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Could modern anime be influencing the way people think about power, morality, and spirituality?

In this documentary-style video, we explore the 1997 Pokémon broadcast incident in Japan, the rise of anime culture, and the religious interpretations discussed in this script. We examine themes such as demons, supernatural powers, rebellion, and symbolism in popular anime, alongside an Islamic perspective on the fitnah of Dajjal and the importance of critically evaluating the stories we consume.

This video is intended to encourage discussion, research, and critical thinking.

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00:0216 दिसंबर सन 1997 को जापान में शाम के साड़े 6 बज़रे थी
00:08टोक्यो टीवी पर दुनिया का उस वक्त का सबसे मश्चूर काटून चल रहा था पोकेबॉन
00:14और उस शाम तक्रीबन 40 लाथ बच्चे स्क्रीन्स के सामने बैठे थी
00:19एक लमहा आता है जहां पिकचू अपनी बिजली से कुछ मिसाइल्स फायर करता है
00:25और सिर्फ चार सेकिंड के लिए स्क्रीन पर सुर्ख और नेली रोशने इंताहाई तेजी से जिल मिलाती है
00:32चार सेकिंड और अगले 30 मिरिट में पूरे जापान में भायामत आजाती है
00:47बच्चों की आँखों के सामने अंधेरा चा जाता है चक्कर आते हैं उल्टिया आते हैं
00:53और फिर एक के बाद एक बच्चे बेहोश होकर गिरना शुरू हो जाते हैं
00:57उनके जिसम अकड़ने लगते हैं और उस एक रात में 685 बच्चे एम्बलेंसों में भरकर हस्पतालों में पहुँचाए जाते हैं
01:07निंटेन्जो के शेर्स गर जाते हैं
01:09हकूमत एक हंगामी इजलास बोलाती है और वो एपिसोड आज तर दुनिया के किसी कोने में दोबारा नहीं दिखाया गया
01:18हमेशा के लिए बैंड जपैन की प्रेस ने इसे नाम दिया है पोकेमॉन शॉक का
01:24और स्याता कर लोग कहानी को यहीं खतम कर देते हैं लेकिन वो चार सेकिंड की रौशने सिर्फ एक पहला
01:30इशारा थी
01:31पोकेमॉन एक ऐसा कार्टून है जो आज कार्टून से एनमे में ट्रांसफॉर्म हो चुका है
01:37और आज एनमे में वो कुछ हो रहा है कि अगर आपको बता चले तो आपके रौंटे खड़े हो जाएंगे
01:45सेटनिजम, डेविल्स आई, रीइंकारनेशन, डेडली सिंस, कर्स, डीमन केंग और नजाने क्या क्या
01:52दुनिया के तमाम मजाहिम ने जिन जिन चीजों को फितना करार दिया है
01:57आज सब की सब आपको एनमे में मौझूद मिलती है
02:02और आपको लगता है कि आपकी अगली नसल एनमे के नाम पर काटून्स देख रही है
02:08आज एनमे के नाम पर सेतनिजम किस तरीके से फैलाया जा रहा है
02:13कहानी क्या है आईए समझते हैं
02:24मैं अपनी रिसर्च के लिए एनमे की दुनिया में उत्रा
02:28कि आज कल एनमे में चल क्या रहा है
02:30और मुझे एक चीज बार बार नजर आई
02:33कि वो तमाँ काम जिने हर आस्मानी मजभब में हर नभी ने
02:38जिन से साफ साफ मना किया है
02:40आज उन काटून्स में बच्चे को बिलकुल खेल के तरीके से
02:45खुबसूर्ती से सिखाये जा रहे है
02:47मैं आपको कुछ रोस दिखाता हूँ
02:49जो इस वक करोडों लोग देख रहे है
02:52करोडों बच्चे देख रहे है
02:53जवान देख रहे है
02:54लेकिन मैं आपको उनकी कहानी नहीं सुनाऊंगा
02:57मैं आपको वो दिखाऊंगा
02:58जो उनके अंदर छुपा हुआ है
03:01इस कहानी को शुरू करते हैं
03:03दो ऐसे शोस से कि अगर आप एनमे देखते हैं तो possibly नहीं है कि आपने इनका कभी नाम ना
03:09सुनाओ.
03:10पहला शो है Overlord और दूसरा शो है Demon King.
