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00:13अच्छा तो आसली आपके साथ रहेगी यही कह रही है ना
00:17मेरी बेटी आपके साथ रहेगी
00:20हाँ क्या आपको कोई मसला है
00:24आसली एक बालेग लड़की है
00:26वो जहां जाहे रह सकती है
00:29और इसके अलावा इस बात का ऐससे कोई तालुक नहीं
00:31कि वो आपकी बेटी है
00:32यह उसकी एक सेहत मन जिन्दगी गुजारने के बारे में है
00:37आपको कोई अंदासा भी है कि आप किस तरह की बाते कर रही है
00:41एक अच्छी मा अपने बच्चों की जरूरियात पूरी करती है
00:46अगर उसने एमरे से शादी कर ली होती तो मैं उसे घर बना देती
00:50चूंकि अब वो शादी नहीं कर रही
00:53तो अब मुझे उसे एक अच्छी जिन्दगी फराहम करनी है
00:57मेरी बेटी की जिन्दगी का फैसला करने वाली आप होती कौन है
01:04आसली भी ऐसा नहीं चाहेगी
01:06अपनी खयाली दुनिया से बाहर निकली है
01:09वैसे भी आज तक मैं अपनी बेटी का खयाल रखती आई हूँ
01:13जब वो बिमार थी तब भी खयाल रखा था
01:16और आज भी रखूंगी
01:17कब भूलिया साहिबा आप उसका खयाल कब रखेंगी
01:22आपने मुझसे खुदी तो कहा था हुलिया साहिबा
01:24मेरी तरज जिन्दगी आसली की सिहत के लिए मुनासिब नहीं है
01:29ये दिल आसली के जिन्दा रहने का आखरी मौका है
01:32और मैं बेरकुल भी इस तरह
01:35खामोश खड़ी रहकर तमाशा नहीं देख सकती
01:37आज बहुत इखलाकिया त्याता रही है आपको
01:42मेरे रहन सहन के साथ क्या मसला है
01:45मुझे बोलने पर मजबूर मत करे
01:48आपने खुद तस्लीम किया कि कल रात आपके इस हालत में थी हुलिया साहिबा
01:52और आपने देखा कि आपके इस हालत की वज़े से और क्या कुछ हुआ
01:58क्या आपको याद है आपने कल रात मुझे से क्या कहा था हुलिया साहिबा
02:01आपको लगता है आपने कहा था कि मैं ख्याली दुनिया में जी रही हूँ
02:06मैं खुद को बेवकूफ बना रही हूँ
02:10जबकि खुद को बेवकूफ आप बना रही है
02:15आप बरसों से आसली की मा बन रही है
02:18लेकिन असल में सबसे जादा दुक आपने पहुचाया है
02:20आपने उसे मजबूर किया
02:22कि वो हर वक्त सिर्फ आपके बारे में सोचे हुलिया साइबा
02:26आपने उसे ऐसा बनाये कि वो दूसरों को खुद पर तरजी दे
02:30अब कमस कम उसे सकून से जीने तो दें आप
02:35वो भी एक अच्छी जिन्दगी के मुस्तहिक है
02:46कहिए जो भी कहना है आपको
02:50मैं आपको इस बात का जवाब जरूर देती मगर
02:54अपनी बेटी से वादा किया है
02:58तो इसलिए कुछ नहीं कहूंगी आपसे
03:01अपने लिए कॉफी बना रही हूँ मैं
03:04आप यहां बैठे
03:53हां कहो उस आदमी का फून आया था तुम्हें बसे तिला देना चाहरा था कल हम उसके दफ्तर जाके उससे
03:58बात करेंगे
03:58मैं सब समाल लूँगा
04:00कल नहीं चलेगा आज रात मिलते हैं
04:02आज रात
04:03हाँ उस बन्दे को कॉल करो और कहो के हमार पैसे एक निया क्लाइंट आ है
04:06और उसे कुछ सवालात करने हैं उसके बाद एक मीटिंग सेट अप करो आज रात की
04:24है तो मुझे रूपक तो कि रहाँ
04:49ओकान एक काम है तुमसे हमें अलकान फैमिली की पास जाना है तुम जल्दी आ जाओ
04:57यह अरास की वज़ा से है नहीं नहीं एम्रे
05:02मैंने तुम्हें बताया था कि मेरे जहन में बहुत सारे सवाल आते हैं
05:07मुझे खुद पर यकीन ही नहीं है कि मैं तुमसे महबत करती भी हूँ या नहीं एम्रे
05:13और यह सब वैसे कब हुआ तब जब मैंने उससे लड़ाई की थी
05:17या जब मैंने अपनी अम्मी के दबाओं में वो मंगनी की थी
05:20या तो सबकुछ या कुछ भी नहीं इससे फर्क क्या बढ़ता है यह बिल्कुल वही बात है जो दिन मैंने
05:26पार्क में तुमसे की थी मैं वहीं कायम हूँ मुझे पस इतना ही मालूम है
