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मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई, जिसने एक बार फिर इस संवेदनशील मामले को सुर्खियों में ला दिया।इस वीडियो में जानिए कोर्ट ने नमाज़ की अनुमति और ASI सर्वे से जुड़े मुद्दों पर क्या कहा।क्या सुप्रीम कोर्ट ने कोई नया आदेश दिया या पहले के निर्देशों को ही बरकरार रखा?हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलों को भी आसान भाषा में समझाया गया है।भोजशाला विवाद का पूरा इतिहास और कानूनी पहलू भी इस वीडियो में शामिल है।
साथ ही जानिए इस फैसले का आगे की सुनवाई पर क्या असर पड़ सकता है।इस मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण अपडेट और तथ्य आपको विस्तार से मिलेंगे।वीडियो को अंत तक देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

The Supreme Court has heard an important plea related to the long-running Bhojshala dispute in Dhar, Madhya Pradesh.In this video, we explain what the Court said regarding the issue of Namaz permission and the ongoing legal proceedings.Did the Supreme Court issue a fresh direction or maintain the existing position?
We also break down the arguments presented by both the Hindu and Muslim sides.The history of the Bhojshala dispute and the role of the ASI survey are explained in simple language.You’ll also understand what this development could mean for the next phase of the case.
Watch this detailed analysis for all the key facts and legal updates.Don’t forget to like, share, subscribe, and share your opinion in the comments.

#BhojshalaCase #SupremeCourt #DharBhojshala #MadhyaPradesh #NamazPermission #ASI #CourtVerdict #IndiaNews #LegalUpdate

~HT.410~PR.512~ED.276~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00एक ऐसा विवाद जो पिछले 20 साल से एक temporary compromise पर चल रहा था आज देश की सबसे बड़ी
00:06अदालत यानी सुप्रीम कोट के सामने था
00:08एक तरफ है सद्यों पुराना इतिहास और दूसरी तरफ है दो कम्यूनिटीज दो कौम के बीच का delicate social fabric
00:17कल तक जहां एक ही छट के नीचे दोनों धर्मों की प्रार्थना होती थी आज वहां सब कुछ बदल चुका
00:25है
00:26आज सबसे बड़ा सवाल ये उठता है क्या आदालत का ये नया और अडॉक्ट फैसला ग्राउंड रियालिटी पर शांती बनाए
00:34रखेगा
00:35या फिर इस sensitive मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच दूरियां और बढ़ जाएंगी
00:41दोनों पक्ष हिंदू और मुसल्मान है दर्शकों और आज सुप्रीम कोट के फैसले के बाद खलबली मच गई है
00:47आज हम बात कर रहे हैं धर के भोच्शाला कमाल मौला मौस्ट डिस्प्यूट की जहां सुप्रीम कोट ने एक बड़ा
00:53और बेहद sensitive कदम उठाया है
00:55सुप्रीम कोट ने साफ कह दिया है कि जब तक इस पूरे मामले पर final decision नहीं आ जाता
01:01तब तक मुस्लिम कम्यूनिटी के लिए Friday नमाज के लिए एक अलग alternative site एक अलग जगा तयार की जाएगी
