00:03क्या आपने 14 सितंबर की शाम को आस्मान की तरफ देखा था?
00:07सोशल मीडिया पर तो इस समय सिर्फ इसी की तस्वीरों और वीडियोज चाय हुए है
00:12आस्मान में खुबसूरत पतले से दूज तीच के चांद के ठीक बगल में एक बहुत ही रहसिमई और चमकदार तारा
00:18दिखाए दे रहा था
00:19लोग हैरान रह गए
00:21किसी ने कहा कि ये कोई चमकीला तारा है तो किसी ने इसे आसमान में तैरता हुआ सेटिलाइट समझ लिया
00:26और सबसे बड़ी बात ये नजारा ठीक गड़े चतूरती और चौरचन पर्व के मौके पर दिखा
00:31लेकिन रुखिये
00:32सनातन धर्म में तो कहा जाता है कि गड़े चतूरती के दिन चांद नहीं देखना चाहिए
00:36तो क्या ये सच है विज्ञान इस अनोखे नजारे को क्या कहता है और क्या इस महीने आसमान में कुछ
00:42और भी बड़ा होने वाला है
00:44चलिए आज के इस वीडियो में सारे रहस्यों से परदा उठाते हैं
00:47सबसे पहले बात करते हैं धार्मिक और सनातन मानेताओं की
00:51क्या वाकई गड़े चतूरती पर चांद देखना मना है
00:53तो इसका जवाब है हाँ
00:55हिंदू पौराणी कताओं के मताबिक इसे मिथ्या दोश कहा जाता है
00:59यानि बिना वज़ा किसी जूटे कलंग की आरोप का लगना
01:03इसके पीछे एक बेहत दिल्चस्प कहानी है
01:05पौराणी कमानेताओं के मताबिक एक बार भगवान गनेश मोदक खाकर अपने वाहन
01:10मुशक यानि चूहे पर सवार होकर लोट रहे थे
01:12रास्ते में चूहे का संतुलन बिगड़ा और गनपती बप्पा नीचे गिर गए
01:16आस्मान में बैठे चंदर देव को अपने रूप, रंग और सुन्दरता पर बड़ा घमन था
01:20बप्पा को गिरता देख वो जोर जोर से हस पड़े और उनका मजाख उड़ाया
01:25बस चंदरमा के इसी एहंकार को देखकर गनेशी को क्रोध आ गया
01:28और उन्होंने शुराब दे दिया कि जो भी भादर, पद, शुक्ल, चतुर्टी के दिन तुम्हे देखेगा
01:33उस पर समाज में जूटा कलंक लगेगा
01:35बाद में जब चंदर देव ने अपनी गलती मानी और माफी मांगी तो बप्पा ने शुराब कासर थोड़ा कम किया
01:41बिहार और मितलांचल में मनाया जाने वाला चौर्चन परव इसी कहानी से जुड़ा है
01:46जहां लोग सीधे चांद देखने के बजाए हाथ में फल या पकवान लेकर चांद का दीदार करते हैं और पूजा
01:52करते हैं
01:53चलिए अब आते हैं विग्यान के नजरिये पर
01:56साइन्स इस खुबसूरत नजारे को क्या कहता है
01:58खगोल विग्याने को यानि एस्ट्रोनॉमर्स के मताबिक आस्मान में दिखने वाली वो जादूई चीज कोई तारा या सेटलाइट नहीं बलकि
02:05शुकर ग्रह यानि वीनस था
02:07विग्यान की भाषा में इस घटना को प्लैनेटरी, कंजेक्शन या खगोलिये समागम कहते हैं
02:13जब अंतरिक्ष में चक्कर लगाते हुए दो खगोलिये पिंड जैसे चांद और कोई ग्रह
02:18प्रतिवी से देखने पर एक दूसरे के बेहत करीब नजर आते हैं तो उसे कंजेक्शन कहा जाता है
02:2314 सितंबर को हमारा चांद सिर्फ 15% ही चमक रहा था
02:27और उसके ठीक बगल में शुकर ग्रह माइनस 4.7 मैगनेट्यूट की अपनी पूरी चमक के साथ इस्थिर होकर चमक
02:34रहा था
02:35कुछ लोगों को लगा कि ये सेटलाइट है लेकिन विज्ञानिक कहते हैं कि सेटलाइट तेजी से आगे बढ़ते हैं
02:40और कुछ सेकेंड में गायब हो जाते हैं जबकि शुकर ग्रह अपनी जगह पर ठीका हुआ था और ये पूरे
02:46हफ़ते इसी तरह चमकता रहेगा
02:47अगर आपको आसमान को निहारना पसंद है तो सितंबर का ये महीना आप के लिए किसी लोट्री से कम नहीं
02:54इस महीने कुछ और भी शांदार खगुली गटनाए होने जा रहे हैं जिने आपको बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए
02:5922 सितंबर शुकर की सबसे तेज चमक इस दिन शुकर ग्रह इस साल की अपनी सबसे ज्यादा चमक पर होगा
03:06शाम को सूरेस के बाद पश्यमी आसमान में ये हीरे की तरह चमकेगा
03:11अब आते हैं 23 सितंबर के दिन
03:12इस दिन सूरे प्रतिवी के भूमध्य रेखा के ठीक उपर होगा जिससे पूरी दुनिया में दिन और रात बिलकुल बराबर
03:19के होंगे
03:20इसी दिन से उत्तर गुलार्ड में शरद रितू आटम की शुरुवात मानी जाती है
03:25अब आते हैं 26 सितंबर को
03:27हार्वेस्ट मून
03:2826 सितंबर को इस महीने का पूरा चांद निकलेगा जिसे हार्वेस्ट मून कहते हैं
03:32पास बात ये है कि इसी दिन सौर मंडल का सबसे आखरी ग्रह नैप्च्यून प्रथिवी के सबसे करीब होगा
03:38जिसे टेलिसकोप की मदद से देखा जा सकेगा
03:40तो चाहे हमारी पराणिक मानेता हूं जो विनर मनेहना सिखाती है
03:45या फिर विग्यान जो हमें ब्रह्मान की खुपसूरती दिखाता है
03:48ये खगोली नजारा वाकर यद्भूत था
03:49कि आपने 14 सेजंबर को चांद और शुकर की इस जोड़ी को देखा था
03:53कॉमेंट सेक्शन में हमें लेकर ज़रूर बताएं
03:55वीडियो को लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल न भूलें
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