05:29तो अब तुम्हारा दिल मेरे लिए नहीं रड़कता है ना
05:35मुझे अफसोस है
05:37तुमसे ज़्यादा मुझे है
05:43मेरी अम्मी कल तुम्हें सोना वापिस कर देंगी
05:45मेरी तरफ से जान्नम में जाय सोना तुम कहा खड़ी हो मैं कहा खड़ा हूँ देखो तो जरा
05:49अम्रे देखो बात को इस हद तक मत ले जाओ
05:51लेकिन बात यही है बिलकुल आसली बात यही है
05:55तुम मुझे इस हाल में कैसे चोड़ सकती हो तुमने आरास के लिए मुझे धोका दिया
05:59नहीं
06:00याद है तुम दोनों की बीच में क्या हुआ था
06:02हर चीज के बावजूद मैं तुम्हें
06:04माफ करने के लिए तैयार हो गया था
06:07और तुम मुझे छोड़ रही हो
06:08एमरे इसी कोई भी बात नहीं है
06:10बात यही है आसली
06:11तुम्हें लगता है कि यह सब इतना असान है
06:13यह मामूली बात नहीं है
06:15यह इस तरह नहीं होगा जैसे तुम चाहती हो
06:17समझी तुम
06:18यह भी खतम नहीं हुआ
06:20यह बात यात रखना
06:42हलो आसली साहिब
06:43मैंने अभी भाई को फोन करके बता दिया है
06:45आपने इसरार किया था इसलिए आपको भी तिला दे रहा हूँ
06:48लैब वाले हमारे आत्मी का फोन आया था
06:50तो क्या हम कल उसकी काम की जगापर मिल रहे है
06:53क्या ये ठीक है
06:54मैने तो यही कहा था लेकिन
06:55लगता हैं भाई बहुत जल्दी में है
06:58अराज किया?
06:58हाँ, मैं थोड़ी देर में उनसे मिलने जा रहा हूँ
07:01आपने इतला देने को कहा था
07:02इसलिए मैंने फून किया
07:04तुमनों कहा मिल रहे हो?
07:07कहा मिल रहे हो, मुझे जगा बताओ
07:10हाँ, ठीक है
07:12ठीक है
07:27सलाम भाई सुनिएगा
07:28फिगिन साहिबा से मिलना है मुझे
07:30हुलिया साहिबा मैं आपको अंदर नहीं जाने दे सकता
07:32फिगिन साहिबा का होकुम है
07:33वाकई मैं फिगिन साहिबा से नहीं मिलने देंगे
07:35मुझे ऐसा है
07:37ठेक है फिगन साहबा जब तक मुझसे नहीं मिलती मैं यहीं पर हूँ
07:40कॉल कीजिये उने, बता दीजिये
07:42उनसे कैदे मैं यहीं पर हूँ
07:44जब तक मुझसे नहीं मिलेंगी, कहीं नहीं जाओंगी मैं
07:47फिगन साहबा देखिए, आप समझने की कोचिश करें
07:49अपने लें मुश्किल खड़ी कर रहे हैं आप तो, जाईए उन्हें बताईए
08:02फिगन साहिबा, भूलिया साहिबा आईएं कहती हैं आप से मिले बवर नहीं जाएंगी
08:06मैंने उन्हें समझाया था मगर
08:09दर्वाजा खोली ही, फिगन साहिबा, दो बाते करनी हैं बस आप से इसके बाद चली जाओंगी मैं
08:20बस इतनी सी बात थी
08:23मेरी जान, तुम तो फिगन को भी घुटनों पर ले आई
08:26मैं ऐसी बात पर तुम पर फिदा हो गया हूँ
08:32हमेशा से मुझे तुम से कुछ ऐसी ही उम्मीद थी
08:36चलो तयार हो तुम, चलो चलते हैं
08:55अस्पटाल में जो कुछ हुआ उसके बाद तुम किस मूँ से यहां आई हो
08:58ओ, किस कदर खुबसूरत पेबल सजाए हैं, माशाला
09:03किस कदर आसाइश है, मुझे लगाए हो, किस कदर सुकून से टेबल लगा कर खाने बैठेंगे
09:10तुम यह क्या बकवास कर रही हैं और इस लक मेरे घर में इस तरह क्यों गुसी चली आई हूँ
09:15आपको कोई अंदाजा है, कि आपकी वो बहु रहान मेरे घर पर मुसल्लत हो गई है
09:20जो कुछ भी हुआ, उसके बावजूद मेरी बेटी का पीछा नहीं छोड़ रही
09:22मैं क्या कर सकती हूँ, वो यह खुद मुखतार हुरत है
09:24अलाला, मैं नहीं जानती, हाथ पकड़के यहां पर ले आए आए आप उसे, यह कामे मैं करूं कि आप
09:29इस कदर ला तालुक ही दिखा रही है, हद है
09:32तभी तो वो हमसे आकर चिपक गई है
09:36आज उस ओरत में अपनी जान लेनी की कोशिश की और यहां पर आप ला तालुक मने बैठी है उससे
09:40हाथ पकड़कर जबरदस्ती ले आए वापिस, मुझे क्या पता क्या करना है
