00:00आजादी इस चीज़ के लिए हिंदू के हिंदू होने की आजादी और इसी तरह से मुसल्मान के मुसल्मान होने की
00:07आजादी
00:07सिख के सिख होने की आजादी और वो आजादी आप मुझसे चीन नहीं सकते है
00:12किसी भी नाम पे नहीं चीन सकते है
00:14किसी भी दबाव में नहीं चीन सकते हैं किसी भी सिख से उसके मज़ग की आजादी नहीं चीन सकते हैं
00:23कोई भी दबाव मुझे मजबूर नहीं कर सकता है
00:29महिंगाई के बारे में जवाब मांगे जब इन से रोजगार मांगे तब ये सिर्फ ये बोल सके कि रोजगार के
00:36बारे में बात मत करो वो देखो मसल्मान हमने उसको मजबूर किया वंदे मातरम गाने के लिए वो देखो मसल्मान
00:43हमने उसकी मजभी आजादी को खदम किया
00:45इस आड में मुसल्मान को दवाने की आड में आप अपनी नालाई की छुपाना चाहते हो
00:52और इस मुल्क में राज करना चाहते हो उसकी कुरवानी बनाना चाहते हो मुसल्मान को
00:56और मुसल्मान इस बेगहरती का कुरवान कभी होगा नहीं
01:00हमने इस मुल्क की आजादी के लिए भी खून दिया है और इस मुल्क में आजादी को बचाने के लिए
01:06भी अगर खून देना पड़े हम देंगे
01:09मैं सत्तापक्स से सवाल करना चाहूंगी कि जो विशन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को स्वेच्चा पर
01:17छोड़ने का उसी कानुसरन मानने अटल बिहारी वाजपाई जी ने किया तो क्या वे भी मुस्लिम तुष्टिकरन कर रहे थे
01:24जी नहीं अटल बिहारी �
01:36बनाकर राजनीति की जा रही है लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पत्यों को सौपी जा रही है आदिवास्यों को उनके
01:42घरों से उजाडा जा रहा है मात्रम में जो मात्रम आता है वे सिर्फ मात्र भूमी की वंदना नहीं वे
01:50इस धर्ती की हर नारी वे इस देश की हर बेटी
02:06हो रहे है यानि एक दिन में 80 से अधिक महिल आए यौन हिंसा का शिकार होती है और ये
02:11सिर्फ दर्ज मामले है जब जम्मु कश्मीर की एक बच्ची हिंसा कत्याचार का शिकार होती है जब सत्ता से जुड़े
02:18लोगों पर आरोप लगते है और कारवाई वर्षो लटक जाती है �
02:22जब उन्नाओं की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है जब बिल्कीस
02:28बानों के अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है तो ये घटनाए वंदे मातरम की आत्मा पर
02:35चोट पहुचाती है मैं �
02:37अध्यक्षपा हो दिया बस यही कहना चाहती हूँ अगर वंदे मातरम मैडम खौमियत का मियार है तो पिर सवाल ही
02:42है कैसरत मोहानी की खौमियत क्या थी जिसने इन खिलाव जिन्दाबाद का नारा दिया ला इलाह इल्लाह नहीं है कोई
02:49खुदा सिवा इल्लाह की और खुरा
03:07यही समय है कि हम वंदे मातरम को सिर्फ नारा नहीं नीती और जिम्मेदारी बनाएं
03:37सफ मुखालिफ है इसलिए भारत को अपना वतन माने मगर 42 में आपके प्यारे वीर और जिना की पार्टी ने
03:47नौर्थ वेस्ट फंटियर सेंद और बंगाल में मिलकर हकूमत चलाई और उस हकूमत ने देर लाक हिंदू और मुसल्मानों को
03:55अंग्रेजों की फौट में शामि
04:02को पारसा ना बनिये इन्हे कहो कि वो बंदा बने खुदा ना बने अमीर शहर यही चाहता या हज़रत कि
