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  • 4 hours ago

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00:13थावड बातले है, सिजन बीटा
00:14तुम्हें याद नहीं है
00:15तुम्हारी माल रोज सोबॉड कर
00:16तुम्हारे रिन नाश्टा बनाया करती थी
00:18मुरात और अर तुम्हें
00:19स्कोल लाकर जाती थी ना मैं
00:21अम्मे, मुझे ऐसी कोई बात क्याद नहीं हरी
00:26तुम छोटी थी ना, बहुत हो सकता है, तुम्हें इसलिए याद ना हो
00:28अल्ला, मैं कल सुमाना जल्दी उठ जाओंगी
00:31तुम्हारे लिए बहतरीन से पोस्ट एक्स बनाओंगी
00:33हो सकता है, फिर याद आ जाए तुम्हे
00:36आपा सुन लिया ना आपने
00:37अम्मी का कह रहा है, कि वो इस पर जल्दी उठके
00:39हमारे लिए नाश्ठा बनाएंगी
00:42रिहान साहबा, देखा ना आपने मेरे बच्चे किस तरह के sudah है
00:45कैसे बच्चे हैं मेरे, मेरी जान
00:47बहुत प्यारे बच्चे हैं, मेरे बहुत प्यारे बच्चे
00:49ऐसे बच्चे किसी के नहीं होते
00:51नहीं कोई दर्द नहीं हो रहा
00:52दर्द हो रहा
00:53नहीं सिसन
00:54कोई दर्द नहीं हो रहा
01:01तुम हुराद
01:03अब चौके तुम्हें मेरा आमलेट पसंद आया है
01:05तो ऐसा करो कि अब अपनी बहन से माफी मांग लो
01:13नहीं रहान साहिब, इसकी वाक़े कोई जरुरत नहीं है
01:15नहीं बिल्कुल जरुरत है इसकी
01:16तुम दोनों बेहन भाई हो
01:18एक दूसरी के साथ इस तरह नहीं लड़ सकते
01:23देखें, मेरे बच्चे अब बड़े हो चुके हैं
01:25बच्चे नहीं रहें ये अब
01:27और वैसे भी, जो भी बात होती ही, लोग हापस में ही तैख कर लेते हैं
01:31मैं इनकी मामलात में नहीं बोलती
01:33आखिर कार ये एक जवान लड़का है
01:34अपने घुसे पे काबू नहीं रख पाया
01:37इसका वो मतलब नहीं था जो इसने कहा
01:46रिहान साहबा सही कह रही है आपा
01:48मुझे माफ कर दी जगा, मैंने अपनी हद पार कर दी
01:50अरे अब तो मुझे लगता है, रोना ही आ जाएगा
01:53इस लड़के ने पहली बार जिंदगी में अपनी घल्ती मानी है
01:55क्या बात है मुरा तुम्हारी
02:01तुम्हें पता है, तुम मेरी जान हो
02:05इदर मेरे पास हो
02:07आओ ना मेरे पास
02:11वाह
02:13अच्छा लगा मुझे
02:14मुझे ये दे कि बहुत खुशी हुई
02:19मुझे माफ कर दे आपा
02:32इसी खुशी में थोड़ा सा और ओम्रेट खाऊंगा मैं
02:35खा लो
02:39आस्टी क्या हम लोग घर देखने चले
02:41असल मैं आज मुझे एक दोस से मिलने जाना है
02:46बताना भूल गई थी, उससे मिलना बहुत जरूरी है
02:48ठीक है, फिर मैं भी तुमारे साथ चलती हूँ
02:50नहीं, वो कैफे घर से बहुत दूर है
02:53मैं बस आपको जहमत नहीं देना चाहती
02:55सही है, ठीक है
02:58आप मेरी अम्मी के साथ वक गुजारें ना
03:04अराम से
03:06चले मैं अब चलती हूँ, ताके मैं जल्दी भी वापिस आ सको
03:09खुदा आफिस
03:23आशली
03:25क्या कर रहे हूँ, बागल हो गई हो क्या
03:27कौन से के लिपि जा रहे हूँ
03:29रुको, और मुझे यहाँ पर इंके साथ छोड़कर जारे हो
03:31जैसे के कोई बच्चा हो
03:32क्या हो गया, कैसा बच्चा आमी?
