00:00एक fitness app जिसका इस्तिमाल लोग अपनी running और workout ट्रैक करने के लिए करते हैं, अब अमेरिकी सेना की
00:06सुरक्षा को लेकर बड़े सवालों के केंद्र में हैं।
00:32इस पूरे मामले का सबसे चिंता जनक उधारन जॉर्डन का मुवफक अलसलती airbase बताया जा रहा है।
01:00जिसमें तीन अमेरिकी सेनिकों की मौत हुई। लेकिन यहां एक बेहद महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।
01:06उपलब्ध स्ट्रावा डेटा ये साबित नहीं करता कि इरान ने इन्ही रनिंग रेकॉर्ड्स का इस्तिमाल उस हमले की योजना बनाने
01:13के लिए किया था।
01:14यानि स्ट्रावा डेटा और उस हमले के बीच सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।
01:53इन हिस्सों में नियमित गतिविधी होती है। और ये चिंता नहीं नहीं है।
02:01इसके बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने सैन्य कर्मियों के व्यक्तिगत और सरकारी डिवाइस पर जियो लोकेशन फीचर्स को लेकर प्रतिबंध
02:09और दिशा निर्देश कड़े किये।
02:10सेंट कॉम ने भी ऑपरेशनल सिक्योरिटी को लेकर अतिरिक्त दिशा निर्देश जारी किये हैं। खास कर सैन्य अभियानों के दौरान।
02:18लेकिन मौजूदा रिपोर्टे दिखाती हैं कि डिजिटल फुट्प्रिंट का खत्रा अभी खत्म नहीं हुआ है।
02:23अमेरिकी एड्मिरल ब्रैड कूपर ने भी चेतावनी दी है कि एरान अमेरिकी सैनिकों की तस्वीरों, विडियो और मोबाइल फोन से
02:30पैदा होने वाली दूसरी जानकारियों का इस्तिमाल हमलों के प्रभाव का आकलन करने और अमेरिकी सैन्य कर्मियों को निशाना बनाने
02:37में कर सकता है, यानि खत्रा सिर्फ स्ट्रावा तक सीमित नहीं, एक फोटो में छिपा लोकेशन डेटा, किसी विडियो का
02:43बैग्राउंड, सोशल मीडिया पोस्ट, जीपीएस ट्रेल या फिटनेस आप की सारवजनिक गतिविधी, ये सभी मिलकर किसी सैन्य ठिकाने की डि�
03:05किसी संभावित विरोधी के लिए एक पैटन बन सकता है, और अमेरिका इरान के बीच तनाव के इस दौर में
03:12असली सवाल यही है, क्या अबली बार निशाना सिर्फ सैन्य ठिकाना होगा या उससे पहले इंटरनेट पर छोड़ा गया डिजिटल
03:19फुट्प्रिंट?
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