04:09हमारी चीख गले में रहे सदा ना बने दूसरी बात मैडम हमारे वजीर दिफार जनाब रादना सिंग सहाब ने बड़ा
04:16ही अजीब और गरीब और तकलीफ दे बात क
04:19नहीं अमुल मुमिनें के बारे में और अमुल किताब के बारे में अमुल मुमिनें उनको कहते हैं जो हमारे प्राफिट
04:25मुहम्मस भी वाइफ हैं वो हम तमाम मुसल्मानों की माह हम उनको तसवर करते हैं मगर हम उनकी अबादत नहीं
04:31करते हम अपनी माह की अबादत नहीं कर
04:48है एहम बात यह कि मैडम हमारे मुल्क का आइन का इस लफ से आगाज होता है वी दे पीपल
04:55इसका आगाज भारत मता के नाम से नहीं होता है हमारे समविधान का जो प्रियांबल है वो क्या कहता है
05:03लिबर्टी आफ थाट एक्सप्रेशन बिलीफ फेट एंड वर्शिप अगर द
05:18है आप ही के पार्टी से आज की जो बाते हुई है इसी कब हो रही है हमारे कॉंस्टेंट असम्वली
05:25में मैडम एक महत्रमा थी रोहीनी कुमार चौदरी ने एक तजवीज दी थी कि प्रियांबल में किसी देवी के नाम
05:31से शुरू हो उन्होंने खास तोर से वंद्यमातरं को
05:34जिकर किया मगर उसको खुबूल नहीं किया गया फिर केवी कामत सहाब ने एक तजवीज दी के इट सिटिजन्स को
05:41बदल कर हर सिटिजन्स किया जाए और खुदा के नाम से शुरू किया जाए वो तर्मीम को यह मस्तरत कर
05:47दिया गया हमारे सम्विधान का असूल यह है कि भा
06:04एक मजभ की मिल्कियत है इसलिए बाबा सहब ऽम्बेटर ने क्या कहा था? उन्होंने मदर इंडिया के नजरियों को मस्टर्प
06:11किया बाबा सहब ने एकन्य स्थलाव वज़ए कर दिया और कहा कि भाएब जब्सिजन्स भाय। हाँ अब मेडम अगर मजभी
06:20आज़ादी इस �
06:21आइन का बुन्यादी असूल है तो सवाल ये पैदा होता है कि उस वक्त हमारे जो कॉंसर्ट असम्वली के प्रेज़न्ट
06:27है जनाव राइंदर पसाथ साहब ने किस बुन्याद पर वंदे मातरम को खौमी तरह ना खरार दिया ना तो किस
06:33रिजलूशन है इसके बारे मेडम मैं
06:35आपको बताना चाहूंगा कि जुडिशरी क्या कहती है बीजू एमैनुल केस है 1986 का जिसमें जिहोवा विक्नेस ने कहा कि
06:43मैं नैशनल एंथम के वक्त खड़े रहूंगी पड़ूंगी नहीं सुप्रेम कोट ने कहा कि उसने कोई गुना नहीं किया वहीं
06:50एक दोजा सतरा का क
07:04सुरिफ नैशनल एंबलम और आपका नैशनल एंथम है फिर आप आजाईए फॉर्टिएट एमेंडमेंट आर्टिकल फिफ्टी वन है सेविंटी सिक्स में
07:12पास हुआ उसमें भी इसका कोई जिकर नहीं है मैड़म मैं आपके सामें बताना चाहूंगा कि हमारा भारत एक इस
07:34भारत को देवी कहने और उसके आगे सजदा करने तो दरसल खौम परस्ती को वतंस महबत को मजब में तब्दील
07:41कर रहे और फिर यहां पर बोल रहे कि अगर भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना पड़ेगा भाई
07:47ये तो सम्विधान के खिलाफ है सुप्रेम कोट के ज�
08:04क्या थी अगर हैदराबाद से मौलवी अलाउदीन जो मक्का मस्जिद का पहला मुझरिम है काला पानी में और तुम्हेबास खान
08:10जो मार कर लास्ट को लटका दिया गया था हैदराबाद में आठ दिन तक उसकी खौमियत क्या थी अगर इनायत
08:16उल्ला काफी जो जिहाद का �
