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Iqra Hasan Speech in Lok Sabha: PM Modi पर साधा निशाना, Islam पर छिड़ी जंग, लोकसभा में सपा सांसद इक़रा हसन ने पीएम नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला, जिसके बाद संसद का माहौल गरमा गया!

In a fiery speech delivered in the Lok Sabha, Samajwadi Party MP Iqra Hasan strongly criticized PM Narendra Modi and the ruling government over policies concerning Islam and minority rights. AIMIM chief Asaduddin Owaisi also joined the debate, intensifying the political clash in Parliament.

#IqraHasan #PMModi #AsaduddinOwaisi #LokSabha #OneindiaHindi

~HT.410~PR.250~ED.276~GR.538~VG.HM~

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00:00आजादी इस चीज़ के लिए हिंदू के हिंदू होने की आजादी और इसी तरह से मुसल्मान के मुसल्मान होने की
00:07आजादी
00:07सिख के सिख होने की आजादी और वो आजादी आप मुझसे चीन नहीं सकते है
00:12किसी भी नाम पे नहीं चीन सकते है
00:14किसी भी दबाव में नहीं चीन सकते हैं किसी भी सिख से उसके मज़ग की आजादी नहीं चीन सकते हैं
00:23कोई भी दबाव मुझे मजबूर नहीं कर सकता है
00:29महिंगाई के बारे में जवाब मांगे जब इन से रोजगार मांगे तब ये सिर्फ ये बोल सके कि रोजगार के
00:36बारे में बात मत करो वो देखो मसल्मान हमने उसको मजबूर किया वंदे मातरम गाने के लिए वो देखो मसल्मान
00:43हमने उसकी मजभी आजादी को खदम किया
00:45इस आड में मुसल्मान को दवाने की आड में आप अपनी नालाई की छुपाना चाहते हो
00:52और इस मुल्क में राज करना चाहते हो उसकी कुरवानी बनाना चाहते हो मुसल्मान को
00:56और मुसल्मान इस बेगहरती का कुरवान कभी होगा नहीं
01:00हमने इस मुल्क की आजादी के लिए भी खून दिया है और इस मुल्क में आजादी को बचाने के लिए
01:06भी अगर खून देना पड़े हम देंगे
01:09मैं सत्तापक्स से सवाल करना चाहूंगी कि जो विशन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को स्वेच्चा पर
01:17छोड़ने का उसी कानुसरन मानने अटल बिहारी वाजपाई जी ने किया तो क्या वे भी मुस्लिम तुष्टिकरन कर रहे थे
01:24जी नहीं अटल बिहारी �
01:36बनाकर राजनीति की जा रही है लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पत्यों को सौपी जा रही है आदिवास्यों को उनके
01:42घरों से उजाडा जा रहा है मात्रम में जो मात्रम आता है वे सिर्फ मात्र भूमी की वंदना नहीं वे
01:50इस धर्ती की हर नारी वे इस देश की हर बेटी
02:06हो रहे है यानि एक दिन में 80 से अधिक महिल आए यौन हिंसा का शिकार होती है और ये
02:11सिर्फ दर्ज मामले है जब जम्मु कश्मीर की एक बच्ची हिंसा कत्याचार का शिकार होती है जब सत्ता से जुड़े
02:18लोगों पर आरोप लगते है और कारवाई वर्षो लटक जाती है �
02:22जब उन्नाओं की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है जब बिल्कीस
02:28बानों के अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है तो ये घटनाए वंदे मातरम की आत्मा पर
02:35चोट पहुचाती है मैं �
