार कर धोपोज कर पूजा के स्थान या फिर किसी
02:19सुरक्षत जगा में रख दे ताकि अगले साल जीतिया के प�
02:36बना है कि जीतिया का लॉकेट पहने या नहीं तो इसमें किसी भी तरह की मना ही नहीं है जिस
02:41परंपरा से आप जीतिया का लॉकेट पहनती आ रहे हैं पीरेट्स में भी आप उसी तरीके से पहन लें फिलहाल
02:47इस वीडियो में इतना है वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी �
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