08:17फत्वा अंग्रेज उखिलाद दिया मौराद अबाद में जब उनको दो दिन में फांसी की सजा दी गई और जब फांसी
08:23की सजा के पर जा रहे हैं तो इनायत उल्ला मौला काफी के जबान पर क्या था वो रसूल्ला हमारे
08:29प्रॉफिट की नात पड़ रहे थे क्या पड़ �
08:44क्या थी अल्लामा फजले है खेराबादी का वसल काला पानी का पुकार पुकार करें
08:48जो वहीं पर मर गए इन खबर वहां पर है बताओ मेरी खौमियत क्या थी मैड़म मैं एक
08:53मुसल्मान हूँ मैं इसलाम को मानने वाला बाविखार इनसान हूँ और मेरे
08:57मख़द की बुनियादी तालीम तोहिद है ला इल्हिए नल्लाख
09:01नहीं है कोए खुदा सिवा अल्ला के और खुरान में ला क्या वर्रह याका नअबु याका नस्तेई
09:06तू मेरी अबादत कर बुरह मुझे मूनो मुझे कहां से मिल रहा है
09:10article 25 से मिल रहा है
09:11मुझे कहां से मिल रहा है
09:12liberty of thought, expression, belief, faith and worship से मिल रहा है
09:16तो इसको जोनना
09:17ये बहुत ही खतरनाक होगा
09:19और हमारे prophet Muhammad ﷺ जब मदीने को गए
09:22तो उन्होंने उस वतन के लिए दुआ की
09:24कहा कि Allah मदीने की महबत
09:26हमारे दिलों में और इजाफा कर दे
09:27मके से जादा कर दे
09:29तो ये इसलाम मुसल्मान होना
09:32हमारे इमान में मुल्क की महबत बीच में नहीं आती
09:35और मुल्क से महबत है और रहेगी हमेशा
09:37क्योंके यजीम खुर्वानिया यहां पर सामिल है
09:40जिन्होंने जंग आजादी में हिस्सा नहीं लिया
09:42आज अगर वो वतन की महबत का दर्स जाएंगे तो बड़ा घलत होगा
09:45मैटम मैं आपके साम में एक चीज़ पढ़ूँगा
09:47उन्नीस सो सेंट रविंदना टेगर ने लिटर लिका सुबाश चेंडर बोस को
09:52मैं सिर्फ किसी ने नहीं पढ़ाई है
09:54क्या कहा टेगर साब ने
09:56पार्लेमेंट इस प्लेस आप यूनियन पर आल रिजियस ग्रूप
10:00और देर देर शॉंग कैनाट बी अप्रॉप्राप्रेट
10:02विन बंगाली मुसल्मान शो साइन आफ स्टवन फनेटिसम विरिगाद इंटारिबल
10:10यह मैं इसको ले करूंगा मैडम आप देख लीजिये
10:13फिर दूसरी तरफ मैडम आप आ जाईए मैं यहाँ पर बाइट कर
10:17हाँ जितने तखारिर यहाँ पर है सब जनगन मन पर तनखीद किये
10:21तो मैडम मुझे यह कहना पड़ेगा
10:23कि जनगन मन पर आप लोग इतनी तकलीफ क्यों उठा रहे हैं
10:27आखिर इतनी तकलीफ क्यों है
10:28तो मैं जब जा कर देखा
10:30तो मुझे 28 डिसंबर का
10:3328 डिसंबर का और्गनाइजर
10:35मैगजीन का आटिकल मिला
10:37जिसमें और्गनाइजर लिखता है
10:39कि वाट इस देखा जनगन मन पर इसका करते हैं
10:54इस पर आप क्या बोलेंगे
11:06इस पर आप क्या बोलेंगे
11:08मैडम मैं आपको बिए बताना चाह रहा हूँ
11:11ये वतन की महबत हमारी बहुत है में
11:13मगर ये बताईए हम को
11:15कि अभी मैडम यहाँ पर
11:18आनन मट के बारे में बहुत कुछ कहा गया
11:21मैं सिर्फ दो मिसाले आपको देता हूँ
11:23आनन मट के पेज नमबर
11:2571-80 को पढ़ लीजिए
11:27इसके बाद सनातन जहां मुसल्मानों के घर पाते थे
11:29इन्हें आग लगा देते थे
11:30आप पेज नमबर 98 पढ़िए
