Skip to playerSkip to main content
Parliament में चंदा चोरी मुद्दे पर Iqra Hasan और Dimple Yadav का Amit Shah पर बड़ा हमला, जानिए क्या है पूरा विवाद! संसद सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों के तीखे तेवरों ने देश की सियासत में भारी हलचल मचा दी है। इसी बीच इकरा हसन का पुराना भाषण वायरल है जहां वे इस्लाम पर गरजती नज़र आई और सरकार पर तीखे सवाल दागे।

Samajwadi Party MPs Dimple Yadav and Iqra Hasan raised critical questions in Parliament, demanding an official statement from Union Home Minister Amit Shah over allegations of fund theft and political issues. The opposition's protest led to intense debates and uproar inside the Lok Sabha.

#IqraHasan #DimpleYadav #AmitShah #ParliamentNews #OneindiaHindi

Also Read

CJP प्रवक्ता सौरभ दास के घर क्यों पहुंची पुडुचेरी पुलिस? गृहमंत्री के दौरे पर उठाये थे सवाल :: https://hindi.oneindia.com/news/india/puducherry-police-interogates-family-saurav-das-cjp-home-visit-controversy-amit-shah-1628115.html?ref=DMDesc

राहुल गांधी के कौन से पैंतरे पर फिदा हुई CJP? अमित शाह को घेरने का बनाया मास्टरप्लान, BJP हो सकती है परेशान! :: https://hindi.oneindia.com/news/india/cjp-rahul-gandhi-join-hands-against-amit-shah-delhi-20-july-protest-controversy-paper-leak-1619187.html?ref=DMDesc

'बिना गृह मंत्री की मंजूरी के गोलियां नहीं चल सकतीं'-छात्रों पर पुलिस एक्शन पर राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा :: https://hindi.oneindia.com/news/india/rahul-gandhi-press-conference-target-amit-shah-allowed-pellet-gun-police-action-against-students-1618765.html?ref=DMDesc



~PR.250~HT.408~ED.106~GR.538~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00अगर भारत में रहना है तो बंदे मातरं मेडम खाँना पड़ेगा भाई ये तो सम्विधन के खिलाफ है सुप्रिम कोट
00:07के जज्ज्मेंट के खिलाफ है अगर बंदे मातरं मीडम खौमीत का मियार है तो पिर सवाल य Micha
00:11किसरत मुहानी की खौमियत क्या थी जिसने इन खलाब जिन्दाबाद का नारा दिया
00:16हमारे प्राफिट मुहम्मद ﷺ जब मदीने को गए
00:19तो उन्होंने उस वतन के लिए दुआ की कहा
00:21कि अल्ला मदीने की मुहबत हमारे दिलों में और इजाफा कर दे
00:24मके से जादा कर दे
00:25तो ये इसलाम मुसल्मान होना
00:28हमारे एमान में मुल्क की महबत बीच में नहीं आती
00:31और मुल्क से महबत है और रहेगी हमेशा
00:34किसरत मुहानी की खौमियत क्या थी जिसने इन खलाब जिन्दाबाद का नारा दिया
00:38अगर यूसफ महरली ने कुट इंडिया साइमन गोबैक का नारा दिया तो उसकी खौमियत क्या थी
00:43अगर हैदराबाद से मौल्वी अलाउद्दीन जो मका मस्जिद का पहला मुझरिम है काला पानी में
00:48और तुने बास खान जो मारकर लास को लटका दिया गया थैदराबाद में आठ दिन तक उसकी खौमियत क्या थी
00:54अगर इनायत उल्ला काफी जो जिहाद का फत्वा अंग्रेजों इकलाब दिया अरदाबाद में
00:58जब उनको दो दिन में फांसी की सजा जी गई और जब फांसी की सजा के पर जा रहे हैं
01:04तो
01:04इनायत उल्ला काफी के जबान पर क्या था वो रसूलला हमारे प्राफिट की नाथ पढ़ रहे थे
01:09क्या पढ़ रहे थे कोई गुलबाखि रहे गा ना चमन रहे जाएगा पर रसूलला का दीन-ई-हसन रहे जाएगा
01:15तो उनकी खामियत क्या थी
01:16माल्टा की जेल में महमुद अलहसन, हुसेन अमद मनी 6 माई ने माल्टा की जेल की ग्राउंड में पड़े रहे,
01:22उनकी ख़ोमियत क्या थी?
