00:04हरतालिका तीज सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महतपुन वरत माना जाता है एजन भगवान शिव और माता पारवती की विदिविधान
00:11से पूजा की जाती है महीं इसी दिन गनेश चतूरती भी है इसलिए कई घरों में गनेश जी की स्थापना
00:18भी की जाती है
00:18हाला कि वरत के दोरान पूजा और पारण के क्रम को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है
00:25कि आखिर पहले हरतालिका तीज की पूजा की जाए या फिर गनेश जी की स्थापना की जाए अगर आप भी
00:30इस बात को लेकर कंफ्यूज है तो चलिए बताते हैं आपको इस वी
00:47माना जाता है धार्मी कथा के अनुसार माता पारवती ने भगवान शिव को पती रूप में प्राप्त करने के लिए
00:53कठोर तपस्या की थी इसी मानेता के चलते अगर हरतालिका तीज और गनेश चतूर्थी एक ही दिन पड़े तो सुभा
01:00सबसे पहले हरतालिका तीज की पू
01:14पूजा के समय की जाएगी पूजा के लिए सुभा 6 बच कर 5 मिनट से लेकर 7 बच कर 6
01:20मिनट तक का समय शुब बताया गया है इस दोरान पूजा इस्थल की सफाई करके भगवान शिव और माता पारवती
01:26की विधिविधान से पूजा कर सकते हैं और व्रत का संकल प्रेने के �
01:29बाद तीज कि कथा का पाथ और अन्य पूझा विद्याँ भी पूरी कर सकती हैं।
01:34खारटाल का तीज की पूझा पूहुने के बाद दोपेहर में को फोगते कि पूझा की तयारी करें।
01:55इस शुप समय में गनपती बपा की प्रतिमा को पूजा इस्थर पर इस्थापित करें
02:00इसके बाद भगवान गनेश को जल, अच्छत, फूल, दुर्वा, मोदक, आदी अर्पित करने के बाद विविधान से पूजा करें
02:06बता दे 14 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दिस्थे से विशेश माना जा रहा है क्योंकि इसी दिन हर्तालिका तीज
02:13और गनेश चतूर्थी दोनों पर मनाये जाएंगे
02:15हाला कि दोनों की पूजा के लिए अलग-अलग समय निर्धारी थें इसलिए श्रद धालू बिना किसी जल्दबाजी के दोनों
02:22पूजा नुस्थान कर सकते हैं
02:23उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:26फिलाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूले
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