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Jitiya Locket 2026: जिउतिया लॉकेट का धार्मिक महत्व जितिया का व्रत रखने वाली माताएं इस दिन लाल या पीले रंग का धागा धारण करती हैं, जिसमें सोने या चांदी का लॉकेट होता है। यह धागा और लॉकेट सिर्फ आभूषण ही नहीं, बल्कि मां की ममता, आस्था और संकल्प का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि, इस पवित्र धागे और लॉकेट के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है।Jitiya Locket 2026: Jitiya Ka Locket Kab Aur Kaise Pehne,Kab Utare,Pregnancy aur Period Me Kya Kare ?

Religious Significance of Jiutiya Locket Mothers observing Jitiya fast wear a red or yellow thread on this day, which has a gold or silver locket. This thread and locket are not just ornaments, but also symbols of the mother's love, faith, and determination. It is believed that the fast is incomplete without this sacred thread and locket.

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~HT.410~PR.111~ED.120~VG.HM~

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Transcript
00:02जीतिया वृत में जितना महत्व निर्जला उपवास का है उतना ही पवित्र माना जाता है जीतिया का लॉकेट इसे संतान
00:10की रक्षा का कवज कहते हैं लेकिन ये लॉकेट कैसा देखता है इसे कब और कौन पहनता है पहली बार
00:15वृत कर रही है तो इसे कहां से ले और कब उता
00:18आईए जीतिया की लौकेट से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आपको इस वीडियो में देते हैं
00:23ये लौकेट चाप यानि की चंद्रमा या अर्ध चंद्र के आकार का पत्रे जैसा या भगवान जीमूत वहान अक्षत धूप
00:31के नकाशी वाला होता है
00:32ये मुख्य रूप से चांदी या सोने का बना होता है इसे लाल पिले या रंगीन सूती धागे में पिरोकर
00:38गले में पहनते हैं
00:39जितने बच्चे होते हैं कुछ जगपर उतने ही धागे या लौकेट की गाटे पिरोनी की परंपरा है
00:45जीतिया का लौकेट मुख्य रूप से वही मा पहनती हैं जो जीतिया का वरत रखती हैं ये मा के गले
00:50में संतान की सुरक्षा और दीरगायू के रक्षा कवच की रूप में धारन किया जाता है
00:55बिहार और पूर्वान्चल के कई हिस्सों में पूजा के बाद जीतिया का धागा या छोटा लॉकेट बच्चों के गले अकलाई
01:02में भी बानते हैं
01:03जीतिया वरत वाले दिन जब शाम को भगवान जीमूत वाहन चील और सियार की पूजा और कथा सुनी जाती है
01:10तब इस लॉकेट को भी पूजा में रखते हैं
01:12कथा और पूजा संपन्न होने के बाद मा इसे पूजा स्थल पर ही गले में धारन कर लेती हैं
01:18अगर आप पहली बार वरत उठा रही हैं तो आप किसी भी स्थानिय सराफा ये जूलिरी शॉप से चांदिया सोने
01:24का जीतिया लॉकेट खरीद सकती हैं ये और देकर बनवा सकती हैं
01:27जीतिया लॉकेट नामसे से आसानी से समझा भी जा सकता है कई परिवारों में पहली बार जीतिया करने पर लॉकेट
01:33माईके से भी आता है जबकि कुछ जगह ससुराल से मलता है आप चाहे तो खुद के पैसो से भी
01:38खरीद सकती हैं
01:39अगर तुरन सोने या चांदी का लॉकेट बनवाना संभव नहीं तो पूजा में लाल या पीले सूती धागे में गाठ
01:46लगाकर उसे भी जीतिया की रूप में पहन सकते हैं
01:48ध्यान रहें आपकी जितनी संतान होगी उतनी ही लॉकेट भी पहनना है और उतनी ही गाठे भी लगानी है
01:54अगर आप प्रेगनेंट है और आपकी अभी एक संतान या दो संतान है और आपकी दुबारा डिलीवरी होने वाली है
02:00तो ऐसे में तो अभी आपकी जितनी संताने हैं आप उनके संख्या के हिसाब से लॉकेट पहने या गांठे लगाएं
02:08व्रत के अगले दिन जब सूर्योदे के बाद पारण होता है तो उसके बाद इस लॉकेट को उतार देते हैं
02:13या लॉकेट साल दर साल इस्तमाल किया जा सकता है उतार कर धोपोज कर पूजा के स्थान या फिर किसी
02:19सुरक्षत जगा में रख दे ताकि अगले साल जीतिया के प�
02:36बना है कि जीतिया का लॉकेट पहने या नहीं तो इसमें किसी भी तरह की मना ही नहीं है जिस
02:41परंपरा से आप जीतिया का लॉकेट पहनती आ रहे हैं पीरेट्स में भी आप उसी तरीके से पहन लें फिलहाल
02:47इस वीडियो में इतना है वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी �
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