00:00मैं सत्ता पक्स से सवाल करना चाहूंगी कि जो विजन आजादी के समय के लोगों का था राश्टरगीत को स्वेच्छा
00:07पर छोड़ने का उसी का अनुसरन मान्य अटल विहारी वाजपाई जी ने किया तो क्या वेभी मुस्लिम तुष्टिकरन कर रहे
00:14थे जी नहीं अटल विह
00:27मारे फेफडों में उतर रहा है दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत में है दिल्ली की
00:35हवा में सास लेना मानो रोज भी सिग्रेट पीने जैसा हो भारत हर साल सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप
00:42में घिर जाता है एक यूआई गंभीर सर पर आ जात
00:45थंडी हवा का सपना आप ग्यास चेंबर की हकीकत बन चुका है हम वो देश हैं जहां सरकार प्रक्रती पर
00:53बने गीत का मान मर्दन तो करती है पर उसी प्रक्रती जंगल हवा पेड को बचाने वाले कानूनों को धिरे
01:00धिरे खुदी खतम कर रही है यह है आज के हमारे मले अ�
01:04अफसोस जनक सचाई और जिन अरब पतियों की रक्षा करते हैं वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं
01:11आज बंदे मातरम को बुनियाद बना कर राजनीती की जा रही है लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पतियों को सौपी
01:17जा रही है आतिवास्यों को उनके घरों से उ
01:32आत्मी करता है जब सत्ता से जुड़े लोगों पर आरोप लगते हैं और कारवाई वर्षों लटक जाती है जब उन्नाओं
01:38की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है जब बिलकीस बानों के
01:44अपराधियों का सरकार के ल
01:59एक गहरी सास लीजिए ये चंदन की महक नहीं ये जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है
02:06बुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत में है दिल्ली की हवा में सास लेना मानो रोज
02:14भी सिग्रेट पीने जैसा हो भारत हर साल सर्दियों में जहरीली
02:18हवा के प्रकोप में घिर जाता है एक यूआई गंभीर सर पर आ जाता है थंडी हवा का सपना आप
02:24ग्यास चेंबर मैं हम टू मिनट ग्यास चेंबर की हकीकत बन चुका है हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकृती
02:30पर बने गीत का मान मर्दन तो करती है पर उसी प्रकृती जं
02:45हो बहती हो जीवन देती हो अध्यक्ष महोदय लेकिन अब जरा यमुना का हाल देखिये धनेवा अध्यक्ष महोदया आज हमारे
02:54राष्ट्रगीत के डेड़ सो वर्ष पूरे होने पर हो रही मैतपूर्ण चर्चा में गर्व के साथ एक भारतिया होने के
03:01नाते मैं अपने व
03:15में बताना चाहूंगी कि हम भारतिया मुसल्मान जिन्ना के हवान को ठुकरा कर अपने इस प्यारे वतन की मिट्टी से
03:23मिट्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे हमने माहत्मा गांधी बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर रविंदर नाथ टेगोर जी सुभा
03:33अबुलकला माजाद अश्वाक उल्ला खां साहब के विचारों को अपनाया हम भारतिये मुसल्मान इंडियन्स बाइचाइस हैं बाइचांस नहीं वंदे मातरम
03:43के किन छंदों को राष्टे गीत के तौर पर अपनाया जाए ये फैसला सर रविंदर नाथ टेगोर और सुभ
04:01करन करने वाला कहने का पाफ करेंगे उन महान हस्तियों ने वंदे मातरम के उन छंदों को अपनाया जिनोंने देश
04:09के हर वर हर धर्म के मानने वालों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया और मैं एक घटना
04:16आप लोगों के सामने रखना चाहती हूं वर्ष 1998 में उत्तर प्र�
04:25राश्रगीत को गाना अनिवार्य कर दिया था लेकिन तब के ततकालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपाईजी ने जो उस समय
04:33लखनव के दोरे पर थे उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले पर नाराज़गी जताई और उयूपी सरकार ने राश्रगीत को
04:40अनिवार्य
04:41करने वाले मंत्री को बर्खास्त कर दिया था अब मैं सत्ता में सत्ता पक्ष से सवाल करना चाहूंगी मैं सत्ता
04:49पक्ष से सवाल करना चाहूंगी कि जो विजन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को स्वेच्चा पर छोड़ने
05:03का उसी का अनुसरन मानने अटल भ
05:11ब्यारी वाजपाई जी राजधर्म निभा रहे थे देश में सब धर्मों को एक साथ लाना सब के जजबात का एसास
05:17करना ही सबसे बड़ा राश्रवाद है
05:21माने अध्यक्ष मोद्या आज हमें वंदे मातरम के असली भाव को समझना जरूरी है
05:27यह गीट तो देश के जल जंगल जमीन हर्याली और निर्मल हवा की वंदना को समर्पित है
05:32यह भारत की जंजन की मंगल कामना करता है कि भारत का हर नागरिक स्वस्त रहे, सुरक्षित रहे
05:38और सम्मान के साथ जी सके
05:40सुजलाम सुफलाम का अर्थ है
05:42सुनिए ऐसा देश जहा सवच और परियाप्त जल हो
05:46जहा नदिया जिन्दा हो, बहती हो, जीवन देती हो
