00:03गनेश चतुर्थी के पावंत योहार से ठीक पहले सुशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वैरल हो रहा है जिसने हर
00:08किसी को हैरान कर दिया है
00:10दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन से करीब 15 किलो मीटर दूर ताजपुर तहजील
00:16के माता जी के चोपड़ा गाउं में स्थापित एक बेहत प्राचीन गनेश प्रतिमा की आखों से लगतार आंसू भेह रहे
00:22हैं
00:23जैसे ही ये खबर फैली पूरे इलाके में संसनी मच गई
00:26दूर दूर से सेकडु ग्रामीर और श्रधालू मंदिर के तरफ दौड पड़े
00:29लेकिन आखिर इस पूरी घटना के पीछे का माजरा क्या है
00:33क्या ये वाकई बपा का कोई चमदकार है या फिर इसके पीछे कोई बेग्यानिक कारण चिपा है
00:37आईए आज की इस वीडियो में जानते हैं
00:40सबसे पहले बात करते हैं कि जमीन पर आखिर क्या हुआ था
00:42शनिवार सुबह करीब साड़े चे बजे गाउं में पारंपरिक नगर पूजा चल रही थी
00:47तभी कुछ ग्रामीडों ने ध्यान दिया कि गणेश जी की प्रतिमा की आँखों के कोनों से पानी की बूंदे टपक
00:52रही है
00:53जो बिलकुल आंसों जैसी लग रही थी
00:55ग्रामीडों का दावा है कि पानी पोचने के बाद भी ये सिलसिला करीब साथ से आठ घंटे तक लगतार चलता
01:01रहा
01:01वहां के स्थानी निवासी ईश्वर सिंग और रगुनंदन पार्टिदार के मताबिक ये मंदिर करीब साथ सो से आठ सो साल
01:07पुराना है
01:08और इसका अपना एक एतिहासिक और पूरातत्व महत्र है
01:11अब सवाल उठता है कि ग्रामीड इसे भगवान की नराजगी क्यों मान रहे है
01:15दरसल गाउं वालों का कहना है कि दो दिन पहले नगर के सभी मंदिरों में देवताओं को नया चोला चड़ाया
01:21गया था
01:21लेकिन किसी भूल की वज़ा से भक्त इस प्राचीन गनेश मंदिर में बपपा को चोला नहीं चड़ा पाए थे
01:27ग्रामीडों का द्रण विश्वास है कि इसी भूल की वज़ा से भगवान गनेश उदास हो गए और उनकी आँखों से
01:33आंसु छला काए
01:34इसके बाद आनन फानन में ग्रामीडों ने महा आरती की भगवान से अपनी भूल की शमा मांगी और बपपा को
01:40चोला अर्पित किया
01:41एक तरफ जहां भक्तों की अटूट आस्था है वहीं दूसरी तरफ विज्ञानों और एक्सपर्ट्स का इसे मामले पर क्या नजरिया
01:47है ये जानना भी बेहत जरूरी है
01:49हालनकि इस खास घटना की कोई अधिकारिक या विज्ञानिक जाच नहीं हुई है लेकिन साइन्स की जानकार ऐसे मामलों के
01:55पीछे कुछ बहुती सवभाविक और प्राकृतिक कारणों को बताते हैं
01:59सबसे पहला है कंडेंसेशन ये सबसे आम विज्ञानिक कारण है जब मौसम में उमस ज्यादा होती है तो तापमान में
02:05अजानक बदलावाता है तो हवा में मौजूद नमी, हंडी और फोस सतों हो जैसे प्राचीन पत्थरों या सिंदूर, चोलगी परदों
02:13पर पानी की ब�
02:27धीरे धीरे बारीक छेदों से बाहर रिसने लगते हैं और आखें चुकी चेहरे का सबसे गहरा हिस्सा होती है इसलिए
02:33पानी अक्सर वहीं आकर जमा होता है विज्ञानिकों का कहना है कि अतीत में भी कई मूर्तियों के साथ ऐसी
02:38घटनाई देखी गई जो पूरी तरह प्रक
02:54अपना ने तेवहार के महल में लोगों की भक्ती को कई गुना जरूर बढ़ा दिया है क्या आपने भी सोचल
03:00मेडिया पर यह वाइरल वीडियो देखा अगर देखा है तो आपकी क्या राय है इस पर कॉमेंट सेक्शन में में
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