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Ganesh Chaturthi Sthapana Vidhi 2026: गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को दोपहर के समय हुआ था. इस बार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 06 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी.गणेश जी का जन्म दोपहर के समय हुआ था, इसलिए उस समय ही मूर्ति स्थापना और पूजा करना उत्तम फलदायी रहता है. गणेश मूर्ति स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.Ganesh Chaturthi Sthapana Vidhi 2026: Sthapana Muhurt,Samagri,Vidhi,Mantra,Bhog..

Ganesha was born during the afternoon on Bhadrapada Shukla Chaturthi. This time, Chaturthi Tithi will begin at 7:06 am on September 14th and will last until 7:44 am on September 15th.Ganesha was born at noon, so installing the idol and worshipping it during that time is considered most fruitful. The auspicious time for Ganesha idol installation and worship is from 11:02 am to 1:31 pm.

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~PR.111~ED.464~HT.318~VG.HM~
Transcript
00:04गणेश चतुरती 14 सतंबर सोंबार को पढ़ रही है जो लोग अपने घर पर गणेश जी की स्थापना करना चाहते
00:11हैं और बिना पंडिक जी के स्वयम पूजा करने की सोच रहे हैं तो उन लोगों को गणेश स्थापना से
00:17जुड़े मुहुरत,
00:18पूजा विदी, मंत्र और मूर्ती से जुड़े कुछ जरूरी मियमों का पालन करना लापदायक होगा आपको बता दें कि गणेशी
00:26का जन्म भादर पर शुक्ल चतुरती को दोपहर के समय हुआ था इस बार चतुरती तिती 14 सतंबर को सुब
00:337 बचकर 6 मिनट से शुरू हो रही
00:35है और 15 सतंबर को सुब 7 बचकर 44 मिनट तक रहेगी गणेशी का जन्म दोपहर के समय हुआ इसलिए
00:42उस समय ही मूर्ती स्थापना और पूजा का शुम नहुरत सुब 11 बचकर 2 मिनट से दोपहर 1 बचकर 31
00:53मिनट तक रहेगा इसी बीच राहुकाल का समय 7 बचकर 57 मिनट से 9 ब�
01:02पूजा पाट और स्थापना ना करें इस साल एक और अच्छी और खास बात यह है कि भद्रा का भेट
01:07करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है क्यूंकि इस बार भद्रा 14 सतंबर की शाम 7 बचकर 20 मिनट से 15
01:14सितंबर की सुबर 6 बचकर 25 मिनट तक है इस समय स्थापना का कोई मुह
01:19पूरत है ही नहीं वहीं बता दे कि इस बार गनेश उत्सव 10 नहीं 12 दिनों तक मनाई जाएगी जो
01:2514 सितंबर से शुरू होगी और 25 सितंबर तक अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्त होगी वहीं गनेश श्यतूर्थी के दिन
01:33चंद्रमा भी नहीं देखना चाहिए चतूर्थ
01:48ना किस संपोर्ण होगे थी बात करेंगर सामग्री की तो बट्टी के गनेशी की मूर्ती जिनकी सून बाई ओर हो
01:55लकडी की चोकी लाल्य पीला नया कपड़ा अक्षत रोली संदूर चंदन जनेयो कलावा गंगाजल किस दूर्वा लाल फूल आम के
02:05पत्ते तांबे अपीतल
02:07एक नारियल, सुपारी, एक का सिक्का, मोदक या बेसन के लट्टू, रितुफल, धू, देसीखी का दीपक और करपूर
02:15अब पूजा स्थान को गंगाजल से पवत्र करें, चोकी पर नया लाल या पीला कपड़ा बच्छाएं और उस पर अक्षत
02:22चावल की धेली बनाएं, ये सबाब को शुपमुरत में ही करना है
02:27गणेशी की मूर्ती को अक्षत के उपर स्थापत करें, मूर्ती का मुख पूर्व्य उत्तर दिशा की ओर रखें, स्थापना के
02:34बाद ही मूर्ती के चेहरे से कपड़ा हटाएं
02:36चौकी की दाई और तांबे का कलश रखें, उसमें जल, गंगा जल, सिक्का, सुपारी और अक्षत डाल दें
02:43कलश पर आम के पत्ते रखकर लाल कपड़े में लपेटा नारियल स्थापत करें
02:47दूर्वा की मदद सिव नूर्ती परजल और पंचामरत के चीटे दें, गणेश जी को जनेयों, कलावा, रोली, चंदन और अक्षत
02:55का तिलत लगाएं
02:56गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठेक और लाल फूल चड़ाएं, मोदग, बेसन या मोती चूल के लड़ू और फलो
03:04का भोग लगाएं
03:06ध्यान रहे गणेश जी की पूजा में न तुलसी का प्रयोग करें, न भोग नोने तुलसी अर्पत करें
03:12अब धूप दीप जलाकर परिवार के साथ जैगनेश, जैगनेश, आर्ती गाय, पूजा के अंत में भूल चोक के लिए श्रमा
03:19बांगें
03:19मंत्र जाप करना चाते हैं तो ओम गन गन पते नम, दूरवा चड़ाते शमय, श्री गणेशाय नम, वहीं वक्रुतुंड, महाकाय,
03:28सूरी कोटी, समप्रभ, निर्विग्नम, पुरुमे देव, सर्वकारेशु, सर्वदा, इस मंत्र का भी जाप आप कर सकते हैं
03:34नियान रहे, घर में अगर पहली बार गणेशी को स्थापित कर रहे हैं, तो आप अपनी सुवधा के अनुसार स्थापना
03:41के समय ही, ये संकल पिलें कि उन्हें देड़ दिन, तीन दिन, पाच दिन, या साथ दिन, या फिर बारह
03:47दिनों तक स्थापित करने के बाद ही उनका
03:49विसर्जन करेंगे, अगर आप उनका विसर्जन नहीं करना चाते और मूर्ती को घर में ही रखना चाते हैं, तो आप
03:56उनका कलश विसर्जन भी इन बताए गए दिनों के अनुसार कर सकते हैं, मूर्ती को आप घर में ही रखें,
04:02लेकिन कलश विसर्जन करना ज़रूरी है, त
04:05पिल्हाल से वेडियो में इतना ही वेडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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