09:47आपको तो खबर ही नहीं कोई, मुझे तो यकीन नहीं आ रहा
09:52आपको ये लोग क्या कुछ नहीं बता थे फिकिंट साहिबा, क्या ऐसी बातों को राज रखा जाता है भला
09:56क्या हूँ अमी, सब खेरियत तो है
09:59यह औरत किस बार में बात कर रही है मतीन
10:03बतीन साब आप ही बता दीजिए, आप तो वहीं बढ़ते सब जानते हैं, सब कुछ आपके सामने हुआ था
10:08मैं आपको बाद में सब कुछ बता दूँगा अमी
10:10तो इसका मतलब ये सच कह रही
10:14हुलिया साइबा, आप में ये अमी को मज़ीद परिशान मत कीजिए, क्या हम बाहर चल के बात कर सकते हैं?
10:19जरूर क्यों नहीं?
10:22आजएं, मैं भी वापस आता हूँ
10:30हुलिया साइबा, आपका आज यहां आकर इस तरह से बाते करना मुनासिब नहीं था
10:33इस वक्त हमें एक मुश्किल वक्त से गुजर रहे है
10:38रिहान ने आज क्या किया है, मैं नहीं चाहता था कि घरवालों को पता चले है
10:42मतीन साहब, मैं किसी का सुकून और अराम बिरावचा परबात नहीं करती
10:46इसके भरक्स, सच कहूं तुम, सबको बासानी अपना लेती हूँ मैं
10:53रिहान सहबा को देख लीजे, उनको किस तरह से अपना है हमने
10:56आज भी हमारे साथ है, एक दिन बारिश में वो मेरे घर आ गई थी और कीचर ले आई थी
11:01मेरे घर में
11:01उन्हें कुछ बुरा नहीं कहा मैंने
11:04आप ठीक कह रही है
11:06ना मैंने रिहान सहबा के साथ कभी बदतमीजी की ना आपकी घर में किसी और के साथ
11:11अब फिकिन सहबा को जो मेरे साथ रवाया है, वो हरकिस रिजर्व नहीं करती हूँ मैं
11:16मेरी वालदा का मिज़ाज ही कुछ ऐसा है
11:18उनकी तरफ से मैं मार्फी मांगता हूँ
11:20मतीन सहब अभी जो कुछ भी हो रहा है न
11:22वो उसका खम्यासा हम भी बुकत रहे हैं
11:24मेरी बेटी की बीमारी एक तरफ
11:26हमारे माली तंगी एक तरफ
11:28इतनी सारी मुश्किलात होने की बावजूद भी
11:31रहान सहबा के किसी बात को इग्नोर नहीं किया मैंने
11:34मगर
11:40आप ठीक है ना
11:41हाँ मगर
11:46देखो जरा उस बेशरम को
11:48कैसे उसका बाजू पकड़ रहा है
11:52अगर आप चाहें तो हम दोनों बाग में बैठकर आराम से बात कर सकते हैं
11:55शायद आप थोला बहतर महसूस करें
11:58जरूर
12:04देखो जरा उसे अंदर लेगा है
12:05तुम आखर वहां क्या कर रही हो हाँ
12:08शरम कर रहू लिया
12:09खुदा ने मुझे तुमसे महबत करने की सजा दे दी है
12:12तो
12:13मेरा बस चले तो मार डालू जान से
12:15मेरी प्यारी माँ आप हमेशा से सही कहती थी
12:22कहा है वो आदमी
12:23उसने कहा था मैं आ रहा हूँ
12:24बस पहुँचने वाला होगा
12:31तुम यहां क्या कर रही हो
12:33क्या तुमने बुलाया ऐसे
12:34हाँ इसने ही बुलाया मुझे
12:36याद है हम यह सब मिलकर करने वाले थे
12:38अच्छे इसने तुम पर भरोसा नहीं किया
12:40इन हालात में तुमें आंटी के साथ होना चाहिए
12:42बजाए यहां होने के
12:43मैं अपने फैसले खुद कर सकते हैं
12:45तुमारा बहुत शुक्रिया
12:47वाकई
12:47हाँ आगया वो आगया
12:54यह लोग कुछ टेस्ट करवाना चाहते हैं
12:56और तुमसे कुछ सवालात भी पूछना है
12:57यह तुमने मुझे फोन पर क्यों नहीं बताया
13:02हाँ तो जनाब पूछिए
13:04क्या पूछना है आपने
13:05मलिका अलकान के बारे में पूछना है
13:08यह लोग काबिल एत्यमाद है
13:10तुम्हें घबराने की जरुवत नहीं है
13:11एक लड़की का इंतकाल हो गया है
13:13यह जानना चाहते है कि उसने कौन सा टेस्स करवाया था
13:15में मुझेविखिया तुम मजाक कर रहा है मुझे
13:17हमने आज तेक ا lack कूण सा टेस्स था
13:21बस इतनी सी बात है
13:23यह मालूमाद में नहीं दे सकता
13:24यह घैरिखलाकी है
13:26घैरिखलाकी?
