Skip to playerSkip to main content
Bihar Lakhisarai Stampede पर उठे बड़े सवाल, Electric Wire की अफवाह या भारी अव्यवस्था? जानिए आखिर लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में क्या हुआ था और कैसे इस तरह की भगदड़ से बचा जा सकता है।

A tragic stampede at the Ashok Dham Temple in Lakhisarai district, Bihar, resulted in the death of 7 female devotees and left several injured during the Shravan Monday pilgrimage. The incident was triggered by an unprecedented rush of devotees, breaking barricades, and panic caused by rumors of a live electrical wire falling. This video dives deep into the causes of the Bihar stampede, crowd control failures, and key survival strategies and crowd dynamics science to save lives during a stampede.

#BiharStampede #Lakhisarai #OneindiaHindi #Sawan2026

~HT.410~PR.250~GR.538~ED.108~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00लिसमें एक भिजले किर्टपर �喜歡 अब अपने आपती है कar भी हिताया कीगें तो आपये होगे है।
00:17कि तो खीमे एक भी में आप इनले को अब नहीं है।
00:25तो यह एक होती है हमारी death instinct, एक होती है life instinct, हर इंसान में जीने की इचा और
00:31मरने की इचा होती है, तो जब ऐसी situation आती है, especially डर का समय आता है, तो हमारा survival
00:37instinct जिसे बोलते है activate हो जाता है, तो जब survival जिसे हमारे सामने शेर आ गया, तो हमें पहले
00:45ही मिस्फूस होता है कि हमें उससे �
00:47तो उस बचने में हमारा दिवाग काम करना बंद कर देता है, तो ऐसे situation में most of the time
00:54यह हाजसे होते हैं, क्यूंकि हम fight mode में आ गये हैं कि मुझे अब अपने आपको बचाना है, और
01:01वो mass level पर होना है, और देखिए, जब भी ऐसी चीज़े होती है, तो हमारे यहां ऐसे भी लोग
01:07होते हैं, जो मौके का फाइदा उठाते हैं, चाहे वो जन संक्या समाज में 10% ऐसे लोग होंगे, जो
01:12की anti-social traits वाले हो, जिने लोगों को hurt करके, sadistic personality, नुकसान करके, मज़ा आता है, और जिने
01:20लगता है कि जब तक कोई scene create ना हो, और ऐसा कुछ नहीं होगा, तो highlight नहीं होगा
01:25तो ऐसी चीज़े कहीं न कहीं हमें समझना पड़ेगा, और fair psychosis कि डर का, डर में हमें क्या होता
01:32है, हम कंट्रोल चाते हैं, हमें अपने आपको protect करना होता है, और उसी डर की वज़ा से, क्योंकि हम
01:38anxious feel करते हैं कि future में क्या होगा, future में कहीं हम अपने आपको खोतों नहीं दें
01:55वह भगवान करेगा, तो उस वक्त भी उनको यह नहीं लगता कि अब मुझे भगवान बचाएगा, उनको यह लगता है,
02:02अब मैं अपने आपको बचा सकता हूं, और मैं जितना best करूं, क्योंकि हम जब survival mode में most of
02:07the time आते हैं, तो हमारा दो ही instinct काम करती है, fight, love flight, majority of time, फिर हम
02:13freeze
02:13or other stages में आते हैं, जो कि fear की होती है, depend करता है situation to situation पर, हम
02:20कौन सी situations में हैं, जिसमें हम freeze mode में चले जाएगे और flop mode में चले जाएगे, और इस
02:25particular situation में जो लोग है, majority of time, flight mode में ही जाते हैं, क्योंकि मुझे अपने आपको बचाना
02:32है, बिल्कुल, आपने बताया कि हमें क्या नहीं �
02:36एक और इसका जो दूसरा पक्ष है कि आखिर हम करें क्या, कोई भी हम में से आप, मैं या
02:40कोई भी इस तरह की भगदड़ का शिकार हो सकता है, तो भीड में सबसे पहला, अगर हम कोई उपाए
02:46कह लीजिए, सबसे पहला solution की तरह अगर दिमाग लगाएं, तो क्या हो सकता है?