03:34क्या बात कर रही है
03:35आप नजला अंटी के शौर का किस्स और सुनाना खतम भी नहीं करेंगे और मैं आ जाओंगी
03:38तुम अपने दोस्ते मिलने के लिए जा रही हो
03:40और मुझे यहां इनके पास छोड़ी हूँ, मुझे इनके साथ नहीं रहना यार
03:43मैं दोस्ते मिलने नहीं जा रही हूँ, अम्मी
03:47मुझे एक जरूरी काम है इसलिए बाहर जा रही हूँ
03:51आखिर क्या काम है तुम्हें?
03:56तुमने रहान साहिपा से जूट बोला है अगर तो
03:59क्या अराज से मिलने जा रही हो?
04:04क्यों मिलने चाहरी उससे तुम बीटा क्या कुछ हो गया है क्या
04:08अम्मी इस बार कुछ भी नहीं हुआ है
04:11मुझे रिहान सहपा के बारे में बात करनी है
04:13आप नहीं तो कहा था आसली इस मामने को संभालो
04:17समझ रहे हूं मैं सारी बात
04:18अम्मी देखिये जब तक मैं ना आ जाओं
04:21आप इन्हें नहीं बताएंगी कि मैं आराज से मिलने गई हूँ
04:23ठीक है ना?
04:24आई आसली तुमने मिझे क्या समझ कर रखा हुआ है अला अला
04:26अपनी जबान पर काबू रखेगा
04:28अरे क्यों बताऊंगी मैं उन्हें इस सब कुछ
04:30अम्मी ये अच्छा बनने का दिखावाना मेरे सामने मत करें
04:33मुझ पर आप अच्छी बात करती है और पीट-पीछे ताने मारती है
04:35अच्छा ने ठीक है बस
04:38अम्मी उनके सामने इस तरह आखे मत मटकाएं
04:41अब क्या मस्टला है तुमारा क्यों ऐसी बाते करें तुम मेरे साथ
04:44जाओना आराज से नहीं मिला क्या
04:46अम्मी श्ष्ष्ष्ष्ट ठीक है बस
04:49देखे उन्हें मत बताएगा कि मैं कहां गया
04:51ठीक है
04:58क्या बात है ओकान
05:00क्या फिर से तुम ठीक कह रहे थे
05:09मुराज चलो ट्वालेट से बाहर भी आ जाओ
05:13अरे रिहान साहिबा आपको ये सब कुछ करने की जरूरत नहीं
05:15वैसे ही नाश्टा बनाया था आपने
05:17अरे नहीं हुलिया साहिबा ऐसी कोई भी बात नहीं
05:19अच्छा ठीक है जैसे आपकी मर्जी
05:24बेटा जरा में तो चाहे दो
05:26वैसे एक बात पताओ मैं
05:28डॉक्टर्स कहते हैं कि सफाई करना एक थेरेपी होती है
05:31अम्मी आप भी कुछ दिनों से काफी परिशान है
05:34मुझे लगता है आपके लिए भी अच्छा रहेगा
05:37चले आजाए हम जल्दी जल्दी सफाई करके बाहर चलते हैं
05:39वैसे भी आसली घर पर मौझूद नहीं
05:42क्या घर देखने के लिए?
05:43नहीं ऐसा नहीं है
05:44रिहान साहबा यह मुझे नहीं मैं ले जाती हूँ
05:46बहुत शुक्रिया तुमारा
05:47ठीक है ऐसा करती हूँ कि मैं तैयार हो जाती हूँ
05:50और आप भी जल्दी से तैयार हो जाएं
05:51आप क्या साथ चारे हैं हम दोनों?
