00:00बांगलादेश के प्रधान मंतरी तारीक रहमान के भारत दौरे को लेकर एक बार फिर सस्पेंस गहरा गया है
00:05भारत की तरद से साफ संके दिये जा रहे हैं कि नई दिल्ली बांगलादेशी प्रधान मंतरी के स्वागत के लिए
00:10तयार है
00:11लेकिन धाका अभी इस दौरे को लेकर अंतीम फैसला नहीं कर पाया है
00:15ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या तारीक रह्मान सितंबर में भारत आएंगे और इस उधेर बून के पीछे
00:22की वजह क्या है
00:23नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:26भारत ने तारीक रह्मान को 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 28 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में
00:33विशेश अतिथी के तौर पर शामिल होने का न्योता दिया है
00:37बांगलादेश ब्रिक्स का सदस्य नहीं है लेकिन भारत में विशेश अतिथी के तौर पर तारीक रह्मान को आमंतर फिया है
00:44भारत की तरफ से बांगलादेश मन्युक्त उच्चा युक्त दिनेश उत्रिवेदी ने भी कहा है कि नई दिल्ली बांगलादेश के प्रधान
00:51मंतरी के भारत दोरे का बेसबरी से इंतजार कर रही है
00:55और उमीद है कि यह यात्रा जल्द होगी हलाकि उन्होंने ये भी साफ किया कि यात्रा का समय और फैसला
01:01प्रधान मंतरी तारीक रहमान के अधिकार प्षेतर में है
01:04यानि दिल्ली के तरफ से दरवाजा खोड़ा जा चुका है लेकिन अब गेंद धाका के पाले में है
01:10दरसल दोनों देशों के रिष्टे पचले कुछ समय से बेहत सम्मेदन शिल दोर से गुजर रहे हैं
01:15अगस 24 में बांगलादेश में बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदूलन के बाद ततकालीन प्रधान मंतरी शेक हसीना सत्ता से
01:23बाहर हो गई थी और भारत आ गई थी
01:25उसके बाद भारत और बांगलादेश के रिष्टों में लगतार तनाव बना रहा
01:30अब बांगलादेश की नई सरकार शेक हसीना के प्रत्यारपण की मांग कर रही है
01:35नवंबर 2025 में बांगलादेश की एक विशेश ट्रिबुनल ने हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में मानावता के खिलाफ अप्तराधु के
01:43मामले में मौत की सजा सुनाई थी
01:46हसीना इन आरोपों को राजनितिक रूप से फ्रेरित बताती रही है
01:50यहीं मुद्धा भारत बंगलादेश संबंधों में सबसे समय दंशील वशय बना हुआ है
01:55नई दिल्ली का कहना है कि हसीना के प्रत्यरपन से जुड़े अनुरोध की जांच भारत के लागू कानूनों और स्थापित
02:02कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है
02:04अब उधर हाल ही में दिल्ली में शेक हसीना की मीजिया से बाचीत ने भी दोनों देशों के बीच तनाव
02:10को बढ़ाया
02:10बंगलादेश ने इस कारिक्रम पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे वहां की भावनाय आहत हुई है
02:17हलागी भारत ने सपश्ट किया था कि उसकारिक्रम में भारत की कोई भूमी का नहीं थी और वो वहां बंगलादेश
02:23सरकार के बारे में कही गई बातों का समर्थन नहीं करता है
02:27इसके बावजूद दोनों देश रिष्टों को पूरी तरह पट्री से उतरने नहीं देना चाहते
02:32अब बंगलादेश के विदेश मंत्रीक हलीलूर रहमान ने भी माना कि दोनों देशों के बीच कुछ इरिटेशन यान की मतभेद
02:40है जिन्हें दूर करना जरूरी है
02:42उन्होंने कहा कि सरकार भारत की नियोतों की समिक्षा कर रही है और उचित समय पर फैसला लिया जाएगा
02:48यही भारत के उच्चा यूक्त दिनेश त्रिवेदी का बयान भी महत्वपूर हो जाता है
02:52उन्होंने कहा कि भारत और बंगलादेश दोनों संप्रभु देश हैं। दोनों सिर्फ सीमा साजा नहीं करते बलकि एक साजा भविश्य
03:00और सपना भी साजा करते हैं। उनका जोर इस बात पर था कि मतभेद किसी भी रिष्टे का हिस्सा नहीं
03:07हो सकते हैं। लेकिन उनका समध
03:10प्रधान बाचीत के जरीए ही निकाला जा सकता है अगर तारीक रहमान भारत आते हैं तो ये उनकी प्रधान मुन्तरी
03:17बनने के बाद भारत की पहली आधिकारी क्या तरह होगी ऐसे में ये दौरा सिर्क ब्रिक्स सम्मेलन तक सिमित नहीं