01:24अलामा फजले है, खेराबाजी का वस्सेल काला पानी का पुकार पुकार करें जे पूछ रहे, जो वहीं पर मर गया
01:29इनकी खबर वहाँ पर है, बताओ मेरी ख़ोमियत क्या थी?
01:31मैडम मैं एक मुसल्मान हूँ, मैं इसलाम को मानने वाला बाविखार इनसान हूँ, और मेरे मजब की बुन्यादी तालीम तोहीद
01:38है, ला इलाह इलाला, नहीं है कोई खुदा सिवा इल्ला की, और खुरान में लाला, याका नाबुदू, याका नस्ताई, तु
01:45मेरी अबा�
02:00मुझे बोलने का मौका इनायत फर्माया, और बड़े अफसोस की बात है कि बड़ी धूम धाम से, हकूमत की तरफ
02:09से इस बात को रखा गया, मगर तीस से ज़्यादा MP यहां पर मौझूद नहीं है, मैडम, पहले तो मैं
02:15वजीर आजम की इस बात की मख़मत करता हूँ, और उ
02:31और जिना की पार्टी ने नौर्थ वेस्ट फंटियर सेंद और बंगाल में मिलकर हकूमत चलाई, और उस हकूमत ने देड़
02:40लाक हिंदू और मुसल्मानों को अंग्रेजों की फौट में शामिल कराया ताके वो लड़े, तो किसी शायर ने अच्छा कहा
02:46था वजीर आजम के
02:47बारे में कि फरेब दे कर जमाने को पारसा ना बनिये, इन्हे कहो कि वो बंदा बने, खुदा ना बने,
02:53अमीर शहर यही चाहता या हजरत कि हमारी चीख गले में रहे, सदा ना बने, दूसरी बात मेडम हमारे वजीर
03:00दिफार जनाब रादना सिंग सहाब ने बड़ा ही अज
03:15मां मुसल्मानों की, मां हम उनको तस्वर करते हैं, मगर हम उनकी अबादत नहीं करते हम अपनी मां की अबादत
03:21नहीं करते हम अपनी मां की अबादत नहीं करते हम खुरान की अबादत नहीं करते हम खुरान की बारे में
03:28शायर ने अच्छा कहा कि खबर नहीं जिने अपने द
03:44आत्माता के नाम से नहीं होता है हमारे सम्विधान का जो प्रियांबल है वो क्या कहता है लिबर्टी आफ थाट
03:51एक्सप्रेशन बिलीफ फेट एंड वर्शिप अगर दस्तूर का ये पहला सफा ये बात करता है तो पिर कैसे किसी शहरी
03:59को किसी खुदा देवी देवता की बा�
04:04जूर किया जा सकता है आप ही के पार्टी से आज की जो बाते हुई है इसी कब हो रही
04:08है हमारे कॉंस्टन्ट अस्म्बली में मैडम एक महतरमा थी रोहीनी कुमार चौदरी ने एक तजवीज दी थी कि प्रियांबल में
04:17किसी देवी के नाम से शुरू हो उन्होंने खास तोर
04:33मीम कोई मस्तरत कर दिया गया हमारे संविधान का असूल यह है कि भारत क्या है उसकी अवाम है अवामी
04:39खानून की मसन्निफ है अवाम मर्जी से की मर्जी से सबसे बालतर है अवामी हाकिमे मुल्क किसी खुदा देवी देवता
04:48मजभी इलामत के नाम से नहीं चलता ना मुल्
04:54वंबेटकर ने क्या कहा था? उनोंने मदर इंडिया के नजरिया को मस्तरद किया बाबा साहब ने एक नए इस्तला वजए
05:01कर दियो और कहा कि भी सिद भारत ये बाबा साव वंबेटकर ने कहा? अब मैडम अगर मजभी आजादी इस
05:07आईन का बुर्यादी असूल है तो सवाल �
05:10पैदा होता है कि उस वक्त हमारे जो कॉंसरेट असम्वली के प्रेज़ेंट है जनाव राइंदर पसाद साहब ने किस बुनियाद
05:16पर वंदे मातरम को खौमी तरह ना खरार दिया ना तो किस्टेटी रेजुलूशन है इसके बारे में मैडम मैं आपको
05:22बताना चाहूंगा कि �
05:23जुडिशरी क्या कहती है बीजू एमैनुल केस है 1986 का जिसमें जिहोवा विटनेस ने कहा कि मैं नैशनल एंथम के
05:32वक्त खड़े रहूंगी पड़ूंगी नहीं सुप्रेम कोट ने कहा कि उसने कोई गुना नहीं किया वहीं एक दोजा सत्रा का
05:38केस सुप्रेम कोट का उन्हे
05:53आपका नैशनल एंथम है फिर आप आजाईए फुर्टिएट एमेंडमेंट आर्टिकल फिफ्टी वने सेविंटी सिक्स में पास हुआ उसमें भी इसका
06:00कोई जिकर नहीं है मैडम मैं आपके सामें बताना चाहूंगा कि हमारा भारत एक इसका मजमुआ क्या है इसमें हिंद
06:21भारत को देवी कहने और उसके आगे सजदा करने तो दरसल खौम परस्ती को वतंस महबत को मजब में तब्दील
06:28कर रहे और फिर यहां पर बोल रहे हैं कि अगर भारत में रहना है तो वंदे मात्रम गाना पड़ेगा
06:33भाई ये तो सम्विधान के खिलाफ है सुप्रेम कोट क
06:37जज़्मेंट के खिलाफ है अगर वंदे मातरम मेडम खौमियत का मियार है तो पर सवाल ये है किसरत मुहानी की
06:43खौमियत क्या थी जिस ने इन खिलाफ जिनदाबाद का नारा दिया अगर यूसुप महरली ने कुट इंडिया साइमन गोबैक का
06:49नारा दिया तो उसकी खौमि
07:01क्या थी अगर इनायत اللہ काफी जो जिहाद का फत्वा अंग्रेज हों इक खिलाब दिया मुराद
07:05अबाद वाध में जब इनको दो दिन में फासी की सजा दी गई और जब फासी की सजा के पर
07:11जा
07:11रहे हैं तो इनायतुला का मुलाना काफी के जबान पर क्या था वो
07:15رسول اللہ ہمارے پروفیٹ کی نات پڑھ رہے تھے
07:17क्यا پڑھ رہے تھے
07:18कोई گل باخی رہے گا
07:19नہ چمن رہ جائے گا
07:21पर रसुल اللہ کا دینِ حسن رہے جائے گا
07:23तो उनकी खौमियत क्या थी
07:24मार्टा की जेल में
07:25महमुद अलहसन
07:26हुसेन अमदमनी
07:27छे माईने मार्टा की जेल
07:29की ग्राउंड में पढ़े रहे उनकी खौमियत क्या थी अल्लामा फजल है खेल काला पानी का पुकार पुकार करें से
07:35पुछ रहे जो वही पर मर गया इन खबर वहाँ पर है बताओ मेरी खौमियत क्या थी मैडम मैं एक
07:40मुसल्मान हूँ
07:41मैं इसलाम को मानने वाला बाविखार इनसान हूँ और मेरे मख़ब की बुनियादी तालीम तोहीद है ला इलाह इलालाक नहीं
07:48है कोई खुदा सिवाए लाके और खुरान में लाकि आवरा याका नाबुदू याका नस्ताइन तु मेरी अबादत करो मुझे मानो
07:55मुझे कहां स
08:09गए तो उन्होंने उस वतन के लिए दुआ की कहा कि अल्ला मदीने की महबबत हमारे दिलों में और इजाफा
08:14कर दे मक्के से जादा कर दे तो ये इसलाम मुसल्मान होना हमारे एमान में मुल्क की महबबत बीच में
08:21नहीं आती और मुल्क से महबबत है और रहेगी हमेशा क्य
08:25कि ही अजीम खुर्वानियां यहां पर सामिल है जिन्हों ने जंग आजादी में हिस्सा नहीं लिया आज अगर वो वतन
08:30की महबत का दर्स जाएंगे तो बड़ा घलत होगा मैड़म मैं आपके साम में एक चीज़ पढ़ूंगा उन्नीस सो सेंट
08:35रविंदना टेगर ने लिटर
08:57इसको ले करूंगा मैडम आप देख लीजिए फिर दूसरी तरफ मैडम आप आजाईए मैं यहां पर बाइट कर हाँ जितने
09:05तखारिर यहां पर सब जंगन मन पर तनखीद किये तो मैडम मुझे यह कहना पड़ेगा कि जंगन मन पर आप
09:12लोग इतनी तकलीफ क्यों उठा र