13:26क्या बक्वास करें हो तुम और तुम जो गएर कानूनी काम करें उसके बारे में क्या ख्याल है तुमारा ?
13:31अरास।
13:32कोई मजाग चल रहे ?
13:33ठीक है जरा रुको
13:35क्या वहां कोई रिकॉर्ड मौजूद है ?
13:37कुई रिकॉर्ड मौजुद नहीं हो था
13:38इसलिए दिल लोग हमारे पास आते हैं महतरमा
13:41ठीक है, कंप्पेटर पे कोई तो कॉपी मौजूद होगी तो वो चेक कर लेते हैं
13:44कोई फाइदा नहीं, सब डिलीट हो जाता है
13:47आखिरकार, किया तो सब तुमने इधाना तो तुम पेचान लोगे
13:50आओ तुम्हें मलिका की तस्वीर दिखाते है
13:52देखिए इसमें मुझे कोई दिल्चस्पी नहीं है
13:53मैं अपना गाम करता हूँ, पैसे लेता हूँ, ठीक है?
13:56ख़दा का वास्ता है, मुझे घुसा मत दिलाओ
13:58तुम्हें याद है मलिका अलकान
14:00देखिए भाई, पुरसुकुल नहीं है
14:01तुम्हें मुझे यहां भागे जादी है
14:04रुको जरा
14:05देखा भाग क्या
14:08जटो यकीन नहीं है, भाण में जाए
14:15आपका बहुत शुक्रिया मतीन साब मुझे तनी इज़त देने के लिए
14:18आपकी बेटी भी बहुत प्यारी लगती है मुझे, माशाला से
14:23आप शायद मेरी बात समझ सके
14:28बहुत शुक्रिया
14:29आप कही है, मैं सुन रहा हूँ
14:32आसली बिलकुल मेरी जैसी है
14:35बहुत नर्म दिल की मालिक है
14:37हाईर किसी को खुश रखना चाहती है वो
14:41मैंने
14:42आज से पहले
14:43उसके और रहान साहबा के तालुक के बारे में
14:45कभी कुछ नहीं कहा, मगर अब
14:47उसके तहफुस के लिए फिक्र मंधूम है
14:50लेकिन आप ऐसा क्यों कह रही है
14:51रहान साहबा की नफसियाती हालत
14:53हमें नहीं मालूम, हम लोग
15:09आज तो उस पहाड़ी की चोटी पर
15:11मेरी बेटी ने उन्हें मना लिया था
15:14यानि
15:15क्या आपको लगता एक जवान लड़की
15:17ये सब देखने की हगदार है
15:19ये बात तो आपने बिलकुल ठीक गई
15:21मरतीन साहब अगर आप वो सुन लेतें
15:22जो उन्होंने आज मुझसे कहा
15:24मेरी बेटी को मुझसे दूर लेकर जाना जाती है वो
15:27घर किराय पढ़ लेकर
15:28आसली को दूर ले जाएंगी मुझसे
15:31आज तो उन्होंने मेरी आँखों में आखे डाल कर
15:33मुझसे कहा के तुम्हारी बेटी को
15:35तुमसे दूर ले जाओंगी
15:39मैं समझ सकता हूँ
15:41तो फिर कुछ कीजिए मतीन साहब
15:44देखिए वैसे ही मेरी बच्ची बहुत असास है
15:47रेहान साहब को इस हाल में देखकर परिशान है वो
15:50इस हाल में रेहान साहब ने उसे साथ चलने के लिए कह दिया
15:53और दर्स खाकर उसने हाँ कह दिया तो फिर मैं क्या करूंगी
15:57आप बिलकुल फिकर मत करें मैं ये मसला हल कर दूँगा
16:00रेहान से मैं सुबा होते ही खुद बात करूँगा
16:06वाकरी आपसे बात करके तसल्ली हुई है मुझे कुछ
16:09तो फिर ठीक है मतीन साहब आप पर भरुज़ा कर रही हूँ मैं
16:17तुम्हे आने की क्या जूरत थी मैं अपने तोर पर उसे साच उगलवा ले था
16:20तुम इस बंदे से रात के इस पहर मिलते हो
16:22उसे धमकाते भी और यहां तक क्योंसे मारने के लिए भी भागते हो
16:25वो तुम से डर के भागाता आरास
16:28वो जूट बोल रहा है वो सब को जानता है
16:31अच्छा खासा हम उससे कल मिलने वाले थे और सब सुलजा भी लेते आरास
16:35पता नहीं तुम इतनी जल्दी में क्यों हो
16:36तो इतना यकीन है तुमें
16:38ये लोग कोई मंजेवे मुझरिम नहीं है
16:41ये लोग बस लालची है