03:14अब ये दोनों शोस दिखाते हैं क्या हैं?
03:17इसको समझने के लिए थोड़ी सी अनालोजी को समझते हैं.
03:19इबलीस का गुरा था क्या?
03:22फिरॉन का दावा था क्या?
03:24Overlord और Demon King जैसे शोस का पूरा मकसद क्या है?
03:28ये कि इनका मकसद इनका प्रोग्रेम है क्या?
03:30कि एक आम इनसान ताकत हासल करें,
03:33खुद एक Demon King एक खुदा जैसी हस्ती बन जाए.
03:37और कहानी जब चलती है,
03:38तो कहानी आपको उसके साथ लाकर खड़ा कर देती है,
03:42आप खुद वो शैतान बन जाते हैं,
03:44और आप चाहते हैं कि वो जीत जाए.
03:47ये इन दोनों शोस की टोटल समरी है.
03:51और फिर आपको एक और शोस सुनने को मिलता है,
03:54और इस शो का नाम है Devil Man.
03:56अब ये जो शो है Devil Man,
03:58इसके बारे में मैं जितना पढ़ने लगा,
04:00और जो लोग anime देखते हैं,
04:02उनके साथ conversations होने लगी,
04:04तो एक अजीब बात सामने आई,
04:05वो बात ये थी कि Devil Man जैसे शोस को classic कहा जाता है,
04:10एक इनसान के शैतान से यगजा हो जाने पर,
04:12ये पूरा शो खड़ा है,
04:14imagine करें,
04:15इनसान किस के साथ एक होना जा रहा है,
04:18वो शैतान के साथ एक होना जा रहा है,
04:20और इनसान और शैतान का मिला जुला वजूद,
04:24जिसे हीरो बन कर पेश किया जाता है,
04:26ये वो चीज़ है,
04:27जिसे हर मजभब ने कुफर का दर्वाजा कहा है,
04:31और यहां वो इसे ताकत का सरचश्मा बना कर पेश करते हैं,
04:36तीसरा एक अजीब साशो है,
04:37कुछ शोज ऐसे होते हैं,
04:39जिनको देख के आपको डर कम लगता है,
04:41घुस्सा कमाता है,
04:42आपको घिन जादा आती है,
04:43ये जो शोज़ जिसकी मैं बात कर रहा हूँ,
04:45ये है जोजुट्सू काईजन,
04:47इस वब,
04:48ये दुनिया का सबसे मशूर एनिमे है,
04:51और इसकी पूरी बनियाद क्या है,
04:53कर्स्ट एनरजी के उपर है,
04:55इसमें कर्स्ट पिरिट्स को गैद किया जाता है,
04:58तावीज और तलिस्वान के जरीए,
05:00ये मखलूकों को बुलाते हैं,
05:02आवाज परपड़ के अलफाज के जरीए,
05:05मखलूक को हाजर किया जाता है,
05:06ये जादू और अमलियात हैं,
05:08और बस उसका नाम बदल दिया गया है,
05:11और देखने वाला एक्जाक्ली क्या सीख रहा है,
05:13वो एक कर्स्ट एनरजी को काबू करना सीख रहा है,
05:17और इस पूरे अमल को एक स्किल के तोर पर पेश किया जाता है,
05:22अब मैं आपको चौथा शो बताता हूँ,
05:24अब इस चौथे शो में क्या है,
05:26ये बाद की बाद है,
05:27इस चौथे शो का नाम सुने,
05:29इस चौथे शो का नाम है,
05:31इस सेवन डेडली सिंस,
05:34घुसा, हवस, लालच, तकबुर,
05:36ये सब वो चीज़ें हैं,
05:38जिने हर मजबने,
05:39इनसान की तबाही की जड़ डेकलेर किया है,
05:43और इस शो में,
05:44ये साथ गुना उसको हीरो बनाते हैं,
05:46उसके नाम पर उनकी तारीफ की जाती है,
05:49और एक पूरी कहानी बुनी जाती है,
05:51बच्चा उन गुनाहों से नफरत नहीं करता है,
05:54वो उनसे मुहबत करने लगता है,
05:56अब आनेमे की दुनिया का पांचवा शो देखते हैं,
05:59जहां पर खून हैं,