09:21का औरगनाइजर मैगजीन का आटिकल मिला जिसमें औरगनाइजर लिखता है कि वाट इस दो मॉरल संक्षिन भीहां गाइंड गोवर्में चोईस
09:30अजन गन मन पर इंटेंवन बाइटेंब्स पर इस तरोन बाइट जिए अब बताईये इस का बोलिंगा और फिर उसके काईन
09:53इस पर आप क्या बोलेंगे मैडम मैं आपको बिए बताना चाह रहा हूं कि वतन की महबत हमारी बहुत है
10:00में मगर ये बताईए हम को कि अभी मैडम यहां पर आनन मट के बारे में बहुत कुछ कहा गया
10:07मैं सिर्फ दो मिसाले आपको देता हूं आनन मट के पेज नमबर 79 80 को �
10:15मुसल्मानों के घर पाते थे इने आग लगा देते थे आप पेज नमबर 98 पढ़िए हमें सिर्फ मुसल्मानों को जड़
10:21से खतम करना है क्यों खुदा के दुश्मन बन चुके हैं पिर आप पेज नमबर 115 16 दीजिए पिर मुक्तलिफ
10:26इलाखों मुसल्मानों को सदा देने के
10:39ये आप क्यों कर रहे हैं अब मैडम मैं आपको पेपर जे कर दूँगा मैडम भारत में हमारी आजादी इसलिए
10:46आई और बरकरार रही कि हमने मुल्क और मजब को एक चीज़ नहीं बनाया हमने इलान किया कि हमारी मुल्क
10:51मुक्तलिफ तबकात मजभाइब पर मुस्तमिल है ह
10:56हमारी खौमियत का सरचश्मा है ये कास जबान सकाववत मजभ नहीं है अगर वंदे मातरम का मतन खौम और मजभ
11:02को एक बना देता है अगर हम इसे टेस्ट बनाते हैं वफादारी का तो फिर मान लीजिए कि ये गांदी
11:08अंबेटकर टेगोर बोस और लाको आजादी के सिपा
11:26मेरे कपड़े मेरे कारोबार पर हमले होते मगर मैं फिर भी कहता हूँ के वतन मेरा हर वतन को हम
11:31छोड़कर नहीं जाएंगे मगर हुब लवतनी का क्या मतालबा है हुब लवतनी ये कहता है कि वतन से महबत है
11:38तो जलम को खतम करो गरीबी को खतम करो गरीबी को खतम करो जबर
11:53एक चमन है जहां पर हर फूल को खिलना चाहिए और अगर कोई इस फूल का अगर पूरे फूल खिलेंगे
12:00तो इसकी खुजबू से ये वतन मौतर होगा मगर अगर इस चमन का मालिय कहेगा कि एक ही फूल खिलेगा
12:06तो मैं जिम्मेदारी के साथ कहे रहा हूँ अगर एक ही फूल
12:09खिलेगा तो वो सहरा बन जाएगा और माली माली नहीं रहेगा वो जलात कहलाएगा तो इसलिए मैडम हम उम्मीद करते
12:17हैं कि हुकूमत इस पर जोर जबर जबर ना करे मेरा राइट है यकीनन मैं जानता हूँ कि आजादी के
12:24लाएमे बंदे मातरम का नारा था मगर अगर आ
12:38कोई एक किताब में क्या लिखा बता दीजे कहां पर क्या लिखावा है तो मैं मैं मैं मैं शेर पर
12:44अपनी बात को खतम कर रहा हूँ मैं मैं मैं मैं शेर पर अपनी बात को खतम कर रहा हूँ
12:50मैं मैं अपनी बात को खतम कर रहे तो मैं कुए आप बहुत जल्दी में हैं कि भार
13:08मैडम सब पिछवा सब आगा इसमें तो हम उम्मीद करते कि इस रूह को आप समझेंगे अगर आप सिर्फ अपनी
13:15आइडियालियूजिक लेकर चलेंगे और आखिर मैडम जनाब बंकिम चंद्रा साहब के बारे में मैं आपके सामें डॉकुमेंट ले कर रहा
13:23हूं कि उन्होंने
13:24बी-ए का एक्जाम पास नहीं किया था तीम साथ मांक से फेल हो गए ते ये भी रख रहा
13:29हूं तो आप जिसके लिटररी जाएं बता रहे हैं ये जहीं है बहुत बहुत बहुत शुक्रिया इस डिवेट में हिसा
13:37लेने के लिए जो आपने टाइम दिया नैशनल सॉंग वंद