16:43इन लोगों को डरा कर तुम कुछ पता नहीं कर सकते
16:45अब बस एक ही रास्ता है
16:46इनने सिफ पैसे के लालच दी जाए
16:48तब ही जाकर ये लोग मूँ खोलेंगे
16:50तुम इस रास्ते को पहले से बहुत अच्छे से जानते है
16:52मुझे समझाने की जुरुत नहीं है
16:53हम बस इन लोगों को पेशकर्ष देने वाले थे
16:55नहीं, वो पैसों के चकर में नहीं है
16:57वो अपना मूँ नहीं खोलेगा
16:58तुमें समझ क्यों नहीं आ रहा
16:59तुम इस मसले को छोड़ क्यों नहीं देती
17:04क्या तुमने रिहान साहिबा से बात की
17:07क्या तुम इसलिए मेरे साथ ऐसा सुलुक कर रहे हो
17:11क्या बकवास कर रही हो तुम
17:15यकीनन तुमने की है
17:17अगर उन्होंने मुझ से इस बारे में बात किये
17:19तुम से भी जरूर की होगी
17:22उन्होंने ये का क्या आसली से दूर रहो
17:26हाँ और वो सही कह रही है
17:29देखो हमारे बीच
17:30ये नहीं होना चाहिए जो हो रहा है
17:38तो मैंने कब का कि हमारे बीच होना चाहिए
17:42उस दुन तुम नहीं मुझे कहा था
17:43कि तुम इस सूरतहाल से बहुत खुश हो आरास
17:49खेर ठीक है
17:51ये सब हमारे बारे में नहीं मलेका के बारे में है
17:53और मैं इस वामली को ऐसे नहीं छोड़ सकती
17:55तुम्हें इस बात को छोड़ देना चाहिए
17:57बलके हमें इस बात को छोड़ देना चाहिए
17:59मलेका मर चुकी है
18:00अब उसने जो भी टेस्क करवाए हो या ना करवाए हो
18:02उससे क्या फर्ख पड़ता है
18:04तुम यह नहीं जानते
18:06क्यों? क्योंकि तुम्हें लगता है
18:08कि इन लोगों ने मलेका को की नुकसान पहुचाया होगा
18:10लेकिन तुमने खुद ही तो कहा
18:12कि एक अमजर्फ लोग हैं
18:13जो थोड़े से पैसो के लिए अपना जमीर बेशेते हैं
18:15देखो असली
18:15अब मलेका ने जो टेस्क करवाया हो या ना करवाया हो
18:17हमें इसमें नहीं पढ़ना चाहिए
18:19माजी था गुजर गया भूल जाओ उसे अब तुम
18:20क्यों पीशे पढ़ी हो उसके
18:22हो सकता है मलेका उमीद से हो
18:23उमीद से नहीं थी मलेका
18:25तुम्हें कैसे मालूम आरास
18:26वो थी शायद इसी वज़़े से ये सब कुछ हो रहा है
18:29क्या बेवकुफों वाली बाते कर रही हो आसली देखो
18:32मलेका का एक्सिडेंट हुआ था
18:34अब आखिर तुम्हें गड़े मुर्दे उखारने की क्या ज़रूरत है आसली
18:37तुम उसा आदमी से दुबारा राप्ता नहीं करोगी
18:40ठीक है सब भूल जाते हैं जो भी मैंने कहा जाने दो
18:43मुझसे पूछे बखैर उसके पीछे नहीं जाओगी तुम
18:45ठीक है नहीं जा रही मैं
18:48नहीं जा रही
18:52घर जा रही हूं मैं
19:12मेरी बात सुने और समझने के लिए आपका बहुत शुक्रिया मतीन साथ
19:15कोई बात नहीं उलिया साहिबा खुश रही है
19:18खुदाफिस
19:18खुदाफिस
19:27शरम करो कैसे चलती वी आ रही है
19:43किस कदर मौतबर इंसान है गे
19:45हाँ हाँ देख ली मैंने उसकी कॉलिटी
19:47तुम्हें क्या हो गया हाँ
19:49उसके साब ने शर्माना इत्राना इतनी अदाय दिखाना
19:52उसके आसपास ये सब हरकते करना
19:54ये सब क्या है
19:54ये किस किसम के सवालात करें तो मुझसे
19:57पहले उसका हिसाब दो जो कुछ तुमने किया है मेरे साथ
20:01एक घर था मेरे पास, तुमने वो भी चीन लिया मत्से
20:05ठीक है मैंने भी, वही किया जो एक आदमी को जैलिसी में करना चाहिए
20:08चलो अब चलो चलो, चलो
20:12स्टेक डेजेंट
20:24तुम ये बात मुझसे कैसे चुपा सकते हो मतीन?
