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In 1972, the CIA secretly funded one of the most controversial and mysterious programs in history an experiment that seemed to challenge the very foundations of science and logic.

At the Stanford Research Institute, blindfolded subjects were given nothing but random coordinates. No names. No maps. No context. Yet some of them began describing real-world locations with shocking accuracy including hidden military bases, classified installations, and details that later matched intelligence data.

Was this just coincidence… or evidence of something far beyond our current understanding of the human mind?

This story explores Project Stargate, the CIA’s remote viewing program that ran for over two decades and cost millions of dollars in taxpayer funding. It dives into Cold War secrecy, psychic experiments, and the idea that consciousness itself might not be limited by space or time.

We also explore deeper questions:

Can the human mind see without eyes?
Was remote viewing real or just psychological illusion?
Why did intelligence agencies invest so heavily in it?
And what does this mean for science, spirituality, and human potential?

This is not just a story about the CIA… it’s a story about reality itself.

⚠️ Watch till the end the conclusions may challenge everything you think you know.


#cia #projectstargate #remoteviewing #mysterydocumentary #declassifiedfiles #mindpower #unexplainedmystery #hiddentruth #pakistan #imtinanahmad #india #bangladesh #foryou #facts #news

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Transcript
00:00ये कहानी आपके होशुड़ा आपके होशुड़ा
00:041772 में कैलिफोर्ण या स्टान्फर्ड रिसर्च इंस्टिटूट में एक आदमी कुर्सी पर बैठा था
00:10आखों पर पट्टी बंधी थी हाथ टेबल पर रखे थे
00:13CIA officer ने उसे एक काघस दिया जिस पर कुछ नंबर्स लिखे हुए थे
00:18coordinates थे एक जगा के पर उस जगा का नाम उस शक्स को नहीं बताया गया था
00:24उस मर्द को कुछ नहीं बता था ना जगा का नाम ना मुल्क का नाम ना ये के वहाँ पर
00:31है क्या
00:31और फिर उसने कुछ बोलना शुरू किया उसने Soviet Union की एक secret base की description दी
00:39silos, cranes, security parameter, layout सब कुछ बिलकुल सही
00:45बाद में satellite images ने सब कुछ confirm किया कि वह आदमी सच बोल रहा है
00:51पर हैरांगी की बात ये है कि वह आदमी कभी उस जगा नहीं गया था
00:56उसने कोई map नहीं देखा था, कोई तस्वीर नहीं देखी थी
01:00उसने सिर्फ अपने दिमाग से उसे देखा था
01:04ये experiment प्रोजेक्स टारगेट कहलाता है
01:0823 साल चला, 20 मिलियन डॉलर, US taxpayer का पैसा इस प्रोजेक्ट पर लगा
01:15और एक दिर CIA ने एक और assignment दी
01:18इस बार टारगेट कोई military base नहीं था, इस बार टारगेट था ताबूते सकीना
01:435 दिसंबर 1988, CIA का प्रोजेक्स सांस्ट्रीक, remote viewer नंबर 32 को एक assignment दी गई
01:52उसे बताया नहीं गया कि टागेट क्या है, सिर्फ coordinates दिये गए और कहा गया कि बताओ वहां क्या है
01:59उसने आखे बंद की concentrate किया और फिर बोलना शुरू किया
02:04टागेट एक container है, इस container के अंदर एक और container है