13:54ना कोई दोराई है इहतराम है हर किसी का इस सॉंग को लेके मगर मसला सिर्फ तब पेश आता है
14:02जब जो तक्रीरे सुबे से इस तरफ से हुई बी-जे-पी की तरफ से और लाइक मांडिड जो इनकी
14:08पार्टीज है जब ये कहा गया कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे म
14:13मातरम गाना है ये कहा गया कि आ आप तभी इस मुलक के बाशिदे हो जब आप ये गाना गा
14:20हो गए एतरास तब शुरू होता है आप बंदे मातरम को नैशनल सॉंग मानते हैं हम सब मानते हैं आप
14:33गाते हैं हम नहीं गा सकते हैं इसकी एक वज़ग और उस वज़ए की आज�
14:40दी है कभी कबार कुछ मावलू में दो चीजों के दर्मियां कलैश होता है एक नैशनल कंसेट और आपकी रिलिजिस
14:54फेथ और ये यूनिवर्सल है इटर्नल फैक्ट है चाहे किसी भी मजभब से कोई भी वाबस्ता हो मुसल्मान हो हिंदू
15:03हो सिख हो वो इटर्नल आइडेंट
15:09है वो प्रियॉरिटी अपने मजभी अकीदों को देता है मैं एक चोटी सी एग्जामपल दूँगा इस मुल्क में स्टीजन शिप
15:18छोड़ने की तादाद लाखों में है पिछले कुछ सालों से उसमें मेजॉरिटी हिंदू दर्म से वाबस्ता लोग जोनों ने दूसरे
15:37मु
15:38कालिजस आइडेंटिटी को तबदील किया क्या वो हिंदू से किसी और मजभ में तबदील हुए नहीं उन्होंने तब टेमटरी आइडेंटिटी
15:46को तबदील किया मगर इटर्नल आइडेंटिटी को उन्होंने थामे रखा क्योंकि वो उनके लिए इटर्नल आइडेंटिट
15:57हम कल सब चले जाएंगे इस दुनिया से पासपोर्ट आधार कार्ड यही पे छोड़ के चले जाएंगे यह जब चले
16:04जाएंगे अपने साथ अपने दार्मिक काव जो काम किये है वो साथ में ले जाएंगे पासपोर्ट और आधार कार्ड नैशनलिटी
16:12अपने साथ नहीं लें
16:25मेरे मख़ब क्या काईद मेरे साथ चलेंगे जिस तरह इनके साथ चले जाएंगे
16:30वो इटरनल आइडेंटिटी है और जब ये क्लैश सामने आता है
16:34तब हमें कंस्टिटूशन ही ये आजादी देता है
16:38कि आपकी रिलिजिस फंडेमेंटल जो फ्रीडम है
16:42आप उस रिलिजिस फ्रीडम को इस मुलक में कंस्टिटूशन के हवाले से
16:47उस रिलिजिस फ्रीडम को एक्जिसाईज कर सकते है
16:50और वंदे मातरम का जब मसला पेश आता है जब ये कहा जाता है
16:55कि आपको ये जबर्दसी गाना पड़ेगा
16:58हम तब ये कहते हैं कि आप गाए हम इहतराम देते है
17:02नैशनल सौंग है मुसका भी इहतराम करते है
17:05उसमें दोरा ही नहीं है
17:06आप गाए हम इहतराम के लिए खड़े हो जाएंगे
17:08मगर आप ये चाहेंगे कि हम भी गाए मुम्किन ही नहीं है
17:12हो ही नहीं सकता है
17:14आप चाहेंगे आप चाहेंगे अब सबर करो सुवे से इतने लोग बोलते आ रहे हैं बोलते आ रहे हैं तो
17:26जवाब सुने का भी मादा रखा करो
17:31आप गाईए आप बोलिये नैशनल सौंग है आप बोलिये नैशनल सौंग है कोई दोराई उसमें नहीं है मगर हम पे
17:39थोप यह मत कॉनस्टिट्यूशन इस चीज़ की हमें आजादी देता है और आप खुद कहते हैं कि वंदे मातरम गाने
17:49की इजाद ही आजादी के लिए हु�
17:59और इसी तरह से मुसल्मान के मुसल्मान होने की आजादी सिख के सिख होने की आजादी और वो आजादी आप
18:05मुझसे चीन नहीं सकते हैं किसी भी नाम पे नहीं चीन सकते हैं किसी भी सिख से उसके मज़ग की
