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Parliament में चंदा चोरी मुद्दे पर Iqra Hasan और Dimple Yadav का Amit Shah पर बड़ा हमला, जानिए क्या है पूरा विवाद! संसद सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों के तीखे तेवरों ने देश की सियासत में भारी हलचल मचा दी है। इसी बीच इकरा हसन का पुराना भाषण वायरल है जहां वे इस्लाम पर गरजती नज़र आई और सरकार पर तीखे सवाल दागे।

Samajwadi Party MPs Dimple Yadav and Iqra Hasan raised critical questions in Parliament, demanding an official statement from Union Home Minister Amit Shah over allegations of fund theft and political issues. The opposition's protest led to intense debates and uproar inside the Lok Sabha.

#IqraHasan #DimpleYadav #AmitShah #ParliamentNews #OneindiaHindi

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00:00मैं सत्ता पक्स से सवाल करना चाहूंगी कि जो विजन आजादी के समय के लोगों का था राश्टरगीत को स्वेच्छा
00:07पर छोड़ने का उसी का अनुसरन मान्य अटल विहारी वाजपाई जी ने किया तो क्या वेभी मुस्लिम तुष्टिकरन कर रहे
00:14थे जी नहीं अटल विह
00:27मारे फेफडों में उतर रहा है दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत में है दिल्ली की
00:35हवा में सास लेना मानो रोज भी सिग्रेट पीने जैसा हो भारत हर साल सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप
00:42में घिर जाता है एक यूआई गंभीर सर पर आ जात
00:45थंडी हवा का सपना आप ग्यास चेंबर की हकीकत बन चुका है हम वो देश हैं जहां सरकार प्रक्रती पर
00:53बने गीत का मान मर्दन तो करती है पर उसी प्रक्रती जंगल हवा पेड को बचाने वाले कानूनों को धिरे
01:00धिरे खुदी खतम कर रही है यह है आज के हमारे मले अ�
01:04अफसोस जनक सचाई और जिन अरब पतियों की रक्षा करते हैं वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं
01:11आज बंदे मातरम को बुनियाद बना कर राजनीती की जा रही है लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पतियों को सौपी
01:17जा रही है आतिवास्यों को उनके घरों से उ
01:32आत्मी करता है जब सत्ता से जुड़े लोगों पर आरोप लगते हैं और कारवाई वर्षों लटक जाती है जब उन्नाओं
01:38की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है जब बिलकीस बानों के
01:44अपराधियों का सरकार के ल
01:59एक गहरी सास लीजिए ये चंदन की महक नहीं ये जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है
02:06बुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत में है दिल्ली की हवा में सास लेना मानो रोज
02:14भी सिग्रेट पीने जैसा हो भारत हर साल सर्दियों में जहरीली
02:18हवा के प्रकोप में घिर जाता है एक यूआई गंभीर सर पर आ जाता है थंडी हवा का सपना आप
02:24ग्यास चेंबर मैं हम टू मिनट ग्यास चेंबर की हकीकत बन चुका है हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकृती
02:30पर बने गीत का मान मर्दन तो करती है पर उसी प्रकृती जं
02:45हो बहती हो जीवन देती हो अध्यक्ष महोदय लेकिन अब जरा यमुना का हाल देखिये धनेवा अध्यक्ष महोदया आज हमारे
02:54राष्ट्रगीत के डेड़ सो वर्ष पूरे होने पर हो रही मैतपूर्ण चर्चा में गर्व के साथ एक भारतिया होने के
03:01नाते मैं अपने व