02:09ये लकडी, सोने और चांदी से बना हुआ container है
02:13इस पर छे पर वाले फरिष्टों की तस्वीर है, ये एक ताबूत की शकल में है
02:19और फिर उसने जगा का नाम बताना शुरू किया
02:22उसने कहा कि ये Middle East में है, जमीन के नीचे है, अंधेरा है, गीली जगा है जहां पर ये
02:30रखा हुआ है
02:31वहां कुछ लोग अरबी बोलते हैं, सफैद कपड़े पहनते हैं, मस्जिद के गुमबद भी मौजूद हैं
02:38Remote Viewer No. 32 अभी तक नहीं जानता था कि टागिट क्या है, लेकिन आप और मैं जानते हैं कि
02:46वो टागिट ताबूते सकीरा है जिसे वो ढूंड रहा था
02:50अल्ला सुभाराओ ताला की वो अमानत जिसका जिसका जिकर कुरानी मजीद में मौजूद है, जो रसूल अल्ला सल लाहो अले
02:57गुम हो चुका था
03:01और सी आई, उसकी तलाश में साइकिक स्पाइज यूज कर रहा था
03:06अब यहाँ पर सवाल पैदा होता है कि ये रिमोट व्यूविंग क्या है, ये होती कैसे, क्या सूफी और आलिया
03:13अल्ला रिमोट व्यूविंग क्या करते हैं, हिंदू इसम रिमोट व्यूविंग के बारे में क्या कहता है और तसव्वफ की कहानी
03:22क्या है, आई ये समझते है
03:32ये कहाने शुरू होती है
03:33सन 1970 की दिहाई में
03:36Cold War अपने उरूज पर थी
03:38अमेरिका और Soviet Union
03:40एक दूसरे की हर मूव को
03:42ट्रैक किया करते थे
03:43सैटलाइट स्पाइज, कोड़ेड मैसेज़ेज
03:45और फिर अमेरिका को पता चला
03:48कि Soviet Union कुछ और भी
03:50कर रहा था
03:51Soviets, Psychic Research में इन्वेस्ट कर रहे थे
03:54Psychotronics Warfare
03:56यानि Consciousness के Experiments
03:58कि क्या इंसान
04:00अपने दिमाग से बगएर
04:02Physically गए किसी जगा को देख सकता है
04:05अमेरिका ने सोचा
04:06कि अगर वो कर रहे हैं
04:08तो हम भी करेंगे
04:09और यू 1972 में
04:11CIA ने Stanford Research Institute को
04:14फंद किया
04:15और Project Remote Viewing Research का
04:18आगास हुआ
04:19यहाँ एक सवाल आपके जहन में पैदा होगा
04:22कि यह Remote Viewing है क्या
04:25Simple Definition में
04:26किसी जगा को
04:27Physically गए बगएर
04:29सिर्फ अपने दिमाग से परसीव करना
04:31कोई आइडिया नहीं
04:33कोई टेकनोलिजी नहीं
04:34सिर्फ Consciousness के जरिए
04:36यह Remote Viewing कहलाता है
04:39पहले Experiment में दो लोग थे
04:41इनको Swan और Pat Price
04:44Pat Price पहले एक पुलीस ओफिसर था
04:47उसने क्लेम किया कि वो अपने दिमाग से
04:49क्रिमिनल के केसिस को
04:51सॉल्व करता है
04:52CIA ने उसे रेक्रूट किया
04:54और एक टेस्ट दिया
04:55और इस टेस्ट में उसे एक Sealed Envelope दिया गया
04:58अंदर कॉडिनेट्स थे
05:00कोई नाम नहीं था
05:01और कोई डिस्क्रिप्शन नहीं थी
05:04उसने एक Soviet Union की
05:05एक Secret Military Site की
05:07डिस्क्रिप्शन पेश की
05:08यानि Crane Operators के घर
05:11एक Railway Line
05:12Building के Layout
05:14Underground Chamber
05:15बाद में सैटलाइट इमिजरी से
05:18ये सब कुछ कनफर्म हुआ
05:19के सब सही था
05:21CIA हैरान रह गया
05:23Experiments चलते रहे
05:25जो मेकमोनीगल
05:26US Military Officer था
05:28उसने Atlantic Ocean में
05:30एक Sunken Submarine को लोकेट किया
05:33उसने Lebanon में
05:34Hostages की Location डिस्क्राइब की
05:36उसने Mars की Surface को डिस्क्राइब किया
05:39जिसे बाद में
05:401984 में
05:42NASA ने अपने Partial Data से
05:44कनफर्म किया
05:4523 साल
05:4720 मिलियन डॉलर्स का खर्चा
05:49और हजारों Experiments
05:51और Stanford Research Institute का
05:53Final Conclusion ये था