02:37अध्यक्षपा हो दिया बस यही कहना चाहती हूँ अगर वंदे मातरम मैडम खौमियत का मियार है तो पिर सवाल ही
02:42है कैसरत मोहानी की खौमियत क्या थी जिसने इन खिलाव जिन्दाबाद का नारा दिया ला इलाह इल्लाह नहीं है कोई
02:49खुदा सिवा इल्लाह की और खुरा
03:07यही समय है कि हम वंदे मातरम को सिर्फ नारा नहीं नीती और जिम्मेदारी बनाएं
03:37सफ मुखालिफ है इसलिए भारत को अपना वतन माने मगर 42 में आपके प्यारे वीर और जिना की पार्टी ने
03:47नौर्थ वेस्ट फंटियर सेंद और बंगाल में मिलकर हकूमत चलाई और उस हकूमत ने देर लाक हिंदू और मुसल्मानों को
03:55अंग्रेजों की फौट में शामि
04:02को पारसा ना बनिये इन्हे कहो कि वो बंदा बने खुदा ना बने अमीर शहर यही चाहता या हज़रत कि
04:09हमारी चीख गले में रहे सदा ना बने दूसरी बात मैडम हमारे वजीर दिफार जनाब रादना सिंग सहाब ने बड़ा
04:16ही अजीब और गरीब और तकलीफ दे बात क
04:19नहीं अमुल मुमिनें के बारे में और अमुल किताब के बारे में अमुल मुमिनें उनको कहते हैं जो हमारे प्राफिट
04:25मुहम्मस भी वाइफ हैं वो हम तमाम मुसल्मानों की माह हम उनको तसवर करते हैं मगर हम उनकी अबादत नहीं
04:31करते हम अपनी माह की अबादत नहीं कर
04:48है एहम बात यह कि मैडम हमारे मुल्क का आइन का इस लफ से आगाज होता है वी दे पीपल
04:55इसका आगाज भारत मता के नाम से नहीं होता है हमारे समविधान का जो प्रियांबल है वो क्या कहता है
05:03लिबर्टी आफ थाट एक्सप्रेशन बिलीफ फेट एंड वर्शिप अगर द
05:18है आप ही के पार्टी से आज की जो बाते हुई है इसी कब हो रही है हमारे कॉंस्टेंट असम्वली
05:25में मैडम एक महत्रमा थी रोहीनी कुमार चौदरी ने एक तजवीज दी थी कि प्रियांबल में किसी देवी के नाम
05:31से शुरू हो उन्होंने खास तोर से वंद्यमातरं को
05:34जिकर किया मगर उसको खुबूल नहीं किया गया फिर केवी कामत सहाब ने एक तजवीज दी के इट सिटिजन्स को
05:41बदल कर हर सिटिजन्स किया जाए और खुदा के नाम से शुरू किया जाए वो तर्मीम को यह मस्तरत कर
05:47दिया गया हमारे सम्विधान का असूल यह है कि भा
06:04एक मजभ की मिल्कियत है इसलिए बाबा सहब ऽम्बेटर ने क्या कहा था? उन्होंने मदर इंडिया के नजरियों को मस्टर्प
06:11किया बाबा सहब ने एकन्य स्थलाव वज़ए कर दिया और कहा कि भाएब जब्सिजन्स भाय। हाँ अब मेडम अगर मजभी
06:20आज़ादी इस �
06:21आइन का बुन्यादी असूल है तो सवाल ये पैदा होता है कि उस वक्त हमारे जो कॉंसर्ट असम्वली के प्रेज़न्ट
06:27है जनाव राइंदर पसाथ साहब ने किस बुन्याद पर वंदे मातरम को खौमी तरह ना खरार दिया ना तो किस
06:33रिजलूशन है इसके बारे मेडम मैं
06:35आपको बताना चाहूंगा कि जुडिशरी क्या कहती है बीजू एमैनुल केस है 1986 का जिसमें जिहोवा विक्नेस ने कहा कि
06:43मैं नैशनल एंथम के वक्त खड़े रहूंगी पड़ूंगी नहीं सुप्रेम कोट ने कहा कि उसने कोई गुना नहीं किया वहीं
06:50एक दोजा सतरा का क
07:04सुरिफ नैशनल एंबलम और आपका नैशनल एंथम है फिर आप आजाईए फॉर्टिएट एमेंडमेंट आर्टिकल फिफ्टी वन है सेविंटी सिक्स में