03:15में बताना चाहूंगी कि हम भारतिया मुसल्मान जिन्ना के हवान को ठुकरा कर अपने इस प्यारे वतन की मिट्टी से
03:23मिट्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे हमने माहत्मा गांधी बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर रविंदर नाथ टेगोर जी सुभा
03:33अबुलकला माजाद अश्वाक उल्ला खां साहब के विचारों को अपनाया हम भारतिये मुसल्मान इंडियन्स बाइचाइस हैं बाइचांस नहीं वंदे मातरम
03:43के किन छंदों को राष्टे गीत के तौर पर अपनाया जाए ये फैसला सर रविंदर नाथ टेगोर और सुभ
04:01करन करने वाला कहने का पाफ करेंगे उन महान हस्तियों ने वंदे मातरम के उन छंदों को अपनाया जिनोंने देश
04:09के हर वर हर धर्म के मानने वालों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया और मैं एक घटना
04:16आप लोगों के सामने रखना चाहती हूं वर्ष 1998 में उत्तर प्र�
04:25राश्रगीत को गाना अनिवार्य कर दिया था लेकिन तब के ततकालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपाईजी ने जो उस समय
04:33लखनव के दोरे पर थे उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले पर नाराज़गी जताई और उयूपी सरकार ने राश्रगीत को
04:40अनिवार्य
04:41करने वाले मंत्री को बर्खास्त कर दिया था अब मैं सत्ता में सत्ता पक्ष से सवाल करना चाहूंगी मैं सत्ता
04:49पक्ष से सवाल करना चाहूंगी कि जो विजन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को स्वेच्चा पर छोड़ने
05:03का उसी का अनुसरन मानने अटल भ
05:11ब्यारी वाजपाई जी राजधर्म निभा रहे थे देश में सब धर्मों को एक साथ लाना सब के जजबात का एसास
05:17करना ही सबसे बड़ा राश्रवाद है
05:21माने अध्यक्ष मोद्या आज हमें वंदे मातरम के असली भाव को समझना जरूरी है
05:27यह गीट तो देश के जल जंगल जमीन हर्याली और निर्मल हवा की वंदना को समर्पित है
05:32यह भारत की जंजन की मंगल कामना करता है कि भारत का हर नागरिक स्वस्त रहे, सुरक्षित रहे
05:38और सम्मान के साथ जी सके
05:40सुजलाम सुफलाम का अर्थ है
05:42सुनिए ऐसा देश जहा सवच और परियाप्त जल हो
05:46जहा नदिया जिन्दा हो, बहती हो, जीवन देती हो
06:02तक पहुँच चुका है जबकि किसी जीवित नदी के लिए ये तीन एमजी पर लीटर से कम होना चाहिए
06:07ये सिर्फ नदी का संकट नहीं है ये किसान का संकट है
06:11नमामी गंगे के नाम पर हजारो करोड रुपे खर्च हो गए
06:14लेकिन सचा ये है कि आज भी गंगा और यमना के किदारे किसान मजबूरी में
06:19उसी जहरीली पानी से खेती कर रहा है
06:21वही जहर अनाज में उतरता है और वही जहर किसान की जिंदगी को धिरे धिरे खतम कर देता है
06:27अद्यक्ष मौदिय जब पानी जहर हो जाएगा तो सुजलाम कैसे होगा
06:32जब किसान बर्बाद होगा तो सुफलाम कैसे होगा
06:35मलय अजशीतलम मलय का अर्थ है
06:37मलय परवत से बहने वाली ठंडी सुगंदित चंदन जैसी हवा जो जीवन देती है बिमारी नहीं
06:44आज मैं सदन से पूछना चाहती हूँ क्या आज के भारत की हवा मलय अजशीतलम है
06:49नहीं अध्यक जी बस संसद से बाहर कदम रखे एक गहरी सास लीजिए
06:54ये चंदन की महक नहीं ये जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है
06:59दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत में है
07:04दिल्ली की हवा में सास लेना मानो रोज 20 सिगरेट पीने जैसा हो