05:55जो उन्होंने Officially Publish किया
05:57कि Results Statistically Significant है
06:00कोई Cognitive Process
06:02Exist करता है
06:04जो Space और Time से
06:06Limited नहीं है
06:08मैं ये नहीं कह रहा हूँ
06:09कि Remote Viewing एक Confirmed Science है
06:12मैं ये कह रहा हूँ
06:13कि दुनिया की Powerful Intelligence Agency ने
06:1623 साल
06:17इस Phenomenon पे खर्च किये
06:19और वो इसे डिसमिस नहीं कर सकी
06:22लेकिन इन 23 सालों में
06:24एक सेशन था
06:25जो बिलकुल अलग था
06:26जिसमें Target कोई Military Base नहीं था
06:29जिसमें C.I.N.A. जो ढूनने की कोशिश की
06:32वो हमारी अमानत थी
06:34और जो Description है
06:36वो कुरान इवजीद की Description से मिलती है
06:39पर वो है क्या
06:40पहले समझते हैं कि
06:42ताबूत सकीना क्या है
06:44कुरान इवजीद में सुरह बकरा की
06:46आयत नमबर 248 में
06:48अल्ला सुभानों ताला ने इर्शाद फर्माया
06:51और उन से उनके नबी ने फर्माया
06:53उसकी बादशाही की निशानी ये है
06:56कि तुम्हारे पास वो ताबूत आ जाए
06:59जिसमें तुम्हारे रब की तरफ से दिलों का चैन है
07:02और मौजज मुसा अलेह सलाम
07:05और मौजज हारून अलेह सलाम की छोड़ी हुई
07:08चीजों का बकिया है
07:10फरिश्टे उसे उठाए हुए होंगे
07:13बेशक इसमें तुम्हारे लिए बड़ी निशानी है
07:16अगर तुम इमान वाले हो
07:19ताबूत सकीना
07:21यानि लिटरल मीनिंग में सुकून का सुन्दूक
07:24अल्ना सुभाना उताला की जानिब से
07:27बनी इसराइल को दिया गया
07:28बादशाहत की अलामत के तौर पर
07:31पर इसमें है क्या
07:32हज़त मुसा अलाथी से चुए हुए
07:36पत्थर के टुकडे
07:37तौरा के उरिजिनल टैबलिट्स के हिस्से
07:40हज़त हारून अलाह सलाम का असा
07:43और मना
07:44यानि वो चीज़ जो अल्ला सुभाना उताला ने
07:47आस्मान से उतारी
07:48और ये सुन्दूक जो जंगों में साथ जाया करता था
07:52जिसके पास होता जीत उसकी होती
07:55फिसंद पांट सो च्छीासी कबले मसी में
07:58बैबलॉन का बादशा बखत नजर
08:01यरोशलम पर हमला आवर हुआ
08:03मस्जिद अकसा की जगा का उरिजिनल हैकल तबा हुआ
08:07और ताबूत सकीना गुम हो गया
08:10हजारों साल से दुनिया इसे तलाश कर रही है
08:13इंडियाना जोन्स की फिल्म इसी तलाश पर बनी है
08:16और एथियोपिया के एक चर्च में होने का दावा आज भी मौजूद है
08:22कुछ कहते के ये जॉर्डन में है
08:24कुछ कहते के ये हैकल के नीचे है
08:27और C.I.A. ने 1988 में रिमोट व्यूवर नमबर 32 से इसे ढूंड वाया
08:33जो description मिली वो सुनने से तालुक रखती है
08:38रिमोट व्यूवर नमबर 32 ने अपनी description में जो लिखा
08:41वो सुनने से तालुक रखता है
08:43उसने लिखा
08:48फिर रिमोट व्यूवर नमबर 32 ने कुछ ऐसा कहा
09:03तो शायद इस सबसे ज़्यादा disturbing था
09:06उसने कहा कि ये container protected है
09:09जो भी इसे बिना इजाज़त खोलने की कोशिश करेगा
09:13वो एक ऐसी ताकत से तबा होगा
09:16जिसे हम नहीं जानते
09:18ये container तब खुलेगा जब वक्त सही होगा
09:22व्यूवर को नहीं पता था
09:24कि वो ताबूते सकीना ढूंड रहा था
09:26लेकिन जो उसने कहा
09:28वो गुरान मजीद के description से मिलता है
09:31Bible के description से मिलता है
09:33और वो protection, वो force unknown to us है
09:37पर हम जानते हैं कि वो क्या है
09:39CIA ने इस document को
09:41सन 2000 में declassify किया
09:44ये public record में है
09:45download कर सकते हैं
09:47लेकिन यहां एक और सवाल है
09:49जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा
09:51जो इस सारी कहानी का