05:53हाँ बिल्कुल मैं तैयार होकर आती हूँ
05:58चले जल्दी से तैयार हो जाएगी
06:00ठीक है जैसे आपका होकम
06:03अब क्या हो गया है?
06:04क्या होना है?
06:06सुबा सुबा मेरे दिमाग खराब कर दिया है
06:21रहान साहिबा हमारे गर पर है
06:23मैंने सोचा तो मैं बता दूं क्योंकि वो तुम्हारा फोन नहीं उठा रही है
06:26पहले ही अंदाजा था मुझे
06:29इसी वारे में बात करने के लिए बुलाया है न तुमने?
06:31मैं सिर्फ मदद कर रही हूं उनकी
06:34हस्पताल में तुमने मुझे जिस तरह बात की थी उसके बात में कुछ भी कर सकती थी
06:37पर नहीं करना चाहीता तुम्हे
06:38किसी ने नहीं कहा तुमसे एक करने को
06:39क्या चाहती हो, मुबारक बात दू तुम्हें
06:41मैं तुम्हारे लिए नहीं कर रहे, रिहान साहिबा के लिए कर रहे हूँ
06:45बत किसमती से उनके खांदान में तुम भी शामिल हो
06:47बस इसी वज़े से मुझे तुमसे बात करनी पड़ रही है
06:58रहान साहिबा हमारे महले में घर डून रहे हैं तु
07:00और अगर तुम्हें लगता है कि ये बैस एक चोटी सी बात है आरास
07:04तुम्हें कुछ करना पड़ेगा
07:07एकदम से बोज़ बन गई हैं वो
07:09वो मेरे लिए कभी बोज़ नहीं हो सकती
07:11बातों से तो लग रहा है तुम चाहती हूँ वो वापस चली जाए
07:14हाँ मैं चाहती हूँ
07:16लेकिन मैं ये मलिका के खादर चाहती हूँ
07:21मलिका की हर चीज उस घर में मौझूद है
07:24उसकी यादे, उसके कपड़े, उसका कमरा, हर चीज
07:30रिहान साहिबा की बेटी की हर एक याद उस घर में
07:32तो लोग मेरी अम्मी को उस घर से कैसे बेदखल कर सकते हो
07:44मतलब रिहान साहिबा को
07:47रिहान साहिबा को
07:53मैंने कॉल की थी उन्होंने फोन नहीं उठाया और क्या कर सकता हूँ
07:59वो तुमसे नराज है अगर तुम कुछ नहीं कर सकते तो तुम अपने भाई से का हुआ रास
08:04मैंने देखा है रहान साहबा तुमारे भाई पर बहुत भरूसर करती है
08:07यानि उनसे कहो कि वो रहान साहबा को कॉल करें या फिर मिलने आए
08:11ठीक है अब क्या चाहती हो कि शुक्रिया कहूं तुमारा
08:21तुम फिकर मत करो मेरे हान साहबा को ये नहीं बताऊंगी
08:26कि तुमने एमरे को नौकरी पर इसलिए रखवाया था ताकि मुझ से जान चुड़वा सको
08:32समझ गया
08:35देखो मैं अपने भाई से बात करूँगा लेकिन जिससे मैं बात करना चाहरा हूँ वो भाई नहीं है
08:39अम्मी है
08:40मेरे सामने उनकी बहस हुई थी अस्पताल में शायद इसी वज़़े से घर छोड़ाया उनों ने
08:45ठीक है तो पिर उनसे बात करो
08:49लेकिन जब से उनको पता चला है हमारे बीच क्या हूँ है
08:51मैं उनका फेवरिट बच्चा नहीं रहा हूँ
08:53क्या?
08:55उन्हें कैसे पता चल गया?
08:56कैसे? उन्हें बताने की क्या जरूरत थी तुम्हें?