07:12पास हुआ उसमें भी इसका कोई जिकर नहीं है मैड़म मैं आपके सामें बताना चाहूंगा कि हमारा भारत एक इस
07:34भारत को देवी कहने और उसके आगे सजदा करने तो दरसल खौम परस्ती को वतंस महबत को मजब में तब्दील
07:41कर रहे और फिर यहां पर बोल रहे कि अगर भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना पड़ेगा भाई
07:47ये तो सम्विधान के खिलाफ है सुप्रेम कोट के ज�
08:04क्या थी अगर हैदराबाद से मौलवी अलाउदीन जो मक्का मस्जिद का पहला मुझरिम है काला पानी में और तुम्हेबास खान
08:10जो मार कर लास्ट को लटका दिया गया था हैदराबाद में आठ दिन तक उसकी खौमियत क्या थी अगर इनायत
08:16उल्ला काफी जो जिहाद का �
08:17फत्वा अंग्रेज उखिलाद दिया मौराद अबाद में जब उनको दो दिन में फांसी की सजा दी गई और जब फांसी
08:23की सजा के पर जा रहे हैं तो इनायत उल्ला मौला काफी के जबान पर क्या था वो रसूल्ला हमारे
08:29प्रॉफिट की नात पड़ रहे थे क्या पड़ �
08:44क्या थी अल्लामा फजले है खेराबादी का वसल काला पानी का पुकार पुकार करें
08:48जो वहीं पर मर गए इन खबर वहां पर है बताओ मेरी खौमियत क्या थी मैड़म मैं एक
08:53मुसल्मान हूँ मैं इसलाम को मानने वाला बाविखार इनसान हूँ और मेरे
08:57मख़द की बुनियादी तालीम तोहिद है ला इल्हिए नल्लाख
09:01नहीं है कोए खुदा सिवा अल्ला के और खुरान में ला क्या वर्रह याका नअबु याका नस्तेई
09:06तू मेरी अबादत कर बुरह मुझे मूनो मुझे कहां से मिल रहा है
09:10article 25 से मिल रहा है
09:11मुझे कहां से मिल रहा है
09:12liberty of thought, expression, belief, faith and worship से मिल रहा है
09:16तो इसको जोनना
09:17ये बहुत ही खतरनाक होगा
09:19और हमारे prophet Muhammad ﷺ जब मदीने को गए
09:22तो उन्होंने उस वतन के लिए दुआ की
09:24कहा कि Allah मदीने की महबत
09:26हमारे दिलों में और इजाफा कर दे
09:27मके से जादा कर दे
09:29तो ये इसलाम मुसल्मान होना
09:32हमारे इमान में मुल्क की महबत बीच में नहीं आती
09:35और मुल्क से महबत है और रहेगी हमेशा
09:37क्योंके यजीम खुर्वानिया यहां पर सामिल है
09:40जिन्होंने जंग आजादी में हिस्सा नहीं लिया
09:42आज अगर वो वतन की महबत का दर्स जाएंगे तो बड़ा घलत होगा
09:45मैटम मैं आपके साम में एक चीज़ पढ़ूँगा
09:47उन्नीस सो सेंट रविंदना टेगर ने लिटर लिका सुबाश चेंडर बोस को
09:52मैं सिर्फ किसी ने नहीं पढ़ाई है
09:54क्या कहा टेगर साब ने
09:56पार्लेमेंट इस प्लेस आप यूनियन पर आल रिजियस ग्रूप
10:00और देर देर शॉंग कैनाट बी अप्रॉप्राप्रेट
10:02विन बंगाली मुसल्मान शो साइन आफ स्टवन फनेटिसम विरिगाद इंटारिबल
10:10यह मैं इसको ले करूंगा मैडम आप देख लीजिये
10:13फिर दूसरी तरफ मैडम आप आ जाईए मैं यहाँ पर बाइट कर
10:17हाँ जितने तखारिर यहाँ पर है सब जनगन मन पर तनखीद किये
10:21तो मैडम मुझे यह कहना पड़ेगा
10:23कि जनगन मन पर आप लोग इतनी तकलीफ क्यों उठा रहे हैं
10:27आखिर इतनी तकलीफ क्यों है
10:28तो मैं जब जा कर देखा
10:30तो मुझे 28 डिसंबर का
10:3328 डिसंबर का और्गनाइजर
10:35मैगजीन का आटिकल मिला
10:37जिसमें और्गनाइजर लिखता है