20:27रेहान खुदकुशी करने की कोशिश करती है और मुझे ये बात हूलिया नामी औरत से मालूम होती है
20:31क्योंके रेहान नहीं चाहती थी कि आपको पता चले
20:33वो चाही या ना चाही मुझे कोई परवा नहीं
20:35क्या ये चुपाने वाली बात है?
20:36रिहान की सेहत इस बात से ज्यादा जरूरी है कि आपको खबर हो या ना हो
20:39क्या अब तुम भी मेरे सामने उची हावास में बात करोगे
20:42शुरू से ये सब आपकी खलती थी अम्मी
20:44आपने नहीं देखा लेकिन मैंने कई बार देखा था
20:46बलके मैंने आपको इस बारे में खबरदार भी किया था
20:48और मैं आपसे फिर कह रहा हूँ कि अगर रिहान इस घर में आईगी तो उसके साथ असली भी आईगी
20:52तो क्या फैसला कर चुके हो खुद ही फैसला कर लियो और मुझे सुना रहे हो
20:56जी हाँ मैंने फैसला कर लिया है अम्मी
20:58और अगर आपने इसकी मुखालफत की
21:00तो मैरे हन को सब कुछ बता दूँगा
21:02वो सब कुछ जो हमने उससे छीना है
21:03मुझे ऐसा करने पर मजबूर मत कीजेगा
21:17ओ, ये तो फूलना शुरू हो गया है
21:20मुझे तो बहुत तजिस्स हो रहा है
21:22कि हमारा ये केक कैसा बनेगा
21:23यकीना अच्छा बनेगा
21:29आसली को देर हो गई है
21:30यानि मुझे उमीद है कि
21:32उसका तालुक एम्रे से फिर से बहाल हो जाएगा सीजन
21:36क्या तुमने उसे फोन किया?
21:38मैंने उसे मेसेज किया था कह रही है आ रही हूँ
21:40अच्छा क्या तुमने?
21:44सीजन तुमें शायद मालूम हो
21:49आसली के इस मसले के पीछे
21:50आरास तो नहीं है ना?