09:00अपने उस बेटे से कहिए
09:02के मेरी बेटी का पीछा करना छोड़ दे
09:07मैंने उन्हें कुछ नहीं बताया है
09:08जब तुम्हारा मंगेतर आया था
09:10तो उनको आइडिया हो गया था
09:12देखो
09:13मैं अपने भाई से बात करके देखूँगा
09:16अगर इसके लावा कोई और बात नहीं है
09:17तो मैं जा रहा हूँ
09:18दर असल एक और बात भी है अरास
09:21लेकिन मैं यकीन से नहीं कह सकती
09:23अब बोलो
09:28उस दिन
09:29उस दिन हस्पिताल में
09:31मैं एक आदमी से टकराई थी
09:35उसका पेन गिर गया था
09:38तो?
09:39यह वही आदमी हो सकता है
09:41जिससे हम उस दिन पारकिंग लॉट में मिले थे
09:43जो बिरेजिक को स्टॉप कर रहा था
09:46तुम्हें यकीन है?
09:47उसने मुझे देखा वो एकदम से भाग पड़ा
09:49शायद उसने मुझे पहचान लिया
09:52ओके
09:54रुको मैं भी साथ आउंगी
09:58क्या?
09:58मैं पैन लेकर आई हूँ
10:00मैंने उस आदमी को ढूंड़ा है
10:01तुम्हे साथ आउंगी ना?
10:03अचीब पागल इंसाम
10:09उनके ये वाले कपड़े भी रख लो
10:10ठेक है
10:13हमें देड नहीं करनी ठीक है?
10:14हाँ हाँ भी निकलते हैं
10:16ले इसे इस में रखते हैं
10:20आजाए
10:27आँटी
10:28रुके ज़रा
10:34क्या बात है मेल?
10:35ये क्या है? तुम कहां जा रही हो?
10:38कुछ नहीं
10:41मुझे यकीन नहीं आ रहा है
10:44ये सब रेहान के हैं न?
10:46मतलब तुम फिगन अमी से छुप कर कोई प्लान बना रही हो
10:49क्या तुम उनसे जूट बोल रही हो?
10:50तो क्या करें हम?
10:52हम में से किसी को कोशिश तो करनी होगी न?
10:55तुम ये सब अपनी मर्जी से कर रही हो
10:58फिगन अमी ने वाज़े तोर पर बता दिया था कि क्या होगा
11:02शाय तुमने उनकी बात नहीं सुनी
11:03ऐसा करते हैं मैं फिगन अमी के पास जाकर कहती हूँ
11:06इमल रहान के पास जा रही है
11:08मत चाना
11:09तो फिर ये बैक अभी यहीं रख दो
11:11उफ मर्यम उफ
11:20चलो
11:34अब क्या हम इसको पूरे हस्पतार में ढूनते रहेंगे
11:36वो बंदा हमें कहां मिलेगा
11:37अगर हमें पता हो कि हमें उसे कहां ढूनना है
11:40तो बहुत असानी हो जाए
11:41क्या पहना हुआ था उसने
11:42तुमने कहा था उसने सूट पहना वा था
11:44और कुछ फाइल्स भी थी उसके हाथ में
11:46ये भी तो हो सकता है कि वो डॉक्टर हो यहाँ
11:50अगर वो डॉक्टर हुआ तो
11:52हॉस्पिरल की वेबसाइट से कन्फर्म हो जाएगा
11:54ये देखो डॉक्टर्स की लिस्ट है
11:58नई नई नई नई नई नई नई नई नई नई ये भी नई
12:04नई ये भी नई
12:06रुको क्या हो गया थोड़ा अराम से नीचे करो
12:08जाहो तो फोन अपने पास रखे देख सकती हो
12:10जितना तेज देखना हो देख लेना
12:17ये भी नई है
12:18स्क्रोल करती रहो
12:20नई नई नई नई
12:22नई नई ये भी नई
12:29ये भी नई है
12:31नई नई
12:36ठीक है, तुम ज़रा दूर रहो
12:41क्यों?
12:42क्यों से क्या बाद अबे तुम्हारा?