11:32हमें सिर्फ इन मुसल्मानों को जड़ से खतम करना है
11:35क्यों खुदा के दुश्मन बन चुके हैं
11:36पिर आप पेज नमबर 115-16 दीजिए
11:39पिर मुक्तलिफ इलाखों मुसल्मानों को सदा देने के लिए भेज जाते
11:42जहां मुसल्मान आबादी नजर आती जला दी जाता
11:44पिर आप देख लीजिए मैडम
11:45सफ़े नमबर 120 पेज़ बंकिम लिखते हैं
11:49कि सनातियों को मालूम नहीं था
11:50कि अंग्रेज जिंदुस्तान को निजात दिलाने वाले हैं
11:52ये आप क्यूं कर रहे हैं
11:54अब मैडम मैं आपको पेपर्स ये कर दूँगा
11:57मैडम भारत में हमारी आजादी इसलिए आई
11:59और बरकरार रही कि हमने मुलक और मजब को एक चीज़ नहीं बनाया
12:03हमने इलान किया कि हमारी मुलक मुक्तलिफ तबगात मजभाइब पर मुश्तमिल है
12:07हमारे मुश्तरका तखदीर हमारी खौमियत का सरचश्मा है
12:11ये खास जबान सकावब ये मजभ नहीं है
12:13अगर वंदे मातरम का मतन खौम और मजभ को एक बना देता है
12:16अगर हम इसे टेस्स बनाते हैं वफादारी का
12:19तो फिर मान लीजिए कि ये गांदी, अंबेटकर, टेगोर, बोस और लाको आज़ादी के सिपाईों की सौच को छोड़कर
12:25गोटसे की सौच की हिंदू-ख़ौमी परस्ताना को अक्तियार करेंगे
12:32मुझे वतन से बेहिंत्यार महबत है मैड़ा और इन्शाला हमेशा रहेगी
12:35मगर बावजूद इसके के मेरी मस्जिद, मेरी अबादतगाह, मेरे कपड़े, मेरे कारोबार पर हमले होते
12:42मगर मैं फिर भी कहता हूँ के मेरा हर वतन को हम छोड़कर नहीं जाएंगे
12:45मगर हुबलuwत्नी का क्या मतालबा है, हुबलuwत्नी ये कहता है के वतन से महबत है
12:51तो ظلم को खटम करो, खरीभी को खटम करो, भीरुज गारी को खटम करो, जवर का खातेमा करो, अमन का
12:57गहवारा बनाो
12:58पाकिस्तान की देशक गर्दी को खतम करो
13:00एक्स्प्राइटेशन को रोको शरारत को रोको
13:03मुल्क के खिलाब की जाने साली साज़िश खतम करो
13:05मैडम भारत एक चमन है
13:07जहां पर हर फूल को खिलना चाहिए
13:09और अगर कोई इस फूल का अगर पूरे फूल खिलेंगे
13:25और माली माली नहीं रहेगा
13:26वो जलात कहलाएगा
13:28तो इसलिए मैडम हम उम्मीद करते हैं
13:30कि हुकूमत इस पर जोर जबर जबर ना करें
13:34मेरा राइट है
13:35यकिनन मैं जानता हूँ कि आजादी के लाएमे
13:38बंदे मातरम का नारा था
13:39मगर अगर आप इसको जबर करेंगे
13:42तो ये सम्मीदान के खिलाफ है
13:44वफादारी का सेटिफिकेट हम से मत लीजे
13:46मैडम खतम कर रहा हूँ
13:47वफादारी का सेटिफिकेट हम से मत लीजे
13:49आपके बुजरगों के कोई एक किताब में
13:52क्या लिखा बता दीजे
13:53कहां पर क्या लिखावा है
13:55मैंडम मैं इस शेर पर अपनी बात को खतम कर रहा हूं मैंडम मैं इस शेर पर अपनी बात को
14:02खतम कर रहा हूं मैंडम मैं अपनी बात को खतम कर रहा हूं मैंडम कुए आप बहुत जल्दी में है
14:08कि भारत जिन्दा बात हिंदू मुसल्मान जिन्दा बात दलिच जिन्दा बात
14:14इसाई जिन्दाबाद आदिवासी जिन्दाबाद जो किसी खुदा को नहीं मांते वो भी जिन्दाबाद
14:20और मैडम सब पिछवा सब आगा इसमें तो हम उम्मीद करतें कि इस रूह को आप समझेंगे
