00:00खाने पीने के लिए बिमारियों की दिक्कत हो जाती है कि उस्वास गोजन नहीं हमके साथ
00:04हम इस्कूल में नमेड़े मिल खिला देंगे जो आएगा बाकी का क्या
00:08कभी-कभी बच्चे सुबह से कुछ नहीं खाके आए रहते हैं और लंच टाइम हुआ नहीं है अभी हमारा गिर
00:13गए बच्चे फेंट हो गए जल्दी जल्दी उन्हें पानी मंगवाओ उनके लिए बिस्किट मंगवाओ ताकि उन्हें कुछ खिलाओ ऐसी इस्थी
00:20भी हो जात
00:36बच्चे ंगे साथैमिंधे संगार्ण जामरिट ओवी खेंचे अउ समय से अना विद्यालर क्योंकि पेरेंस नंकी घर पर नहीं है उनकल
00:53की जम्मेदारी है कि वह जम्मेदारी है वह खिलाओ आए नहीं हमारे आये
00:59कभी-कभी पैरंट्स चले गए हैं तो बच्चे ऐसे ही चले आए बाल भी नहीं बने हुए हैं मुह भी
01:05नहीं दुला हुआ है तो हमारे टीचर्स उसको देखते हैं फिर उसे धुलवाते हैं कि जाओ तुम अपना बाल ठीक
01:10करके आओ साफ करके आओ अपने आपको क्लास में ब
01:28में प्लिगास बहुत है कि यह बहुत साफ सफाई के साथ नहीं आ पाते कि पीने
01:37के लिए पानी तो खरीच सकते हैं कि सारी चीजों के लिए पानी कैसे खाने पीने के लिए बीमारी यो
01:43की दिक्कत हो जाती है कि उस्वास बोजन नहीं हमके साथ हम इसकूल में न मिड़े मिल खिला देंगे जो
01:48आएगा बाकी का क्या साम क्या क्या है वो तो उनके पैरेंट्स �
01:53जैसा कमाएंगे वह सक्लाएंगे वो भीमार भी बहुत होते हैं हम रोतते उत्सक्रायningar को बारे में करता दिये ले Oklahoma
02:15नेतेों मस्ट्रावbn के लगद है
02:30तो यह जो चैलेंज है यह हम सब टीचर ही फेस करते हैं कभी-कभी बच्चे सुबह से कुछ नहीं
02:36खाके आए रहते हैं और लंच टाइम हुआ नहीं है अभी हमारा गिर गए बच्चे फेंट हो गए जल्दी जल्दी
02:41उन्हें पानी मंगवाओ उनके लिए बिस्किट मंगवा
02:53हैं तो खाके आएंगे नहीं बनाया तो चलो झोल्व ठीक है तो लंच टो टाइम टाइम पे होगा ना यहाँ
02:58पर मजदूर एक असली सम्स्या
03:23क्या करेंगे हम जागरूख होते हैं हम अपने बच्चों के क्लास सीचर को इनफॉर्म करते हैं हमारे बेटी को आज
03:30बुखार था इस बात का ध्यान रखा जाए या उसका एक्जाम खतम हो जाए तो हमें बुला लिया जाए हम
03:35उसे लेने आएंगे यहां पैरेंट्स कुछ नह
03:50प्रुद्धान करने का है चोटी मोटी दवाओ की जरुवत पड़े तो वह वी हम टीचर स्मंगवा लेते हैं या पर
03:55खाने के रूप में मिद्धे मिल देते हैं जोगा यहां पर हम लोग कैसमें कोई रोल नहीं रखता है चलिए
04:15दनवाद आपना आपने यहां के अलावा भ
04:19बच्चों की समाजिक समस्या को जो आपने अब्जर्ब किया है तीचर यहां की बात कर सकती है वह बहुत महपूर
04:31है और टीचर ऐसे एकर समझ ले तो यह संदेश है मदद की जा सकती है आप अपने हद में
04:36हैं लेकिन सरकार के और विबस्ता की जा सकती है
04:39मुझे लगता है ना कि हमारे जो भी हमारे बेसिक डिपार्डमेंट का जो भी टीचर है वो हर बात को
04:47समझ रहा है और अपने अस्तर पर हल भी कर रहा है लेकिन जब उसकी इन समस्याओं का एक ही
04:53जवाब उसको दिया जाता है मैडम काम तो करना पड़ेगा काम तो आप कर रही
05:08कि वो कैसे होश में आएगा उसे किस चीज की अभी सरो हो जाता है नहीं आइगा लेकिन होता था
05:16सकता है और उसका रिजन होता है जनरली भूग पहला को शन भूचन होता है टीचर्स का ऑना यह कुछ
05:25खा क्या क्या है और?
05:33कभी कभी जो बड़े बच्चे हैं उनके ऊपर ही खाना बनाने की जिम्मेदारी है
05:38जो बनाएंगे तो अपने चोटे भाई बहनों के लिए बिबे में बंद कर लेंगे कुछ और अपने भी आ जाएंगे
05:45कभी कोई भाई बेहन बिमार पड़ गया उनका तो पेरेंट्स नहीं रुख सकते इसलिए वो रुख जाते हैं लेकिन जब
06:05बच्चा अपने हाथ पेर से थोड़ा स्ट्रांग होता है
06:08पेरेंट्स को यह लगता है कि इस से हमें मिल क्या रहा है, मिलेगा क्या
06:13तो चलो भाई तुम्हें काम सीख लो, एक स्किल सीख लो
06:17अब तुम करने पे आजागे
06:18पढ़ाई छूट जागे
06:19पढ़ाई छूट
06:21मोटीवेट करते ही रहते हैं लेकिन वह उता नहीं है
06:25बिल्कॉट
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