10:39कि वाट इस देखा जनगन मन पर इसका करते हैं
10:54इस पर आप क्या बोलेंगे
11:06इस पर आप क्या बोलेंगे
11:08मैडम मैं आपको बिए बताना चाह रहा हूँ
11:11ये वतन की महबत हमारी बहुत है में
11:13मगर ये बताईए हम को
11:15कि अभी मैडम यहाँ पर
11:18आनन मट के बारे में बहुत कुछ कहा गया
11:21मैं सिर्फ दो मिसाले आपको देता हूँ
11:23आनन मट के पेज नमबर
11:2571-80 को पढ़ लीजिए
11:27इसके बाद सनातन जहां मुसल्मानों के घर पाते थे
11:29इन्हें आग लगा देते थे
11:30आप पेज नमबर 98 पढ़िए
11:32हमें सिर्फ इन मुसल्मानों को जड़ से खतम करना है
11:35क्यों खुदा के दुश्मन बन चुके हैं
11:36पिर आप पेज नमबर 115-16 दीजिए
11:39पिर मुक्तलिफ इलाखों मुसल्मानों को सदा देने के लिए भेज जाते
11:42जहां मुसल्मान आबादी नजर आती जला दी जाता
11:44पिर आप देख लीजिए मैडम
11:45सफ़े नमबर 120 पेज़ बंकिम लिखते हैं
11:49कि सनातियों को मालूम नहीं था
11:50कि अंग्रेज जिंदुस्तान को निजात दिलाने वाले हैं
11:52ये आप क्यूं कर रहे हैं
11:54अब मैडम मैं आपको पेपर्स ये कर दूँगा
11:57मैडम भारत में हमारी आजादी इसलिए आई
11:59और बरकरार रही कि हमने मुलक और मजब को एक चीज़ नहीं बनाया
12:03हमने इलान किया कि हमारी मुलक मुक्तलिफ तबगात मजभाइब पर मुश्तमिल है
12:07हमारे मुश्तरका तखदीर हमारी खौमियत का सरचश्मा है
12:11ये खास जबान सकावब ये मजभ नहीं है
12:13अगर वंदे मातरम का मतन खौम और मजभ को एक बना देता है
12:16अगर हम इसे टेस्स बनाते हैं वफादारी का
12:19तो फिर मान लीजिए कि ये गांदी, अंबेटकर, टेगोर, बोस और लाको आज़ादी के सिपाईों की सौच को छोड़कर
12:25गोटसे की सौच की हिंदू-ख़ौमी परस्ताना को अक्तियार करेंगे
12:32मुझे वतन से बेहिंत्यार महबत है मैड़ा और इन्शाला हमेशा रहेगी
12:35मगर बावजूद इसके के मेरी मस्जिद, मेरी अबादतगाह, मेरे कपड़े, मेरे कारोबार पर हमले होते
12:42मगर मैं फिर भी कहता हूँ के मेरा हर वतन को हम छोड़कर नहीं जाएंगे
12:45मगर हुबलuwत्नी का क्या मतालबा है, हुबलuwत्नी ये कहता है के वतन से महबत है
12:51तो ظلم को खटम करो, खरीभी को खटम करो, भीरुज गारी को खटम करो, जवर का खातेमा करो, अमन का
12:57गहवारा बनाो
12:58पाकिस्तान की देशक गर्दी को खतम करो
13:00एक्स्प्राइटेशन को रोको शरारत को रोको
13:03मुल्क के खिलाब की जाने साली साज़िश खतम करो
13:05मैडम भारत एक चमन है
13:07जहां पर हर फूल को खिलना चाहिए
13:09और अगर कोई इस फूल का अगर पूरे फूल खिलेंगे
13:25और माली माली नहीं रहेगा
13:26वो जलात कहलाएगा
13:28तो इसलिए मैडम हम उम्मीद करते हैं
13:30कि हुकूमत इस पर जोर जबर जबर ना करें
13:34मेरा राइट है
13:35यकिनन मैं जानता हूँ कि आजादी के लाएमे
13:38बंदे मातरम का नारा था
13:39मगर अगर आप इसको जबर करेंगे
13:42तो ये सम्मीदान के खिलाफ है
13:44वफादारी का सेटिफिकेट हम से मत लीजे
13:46मैडम खतम कर रहा हूँ
13:47वफादारी का सेटिफिकेट हम से मत लीजे
13:49आपके बुजरगों के कोई एक किताब में
13:52क्या लिखा बता दीजे
13:53कहां पर क्या लिखावा है
13:55मैंडम मैं इस शेर पर अपनी बात को खतम कर रहा हूं मैंडम मैं इस शेर पर अपनी बात को