14:26अगर आप सिर्फ अपनी आईडिया लिजी को लेकर छेलेंगे और आखिर मैडम जनाब बंकिम चंद्रा साहब के बारे में
14:33मैं आपके सामें डॉकुमेंट ले कर रहा हूँ कि उन्होंने बी-ए का एक्जाम पास नहीं किया था
14:40ती उनक साथ मांग से फेल हो गए ते ये भी रख रहा हूँ तो आप जिसके लिटररी जाएंट बता
14:44रहे हैं यह दहीं है बहुत बहुत बहुत शुक्रिया इस डिवेट में हिस्सा लेने के लिए जो आपने टाइम दिया
14:54नैशनल सौंग वंदे मातरम पे डिसकेशन हो रहा है सुबह से और मैं ये समझता हूँ कि इस मुल्क में
15:02इस नैशनल सौंग के साथ किसी का ना एतिराज है ना कोई दोराई है इहतराम है हर किसी का इस
15:11सौंग को लेके
15:12मगर मसला सिर्फ तब पेश आता है जब जो तक्रीरे सुबह से इस तरफ से हुई बीजेपी की तरफ से
15:20और लाइक मांडिड जो इनकी पार्टीज है जब ये कहा गया कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम गाना
15:27है
15:28ये कहा गया कि आप तब ही इस मुलक के बाशन दे हो जब आप ये गाना गाओ गए इतरास
15:35तब शुरू होता है आप बंदे मातरम को नैशनल सौंग मानते है हम सब मानते है आप गाते है हम
15:47नहीं गा सकते है इसकी एक वज़ा है और उस वज़े की आज़ादी हमें इस मुलक
15:53के आई नहीं दी कभी कबार कुछ मावलू में दो चीजों के दर्मियान कलैश होता है एक नैशनल कंसेट और
16:06आपकी रिलिजिस फेथ और ये यूनिवर्सल है इटर्नल फैक्ट है चाहे किसी भी मजभब से कोई भी वाबस्ता हो मुसल्मान
16:15हो हिंदू हो सिख हो वो इटर्नल �
16:20अपने मजभी अकीदों को मानता है वो प्रियोरिटी अपने मजभी अकीदों को देता है मैं एक चोटी से एक्जामपल दूँगा
16:28इस मुल्क में स्टीजनशिप छोड़ने की तादाद लाखों में है पिछले कुछ सालों से उसमें मेज़ोरिटी हिंदू दर्म से वाबस्
16:49किया क्या उन्होंने अपनी रिलिजिस आइडेंटीटी को तबदील किया क्या वो हिंदू से किसी और मजभी में तबदील हुए नहीं
16:56उन्होंने तब्रिय आइडेंटीटी को तबदील किया मगर इटर्नल आइडेंटीटी को उन्होंने थामे रखा क्योंकि वो उनके लि�
17:07eternal identity है eternal belief है
17:10हम कल सब चले जाएंगे इस दुनिया से
17:13पासपोर्ट आदार कार्ड यही पे छोड़ के चले जाएंगे
17:16यह जब चले जाएंगे अपने साथ
17:18अपने दार्मिक काव
17:20जो काम किये है वो साथ में ले जाएंगे
17:23पासपोर्ट और आदार कार्ड नैशनलिटी अपने साथ नहीं लेंगे
17:27जब मैं इस दुनिया से चला जाओंगा
17:29पासपोर्ट आदार कार्ड यह टेंपरिरी आइडेंटिटी यही पे रह जाएंगे
17:33मेरी eternal identity
17:35मेरी मजभ़ी identity
17:37मेरे मजभ़ क्या काईद
17:40मेरे साथ चलेंगे जिस तरह इनके साथ चले जाएंगे
17:43वो eternal identity है
17:45और जब यह clash सामने आता है
17:48तब हमें constitution ही यह आजादी देता है
17:51कि आपकी religious
17:52fundamental जो freedom है
17:55आप उस religious freedom को
17:57इस मुलक में constitution के हवाले से
18:00उस religious freedom को exercise कर सकते है
18:03और वंदे मातरम का