06:02तक पहुँच चुका है जबकि किसी जीवित नदी के लिए ये तीन एमजी पर लीटर से कम होना चाहिए
06:07ये सिर्फ नदी का संकट नहीं है ये किसान का संकट है
06:11नमामी गंगे के नाम पर हजारो करोड रुपे खर्च हो गए
06:14लेकिन सचा ये है कि आज भी गंगा और यमना के किदारे किसान मजबूरी में
06:19उसी जहरीली पानी से खेती कर रहा है
06:21वही जहर अनाज में उतरता है और वही जहर किसान की जिंदगी को धिरे धिरे खतम कर देता है
06:27अद्यक्ष मौदिय जब पानी जहर हो जाएगा तो सुजलाम कैसे होगा
06:32जब किसान बर्बाद होगा तो सुफलाम कैसे होगा
06:35मलय अजशीतलम मलय का अर्थ है
06:37मलय परवत से बहने वाली ठंडी सुगंदित चंदन जैसी हवा जो जीवन देती है बिमारी नहीं
06:44आज मैं सदन से पूछना चाहती हूँ क्या आज के भारत की हवा मलय अजशीतलम है
06:49नहीं अध्यक जी बस संसद से बाहर कदम रखे एक गहरी सास लीजिए
06:54ये चंदन की महक नहीं ये जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है
06:59दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत में है
07:04दिल्ली की हवा में सास लेना मानो रोज 20 सिगरेट पीने जैसा हो
07:08भारत हर साल सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप में घिर जाता है
07:13एक यूआई गंभीर सर पर आ जाता है
07:15थंडी हवा का सपना आप ग्यास चेंबर की हकीकत बन चुका है
07:20हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकरती पर बने गीत का मान मर्दन तो करती है
07:25पर उसी प्रकरती जंगल हवा पेड को बचाने वाले कानूनों को धीरे धीरे खुदी खतम कर रही है
07:31यह है आज के हमारे मले अजे शीतलम की अफसोस जनक सचाई
07:36हम अगर हम हवा को साप नहीं कर पाए
07:38तो ना सुजलाम बचेगा ना सुफलाम बचेगा
07:41मानिया अध्यक्ष महोद्या सस्य साग्लम का अर्थ है ऐसा देश जहां उपजाओ जमीन हो
07:47जहां खेत फसल से भरे हो और किसान कर्ज और निराशा में न डूबा हो
07:51आज किसान सिर्फ मौसम से नहीं लड़ रहा है
07:54प्रदूशन, नीतियों की बेरुखी और सिस्टम की नाइंसाफी से लड़ रहा है
07:58एक तरफ कॉर्परेट के लोन माफ होते हैं
08:00दूसरी तरफ किसान को उसकी वाजिब MSP भी नहीं मिल पाती है
08:04आप ग्लोबल सूपर पावर बनने की बात करते हैं
08:07लेकिन हमारी पर क्यापिटा इंकम दुनिया में 136 नंबर पर है
08:12हम अपने छोटे पडोसी देश से भी पीछे हैं
08:14हमारे लोग 30,000 डॉलर तक भी नहीं कमा पा रहें एक साल में
08:18और जिन अरब पतियों की रक्षा करते हैं
08:21वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं
08:23आज वंदे मातरम को बुनियाद बना कर राजनीती की जा रही है
08:26लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पतियों को सौपी जा रही है
08:30आदिवास्यों को उनके घरों से उजाड़ा जा रहा है
08:33मातरम में जो मातरम आता है वे सिर्फ मातर भूमी की वंदना नहीं
08:38वे इस धर्ती की हर नारी वे इस देश की हर बेटी
08:42हर महिला के सम्मान की बात भी करता है
08:44लेकिन आकड़े अगर आप देखेंगे
08:46NCRB की हाल की रिपोर्ट के
08:48अनुसार मैं हम जसुआ ने
08:50के अनुसार देश में हर वर्ष
08:52लगबग 30,000 से अधिक बलतकार
08:54हो रहे हैं यानि एक दिन में
08:5680 से अधिक महिला यौन
08:58हिंसा का शिकार होती है
08:59और ये सिर्फ दर्ज मामले हैं
09:01जब जम्मू कश्मीर की एक बच्ची
09:03हिंसा कत्याचार का शिकार होती है
09:05जब सत्ता से जुड़े लोगों पर
09:07आरोप लगते हैं और कारवाई वर्षों
09:09लटक जाती है जब उन्नाओं की
09:11पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है
09:16जब बिल्कीस बानों के अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है
09:20तो ये घटनाए बंदे मातरम की आत्मा पर चोट पहुचाती है
09:24मैं अध्यक्ष पहुदिया बस यही कहना चाहती हूँ
09:27अपनी बात को अंत में रखते वे कि बंदे मातरम सिर्फ अतीत की ललकार नहीं
09:33ये वर्तमान की जिम्मेदारी है ये आत्मा मंधन की घड़ी है
09:37यही समय है कि हम वंदे मातरम को सिर्फ नहरा नहीं नीती और जिम्मेदारी बनाए
09:42और अपने जजबात को मैं आलमा इकबाल साहब के तरहना हे हिंद के साथ इस सदन में रखना चाहती हूं
09:48कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा हम भुल-bुले है इसके ये गुल-सिता हमारा
09:55मझभ नहीं सिखाता अपस पेर रखना हिंदी है हम बतने हिंदुस्ता हमारा
10:02श्रुमती लवली अनन
10:18श्रुमती बतने ये बतने लिए प्रुमती अप्री प्रुमती अधने अप्रुमती अब्स्ता है
10:25अव्लाट इसके अपस्ता है
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