14:02खतम कर रहा हूं मैंडम मैं अपनी बात को खतम कर रहा हूं मैंडम कुए आप बहुत जल्दी में है
14:08कि भारत जिन्दा बात हिंदू मुसल्मान जिन्दा बात दलिच जिन्दा बात
14:14इसाई जिन्दाबाद आदिवासी जिन्दाबाद जो किसी खुदा को नहीं मांते वो भी जिन्दाबाद
14:20और मैडम सब पिछवा सब आगा इसमें तो हम उम्मीद करतें कि इस रूह को आप समझेंगे
14:26अगर आप सिर्फ अपनी आईडिया लिजी को लेकर छेलेंगे और आखिर मैडम जनाब बंकिम चंद्रा साहब के बारे में
14:33मैं आपके सामें डॉकुमेंट ले कर रहा हूँ कि उन्होंने बी-ए का एक्जाम पास नहीं किया था
14:40ती उनक साथ मांग से फेल हो गए ते ये भी रख रहा हूँ तो आप जिसके लिटररी जाएंट बता
14:44रहे हैं यह दहीं है बहुत बहुत बहुत शुक्रिया इस डिवेट में हिस्सा लेने के लिए जो आपने टाइम दिया
14:54नैशनल सौंग वंदे मातरम पे डिसकेशन हो रहा है सुबह से और मैं ये समझता हूँ कि इस मुल्क में
15:02इस नैशनल सौंग के साथ किसी का ना एतिराज है ना कोई दोराई है इहतराम है हर किसी का इस
15:11सौंग को लेके
15:12मगर मसला सिर्फ तब पेश आता है जब जो तक्रीरे सुबह से इस तरफ से हुई बीजेपी की तरफ से
15:20और लाइक मांडिड जो इनकी पार्टीज है जब ये कहा गया कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम गाना
15:27है
15:28ये कहा गया कि आप तब ही इस मुलक के बाशन दे हो जब आप ये गाना गाओ गए इतरास
15:35तब शुरू होता है आप बंदे मातरम को नैशनल सौंग मानते है हम सब मानते है आप गाते है हम
15:47नहीं गा सकते है इसकी एक वज़ा है और उस वज़े की आज़ादी हमें इस मुलक
15:53के आई नहीं दी कभी कबार कुछ मावलू में दो चीजों के दर्मियान कलैश होता है एक नैशनल कंसेट और
16:06आपकी रिलिजिस फेथ और ये यूनिवर्सल है इटर्नल फैक्ट है चाहे किसी भी मजभब से कोई भी वाबस्ता हो मुसल्मान
16:15हो हिंदू हो सिख हो वो इटर्नल �
16:20अपने मजभी अकीदों को मानता है वो प्रियोरिटी अपने मजभी अकीदों को देता है मैं एक चोटी से एक्जामपल दूँगा
16:28इस मुल्क में स्टीजनशिप छोड़ने की तादाद लाखों में है पिछले कुछ सालों से उसमें मेज़ोरिटी हिंदू दर्म से वाबस्
16:49किया क्या उन्होंने अपनी रिलिजिस आइडेंटीटी को तबदील किया क्या वो हिंदू से किसी और मजभी में तबदील हुए नहीं
16:56उन्होंने तब्रिय आइडेंटीटी को तबदील किया मगर इटर्नल आइडेंटीटी को उन्होंने थामे रखा क्योंकि वो उनके लि�
17:07eternal identity है eternal belief है
17:10हम कल सब चले जाएंगे इस दुनिया से
17:13पासपोर्ट आदार कार्ड यही पे छोड़ के चले जाएंगे
17:16यह जब चले जाएंगे अपने साथ
17:18अपने दार्मिक काव
17:20जो काम किये है वो साथ में ले जाएंगे
17:23पासपोर्ट और आदार कार्ड नैशनलिटी अपने साथ नहीं लेंगे
17:27जब मैं इस दुनिया से चला जाओंगा
17:29पासपोर्ट आदार कार्ड यह टेंपरिरी आइडेंटिटी यही पे रह जाएंगे
17:33मेरी eternal identity
17:35मेरी मजभ़ी identity
17:37मेरे मजभ़ क्या काईद
17:40मेरे साथ चलेंगे जिस तरह इनके साथ चले जाएंगे
17:43वो eternal identity है
17:45और जब यह clash सामने आता है