21:52मतलब ये रिश्टा वो तो खत्म नहीं कर रहा है
21:54ये आपा पहले ही इसके वजाहत दे चुकी है
22:00ये तो वाज़े है कि तुम्हारी बहन ने कुछ बाते मुझसे चुपाई है
22:04तुम दोनों बहने हो
22:06आपस में बात भी करती होंगी
22:09रेहान साहबा ऐसे कोई बात नहीं है
22:11लेकिन अगर ऐसी कोई बात होती
22:13तो मेरा आपको बताना मुनासिब नहीं होता
22:17शाबाश
22:19मैंने तु बस तुम्हारा इम्तिहान लेने के लिए पूछा था
22:26आसली आ गई
22:27तुम यहां रुकर केक पर नज़र रखो
22:29मैं जाकर दर्वाज़ा खोलती हूँ
22:34हुलिया साहबा आप आई है
22:36खुशामदीद
22:37खुशामदीद मुझे कह रहे है
22:39मेरी ही घर में
22:51याला यह कितना मज़े खाया रेहान साहब
22:53मैंने अपी जिन्दगी में इतना अच्छा किया कभी भी नहीं खाया
22:55आपके हालता को सलाम है
22:57हाँ वाकी बहुत अच्छा है
22:58मज़े सिखाओ
22:59मैं तुम लोगों के लिए दुबारा बना दूँगी
23:01हाँ मुराद तुम कुछ बता रहे थे
23:04हम
23:05बस यही वज़ा है कि मुझसे वो रोल मिस हो गया रेहान साहबा
23:10और जिस लड़के को वो रोल मिला वो तुम मशूर ही हो गया
23:12थुड़े किसमें भी अच्छी चाहिए होती है
23:16यानि तुम इस काम को करने का तरीका सीख जाओगे
23:18ठीक है तुम हैंसम हो मुराद
23:20लेकिन ये काम करने से तुम्हें तजर्बा मिल जाएगा
23:23फिर तुम्हारे आगे कोई भी नहीं आएगा
23:25हम अगर इस सब की क्या जरूरत है
23:27किस अभी आक्टर्स इस तहां से स्कूल में सीखते है
23:30मेरा पिटे वैसी हो नर्मंध है
23:33खेर अब मैं क्या कहूँ
23:35इस उमर में पढ़ाई करूँ हा
23:37क्या पता नहीं रेहान साहवा
23:38देखे रेहान साहवा
23:39इसके लिए स्कूल बहुत मुश्किल होगा
23:41और फिर आपने से हैंसम कह दिया है
23:43यही इसके लिए काफी अब यह हवाओं में उड़ेगा
23:47तो सीजन
23:49तुम्हारे अपने बारे में क्या ख्याल है
23:50क्यों नहीं पढ़ नहीं आगे
23:52बस हालाद ने मुझे मजबूर कर दिया
23:57मैंने से बहुत दफ़ा का
23:58पढ़ना चाहती हो तो पढ़ो
24:00मगर मानती नहीं है
24:01क्या तुम्हारे कोई खौब नहीं है
24:05बिल्कुल थे
24:06मेरे खौब सब की तरह
24:08मैं हमेशा से
24:10डॉक्टर बनना चाहती थी
24:11मैंने इम्तिहान भी दिया था
24:12लेकिन फिर मेरी
24:14आपा की बिमारी काफी बढ़ गई थी
24:16जिस वज़ा से मुझे काम करना पड़ा
24:19बिल्कुल
24:20यानि
24:21अपने दम पर
24:23जीना वाकई बहुत मुश्किल होता है
24:29खास तोर पर जब आपके कोई
24:30मदद करने वाला ना हो
24:34लेकिन मैं तुम लोगों की मदद करूंगी
24:36जी बिल्कुल मैंने कुछ जगें निकाल के रखी है
24:38मैं दिखाता हूँ अभी आपको
24:39ज़रा यहां देखी
24:40मिसाल के तौर पे ये
24:43ये ज़रा पुराना है तो
24:44कुछ कह नहीं सकता मैं इसके बारे में
24:46नहीं अच्छा है
24:47बेटा बोच मत पनोंग पर
24:48उनके सर में दर्द हो जाएगा
24:50सुबह उटकर सारे घर दिखा देना
24:52ऐसी भी क्या जल्दी है
24:53मुझे कोई एतिराज नहीं
24:55और दिखाओ
24:55मुझे ये वाला बहुत पसंद आया
24:57इसको रेनोवेट भी किया गया है
25:03कॉल उठा लीजिए
25:04उठा लीजिए
25:06घर पे सब फिकर मंद हो रहे होंगे
25:09अंधेर में मत रखे उने
25:19और तुम्ही क्या ठूसे जा रहे हूं मुराद
25:22तुम्हे अभी ओडिशन्स भी देने है
25:24अपने वसन पर कापू रखो ना
25:32मतीन बोलो क्या बात है
25:34रेहान तुम कल सुबा मुझसे मिलो
25:35तुम घर वापस आ रहे हो
25:38मैं घर कैसे आ सकती हूं मतीन
25:41मैं जानता हूं कि आसले के बगएर तुम वापस नहीं आओगी
25:44तुम उसे भी अपने साथ ला सकती हूं
25:46च्या
25:49च्या तुम मतीन सच कह रहे हैं मुझसे
25:52तुम कोई मजाग तु नहीं कर रहे हैं ना
25:55हाँ, निकाल लिया है, कल मिलते हैं
25:59तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया
26:01ने वाके बहुत बहुत होशुमती है
26:04चलो कल मिलते हैं, शबाखेर
26:08शबाखेर
26:30रिहान साहिबा, माशालाँ, आपका मूट तो बहुत अच्छा लग रहा है
26:36बिल्कुल
26:39आपको मुझे खुश देखना वाके पसंद नहीं है न
26:43मुझे अफसोस है लेकिन आज रात की सुरत इहाल ऐसे ही है
26:47अरे नहीं, आपको खुश क्यों नहीं देखना चाहूंगी मैं महला
26:50खुशी हुई है मुझे
26:51आज सुबा के हादसे के बाद बहुत जल्दी आप ठीक हो गई है
26:55हाँ, मगर ये बात जरूर है
26:58आपका मिज़ाज इस कदर जल्दी बतलता है कि समझ नहीं पारी मैं तो
27:03मैं जानती हूँ कि आप मेरे लिए कितनी परिशान थी
27:07इसलिए आप जाकर मतीन से मेरी शिकायत करके आएंगे
27:11फिकर मत कीजे, ये मुझे मतीन ने नहीं बताया
27:14आप तो जानती हैं, घर में बहुत सारे लोग हैं
27:17लेकिन मुझे मालूम था कि आप ऐसा ही कुछ करेंगे
27:21नहीं, ऐसा तो कुछ भी नहीं है, मैं क्यूं जाकर आपकी एक शिकायत लगाँगी
27:25नहीं, आपने शिकायत की थी, बिल्कु जैसे मैंने सोचा था
27:28और मैं इसके लिए आपका शुक्रिया आदा करती हूँ
27:32मुझे पता था कि आपके जरीए मेरे खांदान वाले मेरी बात सुनेंगे
27:55आप या क्या कर रहीं है, रियान साहिवाँ?