02:50देखिये, सबसे पहले कि अगर ये खबर आई है, तो हम उस खबर को कितना सही मानते हैं, और एक
02:57इनसान कह रहा है, ये हमारे समाज का ये है कि हम किसी भी information को double check नहीं करते
03:05हैं, वो double check करना बहुत जरूरी है, अगर हम double check करेंगे दुसरा situations जो है, वो बहुत release
03:13हो सकती है, जैस
03:17जैसे spread होती है, बिना उसकी acknowledgement किये कि वो सही है या गलत है, अगर आपको किसी रिष्टेदार ने,
03:24किसी दोस्त ने कोई बात की है, तो हमारा दिमाग पहले वो information को collect नहीं करता कि ये हुई
03:29है, सीधा ही survival mode में चला जाता है, इसी को हम emotional regulation बोलते हैं, हमारा खुद पर कितना
03:37control है
03:38अगर ऐसी situation में कुछ हुआ है, तो हमने पहले अपने आपको comfort कराना है, कि अगर ऐसा, अगर कोई
03:45महाल में हो गया है, तो जतना हम सही हम रखेंगे, उतना ही situation से बाहर जल्दी निकल पाएंगे, और
03:51अराम से निकल पाएंगे, क्योंकि self awareness कम है, self awareness का मतलब है, मेरे behavior का दूस
04:08near about 15, 10 से 15 परसंट लोग है, जिने ये समझ में आता है, मैं क्या चाहता हूँ, और
04:16मेरे behavior का दूसरों पर क्या आसर पड़ेगा, और अगर मुझे कोई बात कहीं जा रही है, तो मैं उसे
04:23feedback में तोर पर लूँ, नहीं लूँ, और मुझे किसी बात को सुन कर react नहीं करना है, respond कर
04:34कि जब हम किसी cutting समस्या में या stress की situation में आते हूं, तो हमें सयम रखता है, और
04:42वो control हमारे हाथ में है, environment हमें जिसे impact करेगा, पर उस environment से हमें impact नहीं होना, उसके
04:51लिए हमें अपने आप पर काम करने की जरूरत है, तो जब mass level पर काम हो रहा है, और
04:56mass level पर problem आ रही है, तो हर इंस
04:59कि अपनी जिम्यदारी बनती है, ऐसी situation पर आकर, सब को ये बोले, कोई भी जो जादा self-aware है,
05:06कि इस वक्त सयम रखना है, अगर ये लोग भाग रहे थे, तो 10-15 लोग या 50 लोग ऐसे
05:13भी होलते, बोल ये भागिये मत, शांती बनाए रखिये, तो शायद उस भीड को control किया ज
05:20सकता, और मैं फिर वही कहूंगी कि हम दूसरों में, जब हम fair की situation में होते हैं, तो religious
05:27places पर भी हम ज्यादा इसी वज़ा से जाते हैं, कि जो मेरे control के बार है, वो परमात्मा पर
05:33faith में तबदील हो, और वो faith से हमें उस problem से निकाले, तो जिस परमात्मा के धर भी वो
05:39आये थे, तो
05:50जिकरा रहे हैं, पर वो faith सोच में है, action में नहीं, बिल्कुल मैं, आपके बात से ही एक सवाल
05:56निकलता है, और एक और चोड़ा सवाल मैं जोड़ूँगा, आपने का कि इस तरह के कोई अफ़वा हाती, जिसकि आज
06:01current वाले तायर का जिकर हुआ, तो instant कई बार होता है कि फोन �
06:06भी नहीं होता, साथ में फोन जमा हो जाते हैं, लॉकर्स में, या लाइन में, भीड में लोग हैं, वहाँ
06:10पर क्या source हो सकता है, चेक करने का, अचानक ख़बर आई, भीड एक तरफ भागना शुरू होती है, और