17:48तब हमें constitution ही यह आजादी देता है
17:51कि आपकी religious
17:52fundamental जो freedom है
17:55आप उस religious freedom को
17:57इस मुलक में constitution के हवाले से
18:00उस religious freedom को exercise कर सकते है
18:03और वंदे मातरम का
18:06जब मसला पेश आता है
18:07जब यह कहा जाता है
18:09कि आपको यह जबर्दसी गाना पड़ेगा
18:11हम तब यह कहते हैं कि आप गाए
18:14हम इहतराम देते है
18:15national song है मुसका भी इहतराम करते है
18:18उसमें दोरा ही नहीं है
18:19आप गाए हम इहतराम के लिए खड़े हो जाएंगे
18:21मगर आप यह चाहेंगे कि हम भी गाए
18:24मुम्किन ही नहीं है
18:25हो ही नहीं सकता है
18:28आप चाहेंगे
18:29आप चाहेंगे
18:31अब सबर करो
18:34सुबह से इतने लोग बोलते आ रहे है
18:36बोलते आ रहे है
18:39तो जवाब सुने
18:40जवाब सुने का भी मादा रखा करो
18:44आप गाईए आप बोलिए नैशनल सौंग है
18:47आप बोलिए नैशनल सौंग है
18:49कोई दोराई उसमें नहीं है
18:51मगर हम पे थोप यह मत
18:53Constitution इस चीज़ की हमें आजादी देता है
18:57और आप खुद कहते है
18:59कि वंदे मातरम गाने की इजादी आजादी के लिए हुआ
19:04हुआ बेशक हो
19:06आजादी किस चीज़ के लिए
19:08आजादी इस चीज़ के लिए
19:10हिंदू के हिंदू होने की आजादी
19:12और इसी तरह से मुसल्मान के मुसल्मान होने की आजादी
19:15सिक के सिक होने की आजादी
19:17और वो आजादी आप मुझसे चीन नहीं सकते है
19:20किसी भी नाम पे नहीं चीन सकते है
19:22किसी भी दबाव में नहीं चीन सकते है
19:24किसी भी सिक्स से उसके मज़ग की आज़ादी नहीं चीन सकते है
19:31किसी भी हिंदू से उसके मज़ग की आज़ादी नहीं चीन सकते है
19:35कोई भी दबाव मुझे मजबूर नहीं कर सकता है
19:38आप गाईए आप गाईए और हमें वो आजादी दे दीजे
19:41यह मजभ यह मजभी आजादी मुझे आपसे दूर नहीं करता
19:46वही मजभ जो मुझे यह कहता है कि लोकुम दीनकुम वलीय दीन
19:51आपके लिए आपका दीन, मेरे लिए मेरा दीन
19:54जिसको Constitution ने आजादी दी
19:57ये कहके कि fundamental right है, religious freedom
20:00हमारा Constitution, हमारे कुरां की उसी आयत की
20:05तर्जमानी करता है, दो मिनट दे दीजे मैंने
20:07तर्जमानी करता है, आप अपने दीन पे चलिए
20:11हमें अपने दीन पे अमारे करने की आजादी दे दीजे, आपी की तरह
20:17बात זبرद़स्ती की है, बात जबरदस्ती की है, बात किसी और चीज़ की नहीं है
20:21और ये डिबेट, मुझे पता है, ज्यादा वक्त को लेगा, बस एक मिनट में पुरा कर रहा हूं
20:25और ये डिवेट सिर्फ और सिर्फ इसलिए हो रहा है
20:27सिर्फ और सिर्फ इसलिए हो रहा है
20:29कि जब हिंदुस्तान का हिंदू हो
20:32मुसल्मान हो, सिख हो
20:34इनसे पीने के लिए साफ पानी मांगे
20:37सास लेने के लिए साफ हवा मांगे
20:39रोजगार मांगे
20:41जब इन से महंगाई के खिलाफ महंगाई के बारे में जवाब मांगे
20:47जब इन से रोजगार मांगे तब ये सिर्फ ये बोल सके
20:50कि रोजगार के बारे में बात मत करो
20:52वो देखो मसल्मान हमने उसको मजबूर किया वंदे मातरम गाने के लिए
20:57वो देखो मुसल्मान हमने उसकी मजभी आजादी को खदम किया
