00:02हर साल भादरपद महीने में हरताली का तीज मनाई जाती है
00:06हरताली का तीज के दिन विदिविधान के साथ भगवान शिव और माता पारवती की उपासना की जाती है
00:13वहें सार 14 सितंबर यानि कि सोमवार के दिन हरताली का तीज का वरत और पूजा किया जाएगा
00:20हर्तालिका तीज पर महिलाएं पती की लंबी उम्र और अखंड सोभागे के लिए नर्जिला वरत रखती है
00:28वहीं शुमहुरत में पूजा और उपासना करने से सोभागे बना रहता है
00:33ऐसे में चलिए आपको बताते हैं पूजा का शुमहुरत और साथी बताएंगे हर्तालिका तीज की संपूर्ण पूजा विधी
00:42सबसे पहले बात करते हैं हर्तालिका तीज की पूजा महुरत की
00:46तो सुभा हरतालिका तीज पूजा मौरत 6 बचकर 5 मिनट से लेकर सुभा 7 बचकर 6 मिनट तक है
00:54इसे घंटे 1 मिनट की अवधी में आप पूजा कर सकते हैं
00:59मैं ब्रह्म मौरत सुभा 4 बचकर 18 मिनट से लेकर 5 बचकर 5 मिनट तक है
01:04अभिजीत मुरत की बात करें तो सुभा 11 बच कर 37 मिनट से लेकर दोपहर 12 बच कर 26 मिनट
01:12पर है
01:12मैं बात करते हैं पूजा विधी की
01:15इस दिन ब्रह्म मुरत या फिर सूरियोदे से पहले महिलाय उठकर सभी कामों से निवरित होकर इसनान कर लें
01:23इसके बास साफ वस्त धारन करें इसके बास हातों में फूल और अच्छत लेकर वृत का संकल्प ले लें और
01:30हो सके तो निर्जिला व्रत रखें और फिर पूजा आरम करें
01:34और फिर विदिविधान से शिव और पारवती जी की पूजा कर ले। शाम को प्रदोशकाल के लिए पूजा की पूरी
01:42तैयारी कर ले। इसके लिए मापारवती और शिव जी की मिट्टी की मोर्ती बनाने के साथ मोर्तियों को इस्थापित करने
01:50के लिए केला और आम के पत्तो
01:52से चौकि को सजा ले
01:54अगर आप फुलेरा बना सकते हैं
01:56तो फुलेरा बना कर
01:58टोकरी में उसको सजा कर
02:00और उसके बाद शिवलिंग के उपर
02:02तांग सकते हैं
02:03प्रदोश काल के समय पूजा आरम करें
02:06और सबसे पहले पारवती जी
02:08की मूर्थी रखें फिर शिपजी की मूर्थी रखें इसके बाद जल से आजवन करके पूजा आरम करें मापारवती को फूल
02:16माला सिंदूर कुमकुम सोल शिंगार अर्पित करें और शिपजी को बेलपत्र धतूरा धतूरे का फूल सफेद चंदन फूल माला धोती
02:28या फिर ज
02:38पार्वती के मंतरों का जाब करने के साथ हरतालिका तीज के वृत कथा जरूर सुलें।
02:44अंत में आरती पढ़ लें। इसके साथ ही मापार्वती को सिंदूर अर्पित करें।
02:49इसके बाद अपनी मांग में लगा लें।
02:51रादभर जागरन करने के बाद दूसरे दिन पूजा पाठ करने के बाद इस व्रत का पारण करें इसके साथ ही
02:58शिवजी और पारवती जी की मूर्ति को जल में प्रवाहित कर दें
03:02वहीं इस बात का दियान रखे कि हाथ में अच्छत और पुष्प लेकर हर्तालिका तीच की व्रतकता सुने या फिर
03:09पढ़े
03:10कथा संपन होने पर अच्छत पुष्प भगवान के चड़नों में आप्पित कर दें
03:15वहीं आपको बता दे कि इस बार हर्तालिका तीज के दिन भद्रा का साया रहने वाला है जोती शास्त्र में
03:21भद्रा को अशुब काल माना जाता है इस समय किसी भी शुब या मांगलिक कारे की मना ही होती है
03:28अर्तालिका तीज के दिन भद्रा रात 7 बच कर 21 मिनट से लेकर अगले दिन यानि की 15 सितंबर को
03:35सुबह 7 बच कर 44 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा
03:40इसलिए 15 सितंबर को सुबह 7 बच कर 44 मिनट के बाद ही पारण करना शुब रहेगा
03:47भधरा में वरत का पारण ना करें, भधरा में वरत का पारण नहीं किया जाता है
03:52उमीद करते हूं आपको यह जानकारी पसंद आई होगी
03:55फिलाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शूरेंड चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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