18:06जब मसला पेश आता है
18:07जब यह कहा जाता है
18:09कि आपको यह जबर्दसी गाना पड़ेगा
18:11हम तब यह कहते हैं कि आप गाए
18:14हम इहतराम देते है
18:15national song है मुसका भी इहतराम करते है
18:18उसमें दोरा ही नहीं है
18:19आप गाए हम इहतराम के लिए खड़े हो जाएंगे
18:21मगर आप यह चाहेंगे कि हम भी गाए
18:24मुम्किन ही नहीं है
18:25हो ही नहीं सकता है
18:28आप चाहेंगे
18:29आप चाहेंगे
18:31अब सबर करो
18:34सुबह से इतने लोग बोलते आ रहे है
18:36बोलते आ रहे है
18:39तो जवाब सुने
18:40जवाब सुने का भी मादा रखा करो
18:44आप गाईए आप बोलिए नैशनल सौंग है
18:47आप बोलिए नैशनल सौंग है
18:49कोई दोराई उसमें नहीं है
18:51मगर हम पे थोप यह मत
18:53Constitution इस चीज़ की हमें आजादी देता है
18:57और आप खुद कहते है
18:59कि वंदे मातरम गाने की इजादी आजादी के लिए हुआ
19:04हुआ बेशक हो
19:06आजादी किस चीज़ के लिए
19:08आजादी इस चीज़ के लिए
19:10हिंदू के हिंदू होने की आजादी
19:12और इसी तरह से मुसल्मान के मुसल्मान होने की आजादी
19:15सिक के सिक होने की आजादी
19:17और वो आजादी आप मुझसे चीन नहीं सकते है
19:20किसी भी नाम पे नहीं चीन सकते है
19:22किसी भी दबाव में नहीं चीन सकते है
19:24किसी भी सिक्स से उसके मज़ग की आज़ादी नहीं चीन सकते है
19:31किसी भी हिंदू से उसके मज़ग की आज़ादी नहीं चीन सकते है
19:35कोई भी दबाव मुझे मजबूर नहीं कर सकता है
19:38आप गाईए आप गाईए और हमें वो आजादी दे दीजे
19:41यह मजभ यह मजभी आजादी मुझे आपसे दूर नहीं करता
19:46वही मजभ जो मुझे यह कहता है कि लोकुम दीनकुम वलीय दीन
19:51आपके लिए आपका दीन, मेरे लिए मेरा दीन
19:54जिसको Constitution ने आजादी दी
19:57ये कहके कि fundamental right है, religious freedom
20:00हमारा Constitution, हमारे कुरां की उसी आयत की
20:05तर्जमानी करता है, दो मिनट दे दीजे मैंने
20:07तर्जमानी करता है, आप अपने दीन पे चलिए
20:11हमें अपने दीन पे अमारे करने की आजादी दे दीजे, आपी की तरह
20:17बात זبرद़स्ती की है, बात जबरदस्ती की है, बात किसी और चीज़ की नहीं है
20:21और ये डिबेट, मुझे पता है, ज्यादा वक्त को लेगा, बस एक मिनट में पुरा कर रहा हूं
20:25और ये डिवेट सिर्फ और सिर्फ इसलिए हो रहा है
20:27सिर्फ और सिर्फ इसलिए हो रहा है
20:29कि जब हिंदुस्तान का हिंदू हो
20:32मुसल्मान हो, सिख हो
20:34इनसे पीने के लिए साफ पानी मांगे
20:37सास लेने के लिए साफ हवा मांगे
20:39रोजगार मांगे
20:41जब इन से महंगाई के खिलाफ महंगाई के बारे में जवाब मांगे
20:47जब इन से रोजगार मांगे तब ये सिर्फ ये बोल सके
20:50कि रोजगार के बारे में बात मत करो
20:52वो देखो मसल्मान हमने उसको मजबूर किया वंदे मातरम गाने के लिए
20:57वो देखो मुसल्मान हमने उसकी मजभी आजादी को खदम किया
21:01इस आड़ में मुसल्मान को दबाने की आड़ में आप अपनी नालाई की छुपाना चाहते हो
21:07और इस मुल्क में राज करना चाहते हो उसकी कुर्बानी बनाना चाहते हो मुसल्मान को