06:00लाशे हैं और अमलियात हैं,
06:02शो का नाम है हेल्सिंग,
06:04और हेल्सिंग जैसे शो जिने बड़े बच्चे जवान हर कोई देखता है,
06:09खुलम खुला, इसमें खुन खराबा है,
06:12लाशे दिखाई जाती हैं,
06:13लाशों का इस्तेमाल दिखाया जाता है,
06:16और उकल्ट प्राक्टिसिस को प्रमोट किया जाता है,
06:19और उन प्राक्टिसिस का सिर्फ प्रमोशन नहीं है,
06:22उनका जशन अलग बनाया जाता है,
06:24वो मनजर जो कभी डर और नफरत पैदा करते थे
06:28अब वो स्टाइलिश और कूल बना कर पेश किये जाते हैं
06:32अब जरह इन सारे शोस को एकटा एक जगा करके देखते हैं
06:36इसमें है क्या? खुदा बन जाना, शैतान से यगजा हो जाना, कजड़ और अमलियात, साथ कबीरा गुनाहों की तारीफ और
06:44खून का जश्न
06:45ये वो तमाम चीजें जिने हर नभी ने, हर आस्मानी किताब ने इनसान की हिफाज़त के लिए इन से रोक
06:53दिया गया है
06:53और आज ये सब एक बच्चे की स्क्रीन पर तफरी बन कर चल रहे हैं, इंटर्टेन्मेंट के नाम पर चल
07:00रहे हैं
07:01और वो ये सब देख कर हसता है, तालियां बजाता है और उसको पता भी नहीं चलता कि क्या चीज
07:06उसकी नजरों के सामने उसको शओरी और लाशओरी तोर पर दी जा रहे हैं
07:12ये एनमें ये नहीं कहता है कि बुराई अच्छी है, ये तो शैतान की बेवकुफी होती, ये आपको अपनी आँखों
07:19से दुनिया दिखाते हैं
07:21अगर आप सौ घंटे दीमन किंग के साथ गुजा रहें, उसकी कहानी सुनें, तो आहिस्ता आहिस्ता आपको उससे हमदर्दी होने
07:29लगती है
07:29और सबसे पुराना धोका तो है ही ये, कि बुराई को अच्छा मत को, बस ये कोओ कि शैतान के
07:36साथ जियात्ती हुई, उसको तो आज तक किसी ने समझा ही नहीं, जिस किसी ने भी समझा है, उसको गलत
07:43समझा है
07:43और ये कोई नई बात नहीं है, गोर करें कि इबलीस था कौन, इबलीस बेवकूफ नहीं था, वो तो सबसे
07:50बड़ा आबिद था, बगर उसका जवाल, उसके तकब्र की वज़ा से हुआ, जो असूल के लिबास में आया, कि मैं
07:58इस से बेहतर हूँ, अना खेरो मिन हूँ, ये ए
08:13पर मैं जानते हैं, कि इस सब का इखताम दज्जाल पर जाकर होता है, लेकिन इसका आगास जैपनीस सुसाइटी में
08:21शुरू कहां से होता है, कितनी अजीब सी कहारी हैं, कि जैपनीस कौम, जो कि शिंटोइजम के मानने वाले थे,
08:28अचानक उनके हां, इस तरह के कॉंसेट कै
08:31अब ये बात समझने के लिए आपको थोड़ा तारीख में जाना होगा, एन लेट्स गो टो 1945, सब 1945 में
08:40दूसरे जंगे अजीम चल रही थी, जापान बुरी तरह से हार चुका था, दो शेहरों पर आटम बंग गिर चुके
08:47थे, लेकिन जैपनीस सिर्फ जंग नहीं हार चु
08:55उस वक्त के जैपनीस अपने एंपरर हीरो हीटो को एक जिन्दा खुदा मानते थे, और 1946 में हार के बाद
09:03जैपनीस एंपरर ने खुद अपनी जबान से ऐलान किया, मैं खुदा नहीं हूँ, मैं एक आम इनसान हूँ, यानि एक
09:12पूरी कौम का दिल उस दिन टूट गया, उस
09:24तारीख तो आपने सुन ली और बड़ी जिल्दी में सुन ली, लेकिन जरा एक मिनिट के लिए इमाजिन करें, एक
09:30पूरी कौम किसी को खुदा मानती हो, और उनको पता चले कि ये खुदा नहीं है, तो पूरी कौम का