09:53सबसे important हिस्सा है
09:55CIA ने ये करने की कोशिश की
09:58technology से, training से
10:0020 million dollars से
10:02लेकिन इसलाम में ये ability
10:03पहले से documented है
10:05सूफीज ने ये किया
10:07Allah सुभानाओ टाला के
10:09कुर्ब से, चिल्ले से, तरस्किये से
10:12पर फर्क क्या है
10:14और कौन ज्यादा reliable है
10:16ये मैं आपको अभी बताता हूँ
10:19अब यहां पर एक बात है
10:20जो समझने जरूरी है
10:22CIA ने 1972 में जिस चीज़ को
10:25discover किया
10:26इसलाम ने
10:271000 साल पहले
10:29उसे document कर लिया था
10:31पाकिस्तान और पाकिस्तान का दिल लौहौर
10:35और लौहौर का दिल दाता दर्बार
10:37हजरत अली हजवेरी की दरगा दाता गंजबक्ष
10:41जिने दाता साहब के नाम से आप जानते
10:4411 सदी के सूफी बज़र जो अफगानिस्तान से आए
10:48लौहौर में रहे
10:49और रहौर में दफन हुए
10:51और एक किताब छोड़ गए
10:52जो आज भी छप रही है
10:54कश्फुल महजूब
10:56यानि परदा उठाना किसी ऐसी चीज़ से
10:59जो छुपी हुई हो
11:01ये सब कॉंटिनेंट में तसवफ पर लिखी गई
11:03सबसे कॉंप्रेहंसिव किताब है
11:06इसमें दाता गंज बक्ष ने
11:07एक कॉंसेप्ट एक्स्प्लेइन किया है
11:09जिसे कश्फ कहते है
11:11कश्फ अर्बी जबान का लवज है
11:13और इसका मतलब है परदा उठाना
11:15वो अवेर्नेस जब अल्ला सुभाना उताला की तरफ से
11:18दिल का परदा हटा दिया जाता है
11:20और इनसान बिना फिजिकली कहीं गए चीजें देख सकता है
11:26दाता गंज बक्ष ने लिखा
11:28कि जो लोग अपने दिल को दुनिया की अटाच्मेंट से साफ कर लेते हैं
11:32उन के लिए जिस चीज के पीछे परदा होता है
11:37वो उन पर खुलना शुरू हो जाती है
11:40कि सिर्फ एक मिस्टिकल कॉंसिप्ट नहीं है
11:42दाता साहब ने तीन सो से जादा ओलिया से मिलने का तथकरा किया है
11:47वो भी सिर्फ खुरासान में
11:49उन्होंने ऐसी करामाद डॉकिमेंट किये
11:52जिसके आई विटनिस अकाउंट मौजूद है
11:55और ये सिर्फ इसलाम की बात नहीं है
11:57हिंदू इजम की एक ट्रेडिशन है
11:59और उस ट्रेडिशन को दिव्या डिष्टी कहते है
12:02यानि डिवाइन साइट
12:04भगवंत गीता में कृष्णा ने अर्जना को दिव्या डिष्टी दी
12:09ताके वो देख सके जो नॉर्मल आँख नहीं देख सकती
12:13हिंदू रिशीज साधना के जरिये ये सीधा हासल करते
12:18इसलाम में कश्फ, हिंदू ट्रेडिशन में दिव्या डिष्टी
12:22और C.I.A. में रिमोट व्यूवें
12:24तीनो एक ही दर्वाजे पर दस्तक दे रहे
12:27और अब सवाल है और ये सवाल बड़ा इंपोर्टन्ट है
12:30और वो सवाल ये है जो अकसर मैं सूचता रहता हूँ
12:34कि अगर कश्फ, अल्ला सुभानाओ टाला की तरफ से एक गिफ्ट है
12:38तो वली अल्ला चिल्ला क्यों करते थे
12:42अगर ये गाड गिवन है तो फिर प्राक्टिस क्यों इसकी एक एक एनालजी है
12:47और पहले उस एनालजी को समझते हैं और वो एनालजी है बारश
12:51अगर आप चाहें तो आप कुछ भी कर लें
12:55आप बारश नहीं बना सकते हैं
12:57वो सिर्फ अल्ला सुभानाओ ताला की गदर से आती है
13:01लेकिन अगर आप एक सीधी चछत वाली जमीन ले लेते हैं
13:05उस जमीन पर खड़े हो जाते हैं
13:07और बारश से प्रोटेक्शन के लिए कोई चछत बना लेते हैं
13:10तो आपने अपनेआपको एक ऐसी जगा खड़ा कर लिया
13:13जहां पर बारश होती है
13:15चिल्ना इग्जाक्ली यही है
13:17आप बारश नहीं बना रहे
13:19आप सिर्फ अपने आपको उस जगा पर लेकर जा रहे हैं
13:23के जहां पर बारश होती है
13:27यानि चिल्ने का मतलब
13:28चालिस दिन की सेकलूजन और कुरान में
13:32हज़र्त मुसा अलाहिस सलाम के रेफरेंस से क्या धर्ज है
