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Breaking News: Babri Masjid के नाम पर Supreme Court का बड़ा फैसला, देश भर में मची हलचल। क्या अब देश में बाबर के नाम पर नई मस्जिदें बनेंगी? सुप्रीम कोर्ट की इस अहम सुनवाई ने सियासी गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

The Supreme Court of India has dismissed a PIL seeking a nationwide ban on the construction of mosques named after Mughal emperor Babur. The plea was filed after a TMC leader claimed to have laid the foundation for a 'Babri Masjid' in Murshidabad, West Bengal. The SC bench refused to intervene, stating that courts cannot halt religious constructions based on historical or emotional arguments, thereby sparking a massive political debate across the country.

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Transcript
00:05अरंत में बाद देश की सबसे बड़ी अदालत यानि की सुपरीम पोट से आई उस ख़बर की जिसन्य आज पूरे
00:11देश में हल चल तीज कर दी
00:12अर्दिश की सबसे बड़ी अदालत ने एक ऐसा फैसला लिया, एक ऐसा फैसला सुनाया, जिसने सियासी गलियारों से लेकर आम
00:20जन्मानस तक एक नई पहस को जन्म दे दिया
00:22सुप्रीम कोट ने उस याचिका को सुन्य से साफ इंगार कर दिया जिसमें मांग की गई कि मुगल शाशक बावर
00:28के नाम पर देश में कहीं कोई मज़द ना बनाई जाए
00:31जस्टिस विक्रमनाथ, जस्टिस संदीप महता की पीठ ने दो टूक शब्दों में याचिका को खारिश करते हुए साफ कर दिया
00:38कि अदालत इस तरह है कि मांगो में दखल देने का कोई आधार देखती ही नहीं
00:43सुनवाई के दोरां याचिका करता के वकील ने बाबर को आकरांता बताते हुए तीखी दरिल दी
00:48कहा गया कि बाबर ने हिंदूओं को गुलाम कहा था और ऐसे व्यक्ति के नाम पर किसी भी धारमेक धांचे
00:54का निर्मान दीश की भावना के खिलाफ है
00:56याचिका में यहां तक कहा गया कि प्रिशाशन को आदेश दिया जाए कि बाबर के नाम से जोड़ी किसी भी
01:02मस्जित के निर्मान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए
01:04लेकिन सुप्रीम कूर्ट की पीठ इन दलीलों से विभावित महीं हुई और बिना किसी लंबी बहस में जाय याचिका को
01:10खारिच कर दिया गया
01:11इस फैसले की टाइमिंग ने इसे और ज्यादा संवीदर शील बना दिया क्योंकि हाली में पश्चे मंगाल के मुशिताबाद में
01:17टेमसी से निलंबित विधायक हुमायो कबीर ने बाबरी मस्जित की नीव रखी थी बाबरी मस्जित बनाने की बात की है
01:24और दावा किया गया कि वो वहाँ बाबरी मस्जित की रीव रखने के बाद पूरी मस्जित के बनिर्माण कारे को
01:30भी देख रही है
01:31इस घटना करम के बाद ये अच्छिका सुप्रीम कोर्ट महुंची जिससे मामला सिर्फ कानूनी नहीं बलकि राशनातिक और सामाशिक बन
01:37गया
01:38सुप्रीम कोर्ट का इंकार अपने आपने एक बड़ा संकेत माना जा रहा है
01:41अदालत ने ये नहीं कहा कि बाबर के नाम पर मस्जित बननी चाहिए या नहीं बननी चाहिए
01:46अदलत ने ये जरूर साफ कर दिया कि किसी आतिहासिक व्यक्ति को लेकर भावनात्मक या फिर वैचारिक आपत्यों के आधार
01:53पर धार्विक निर्मान पर रोक लगाने का फैसला मियाई पालिका का काम बिलकुल नहीं है
01:58ये फैसला सीधे तोर पर कानून के दाइरे और समवधानिक सीमाओं की याद दिलाता है ये पूरा मामला आयुध्या फैसले
02:05की भी आपको याद दिलाता होगा किस तरह से उस वक्त भी बाबरी मस्जित को लेकर विवाद विरूध तीस थे
02:12जवंबर 2019 में सुप्रीम कूट्टी राममंदिर नर्माण का रास्ता साफ कर दिया था लेकिन उसी फैसले में ये भी साफ
02:18किया था कि 1992 में बाबरी मस्जित का विद्वन्स कानून के शाशन का घोर उलंगन किया गया था
02:24अजालत ने संतुलन बनाते हुए सरकार को आदेश दिया था कि मुस्लिम पक्ष को मस्जित के नर्माण के लिए पांच
02:30एकड़ वैकल पिक जमीन दी जाए और वो भी अयुद्या की किसी प्रमुक जगह पर
02:34आज के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या आप देश में अलग-लग जगाहों पर बावरी मस्जित
02:39के नाम से निर्माण की बातीं और भी तीज होंगी
02:42सुप्रीम कोट ने भले ही स्याचिका को खारिच कर दिया हो लेकिन उसने ये भी स्वष्ट कर दिया कि कानून
02:48अपने रास्ते से चलेगा ना कि भावनाओ या फिर इधियास की व्याक्ष्याओं के दबाव में
02:53ये फैसला एक तरह से संदिश लेता है कि भारत का समविधान और नियाए विवस्था किसी एक नाम एक विचार
02:59या फिर राजनेतिक शोर से नहीं चलता विवेक से चलता है और जिनता के हित में बात की जाती है
03:06फिलाल इतना तो तैह है कि सुप्रीम कूर्ट के इस रुखने एक नई बहस के दरवाजे कोल दिये अब निगाहें
03:11होंगी फिर राजनीती प्रिशाशन और समाज पर कि वो इस फैसले को आखिर एडाप्ट कैसे करते हैं फैसले को उस
03:17विकार कैसे करते हैं और दीश को किस द
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