27:57मैं तो बस सोने ही जा रही थी, चलो तुम भी जाके सोचाओं
28:03कल का दिन बहुत बहुत बहतेरीन होने वाला है
28:06आपको इस तरह देखकर खुशी हो रही है
28:08कल क्या आप घर देखने कले जाएंगी?
28:10नहीं कल मैं मतीन से मिलने जा रही हूँ, हमें एक मामला सुलजाना है
28:13लेकिन उसके बाद मैं तुम्हारे साथ हूँ
28:16चला अब जाकर सोचाओं
28:27क्या रिहान साथ बस हो गई है?
28:30सेजन?
28:32हाँ, वो चली गई
28:35क्या कल घर देखने के लिए जा रहे हो?
28:37नहीं, कल वो मतीन साथ से मिलेंगी
28:39मुझे भी कुछ और काम है
28:42क्या तुम अराज से मिलने जा रही हो इसलिए?
28:46ये मलिका के बारे में है सेजन
28:47मलिका के बारे में
28:48क्या मतलब?
28:50आप पर लगता है आप अपने खाब में जरूरत से जादा उलच गई है
28:53मलिकी से आपका क्या लिए न देना?
28:57ये मामला उलजावाए
29:01शायद जो मुझे खाब आया था
29:03वो इसी से जड़ावाए
29:04आप ये क्या कह रही है मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा
29:12मलिका के मरने से पहले
29:13उसने एक खूफियर टेस्ट करवाया था सेजन
29:16एक ऐसा टेस्ट जो रिकॉर्ड्स में मौझूद ही नहीं है
29:18कैसा टेस्ट था वो?
29:20सेजन क्या तुम पागल हो?
29:21यही तो पता करने कल जा रही हूँ मैं
29:22लेकिन आप क्या करेंगी?
29:24देखें खुद को किसी मुसीबत में मट डाल लीजेगा
29:26अभी आपकी सरजरी हुई है
29:27ये सारे अजीब ख्यालत मुरात ने आपके जहन में डाले हैं
29:30बूल जाए इन बातों को
29:31जो भी बात है इसके घर वालों को देखने दे
29:33अब बोल जाए सबको
29:36नहीं बोल सकती
29:38क्या आराज इस बारे में जानता है?
29:41जानता है
29:43लेकिन उसने मुझसे का जाथ वो मुझसे नहीं मिलना चाहता
29:46रुके रुके जरा
29:48आप तो अमरे से बात खतम करने गएं थी
29:50आराज से मुलाकात कैसे हो गए?
29:51उफ सेजन मैंने तुम्हें बता है इलजावा मामल है
29:54जाहे थोड़ी देर के लिए ही सही
29:55लेकिन आप उससे मिली तो थी ना
29:57सब समझा रहा है मुझे
29:58ऐसा नहीं है सेजन
30:00ऐसा नहीं है जो तुम सोच रही हो
30:02आराज रहान साहिवा से मुत्तफिक है
30:05उसका मानना है मुझे से ना मिलना ही सही फैसला है
30:08क्या?
30:09क्या बात हुई थी आप दोनों की?
30:11क्या कहा उसने?
30:14उसने कुछ भी नहीं का
30:15अब सोजाओ चुप-चुप
30:17शब खेर
30:19अब ये लाइट कौन बन करेगा?
30:22उसन यार
30:23बस करें
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