01:08सुप्रीम कोट ने इसे एक बेहद sensitive matter माना है और इसी वज़े से मध्यप्रदेश हाई कोट के उस order
01:15पर interim stay लगाने से इनकार कर दिया है
01:18जिसने इस पूरे complex character को बदल दिया है चलिए इस मामले को पूरी तरह से शुरुआत से समझते हैं
01:26और देखते हैं कि आखिर ये पूरी कहानी यहां तक कैसे पहुँची और पूरा मामला आपको विश्तार से समझाता हूँ
01:32पहले बात करते हैं कोट के अंदर आखिर हुआ क्या चीफ जस्टिस ओफ इंडिया सूरे कांत और उनके साथ जस्टिस
01:39जॉयमाला बाक्ची और जस्टिस वी मोहना की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी
01:43मुस्लिम साइट की तरफ से अदालत में अपील की गई थी कि मध्यप्रदेश हाई कोट के उस ओर्डर पर स्टे
01:50लगाया जाए जिसने सद्यों से चले आ रहे स्टेटस कुओ को बदल दिया था
01:54लेकिन सुप्रीम कोट ने स्टे की मांग को खारिच कर दिया
01:58अदालत ने कहा कि मामला बेहत समवेदनशील है और इस पर जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जा सकता
02:04जो ग्राउंड पर टेंशन्स क्रियेट करते
02:06कोट ने आश्वासन दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो इस केस की डे टू डे हेरिंग यानी रोजाना सुनवाई की
02:12जाएगी ताकि फाइनल डिसिजन जल्द से जल्दा सके
02:16लेकिन जब तक फाइनल डिसिजन नहीं आता तब तक के लिए एक इंटरिम अरेंजमेंट किया गया है
02:21कोट ने authorities को साफ direction दी है कि बिना किसी पक्षपात के बिना किसी prejudice के complex के पास
02:28ही एक open space में Muslim community के लिए Friday नमाज का इंतजाम किया जाए
02:33जिसका समय दोपहर एक बजे से लेकर तीन बजे के बीच होगा
02:36कोट ने strictly ये भी कहा है कि इस दोरान दोनों ही sides के religious rights में कोई disturbance कोई
02:42रुकावट नहीं आनी चाहिए
02:58अब सवाल ये उठता है कि आकरिय विवाद इतना बड़ा कैसे बना और अब तक यहां क्या नियम चल रहे
03:03थे
03:03मध्योप्रदेश के third district में स्थित ये 11th century का monument ASI protected है
03:09हिंदू पक्ष का मानना है कि ये वगदेवी यानी goddess सरस्वती का मंदिर है जो कभी संस्क्रिट learning का एक
03:16बड़ा केंदर हुआ करता था
03:17जिसे राजा भोज ने बनवाया था
03:20वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमल मौला मौस्क के रूप में देखते हैं और उनका दावा है कि यहां सद्यों से
03:26नमाज होती आई है
03:27साल 2003 में इस तनाफ को दूर करने के लिए ASI ने एक बीच का रास्ता निकाला था जो पिछले
03:33दो दशकों से चल रहा था
03:35इस अरेंजमेंट के तहट हर टیूश्डे को हिंदू कम्यूटी के लोग अंदर जाकर पूजा करते थे और हर फ्राइडे को
03:41मुसल्मान कम्यूटी के लोग बहा दोपहर में नमाज अदा करते थे
03:45बाकी के दिन ये मॉन्यमेंट आम टूरिस के खुला रहता था
03:48यह एक ऐसा फॉर्मुला था जिसने बड़े तनाफ को रोक रखा था हालाकि अंदर ही अंदर दोनों साइज अपनी लीगल
03:54फाइट्स लड़ रही थी
04:18को भोशाला परिशर में नवाज आदा करने से रुक दिया गया और यह कहा गया कि एसाई के निग्राणी में
04:26पूरा परिशर दे दिया गया मानी उचिने अले की द्वारा साथी साथ हिंदूों के लिए अनभरत पूजा याचना का मार्क
