00:06भारतिय जनता पार्टी ने राष्ट्रिय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई संगठ नात्मक टीम के विस्तार के साथ एक बड़ा राजनीतिक
00:13संदेश देने की कोशिश की है।
00:15अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी की नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रिय संतुलन पर खास जोर दिखाई दे
00:22रहा है।
00:45पिछडे दलित वर्गों की भागिदारी को बड़ा राजनीतिक मुद्धा बनाते रहे हैं।
00:50ऐसे में बीजेपी की नई टीम के जरिए ये संदेश देने की कोशिश है कि पार्टी का संगठन भी सामाजिक
00:56प्रतिनिधित्व के लेहाज से व्यापक है।
00:58बीजेपी के संगठनात्मक विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रिय उपाध्यक्षों की सूची को लेकर हो रही है।
01:05घोशित तेरह राष्ट्रिय उपाध्यक्षों में नौ नए चेहरों को शामिल किया गया है जबकि चार पुराने नेताओं को ही अपनी
01:11जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है।
01:14यानि पार्टी ने अनुभव को पूरी तरह नजर अंदाज नहीं किया लेकिन नहीं टीम में नए चेहरों को पर्याप्त जगह
01:20देने का प्रयास सरूर किया गया है।
01:22ये बदलाव सिर्फ चेहरों की अदलाबदली नहीं माना जा रहा, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए संगठन को नए सिरे
01:28से तैयार करने की रणनीती के तौर पर देखा जा रहा है।
01:31बीजेपी के सामने चुनोती सिर्फ चुनावी मुद्दों की नहीं है बलकि बूत स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने और अलग
01:38-अलग सामाजिक समूहों के बीच राजनीतिक पकड मजबूत करनी की भी है।
01:42संगठन की महद्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बड़े बदलाव के साथ निरंतरता भी दिखाई गई है।
01:47बील संतोष को राष्ट्रिय महासचिव संगठन के पद पर बरकरार रखा गया है।
01:51इसी तरह शिव प्रकाश को राष्ट्रिय सह महमंत्री संगठन की जिम्मेदारी जारी रखी गई है।
01:57वहीं सौधान सिंग को राष्ट्रिय उपाध्यक्ष के पद से स्थानांतरित कर सह महामंत्री संगठन की जिम्मिदारी दी गई है।
02:04इससे साफ संकेत मिलता है कि बीजेपी ने नई टीम बनाते समय नई चेहरों और पुराने अनुभव दोनों के बीच
02:10संतुलन बनाने की कोशिश की है।
02:12अब बात उत्तर प्रदेश की।
02:14यूपी बीजेपी के लिए सबसे महत्वपोन चुनावी राज्यों में से एक है।
02:18यहां जातिय समीकरण हमेशा से चुनावी राजनीती का एहम हिस्सा रहे है।
02:22ऐसे में संगठन विस्तार में यूपी के सामाजिक और क्षेत्रिय प्रतिनिधित्व को महत्व देना पाटी की चुनावी रणनीती का महत्वपोन
02:29हिस्सा माना जा रहा है।
02:30बीजेपी के सामने चुनावी इसलिए भी बड़ी है क्योंकि विपक्षी दल लगातार PDA के जरिये OBC दलेत और अलपसंख्यक मद्दाताओं
02:38को एक राजनीतिक फ्रेम में जोडने की कोशिश करते रहे हैं।
02:42बीजेपी की रणनीती इसके जवाब में सिर्फ भाषणों तक सीमित रहने के बजाए संगठन में विभिन सामाजिक वर्गों की भागीदारी
02:48बढ़ाने की हो सकती है।
02:50युवा नेताओं को आगे लाने के साथ अनुभवी चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देना भी इसी रणनीती का हिस्सा माना जा
02:56रहा है।
02:57पार्टी की कोशिश होगी कि नई टीम चुनाव से पहले कारेकरताओं में नई उर्जा पैदा करे और बूत स्तर पर
03:03संगठन को और मजबूत बनाए।
03:05कुल मिलाकर नितिन नवीन की नई टीम बीजेपी के लिए सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं बलकि आगामी चुनावों की राजनीतिक तयारी
03:12का संकेत है।
03:13सामाजिक संतुलन, नई चहरों की एंट्री, पुराने नेताओं का अनुभव और उत्तर प्रदेश पर विशेश फोकस, इन सभी को मिलाकर
03:21बीजेपी 2027 के चुनावी मुकाबले के लिए अपनी जमीन मजबूत करती दिखाई दे रही है।
03:26अब देखना होगा कि संगठन में किया गया ये सामाजिक और क्षेत्रिय संतुलन चुनावी मैदान में बीजेपी के लिए कितना
03:33प्रभावी साबित होता है और विपक्ष के PDA नेरेटिव की कार्ट कितनी मजबूत बन पाती है।
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