21:01इस आड़ में मुसल्मान को दबाने की आड़ में आप अपनी नालाई की छुपाना चाहते हो
21:07और इस मुल्क में राज करना चाहते हो उसकी कुर्बानी बनाना चाहते हो मुसल्मान को
21:27डेड़ सो वर्ष पूरे होने पर हो रही मैतपूर्ण चर्चा में गर्व के साथ एक भारतिया होने के नाते मैं
21:33अपने विचार रखना चाहती हूँ
21:35सदन में इतिहास को तोड मरोड कर पेश करके फिर से मुस्लिम तुष्टी करन के नाम पर भारतिय मुसल्मानों को
21:43कटगरे में खड़े करने की कोशिश की जा रही है
21:46लेकिन मैं सदन में बताना चाहूंगी कि हम भारतिय मुसल्मान जिन्ना के हवान को ठुकरा कर अपने इस प्यारे वतन
21:54की मिट्टी से मिट्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे
21:57हमने महत्मा गांधी बाबा साथ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर रविंदर नाठ टेगोर जी सुभाष चंदर बोष जी मौलाना अबुलकला माजाद अश्वाक
22:07उल्ला खां साहब के विचारों को अपनाया हम भारतिय मुसल्मान इंडियन्स बाइचोईस हैं बाइचांस न
22:26बाद हुआ क्या अब हम उन महान नायकों की समझ पर प्रशन चिन उठाएंगे उन्हें देश को बाटने वाला और
22:33तुष्टी करन करने वाला कहने का पाप करेंगे उन महान हस्तियों ने बंदे मात्रम के उन छंदों को अपनाया जिनोंने
22:41देश के हर वर्ग हर धर्म के मान
22:55इंदर शुकला जी ने स्कूलों में राश्रगीत के राश्रगीत को गाना अनिवार्य कर दिया था लेकिन तबके ततकालीन प्रधान मंत्री
23:02अटल बिहारी वाजपाई जी ने जो समय लखनव के दोरे पर थे उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले पर नाराज़गी
23:09जताई
23:10और उयूपी सरकार ने राश्रगीत को अनिवार्य करने वाले मंत्री को बरखास्त कर दिया था अब मैं सत्ता पक्ष से
23:18सवाल करना चाहूंगी
23:19मैं सत्ता पक्ष से सवाल करना चाहूंगी जो विशन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को स्वेच्चा पर
23:34छोड़ने का उसी का अनुसरन मानने अटल बिहारी वाजपाई जी ने किया तो क्या वे भी मुस्लिम तुष्टिकरन कर रहे
23:41थे जी नहीं अटल बिहा
23:48का एसास करना ही सबसे बड़ा राश्रवाद है
23:53माने अध्यक्ष मौद्या आज हमें वंदे मातरम के असली भाव को समझना जरूरी है
23:58ये गीट तो देश के जल जंगल जमीन हर्याली और निर्मल हवा की वंदना को समर्पित है
24:04ये भारत की जनजन की मंगल काम ना करता है
24:07कि भारत का हर नागरिक स्वस्थ रहे सुरक्षित रहे और समन के साथ जी सके
24:12सुझलाम सुफलाम का अर्थ है
24:14सुनिये ऐसा देश जहा स्वच और परियाप्त जल हो
24:21लकिन अब जरा यमुना का हाल देखिए
24:24दिल्ली प्रदूशन नयंतरन समीती की दो हजार पचीस की रिपोर्ट बताती है
24:28कि यमुना के कई हिस्सों में बियोडी स्तर 127 एमजी पर लीटर है
24:33तक पहुँच चुका है जब कि किसी जीवित नदी के लिए ये 3 एमजी पर लीटर से कम होना चाहिए
24:39ये सिर्फ नदी का संकट नहीं है ये किसान का संकट है
24:42नमामी गंगे के नाम पर हजारो करोड रुपे खर्च हो गए
24:46लेकिन सचाए ये है कि आज भी गंगा और यमुना के किदारे किसान मजबूरी में
24:51उसी जहरीली पानी से खेती कर रहा है