07:08भारत हर साल सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप में घिर जाता है
07:13एक यूआई गंभीर सर पर आ जाता है
07:15थंडी हवा का सपना आप ग्यास चेंबर की हकीकत बन चुका है
07:20हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकरती पर बने गीत का मान मर्दन तो करती है
07:25पर उसी प्रकरती जंगल हवा पेड को बचाने वाले कानूनों को धीरे धीरे खुदी खतम कर रही है
07:31यह है आज के हमारे मले अजे शीतलम की अफसोस जनक सचाई
07:36हम अगर हम हवा को साप नहीं कर पाए
07:38तो ना सुजलाम बचेगा ना सुफलाम बचेगा
07:41मानिया अध्यक्ष महोद्या सस्य साग्लम का अर्थ है ऐसा देश जहां उपजाओ जमीन हो
07:47जहां खेत फसल से भरे हो और किसान कर्ज और निराशा में न डूबा हो
07:51आज किसान सिर्फ मौसम से नहीं लड़ रहा है
07:54प्रदूशन, नीतियों की बेरुखी और सिस्टम की नाइंसाफी से लड़ रहा है
07:58एक तरफ कॉर्परेट के लोन माफ होते हैं
08:00दूसरी तरफ किसान को उसकी वाजिब MSP भी नहीं मिल पाती है
08:04आप ग्लोबल सूपर पावर बनने की बात करते हैं
08:07लेकिन हमारी पर क्यापिटा इंकम दुनिया में 136 नंबर पर है
08:12हम अपने छोटे पडोसी देश से भी पीछे हैं
08:14हमारे लोग 30,000 डॉलर तक भी नहीं कमा पा रहें एक साल में
08:18और जिन अरब पतियों की रक्षा करते हैं
08:21वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं
08:23आज वंदे मातरम को बुनियाद बना कर राजनीती की जा रही है
08:26लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पतियों को सौपी जा रही है
08:30आदिवास्यों को उनके घरों से उजाड़ा जा रहा है
08:33मातरम में जो मातरम आता है वे सिर्फ मातर भूमी की वंदना नहीं
08:38वे इस धर्ती की हर नारी वे इस देश की हर बेटी
08:42हर महिला के सम्मान की बात भी करता है
08:44लेकिन आकड़े अगर आप देखेंगे
08:46NCRB की हाल की रिपोर्ट के
08:48अनुसार मैं हम जसुआ ने
08:50के अनुसार देश में हर वर्ष
08:52लगबग 30,000 से अधिक बलतकार
08:54हो रहे हैं यानि एक दिन में
08:5680 से अधिक महिला यौन
08:58हिंसा का शिकार होती है
08:59और ये सिर्फ दर्ज मामले हैं
09:01जब जम्मू कश्मीर की एक बच्ची
09:03हिंसा कत्याचार का शिकार होती है
09:05जब सत्ता से जुड़े लोगों पर
09:07आरोप लगते हैं और कारवाई वर्षों
09:09लटक जाती है जब उन्नाओं की
09:11पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है
09:16जब बिल्कीस बानों के अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है
09:20तो ये घटनाए बंदे मातरम की आत्मा पर चोट पहुचाती है
09:24मैं अध्यक्ष पहुदिया बस यही कहना चाहती हूँ
09:27अपनी बात को अंत में रखते वे कि बंदे मातरम सिर्फ अतीत की ललकार नहीं
09:33ये वर्तमान की जिम्मेदारी है ये आत्मा मंधन की घड़ी है
09:37यही समय है कि हम वंदे मातरम को सिर्फ नहरा नहीं नीती और जिम्मेदारी बनाए
09:42और अपने जजबात को मैं आलमा इकबाल साहब के तरहना हे हिंद के साथ इस सदन में रखना चाहती हूं
09:48कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा हम भुल-bुले है इसके ये गुल-सिता हमारा
09:55मझभ नहीं सिखाता अपस पेर रखना हिंदी है हम बतने हिंदुस्ता हमारा
10:02श्रुमती लवली अनन
10:18श्रुमती बतने ये बतने लिए प्रुमती अप्री प्रुमती अधने अप्रुमती अब्स्ता है
10:25अव्लाट इसके अपस्ता है
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