00:28जैश्वे कृष्णा दर्शकों
00:30के सुविधी से आपको अपना वरत खोलना है
00:32पंचमी तिति के शुरुवाद 15 सितंबर को सुब 7 बचकर 44 मिनट से हो चुकी है
00:37मैं पंचमी तिति का समापन 16 सितंबर को सुब 8 बचकर 58 मिनट तक रहेगा
00:43मध्यान मुहुर्त सुब 11 बचकर 2 मिनट से दो पहर देड़ बजे तक रहेगा इस दोरान पूजा करना शुब रहता
00:49है
00:49जो महिलाएं मध्यान काल में सबतरशियों की पूजा और कथा संपन्न कर लेती हैं
00:54वो शाम के समय या पूजा के बाद फलाहार या सात्वेक भूजन से अपना वरत खोल सकती हैं
00:59कई महिलाएं अगले दिन सूर्योदय पर वरत छोड़ती हैं तो 16 सितंबर को सुबह 8 बचकर 58 मिनट पर
01:05पंचमी तिती समाप्त होने के बाद प्राता काल में पारण करना सबसे शुब रहेगा है
01:10इससे पहले दान दक्षणा अगर कर सके तो जरूर कर दे और निथा दान दक्षणा के लिए चीज़े निकाल कर
01:16अलग रख दे उसके बाद भी आप अपना वरत खोल सकती हैं
01:18बता दे कि रिशी पंचमी वरत के पारण का भूजन सामाने वरतों से अलग होता है
01:23इस दिन हल से जोते हो गए खेत के अनाज जैसे सामाने गेहूं या चावल का सेवन नहीं करते
01:28पारण के लिए पसई के चावल, तिन्नी का चावल या समा के चावल और बिना हलके ओगाई गई सबजियां काउप
01:34योग करते हैं
01:35पारण का भूजन, गाई के घी और साधा नमक से तयार करें
01:39पारण में कभी भी लहसुन, प्याज या तामसिक भूजन ना करें
01:42घर के बुजुर्गों और रिश्यों का आशरवाद लेकर ही भूजन ग्रहन करें
01:46सबसे पहले जल ग्रहन करें और पसही के चावल या फलहार का पहला ग्रास लेने के बाद ही आपका वरत
01:52पून माना जाता है
01:53फलहालस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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