24:53वही जहर अनाज में उतरता है
24:55और वही जहर किसान की जिंदगी को धिरे-धिरे खतम कर देता है
24:59अद्रेक्ष भूधिया जब पानी जहर हो जाएगा
25:01तो सुजलाम कैसे होगा
25:04जब किसान बर्बाद होगा
25:05तो सुफलाम कैसे होगा
25:08मलेय अज़ शीतलम
25:20है नहीं अध्यक जी बस संसत से बाहर कदम रखिए एक गहरी सास लीजिए ये चंदन की महक नहीं ये
25:28जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत
25:35में है दिल्ली की हवा में सास लेना मानो रोज 20 सिगरेट पीन
25:39जैसा हो भारत हर साल सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप में घिर जाता है एक यूआई गंभीर सर पर
25:46आ जाता है थंडी हवा का सपना आप गैस चेंबर मैं हम टू मिनट्स गैस चेंबर की हकीकत बन चुका
25:52है हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकृती पर बने गीत का मान
25:56मर्दन तो करती है पर उसी प्रकृती जंगल हवा पेड़ को बचाने वाले कानूनों को धीरे धीरे खुदी खतम कर
26:03रही है यह है आज के हमारे मलेयज शीतलम की अफसोस जनक सच्चाई हम अगर हम हवा को साप नहीं
26:10कर पाए तो ना सुजलाम बचेगा ना सुफलाम बचे�
26:26वे प्रदूशन, नीतियों की बेरुखी और सिस्टम की नाइंसाफी से लड़ रहा है एक तरफ कॉर्परेट के लोन माफ होते
26:32हैं दूसरी तरफ किसान को उसकी वाजब MSP भी नहीं मिल पाती है आप ग्लोबल सूपर पावर बनने की बात
26:38करते हैं लेकिन हमारी पर क्यापि
26:51यह रक्षा करते हैं वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं आज वंदे मातरम को बुनियाद बना कर
26:57राजनीति की जा रही है लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पत्यों को सौपी जा रही है आदिवास्यों को उनके घरों
27:03से उजाड़ा जा रहा है मातरम में जो मातरम �
27:06माता है वे सिर्फ मातर भूमी की वंदना नहीं वे इस धरती की हर नारी वे इस देश की हर
27:14बेटी हर महिला के सम्मान की बात भी करता है लेकिन आकड़े अगर आप देखेंगे
27:18एंसी आर्बी की हाल की रिपोर्ट के अनुसार मैं हुझा स्वान ने के अनुसार देश में हर वर्ष लगबग 30
27:24,000 से अधिक बलतकार हो रहे है यानि एक दिन में 80 से अधिक महिल आए यौन हिंसा का शिकार
27:31होती है और ये सिर्फ दर्ज मामले है जब जम्मू कश्मीर की एक
27:35बच्ची हिंसक अत्याचार का शिकार होती है जब सत्ता से जुड़े लोगों पर आरोप लगते है और कारवाई वर्ष लटक
27:41जाती है जब उन्नाओं की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है
27:48जब बिल्कीस बानों के
27:49अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है तो ये घटनाए बंदे मातरम की आत्मा पर चोट पहुचाती
27:56है मैं अध्यक्ष पहुद्या बस यही कहना चाहती हूँ अपनी बात को अंत में रखते वे कि बंदे मातरम सिर्फ
28:03अतीत की ललकार नहीं यह व
28:19में रखना चाहती हूँ कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा हम बुल्बुले है इसके ये गुलसिता हमारा मजभ नहीं
28:28सिखाता आपस में बहर रखना हिंदी है हम पतने हिंदुस्ता हमारा
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