18:13आजादी नहीं चीन सकते हैं किसी भी मुसल्मान से उसके मुसल
18:20कर्मान होने की आजादी नहीं चीन सकते हैं कोई भी दबाव मुझे मजबूर नहीं कर सकता है आप गाईए आप
18:26गाईए और हमें वह आजादी दे दीजिए ये मजभ ये मजभी आजादी मुझे आपसे दूर नहीं करता वही मजभ जो
18:34मुझे ये कहता है कि लोकुम दीनकुम
18:37वलिय दीन आपके लिए
18:39आपका दीन मेरे लिए मेरा दीन
18:41जिसको constitution ने
18:42आजादी दी ये कहके
18:44fundamental right है religious freedom
18:47हमारा constitution
18:48हमारे कुरां की उसी
18:50आयत की तर्जमानी
18:52करता है दो मिनट दे दीजिए मैंने
18:54तर्जमानी करता है
18:56आप अपने दीन पे चलिए
18:58हमें अपने ग्रीम पे अमल करने की आजादी दे जीए आप ही की तरा बात जबर्दस्ती किए बात किसी और
19:07चीज की नहीं है
19:07और ये डिबेट मुझे पता यह वक्त कमिलेगा सिर्फ और सिर्फ इसलिए और हो रहा है
19:14सिर्फ और सिर्फ इसलिए हो रहा है
19:16कि जब हिंदुस्तान का हिंदू हो
19:18मुसल्मान हो सिख हो
19:20इनसे पीने के लिए साफ पानी मांगे
19:23सास लेने के लिए साफ हवा मांगे
19:26रोजगार मांगे
19:27जब इनसे महंगाई के खिलाफ
19:31महिंगाई के बारे में जवाब मांगे
19:33जब इन से रोजगार मांगे
19:35तब ये सिर्फ ये बोल सके
19:37कि रोजगार के बारे में बात मत करो
19:39वो देखो मसल्मान हमने उसको मजबूर किया
19:42वंदे मातरम गाने के लिए
19:44वो देखो मसल्मान हमने
19:45उसकी मजभी आजादी को खदम किया
19:47इस आड में मुसल्मान को दबाने की आड में
19:51आप अपनी नालाई की छुपाना चाहते हो
19:54और इस मुल्क में राज करना चाहते हो
19:56उसकी कुर्बानी बनाना चाहते हो मुसल्मान को
20:11आज हमारे राश्ट्रगीत के डेड़ सो वर्ष पूरे होने पर हो रही मैतपूर्ण चर्चा में गर्व के साथ एक भारतिया
20:19होने के नाते मैं अपने विचार रखना चाहती हूँ
20:22सदन में इतिहास को तोड मरोड कर पेश करके फिर से मुस्लिम तुष्टिकरन के नाम पर भारतिय मुसल्मानों को कट
20:30घरे में खड़े करने की कोशिश की जा रही है
20:32लेकिन मैं सदन में बताना चाहूँगी कि हम भारतिय मुसल्मान जिन्ना के हवान को ठुकरा कर अपने इस प्यारे वतन
20:41की मिट्टी से मिट्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे
20:44हमने महत्मा गांधी बाबा साथ दॉक्टर भीमराव अम्बेडकर रविंदर नाठ टेगोर जी सुभाष चंदर बोष जी मौलाना अबुलकला माजाद अश्वाक
20:54उल्ला खां साहब के विचारों को अपनाया
20:56हम भारतिय मुसलमान इंडियन्स बाइ चोईस हैं बाइ चांस नहीं वंदे मातरम के किन छंदों को राष्ट गीत के तोर
21:06पर अपनाया जाए
21:07ये फैसला सर रविंदर नाठ टेगोर और सुभाष चंदर बोष जी जैसे नेताओ के परामर्ष के बाद हुआ
21:13क्या अब हम उन महान नायकों की समझ पर प्रशन चिन उठाएंगे उन्हें देश को बाटने वाला और तुष्टी करने
21:21वाला कहने का पाप करेंगे
21:23उन महान हस्तियों ने बंदे मात्रम के उन छंदों को अपनाया जिनोंने देश के हर वर्ग हर धर्म के मानने
