00:03जब भी मुंबई के गणेश उत्सव की बात होती है तो सबसे पहला नाम जुबान पर आता है लाल बाख्चा
00:09राजा
00:09लेकिन क्या आप जानते हैं कि आनंद चतुरदेशी पर जब बपा अपने विसरजन के लिए निकलते हैं तो मुंबई की
00:16सडकों पर एक ऐसी अनूटी तस्विर दिखती है जो पूरे देश को भाईचारे का संदेश देती है
00:20एक ऐसी परंपरा जो सालों से बिना रुके चली आ रही है और 2026 में भी पूरे सम्मान के साथ
00:26निभाई जाएगी
00:27जी हाँ हम बात कर रहे हैं भाई खला की मशूर हिंदुस्तानी मस्जित की
00:32दशाकों से ये परंपरा चली आ रही है कि जब भी लाल बाक्चा राजा का विसरजन जुलूस इस मजजित के
00:38सामने से गुजरता है
00:39तो वहां कुछ पलों के लिए बप्पा का रत रुक जाता है
00:42अगर उस वक्त नमास का समय हो तो ढोल ताशे और संगीत को पूरी तरह से धीमा और शांत कर
00:48दिया जाता है
00:48मस्जित के सामने बप्पा का स्वागत करने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग भूलों के हार और मिठाईया लेकर खड़े
00:54होते हैं
00:55वो बप्पा पर फूल बढ़साते हैं, आरती में शामिल होते हैं और हिंदू-मुसलिम दोनों एक दूसरे को गले लगा
01:00कर तेवहार की बढ़ाई देते हैं
01:02अब सवार उठता है कि ये परंपरा शुरू क्यों हूँ
01:05दरसल लाल बाक्षा राजा की स्थापना साल 1934 में वहां के स्थानिय मच्छवारों और व्यपारियों की मनत पूरी होने पर
01:12हुई थी
01:12इस बाजार को बनाने और यहां सोहार्द बनाए रखने में हिंदू और मुसलिम दोनों समुदाएं का बड़ा योगदान रहा है
01:19जब विसरजन का लंबा रूट तै किया जाता है तो सामप्रदाइक एक्ता को मजबूत करने और आपसी सम्मान दिखाने के
01:26लिए इस तहराव की शुरुवात की गई
01:27यह सिर्फ एक पड़ाव नहीं बलकि एक दूसरे के धर्म के प्रती सम्मान जताने का तरीका है
01:33मुस्लिम समाच के लोग बपा के स्वागत में महीनों पहले से तैयारियां करते हैं
01:38और गनेश मंडल के कारेकरता इस प्यार का पूरे दिल से सम्मान करते हैं
01:42साल 2026 में भी जब 25 सितंबर कौन चतुरदशी की दिन बपा गिरगाउं चपाटी की तरफ बढ़ेंगे
01:49तो भाई खला की ये हिंदुस्तानी मज़ित एक बार फिर से एतिहासिक बलकि गवाब बनेगी
01:53समय बदल गया साल बदल गये लेकिन मुंबई का ये प्यार और गंगा जमुनी तहजीब आज भी वैसी ही अटूट
02:00है
02:00ये परंपरा सिखाती है कि तेवहार दिलों को जोड़ने के लिए होते हैं तोड़ने के लिए नहीं
02:05यही है असली मुंबई और यही है भारत की खुबसूरत संस्कृती
02:10अगर आपको मुंबई की इस खुबसूरत परंपरा की कहानी पसंद आई हो तो इसे वीडियो को लाइक और शेयर जरूर
02:15करें
02:15कॉमेंट में गड़पती बपा मोरया लेकना ना पूले
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