21:27डेड़ सो वर्ष पूरे होने पर हो रही मैतपूर्ण चर्चा में गर्व के साथ एक भारतिया होने के नाते मैं
21:33अपने विचार रखना चाहती हूँ
21:35सदन में इतिहास को तोड मरोड कर पेश करके फिर से मुस्लिम तुष्टी करन के नाम पर भारतिय मुसल्मानों को
21:43कटगरे में खड़े करने की कोशिश की जा रही है
21:46लेकिन मैं सदन में बताना चाहूंगी कि हम भारतिय मुसल्मान जिन्ना के हवान को ठुकरा कर अपने इस प्यारे वतन
21:54की मिट्टी से मिट्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे
21:57हमने महत्मा गांधी बाबा साथ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर रविंदर नाठ टेगोर जी सुभाष चंदर बोष जी मौलाना अबुलकला माजाद अश्वाक
22:07उल्ला खां साहब के विचारों को अपनाया हम भारतिय मुसल्मान इंडियन्स बाइचोईस हैं बाइचांस न
22:26बाद हुआ क्या अब हम उन महान नायकों की समझ पर प्रशन चिन उठाएंगे उन्हें देश को बाटने वाला और
22:33तुष्टी करन करने वाला कहने का पाप करेंगे उन महान हस्तियों ने बंदे मात्रम के उन छंदों को अपनाया जिनोंने
22:41देश के हर वर्ग हर धर्म के मान
22:55इंदर शुकला जी ने स्कूलों में राश्रगीत के राश्रगीत को गाना अनिवार्य कर दिया था लेकिन तबके ततकालीन प्रधान मंत्री
23:02अटल बिहारी वाजपाई जी ने जो समय लखनव के दोरे पर थे उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले पर नाराज़गी
23:09जताई
23:10और उयूपी सरकार ने राश्रगीत को अनिवार्य करने वाले मंत्री को बरखास्त कर दिया था अब मैं सत्ता पक्ष से
23:18सवाल करना चाहूंगी
23:19मैं सत्ता पक्ष से सवाल करना चाहूंगी जो विशन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को स्वेच्चा पर
23:34छोड़ने का उसी का अनुसरन मानने अटल बिहारी वाजपाई जी ने किया तो क्या वे भी मुस्लिम तुष्टिकरन कर रहे
23:41थे जी नहीं अटल बिहा
23:48का एसास करना ही सबसे बड़ा राश्रवाद है
23:53माने अध्यक्ष मौद्या आज हमें वंदे मातरम के असली भाव को समझना जरूरी है
23:58ये गीट तो देश के जल जंगल जमीन हर्याली और निर्मल हवा की वंदना को समर्पित है
24:04ये भारत की जनजन की मंगल काम ना करता है
24:07कि भारत का हर नागरिक स्वस्थ रहे सुरक्षित रहे और समन के साथ जी सके
24:12सुझलाम सुफलाम का अर्थ है
24:14सुनिये ऐसा देश जहा स्वच और परियाप्त जल हो
24:21लकिन अब जरा यमुना का हाल देखिए
24:24दिल्ली प्रदूशन नयंतरन समीती की दो हजार पचीस की रिपोर्ट बताती है
24:28कि यमुना के कई हिस्सों में बियोडी स्तर 127 एमजी पर लीटर है
24:33तक पहुँच चुका है जब कि किसी जीवित नदी के लिए ये 3 एमजी पर लीटर से कम होना चाहिए
24:39ये सिर्फ नदी का संकट नहीं है ये किसान का संकट है
24:42नमामी गंगे के नाम पर हजारो करोड रुपे खर्च हो गए
24:46लेकिन सचाए ये है कि आज भी गंगा और यमुना के किदारे किसान मजबूरी में
24:51उसी जहरीली पानी से खेती कर रहा है
24:53वही जहर अनाज में उतरता है
24:55और वही जहर किसान की जिंदगी को धिरे-धिरे खतम कर देता है
