00:03क्या आप भी इस गणेश शतुर्ती पर पूजा करने की सोच रही हैं लेकिन संशय में हैं कि बिना इस
00:10थापना के गणपती बप्पा की पूजा सरल तरीके से कैसे की जाए पूजा का सही समय क्या होगा पूजा सामगरी
00:16में किन-किन चीजों की आपको जरुवत पड़ेगी आ
00:28एक बचकर 31 मिनट तक रहेगा वहें पूजा सामगरी की बात करें तो रोली, चंदन, अक्षत, नया जनेउ, कलावा, 21
00:36दूरवा यानि धूप घास, लाल फूल, गुड़हल या गेंदा, मोदक बेसन के लड़ू, केला या अन्य मौसमी फल, पंचमेवा, देसी
00:44घी का दीप
00:45धूप अगरबत्ती कपूर गंगाजल, अब सुबस नानादी से निवरत्त होकर लाल या पीले रंग के वस्त्र पहन ले, अपने घर
00:52में पूजा घर को साफ करें और पूरे मंदर में गंगाजल का छिड़काव कर उसे पवित्र करतें, दाहीने हाथ में
00:58थोड़ा सा जल, अ
01:13अब चाहें तो अपने पौधे में भी गंगाजल अरपत कर सकते हैं, मंदर में विराजमान गनेशी की मूर्ती या तस्वीर
01:19पर दूरवा या फूल की मदद से गंगाजल का छिड़काव करें, इसके बाद उन्हें चंदन, रोली और अक्षत का तलक
01:26लगाएं, वस्त्र के �
01:27लूप में मौली का लावा और नया जनेव अरपत करें, गनेशी को तीन-तीन पत्तियों वाली 21 दूरवा की गांठे
01:33चड़ाएं, इसके बाद गुड़हल या गेंदे का लाल या पीला फूल अरपत करें, भगवान गनेश के समक्ष धूप और दी
01:40प्रजोलित करें, उन्हे
01:41मोदक, बेसन के लड़ू, फल और पंचमेवा का भोग लगाएं, भोग में जलका आचमन कराएं, इसके बाद ओम, गन, गन,
01:48पतै, नम, मंत्र का 108 बार जाप करें, पूरे परिवार के साथ धूप दीप से जैगणेश, जैगणेश देवा की आरती
01:55गाएं, और कपूर जला क
01:57पूजा के अंत में हाँ जोड कर हे गनपती बप्पा, मेरे पास अलग से मूर्ती स्थापना का साधन नहीं था,
02:03इसलिए मैंने भाव और भक्ती से अपने मंदर में ही आपकी पूजा की, कृप्या मेरी ये पूजा सुईकार करें, और
02:10जाने अन जाने में हुई किसी भी भ�
02:24भूजन का प्रयोग ना करें, फिल हाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल
02:29को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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