03:23रह सकता दोनों देशों के बीच विय
03:39सकता है क्या तारीक रहमान और भारतिय ने तरत्व के बीच सीधी बाचीत रिष्टों में जमी बर्थ को पिघला सकती
03:46है फिलहाल तस्वीर पूरी तेह साफ नहीं है भारत ने निर्मंतरन दिया है दिल्ली स्वागत के लिए तयार है और
03:53भारतिय उच्चायुक्त जल्द य
04:07जातरा नहीं बलकि भारत बंगादेश रिष्टों में एक नए अध्याय की शुरुआत भी हो सकती है।
04:37जालतों से मिल रही कानूनी राहत के बीच हसीना की वापसी का एलान कई बड़े संकेत दे रहा है।
04:435 अगस्त 2024 को चात्र आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद शेक हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा और
04:52वो भारत आ गई।
04:53इसके बाद बांगलादेश में अंतरिम व्यवस्था बनी और आवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई।
04:59पार्टी के कई नेता गिरफतार हुए, कई भूमिगत हो गए और कुछ देश छोड़ कर चले गए। लेकिन करीब दो
05:06साल बाद तस्वेर पूरी तरह शांत नजर नहीं आ रही है।
05:09फरवरी 2026 में बांगला देश में आम चुनाव हुए, आवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमती नहीं मिली और BNP
05:17के तारिक रह्मान के नित्रित्व में नहीं सरकार बनी।
05:20चुनाव के बाद ये माना गया कि आवामी लीग की सक्रिय राजनीती लगभग खत्म हो चुकी है। लेकिन कही जिलों
05:27से पार्टी संगठन के दोबारा सक्रिय होने की खबरे सामने आने लगी।
05:31रिपोर्टों के मुताबिक जमालपुर, खुलना, राजशाही, पाबना, राजबारी, जैसौर और कॉक्स बाजार समेत कही जिलों में आवामी लीग से जुड़े
05:41लोगों ने बंद पड़े पार्टी कारियालेओं को दोबारा खोलने की कोशिश की।
05:45कुछ जगहों पर पार्टी के जंडे लगाए गए और शेख मुझीबुर रह्मान तथा शेख हसीना की तस्वीरे भी दिखाए दी,
05:52हाला कि सरकार ने साफ किया कि इन कारियालेओं को खोलने के लिए कोई आधिकारिक अनुमती नहीं दी गई थी।
06:15सरकार ने पार्टी को आधिकारिक राजनीतिक गतिविधिया करने की अनुमती नहीं दी है।
06:45से आवामी लीग के प्रती नर्मी का सीधा संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
06:50ये अदालतों के आदेश हैं और इनसे पार्टी पर लगा राजनीतिक प्रतिबंध अपने आप समाप्त नहीं होता।
06:56लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे एहम हिस्सा है शेख हसीना की संभावित वापसी।
07:01जुलाई में रॉइटर्स से बाचीत में हसीना ने कहा था कि वो दिसंबर दोहजार चब्वीस के आसपास अपने सीनियर आवामी
07:08लीग नेताओं के साथ भारत से बांगलादेश लोटना चाहती हैं और अदालत के सामने आत्म समर्पन करने के लिए तैयार
07:15हैं।
07:16उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि वापसी के बाद उन्हें गिरफतार किया जा सकता है और गंभीर कानूनी कारवाई का
07:22सामना करना पड़ सकता है।
07:46हसीना की वापसी सिर्फ राजनीतिक नहीं बलकि सीधे तोर पर कानूनी और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी बन चुकी है।
07:52नवंबर दो हजार पचीस में बांगलादेश की एक विशेश अदालत ने दो हजार चौबीस के आंदोलन के दौरान मानवता के
07:59खिलाफ अपराधूं के मामले में हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी।
08:05हसीना इस फैसले और आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है।
08:35बांगलादेश में आवामी लीग की राजनीतिक जमीन फिर तयार हो रही है या ये सिर्फ बिखरे हुए स्थानिय प्रयास हैं
08:41और अगर हसीना वापस आती हैं तो क्या वो जेल जाएंगी, अदालत का सामना करेंगी या उनकी वापसी बांगलादेश की
08:48राजनीति को फिर स
08:49पूरी तरह बदल देगी आने वाले महीनों में इन सवालों के जवाब ही दक्षन एशिया की राजनीति की दिशा तै
08:55कर सकते हैं
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