24:59अद्रेक्ष भूधिया जब पानी जहर हो जाएगा
25:01तो सुजलाम कैसे होगा
25:04जब किसान बर्बाद होगा
25:05तो सुफलाम कैसे होगा
25:08मलेय अज़ शीतलम
25:20है नहीं अध्यक जी बस संसत से बाहर कदम रखिए एक गहरी सास लीजिए ये चंदन की महक नहीं ये
25:28जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत
25:35में है दिल्ली की हवा में सास लेना मानो रोज 20 सिगरेट पीन
25:39जैसा हो भारत हर साल सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप में घिर जाता है एक यूआई गंभीर सर पर
25:46आ जाता है थंडी हवा का सपना आप गैस चेंबर मैं हम टू मिनट्स गैस चेंबर की हकीकत बन चुका
25:52है हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकृती पर बने गीत का मान
25:56मर्दन तो करती है पर उसी प्रकृती जंगल हवा पेड़ को बचाने वाले कानूनों को धीरे धीरे खुदी खतम कर
26:03रही है यह है आज के हमारे मलेयज शीतलम की अफसोस जनक सच्चाई हम अगर हम हवा को साप नहीं
26:10कर पाए तो ना सुजलाम बचेगा ना सुफलाम बचे�
26:26वे प्रदूशन, नीतियों की बेरुखी और सिस्टम की नाइंसाफी से लड़ रहा है एक तरफ कॉर्परेट के लोन माफ होते
26:32हैं दूसरी तरफ किसान को उसकी वाजब MSP भी नहीं मिल पाती है आप ग्लोबल सूपर पावर बनने की बात
26:38करते हैं लेकिन हमारी पर क्यापि
26:51यह रक्षा करते हैं वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं आज वंदे मातरम को बुनियाद बना कर
26:57राजनीति की जा रही है लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पत्यों को सौपी जा रही है आदिवास्यों को उनके घरों
27:03से उजाड़ा जा रहा है मातरम में जो मातरम �
27:06माता है वे सिर्फ मातर भूमी की वंदना नहीं वे इस धरती की हर नारी वे इस देश की हर
27:14बेटी हर महिला के सम्मान की बात भी करता है लेकिन आकड़े अगर आप देखेंगे
27:18एंसी आर्बी की हाल की रिपोर्ट के अनुसार मैं हुझा स्वान ने के अनुसार देश में हर वर्ष लगबग 30
27:24,000 से अधिक बलतकार हो रहे है यानि एक दिन में 80 से अधिक महिल आए यौन हिंसा का शिकार
27:31होती है और ये सिर्फ दर्ज मामले है जब जम्मू कश्मीर की एक
27:35बच्ची हिंसक अत्याचार का शिकार होती है जब सत्ता से जुड़े लोगों पर आरोप लगते है और कारवाई वर्ष लटक
27:41जाती है जब उन्नाओं की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है
27:48जब बिल्कीस बानों के
27:49अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है तो ये घटनाए बंदे मातरम की आत्मा पर चोट पहुचाती
27:56है मैं अध्यक्ष पहुद्या बस यही कहना चाहती हूँ अपनी बात को अंत में रखते वे कि बंदे मातरम सिर्फ
28:03अतीत की ललकार नहीं यह व
28:19में रखना चाहती हूँ कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा हम बुल्बुले है इसके ये गुलसिता हमारा मजभ नहीं
28:28सिखाता आपस में बहर रखना हिंदी है हम पतने हिंदुस्ता हमारा
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