13:35अल्ला सुभाना उताला ने सुरह बकरा की आयत नंबर 51 में रिशाद फरमाया
13:40और याद करो जब हमने मुसा से चालिस रातों का वादा फरमाया
13:46फिर उसके पीछे तुमने बच्छडे की पूजा शुरू कर दी
13:50और तुम वाकई जालिम थे
13:53रसूल अल्ला सुल लाह लाह वाली वसलम ने
13:56हिरा के गार में पूरे एक महीने की खिल्वत की
14:00पहले वाली उसी खिल्वत के बाद आई
14:03यानि चिल्ले का मकसद ये नहीं के कश्फ हासल करें
14:07चिल्ले का मकसद ये है कि दुनिया से दिल का तालुक तूट जाए
14:12और जब दिल साफ हो जाता है
14:15अल्ला सुभानाव ताला जो चाहते हैं वो दिखा देते हैं
14:19अब ذboká CIA से कंपेर करें इस पूरे सेनारियो को
14:23CIA ने टेकनीक डेवलब की
14:29उन्होंने एक स्किल एंजिनेर करने की कोशिश की
14:33लेकिन सुभी ने कोई स्किल एंजिनेर नहीं किया
14:36उन्होंने अपने नफस को एंजिनेर किया
14:38फर्क ये है कि CIA का remote viewer एक lock को pin करना सीख रहा होता है जबके सूफी के
14:46पास उस lock की चाबी मौझूद होती है और नतीज़ा ये होता है कि CIA के results कभी unreliable होते
14:55हैं कभी सही होते हैं और तो कभी नहीं होते हैं
14:58क्योंकि technique human effort पर depend करती है और human effort में कमिया होती हैं लेकिन कश्फ Allah सुभानाओ ताला
15:06की तरफ से आता है जो चीज़ Allah सुभानाओ ताला की तरफ से आए वो हमेशा perfect होती है तो
15:13फिर सवाल के हैं सवाल ये है कि ताबूत सकीना है कहां इसका honest जवाब ये है कि कोई नहीं
15:21जानता कि
15:22वो कहां है एथियोपिया में एक church है असकम में जिसका राम है Saint Mary of Zion वहाँ के priest
15:29क्लेम करते हैं कि ताबूत सकीना वहाँ पर है लेकिन सिर्फ एक priest Ark Guardian उसे देख सकता है और
15:37कोई नहीं देख सकता
15:39CIA के remote viewer number 32 ने क्या कहा उसने कहा कि Middle East में है Arabic speakers है mosque
15:46के domes है ये एथियोपिया पर fit बैठता है क्योंकि एथियोपिया के अंदर मस्जिदें भी मौझूद है और वो Middle
15:53East के करीब भी है और वहाँ के priest already claim भी करते है लेकिन मेरा एक और सवाल है
15:59और उस सवाल ये है कि CIA आखिर ताब�
16:08नेशन सिर्फ किरियोसिटी की basis पर 23 साल 20 मिलियन डॉलर्स नहीं लगाती वो इसे इस्तेमाल भी करना चाहती है
16:17जिसके पास ताबूत सकीना हो उसकी बात अलग हो जाती है
16:23कुरान मजीद ने और इसलाम ने इसका जिकर किया कि वो जो इसे लाता है वो जीट जाता है बाइबल
16:30ने कहा कि 20 हजार फिलिस्तीन अरका के आगे तबा हो गए ये सिर्फ एक सेकरड रेलिक नहीं है ये
16:37एक डिवाइन अथॉरिटी की अलामत है और एक ऐसा मुल्क जो दुन
16:53बार बार एक ही बात याद दिलाता है कि कंटेनर तब खुलेगा जब वक्त सही होगा सियाई ने इसे ढूडा
17:01पर नहीं ढूड पाया इंडियानो जोन्स ने इस पर फिल्म बनाई और तब भी नहीं ढूड पाया हजारों साल से
17:07आर्केयोलिस्त इसकी तलाश में है और शाय�
17:20सियाई ने 23 साल और 20 मिलियन डालर लगाए एक ऐसी चीज़ को प्रूफ करने के लिए जो इसलाम ने
17:271400 साल पहले और डिसक्राइब कर दी थी कश्फ दिमाग का टाइम और स्पेस के परे कुछ देख सकना ताता
17:37गंच बक्ष ने ये 1000 साल पहले लहौर में लिखा
17:41C.I.A. ने ये 1972 में डिसकावर किया यानि वो अनसीन वर्ल जो अल्ला सुभानाओ टाला बार बार बार
17:49गुरान में बयान करता है
17:51शायद एक नेक इनसान के लिए जिसने दुनिया की अटाश्मेंट को अपने दिल से अलग कर दिया हो
17:58शायद ये उसके लिए उतनी अनसीन नहीं है जितनी हम सोचते हैं
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