06:16उसी दिशा में सारे लोग, सारे आपके लिए शरत धालू द
06:33देखा, वहाँ पर तो काफी दूसरी जगए भी थी, लेकिन लोग एक तरफ ही क्यों भागना पसंद करते हैं, वहाँ
06:38पर कोई सुरक्षा का खास हैसास होता है, इस वक्त क्या दिमाग काम कर रहा होता है, देखिए हम सब
06:44अधिकतर लोगों को दूसरों का उपीनियन बहुत
06:47मैटर करता है, और अगर दस लोग एक काम को कर रहे हैं, तो अधिकतर हम यही सोचते हैं, वो
06:53सही कर रहे हैं, और उसी में हमारा दिमाग चलता है, तो हम इंफ्लूएंस बहुत ज़्यादा होते हैं, जहां मास
07:01लेवल है, गिव यू एन एग्जामपल, आज करके जो हमारे इ
07:07देखें, पंद्रा लाग फॉल्वर देखें, बीस लाग फॉल्वर देखें, तो वो इनसान बहुत अच्छा है, बहुत नॉलेजेबल है, पर अगर
07:16किसी जगह पर लोग भीड कम है, तो शायद वो अच्छा नहीं, ऐसा एक बहुत जर्नल एक सोच है, जैसे
07:23आप मुझे ब
07:37इसी हाईवे पर थी, जो हाईवे पर दो साइड़ होती है, एक लेफ और एक राइड जो आने मतलब इस
07:43एक रोड थी, जिस पर दो लाइन थी, एक तरफ जा रहे थे, और अधिक तरह हम देख रहे थे,
07:49ब्लाइंड बहुत लबी दी और एक तरफ लाइक छोटी दी, तो मु
08:07अगे वाली लोग को रोक रही थी, यह मैं सोच रही थी, कि मुझे लाइन से नहीं हतना अगे वाली
08:11लोगों को रोक रही है, 15 मिनट बाद मुझे पता चला, वो इतनी लंबी लाइन जो थी, उसने से आदी
08:17से ज्यादा लाइन तो CNG की थी, जो इतनी लंबी रोड पर थी, �
08:21तो आप समझेए कि इस situation का नहीं पता होता, तभी हमें अपने आपको consciously बोलना है, मैं इस वक्त
08:28क्या महसूस कर रहा हूँ, मुझे डर लग रहा है, अगर मुझे डर लग रहा है, तो मैं इस situation
08:34में मेरे पास क्या options हैं, और मैं कौन सा सही decision ले सकता हूँ,
08:40emotional dysregulation में जो regulation का जो first step होता है, मैं क्या महसूस कर रहा हूँ, मेरे पास क्या
08:48options है, मेरा mind और body एक alignment में है, और मैं right decision हूँ, यह सब उन seconds में
08:56करना होता है, और वो again मैं वही seconds में करने की बात हूँ, यह हर इंसान का conscious decide
09:02करता है, जैसे मुझे cold drink पीनी है के नहीं पीनी है, वो मेरी सह
09:07प्रेक्टिस के लिए नुकसान दायक है, हम ही decide करते हैं, तो cold drink खाने पीने से लेकर है, उसी
09:14तरह जब stress की situation में आते हैं, तो वो भी हमारी conscious choice में हो जाता है, कि मुझे
09:21यह करना है या नहीं करना है, और इसको करने का फाइदा है या नहीं, यह एक दिन में नहीं
09:27आता है, यह
09:28प्रेक्टिस से आता है, अगर हम प्रेक्टिस करेंगे, यह जितने भी लोग यहां शामिल थे, अधिकतर वो कितने पड़े लिखे
09:36लोग थे, अगें, self-awareness का वैसे पड़े लिखे होने से भी कोई नाता नहीं है, बट हम कितना situation
09:44को समझते हैं, और कितना control कर सकते हैं, कई ब
09:58को लोग leadership की position में होते हैं, उनको इसना knowledge नहीं होता, वो बता नहीं पाते हैं.
Comments

Recommended