00:03क्या भगवान हनुमान का पूरा पहाड उठाना लंका ले जाना सच में सिर्फ इसलिए खारिश कर देना चाहिए क्योंकि आज
00:11की हमारी समझ में ये इंपॉसिबल लगता है और कोई कहे पहाड कैसे उठा सकते हैं इसलिए कहानी गलत है
00:18तो सवाल ये है कि क्या हजारों साल प�
00:29अब दुरुवराठी ने रामायन के उस प्रसंग पर लॉजिक लगा दिया जहां भगवान हनुमान संजीवनी बूटी के लिए पुरा पहाड
00:37ले आए थे दुरुवराठी का कहना है कि ये फिजिकली मुम्किन नहीं है मतलब भाई जो तुम्हारी अनिमेटरिस स्लाइड म
00:43में फिट ना हो वो इतियास से बाहर है लेकिन दुरुभाई को थोड़ा गूगल मैप से बाहर निकल कर जियोग्रॉफिक
00:50को भी देखना चाहिए श्रिलंका का रुमासला पहार आज भी चीक चीक कर तुम्हारी थियोरी का टेस्ट कर रहा है
00:56उस पूरे इलाके की मिटी पे�
01:11नहीं हुआ ना अब आते हैं संजीवनी परवत पर पालमी की रमायन के युद कांड के 74 में जमबावन हनुमान
01:18जी को हिमाले की ओर जाने के लिए कहते हैं पहाएक ऐसे परवत का वर्णन मिलता है जिस पर दिव्य
01:24औशिदी मौजूद थी इस औशिदी में मृत संजीवनी स
01:41परवत ही उठा लो वालमी की रमायन के वर्णन के अनुसार हनुमान जी ओशिदियों से युक्त परवत को ही उखाड
01:48कर वापस युद भूमी में लेकर आए उसके बाद उन ओशिदियों की सुगंद से राम लक्ष्मन और घायल वानर योधाव
01:57को लाभ हुआ बता दे भग
02:09आनी निवासी इस परवत की पूजा करते हैं श्री लंका में ऐसी कई जगहें हैं जिसके बारे में ये माना
02:16जाता है कि हरुमान जी द्वारा लाए गए परवत के टुकडे यहां गिरे थे इसमें से सबसे प्रसिद्ध है रुमासला
02:23ये श्री लंका के दक्षिन तट पर ग�
02:38मासला पहाडी पर पाई जाने वाली मिट्टी और यहां उगने वाले पेड़ पौधे जड़ी बूटियां फ्रिलंका के बाकी तटिये इलाकों
02:45से मेल नहीं खाते बलकि इसका मेल हिमाले छेत्र के वनस्पतियों से बैठता है लेकिन द्रूवराठी के इस तर्क ने
02:52तो सब
03:14सब्सक्राइब करना ना भूले
Comments