09:38सेंटिमेंट कहां पहुंचेगा, वो पूरी कौम जो �
09:42अलरीडी मलबे का धेर बन चुकी थी, आटम बंग गिरने के बाद उनके साथ इतना बड़ा सानिहा अचानक से हो
09:50गया, और ठीक उसी मलबे में एक नौजवान मौजूद था, जो के मांगा बनाया करता था, उस नौजवान का नाम
09:58है उसामो तेजूका, जपैन उसे आज ग
10:12वो है आस्ट्रो बॉई, अब जरा सोचें कि आस्ट्रो बॉई की कहानी कहां से शुरू होती है, एक बच्चा एक
10:19ट्रक से मारा जाता है, और एक नई ताकत वर शकल में दोबारा जिन्दा हो जाता है, वही ट्रक कोन,
10:26वही मौत का दर्वाजा और वही पैटर्ण, अब ये �
10:30ये फ्रेम से इस आर्ट की बुनियाद में डाल दिया गया है, एक ऐसी कौम के हाथों जिससे उसका खुदा
10:37च्छीन लिया गया हो, हैरांगी की बात ये है, कि जपैन का ये एमपरर, जिसने एलान किया कि मैं तुम्हारा
10:43खुदा नहीं हूँ, वो उसी दिन मरा, जिस दिन य
10:47गौड अफ मांगा, उसामो तेजू का मरा, और लोगों ने शेहनशाह की मौत का अफसोस इतना नहीं किया, जिन्हों ने
10:57गौड अफ मांगा की मौत का अफसोस किया, जिसके उपर जापान की हुकुमत सट पटा गई, कि कुछ ऐसा हो
11:04जाए, कि लोग शेहनशाह की मौत का भ
11:17اللہ علیہ وآلہ وسلم
11:18ने फर्माया कि आखरी जबाने में
11:21सबसे बड़ा फितना आएगा
11:23फितना दज्जाल
11:24और उस फितने के सबसे बड़ी
11:26खासियत आपको पता है क्या है
11:28वो खासियत ये है कि वो चीजों
11:31को उल्टा करके दिखाएगा
11:32रिवायत में आता है कि दज्जाल के साथ
11:35एक जन्नत होगी और एक जहन्न
11:37लेकिन जिसे वो जन्नत कहेगा
11:39वो हकीकत में आग होगी
11:41और जिसे वो आग कहेगा
11:43वो हकीकत में थंड़क होगी
11:45उसका पूरा फितना
11:47एक ही असूल पर चलता है
11:49कि सही को गलत
11:51और गलत को सही दिखाना
11:53अब जरा रुक कर सोचें
11:54कि दजाल का असल हत्यार क्या है
11:57वो ये है कि वो आपकी नजर को उल्टा कर दे
12:01वो बुराई को इतना खुबसूरत
12:03इतना हमदर्दी वाला बना देगा
12:05कि आप खुद से महबत कर बैठेंगे
12:08और आपको यकीन होगा कि आप बिलकुल ठीक हैं
12:12आप अच्छाई के साथ खड़े हैं
12:15यानि दजाल का फितना आने से पहले
12:18जमीन उसके लिए तैयार की जाती है
12:20दिल उसके लिए तैयार की जाते हैं
12:23और जब एक पूरी नसल बच्पन से ये सीख ले
12:25कि शैतान बिचारा है
12:27बगावत बहुत दुरी है
12:29और इनसान खुदा बन सकता है
12:31तो वो उस दिन के लिए नसल तैयार हो जाती है
12:34जब कोई आकर ये कहेगा
12:36कि मैं तुम्हारा रब हूँ
12:39और वो उसको पहचान नहीं पाएंगे
12:41क्योंकि उनकी नजर
12:43बहुत पहले ही
12:44उलट कर दी जा चुकी है
12:46अब जरा वापस चलते हैं उस रात की तरफ
12:49जपान उननस सो सतानवे
12:51वो छेसो पचासी बच्चे
12:53डॉक्टर ने उस रात
12:54एक लवज इस्तमाल किया
12:56फोटो सेंस्टिव सीजर
12:57इसका मतलब क्या है
12:59इसका मतलब ये है
13:00कि वो रॉश्णी बच्चों के सोचने से पहले
13:03उनके खयाल से पहले
13:05उनके अंदर पहुँच गई
