00:00आपदाम अपःतारम दातारम शर्वशंपदाम लोका भीराम अम स्रीराम अम भूयो भूयो नमाम में हम प्यारे मित्रों जैशियारम जैमातादी
00:09मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं
00:11संतान सप्तमी कैसे करते हैं व्रत
00:15और क्या है पूजा का सुब मुहूर्त
00:18इसी विसे पे करेंगे चर्चा
00:20तो शंतान सप्तमी का पामन पर्व
00:2318 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा
00:28शंतान शप्तमी का यह जो पामन ब्रत है भाद्रपद माह के शुकल पक्ष की शप्तमी तिथी को मनाया जाता है
00:37माताओं के लिए अत्यनती ही महत्त पूर्णी एह माना जाता है क्योंकि यह संतान की दिरगायू उत्तम श्वास्त सुरक्षा उज्वल
00:47भविष्य के लिए रखने वाला अत्यनती ही पवित्र और फलदाई बताया गया है
00:53उत्तर भारत में इसे मुक्ताभरण शप्तमी और ललिता शप्तमी के नाम से भी जाना जाता है
01:00शंतान शप्तमी का व्रत का जो शुब महूरत है अब जीत महूरत दोपाहर में 12 बच करके 8 मिनट से
01:0712 बच करके 57 मिनट तक रहेगा
01:11शंतान शप्तमी पूजा बिदी की अगर हम बात करते हैं तो शंतान शप्तमी की जो पूजा बिदी है दोपाहर में
01:18अर्थात मध्यान काल में इस पावन ब्रत को पूजा को शंपन्न किया जाता है
01:24ब्रह्म मुहूरत में उठना है शंदर शंदर इश्टनान ध्यान करने के बाद में अच्छे अच्छे वस्त्रों को धारन करना है
01:30इसके बाद में भगवान सिव मता पारवती की मुट्टी की मूर्ती बनानी चाहिए
01:37मिट्टी की मूर्ती बनाने के बाद में पट्टे पर स्थापित करके उनका विधिवत रूपते पूजन करना चाहिए
01:45और आज के दिन भी कहीं कहीं पर लोग निर्जला ब्रत उस समय तक करते हैं जब तक पूजा को
01:53शंपन नहीं करते और इसके बाद में फल इत्यादि को लेते हैं
01:58इस दिन आटे के पूए बनाने का भी विधन बताया गया है जिसमें साथ पूआ बना करके और वह आपको
02:06भगवान को भोग लगाना चाहिए
02:08इन पूऊं को केले के पत्ते में या सुन्दर से वस्त्र में रेस्मी वस्त्र में बांध करके और फिर आपको
02:17चढ़ाना चाहिए
02:18भगवान श्यू मता पारवती का पूजन करना चाहिए धूप दीप नईवेद्य गंद इत्यादि से भगवान का पूजन करना चाहिए
02:35आज के दिन कुछ माताएं साथ गाठ के धागे को बना करके और उसको अपने हाथ पर बांधती है इस
02:46साथ गाठ के धागे की बिदिविधान से पहले पूजा करती है और फिर पूजा शंपन करने के बाद उसको अपने
02:55हाथ पर बांधती है
02:56और इसके साथ ही साथ कुवे ब्राहमन को दान करना चाहिए साथ पूरकार आपको स्वयम भोजन करना चाहिए इस दिन
03:07बचन, मन और कर्मों के द्वारा पवित्रता को धारन करना चाहिए
03:13पूजा शंपन्य होने तक निर्जला रहें और पूजा जब शंपन्य हो जाए फिर इसके बाद आप जल को ग्रहन कर
03:21सकते हैं आप लोग चाहते हैं अधिक जानकारी किसी भी तरह की पूजा पाते गिनुस्थान के विसे में शंपर्ग करेंगे
03:29मैं मिलता हूँ पुना नई व
03:34इसके बीग पूजा जैए एक जानकारी किसुपना
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