12:43हर दफा हमारा करीब होना अपना जरूरी नहीं है
12:44फोन को उस जगा पकड़ो, जासे हम दोनों उसको साफ तरीके से देख सके
12:48ठीक है
12:48ठीक है, ठीक है
12:58मुझे तो लग रहा है, वो बंदा डॉक्टर ही नहीं है
13:00चोड़ो
13:06वैसे भी कोई डॉक्टर करजे के लिए किसी का पीछा क्यों करेगा?
13:09मुझे नहीं लगता कि वो डॉक्टर था
13:10वो शायद कोई पेशन्ट था
13:11हो सकता है, सिर्फ साइन करने के लिए पैन उठाया है हाथ में
13:18देखो वेसे कपड़े थे
13:22इसका मतलब ये तो इन्फोर्मेशन डेस्क पे है
13:24अगर इस तरह के कपड़े पहने हो तो यहां क्या कर रहे है, चलो
13:27अंदर चल के देखते है
13:58मुझे कहीं बाहर जाना है
13:59मैं पहले पूछ लेता हूँ
14:00फिक ना करे घरवालों को पता है
14:03ठीक है, आज है
14:27आप क्या करेंगे हम?
14:29तुम्हे देखते ही भाग गया था ना वो
14:35आप बैठिये, आपको बुलाते है
14:43मैं बस अभी आता हूँ, ठीक है
14:53इतनी जल्दी में कहां जा रहे हो
14:56आजाओ
15:00सुनिए रिहान सहबा
15:01मुझे ये सब कुछ बिलकुल अच्छा नहीं लगता
15:03क्या आप अपना हुकम चला रही है मुझ पर
15:04आपको अंदाज़ा नहीं कि मामला किस कदर बिगड़ चुका है
15:07वो बगएर किसी वज़ा के अलग हो गए है
15:10हम उनकी माएं हैं तो हमें उनका धिहान रखना होगा
15:12क्या आसली को खबर है इस सब की
15:15नहीं जानती वो
15:16हाँ देखे जरा
15:17देखे हम इसके मामलात में इस तरह से दखल अंदासी नहीं कर सकते
15:20मुझे ये सब कुछ बिलकुल अच्छा नहीं लग रही हूँ
15:27जब आपने आराज से बात करके उसे चुपाये तो क्या ये उसका नेजी मामला नहीं था
15:30तो अब क्या हुआ
15:39खुशां दीद आईए
15:59खुशां दीद
16:02रहान सहबा आपने फोन किया था इसलिए मैं मुलाकात के लिए राजी हुई हूँ
16:06वरना मेरा कोई इरादा नहीं था
16:09मैं अच्छी तरह से समझ सकती हूँ
16:11हम यहाँ बात करने और इस मसले को हल करने आए है
16:14कोई न कोई रास्ता निकल आएगा
16:24अरास अराम से
16:25देखो मुझे हाथ मत लगाना
16:26यह हस्पताल है
16:28मैं चीखूंगा और लोग यहां जमा हो जाएंगे
16:30हाथो क्या फर्ट पड़ता है
16:31जितना चीखना है चीखो
16:32जिसको बुलाना है बुलाओ
16:34वैसे भी मैं जान गया हूँ कि तुम कौन हो
16:35क्या नाम है महमदू गुजान
16:37कितनी अच्छी बात है महमदू
16:38अब तो हर्चा कर ढूंड सकता हूँ
16:40चलो बोलो
16:41देखिए मुझे पैसे नहीं चाहिए
16:43मलिका ने तुमें क्यूं पैसे देने थे
16:45और तुमने
16:46उसे धमकिया मेस मेसेज़स क्यूं बेजे
16:49देखो सच बताओ
16:50वरना हम सब को सब कुछ बता देंगे
16:54किसी को कुछ मत बताईएगा
16:56खुदा के लिए
16:56अगर मेरी नौकरी गई तो मैं कहीं का नहीं रहूंगा
17:02मलिका ने एक टेस्ट करवाया था
17:06और वो इतनी आसानी से नहीं होता
17:08इसलिए वो हस्पताल आई थी
17:09क्या मलिका बिमार थी या कुछ और
17:12कौन सा टेस्ट हाँ
17:13और ऐसे कौन सा टेस्ट था जो चुपके करवा रही थी
17:15कई किसम के टेस्ट होते हैं
17:17ड्रग के लिए होता है
17:18कई किसम के जिनसे बिमारियों के लिए होते हैं
17:21हमल का टेस्ट और अपने बाब का मालूम करना और भी बहुत सारे टेस्ट होते हैं
17:25ठीक है, मलिका कैसा कौन सा टेस्ट था?