21:30वालों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया
21:33और मैं एक घटना आप लोगों के सामने रखना चाती हूँ वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंदर
21:42शुकला जी ने स्कूलों में राश्रगीत को गाना अनिवार्य कर दिया था
21:47लेकिन तब के ततकालीन प्रदान मंत्री अटल बिहारी वाजपाई जी ने जो उस समय लखनव के दोरे पर थे उत्तर
21:54प्रदेश सरकार के इस फैसले पर नाराज़गी जताई और उयूपी सरकार ने राश्रगीत को अनिवार्य करने वाले मंत्री को बरखास्त
22:01कर दिया था
22:02अब मैं सत्ता पक्ष से सवाल करना चाहूंगी कि जो विशन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को
22:20स्वेच्चा पर छोड़ने का उसी का अनुसरन मानने अटल बिहारी वाजपाई जी ने किया तो क्या वे भी मुस्लिम तुष्टिकरन
22:27कर रहे थे जी नहीं अट
22:29कि अलब्यारी वाजपाई जी राज धर्म निभा रहे थे देश में सब धर्मों को एक साथ लाना सबके जजबात का
22:35एसास करना ही सबसे बड़ा राश्रवाद है
22:40माने अध्यक्ष मौधिया आज हमें वंदे मातरम के असली भाव को समझना ज़रूरी है यह गीट तो देश के जल
22:47जंगल जमीन हर्याली और निर्मल हवा की वंदना को समर्पित है
22:51ये भारत की जनजन की मंगल काम ना करता है
22:54कि भारत का हर नागरिक स्वस्त रहे, सुरक्षित रहे
22:57और सम्मान के साथ जी सके
22:59सुजलाम सुफलाम का अर्थ है
23:01सुनिए ऐसा देश जहा स्वच और परियाप्त जल हो
23:04जान नदिया जिन्दा हों, बहती हों, जीवन देती हों
23:07अदेक्ष मौदे लेकिन अब जरा यमुना का हाल देखिए
23:10दिल्ली प्रदूशन नयंतरन समीती की
23:13दो हजार पच्चीस की रिपोर्ट बताती है
23:15कि यमुना के कई हिस्सों में
23:17बियोडी स्तर 127 एमजी पर लीटर है
23:20तक पहुँच चुका है जबकि किसी जीवित नदी के लिए
23:23ये तीन एमजी पर लीटर से कम होना चाहिए
23:26ये सिर्फ नदी का संकट नहीं है, ये किसान का संकट है
23:29नमामी गंगे के नाम पर हजारो करोड रुपे खर्च हो गए
23:33लेकिन सचाए ये है कि आज भी गंगा और यमुना के किदारे किसान मजबूरी में
23:37उसी जहरी ली पानी से खेती कर रहा है
23:40वही जहर अनाज में उतरता है
23:42और वही जहर किसान की जिंदगी को धिरे धिरे खतम कर देता है
23:45अद्यक्स मौदिया जब पानी जहर हो जाएगा
23:48तो सुजलाम कैसे होगा
23:50जब किसान बरबाद होगा तो सुफलाम कैसे होगा
23:53मलय अजशीतलम मलय का अर्थ है
23:56मलय परवत से बहने वाली ठंडी सुगंदित
23:59चंदन जैसी हवा जो जीवन देती है बिमारी नहीं
24:02आज मैं सदन से पूछना चाहती हूँ
24:04क्या आज के भारत की हवा मलय अजशीतलम है
24:07नहीं अध्यक जी बस संसद से बाहर कदम रखिए
24:11एक गहरी सास लीजिए
24:12ये चंदन की महक नहीं
24:14ये जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है
24:18दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद
24:20शेहरों में से 13 भारत में है
24:22दिल्ली की हवा में सास लेना
24:24मानो रोज 20 सिगरेट पीने जैसा हो
24:27भारत हर साल
24:28सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप में घिर जाता है