04:33परशस्त हो गया और वहां जो माता स�
04:37वहां पर अब हिंदू पक्षकार और हिंदू समाज के लोग अनभरत पूजा यार्चना कर सकते हैं इन उसी जैजमेंट को
04:46मुसल्मानों के द्वारा माने सर्वत चुनेयाले में चुनोती दी गई थी और आज उसकी सुनवाई भी आज जब सुनवाई शुरू
04:52हुआ तो म�
04:54का स्टेटर्स को एंटी यानि की 15 माई 2026 के पहले जो मुसल्मानों को भोजसला परिशर में आने जाने का
05:03और नवाज आदा करने का जो सतंदरता था उसको पुना बहाल करने की पात की गई लेकिन माने सर्वत चिनेयाले
05:10ने उनके इस प्रेयर को बिलकुल इंकार कर दिया औ
05:24लेकिन मुसल्म पक्ष के द्वारा बार बार इस्टेटर्स को इंटी की बात कही जा रही थी लेकिन दोनों पक्ष को
05:31ध्यान में रखते हुए विशय की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए और कॉमनल हामनी की बात को ध्यान में
05:37रखते हुए माने सर्वत चिनेयाले ने न
05:57दुसरा जो उनका विशेय था कि जो भौजशाला परिशर है। उससे सटा हुआ या उसके पास, जो वर्ड यूज किया
06:07माने सरवोच नियायने अड़ेसेंट वहां कोई भी खाली जगह हो तो मुसलमानों को जुम्मानवाज अदाईई के लिए प्रशाषनि के द्वारा
06:17जग
06:18लेकिन भाईया ये बैलन्स बिगडा कब? ये बैलन्स बिगडा पिछले साल जब मध्योप्रदेश हाई कोट के कहने पर ASI ने
06:25इस पूरे कैंपस का एक साइंटफिक सर्वे किया.
06:28ASI ने अपनी डिटेल रिपोर्ट कोट के सामने रखी जिसमें उन्होंने दावा किया कि जो मौझूदा स्ट्रक्चर है वो दरसल
06:35पहने से बनी हुई हिंदू टेंपल्स का कॉम्पोनेंट है और पिलर्स को यूज करके बनाया गया है। इसी सर्वे रिपोर्ट
06:42के आधार पर ह
06:43हाई कोट ने 15 माई को एक बड़ा फैसला सुनाया। कोट ने 2003 के उस शेर्ड वोर्शिप वाले ओर्डर को
06:49क्वैश कर दिया यानि रत कर दिया। हाई कोट ने कहा कि इस कॉम्प्लिक्स का क्यारेक्टर एक एमपल का है
06:54और इसका पूरा एड्मिनिस्ट्रेशन स्टेट गवर
07:12पर पीस मेंटेन करना मुश्किल हो जाएगा और इसलिए उन्होंने पुरानी स्थिति यानि स्टेटिस को को रिस्टोर करने की मांग
07:19की वही बात की मंगलवार को आर्ती कर लो और फ्राइडे को हम नमाज पढ़ लेंगे। अब एक जर्निस्ट के
07:24तोर पर अगर हम इस पू
07:41लीगल कॉंक्लूजन को तुरंट स्टे नहीं किया जिससे हिंदू उपक्ष की लीगल पोजिशनिंग इस वक्त मजबूत दिख रही है। लेकिन
07:48दूसरी तरफ मुस्लिम कम्यूनिटी के राइट टू वर्शिप को पूरी तरह खतम ना करते हुए उन्हें एक आल्टरनेट
08:08के अंदर चल रहे रिलिजिस रिचुल्स को बिना किसी टकराफ के चलाना दोनों एक बहुत बड़ा टेस्ट होगा। देश में
08:14इससे पहले भी अयोध्या से लेकर घ्यान वापी तक हिस्टॉरिकल और रिलिजिस डिस्प्यूट हमने देखे हैं। हर बार अदालत के
08:21सामने �
08:22चनौती सिरफ कानून की नहीं होती बलकि समाज इक शान्ती की भी होती है। सुप्रीम कोट ने इस मामले को
08:27सेंसिटिफ कहकर ये साफ कर दिया है कि वो हर कदम फूक फूक कर रखेंगे। अब देखना ये होगा कि
08:33जब इस केस की डे टूडे हेरिंग शुरू होती है तो दो
08:51चांती बनाए रखने में कामियाब होगा अपनी राए हमें कॉमेंन सेक्शन में जरूर बताइएगा आप देख रहे हैं One India
08:57मैं हूँ अकुर्ष कौशेक
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