17:27मुझे नहीं मालूम, मैंने मलिका को सिर्फ उससे मिलवाया था
17:29लैब में मेरे तालुकात हैं और वो ये बात जानती थी
17:32ठीक है फिर हमें उसके पास लेके चलो
17:34अगर तुम दोरों वहां गए तो वो कुछ भी नहीं बताएगा
17:38मैं पहले खुद मालूम करूँगा
17:39उसके बाद तुम्हें भी बता दूँगा
17:41बात सुनो
17:43मैं सस्क्या रहा हूं मुझे नहीं मालूम
17:47उस लैप का और बंदे का नाम लिखो यहां पे जल्दी
17:50चलो
17:53और अगर गलती से तुमने ही आउसने मुझे बेवकूँ बनाने का सोचा भी
17:56तो बहुत बुरा होगा
17:57तुम फिकर मत करो
17:58मैं तुम्हें सब कुछ बता दूँगा
18:00लेकिन तुम किसी को कुछ नहीं बताओ के
18:03लिखो जल्दी
18:08तेखे मेरी बात सुने
18:10बच्चे अलग रास्ते पर चले गए हैं
18:13लेकिन इसके बावजूद वो अभी भी एक दूसरे से प्यार करते हैं
18:17नौजवान हैं
18:18वो घलतियां कर सकते हैं
18:20अपने लिए गलत फैसले कर सकते हैं
18:22लेकिन उनके बड़े होने के तौर पर
18:25ये हम लोगों का फर्ज है कि
18:27हम उने सही रास्ता दिखाएं
18:29देखें गलतिया सबसे हुई हैं
18:31जी हाँ, आप ठीक है रही हैं
18:33लेकिन सबसे बड़ी गलती आरास्त नहीं की है
18:37आप लोगों ने मेरे बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया
18:40इसे पुलिस स्टेशन जाकर बयान देना पड़ा
18:42ये आसले की वज़ा से तकरीबन जेल जाने ही वाला था
18:44बुरा नहीं मानिये गरहान सहबा
18:47मैंने अपने बेटे को सड़क से नहीं उठाया
18:49आप किस बेटे ने उनके घर जाकर हमला किया है
18:51जख भी किया है उनके बेटे को
18:53अब साहर है इसको यूही तो नहीं चोड़ेंगे न
18:56क्या मेरा बेटा यूही उसके घर चला गया था
18:58ये कोई पागल नहीं है समझीं आप
19:01हुलिया साहबा हम यहां बात करके
19:03मसला हल करने के लिए आए हैं
19:04ऐसी बाते करेंगी तो मामला उलच जाएगा
19:07बिल्कुल नहीं
19:08हम इस मामले को सुलजा सकते हैं
19:10अगर बात हो रही है तो होने दे
19:12मुझे किसी चीज़ का कोई डर नहीं
19:14ठीक है बेटा ठीक है
19:16पुरसुकून हो जाओ तुम
19:18देखिए आप
19:19अपनी घरवालों से जाके बात करें
19:21उन्हें कहें कि वो शिकायत वापिस ले
19:23बाकी बातें बाद में दीख लेंगे
19:25उस आदमे को तो यहां पर आके
19:27माफी माँगनी चाहिए
19:28सब जानते हैं उसने क्या किया है
19:30वैसे भी यहां सबसे जादा
19:32बेकसूर मैं हो
19:35ठीक है मैं बात करूंगी
19:36भरोसा रखें मुझ पर
19:39जब तुम्हें मेरी बेटी का खयाल रखना चाहिए था
19:41तुमने उसे अस्पताल में छोड़ दिया था