24:31एक यू आई गंभीर सर पर आ जाता है
24:34थंडी हवा का सपना अब गैस चेंबर मैं
24:36टू मिनट्स गैस चेंबर की हकीकत बन चुका है
24:39हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकृती पर बने
24:42गीत का मान मर्दन तो करती है
24:44पर उसी प्रकृती जंगल हवा पेड़ को बचाने वाले कानूनों को
24:48धिरे धिरे खुदी खतम कर रही है
24:50यह है आज के हमारे मलेयज शीतलम की अफसोस जनक सचाई
24:54हम अगर हम हवा को साप नहीं कर पाए
24:57तो ना सुजलाम बचेगा ना सुफलाम बचेगा
25:00मानिया अध्यक्ष महोद्या सस्य साप्लम का अर्थ है
25:04ऐसा दे जहां उपजाओ जमीन हो
25:06जहां खेत पसल से भरे हो
25:07और किसान कर्ज और निराशा में न डूबा हो
25:10आज किसान सिर्फ मौसम से नहीं लड़ रहा है
25:13प्रदूशन, नीतियों की बेरुखी और सिस्टम की नाइंसाफी से लड़ रहा है
25:16एक तरफ कॉर्परेट के लोन माफ होते है
25:19दूसरी तरफ किसान को उसकी वाजब MSP भी नहीं मिल पाती है
25:23आप ग्लोबल सूपर पावर बनने की बात करते हैं
25:26लेकिन हमारी परक्यापिटा इंकम दुनिया में 136 नंबर पर है
25:30हम अपने छोटे पडोसी देश से भी पीछे हैं
25:33हमारे लोग ढ़ाई अजार डॉलर तक भी नहीं कमा पा रहें
25:36एक साल में
25:37और जिन अरब पतियों की रक्षा करते हैं
25:39वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं
25:41आज वंदे मातरम को बुनियाद बनाकर राजनीती की जा रही है
25:45लेकिन जमीन पर जंगल पुझी पतियों को सौपी जा रही है
25:51मातरम में जो मातरम आता है
25:54वे सिर्फ मातर भूमी की वंदना नहीं
25:56वे इस धर्ती की हर नारी
25:59वे इस देश की हर बेटी हर महिला के सम्मान की बात भी करता है
26:03लेकिन आकड़े अगर आप देखेंगे
26:05NCRB की हाल की रिपोर्ट के अनुसार मैं
26:08के अनुसार देश में हर वर्ष लगबग 30,000 से अधिक बलतकार हो रहे है
26:13यानि एक दिन में 80 से अधिक महिल आए यौन हिंसा का शिकार होती है
26:18और ये सिर्फ दर्ज मामले है
26:20जब जम्मू कश्मीर की एक बच्ची हिंसा कत्याचार का शिकार होती है
26:24जब सत्ता से जुड़े लोगों पर आरोप लगते है और कारवाई वर्ष लटक जाती है
26:29जब उन्नाओं की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है
26:34जब बिल्कीस बानों के अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है
26:39तो ये घटनाए बंदे मातरम की आत्मा पर चोट पहुचाती है
26:43मैं अध्यक्ष पहुदिया बस यही कहना चाहती हूँ
26:46अपनी बात को अंत में रखते वे कि बंदे मातरम सिर्फ अतीद की ललकार नहीं
26:52ये वरत्मान की जिम्मेदारी है ये आत्मा मन्थन की घड़ी है
26:56यही समय है कि हम बंदे मातरम को सिर्फ नारा नहीं नीती और जिम्मेदारी बनाए
27:01और अपने जज़बात को मैं आलमा अगबाल साहब के तरहना हे हिंद के साथ इस सदन में रखना चाहती हूं
27:07कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा हम बुल-बुले है इसके ये गुलसिता हमारा मजभ नहीं सिखाता आपस में
27:16पहर रखना हिंदी है हम पतने हिंदुस्ता हमारा
Comments

Recommended