13:06यानि बच्चे ने ये फैसला नहीं किया
13:08कि क्या ये फाइदे मंद है
13:10या नुकसान दे
13:11क्या मैंने अपनी निगाह को
13:13कार्टून पर टिकाए रखना है
13:14या नजर हटा लेनी है
13:16रॉश्णी ने उसके शओर को बाइपास किया
13:19और सीधा उसके दिमाग के अंदर जाकर
13:22उसे हिला दिया
13:23और सबसे अजीब बात ये
13:25कि जब जब जब जबाइन के टीवी चैनल्स ने
13:27इस खबर को कवर करने के लिए
13:29दोबारा फोटेज चलाई
13:31तो दोबारा लोगों ने रिपोर्ट किया
13:33कि लोग बेहोश होना शुरू हो गए
13:36यानि वो रॉश्णी अपना काम कर रही थी
13:38चाहे उसे किसी भी मकसद के लिए
13:41इस्तेमाल किया जाए
13:42ये रात तो गुजर गई
13:44वो खत्रा भी टल गया
13:45और बच्चे अपने घरों को वापस आ गए
13:48उनका इलाज भी हो गया
13:50लेकिन जो रॉश्णी उनके अंदर तक पहुंच चुकी थी
13:53उसका क्या
13:55और यही मेजर और इंपॉर्टन बात है
13:57और दजाल का फितना
13:59असल में काम भी ऐसे ही करता
14:02रिवायत में है
14:03कि ये फितना इतना जबरदस्त होगा
14:05कि बड़े से बड़ा इनसान धोका खा जाएगा
14:08क्योंकि वो दलील से नहीं आएगा
14:10वो नजर को बदल कर आएगा
14:13वो सही को गलत
14:14और गलत को सही दिखाएगा
14:16और इनसान सोच भी नहीं पाएगा
14:19बिलकुल उसकी रोशनी की तरह
14:20जो शओर को बाइपास करके
14:22सीधा अंदर पहुंच जाती है
14:25और जब एक बच्चा
14:26हजार बार ये देखता है
14:29कि शैतान बिचारा है
14:30बगावत बहुदुरी है
14:32और इनसान खुद को
14:34खुदा बना सकता है
14:35तो वो बहस नहीं करेगा
14:37वो सोचेगा भी नहीं
14:39उसकी नजर चुप चाप
14:41उसके शओर के नीचे
14:43उलट कर दी जाएगी
14:44ठीक उनी चार सेकिंड की तरह
14:47जिन चार सेकिंड ने
14:49इन 685 बच्चों की
14:51नजर को बदल डाला था
14:53मैं आपसे ये नहीं कहरा हूँ
14:54कि एनमे हराम है
14:56या अपने बच्चों से स्क्रीन चीन ले
14:58कहानिया इनसान की फितरत है
15:00मैं ये कहरा हूँ
15:01कि हर कहानी के अंदर
15:03एक अकीदा छुपा होता है
15:05और कुछ कहानिया आँखों से नहीं
15:08शओर के नीचे से
15:10दिल में उतर जाती है जापान के आसमान से एक दिन एक जूटा खुदा उनसे छीन लिया गया और उसकी
15:18जगा कहानियों से उन्होंने पुर करने की कोशिश की लेकिन सवाल ये है कि आज आपके बच्चे की स्क्रीन पर
15:26जो कहानिया चल रही है वो उसके दिल में किस जगा जाक
15:30बैठती है क्योंकि वो जगा जो रब के लिए मौजूद है वो जगा कभी खाली नहीं रहती है अगर आप
15:38उसमें सही खुदा नहीं रखेंगे तो कोई और आएगा और वो किसी और कहानी के जरिये अपना खुदा वहां पर
15:46बिठा देगा और उस दिन जब असल फितना आए
16:00आज भी जारी है सद्यों पहले एक बड़े मुफक्र ब्लेज पास्कल ने कहा था कि हर इंसान के अंदर एक
16:08खाली पन है एक ऐसी जगा जिसे वो दुनिया की हर चीज से भरने की कोशिश करता है पैसे से
16:15शोहरत से ताकत से दौलत से महबत से लेकिन वो जगा किसी चीज से न
16:26करता है
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