19:43हाँ
19:44हुलिया सहबा हम कोशिश कर रहे हैं
19:46कोई बीच का रास्ता निकला है
19:48या आप क्या कर रहे हैं
19:48आई रहान सहबा
19:49शायद आपकी नजरों में
19:51इसे अमरे में कोई हीर जड़े हुए है
19:52लेकिन इसकी हरकतों से जाहरे
19:54कभी भी तशद्द्द भी उतर सकता है
19:56मुझे ये बताए इस बात की क्या जमाना था
19:58कि ये मेरी बेटी को नुकसान नहीं पहुचाएगा
20:00माफ कीजी का कैसा तशद्द
20:02मैंने अपने बेटे की तरबियत ऐसी नहीं की
20:04सोच समझ के बोले
20:05मैं सोच समझ के ही बोल रही हूँ
20:07आप से अपनी परिशानिया बयान कर रही हूँ
20:09क्या बेज़े दिगी है आपकी
20:10और अगर आपने बेटे को सड़क से नहीं उठाया
20:13तो मेरी बेटी भी किसी यतीम खाने से नहीं आई
20:16आप यहां आकर मेरे बेटे पर इल्जाम लगा रही है कि
20:18मेरी बेटी को नुकसान पहुच आएगा
20:20और मैं खामोश बैठी रहूँ
20:21क्या आपकी बेटी की कोई गलती नहीं
20:23अ अल्ला को माने आप जरा
20:26आसली का क्या कुसूर है सब में
20:28अल्ला-ल्ला हिम्मत तो देखे जरा
20:29इनकी बेटी ने किसी पर हमला कर दिया
20:31और मेरी बेटी को सरवा रहा है
20:32खुदा के वास्ते हुलिया साहिबा बैठ चाहिए
20:34क्यों बैठूंगी मैं यहाँ पर
20:36मुझे तो समझ नहीं आ रहा है हाँ आई क्यू
20:37पांच मिनिट भी ना ठेरू मैं यहाँ
20:39हर बात की कोई हद होती है
20:42हुलिया साहिबा
20:42देखे मैं माफ़ी चाहती हूँ हम इस बारे में बाद में बात कर लेंगे
20:46ठीक है
20:47हुलिया साहिबा
20:51हुलिया साहिबा रुके मेरी बात सुने
20:53हुलिया साहिबा
20:54हुलिया साहिबा
20:58जी कहिए
20:59रहांच साहिबा
21:00यह क्या करने की कोशिश कर रही है
21:03मैं अपनी बेटी की हफास्त करी हूँ, आप क्या कर रहे हैं?
21:06इस तहां से क्यों मदाखलत करी हैं इन डूनों की जिन्दगियों में?
21:10आप यहां मसला हल करने नहीं बलके उसे बिगालने आई थी.
21:14ये करके आप आसली की इफाज़त नहीं कर रहें
21:16कोई भी माँ अपनी बेटी के लिए ये कभी नहीं करेगी
21:19अब आप अपनी हद से आगे बढ़े हैं रहान साहिबा
21:22आपको कोई हद नहीं कि मेरी मामता पर सवाल उठाए
21:24और वैसे भी आसली मेरी बेटी है
21:26मैं नहीं चाहती वो इस लड़के से शादी करे
21:29इसने मेरी बेटी को बीमार हाल छोड़कर मंगनी कर ली थी रहान साहिबा
21:32इससे दफरत करती हूँ
21:34अब आपको मनाना पड़ेगा इस बाग के लिए
21:36उसकी तो नजरे आस्मान पर चड़ी हुई है कि नजर नहीं हो रहा है आपको
21:39बिल्कुल नहीं
21:42मेरी लिए सबसे ज़्यादा आहम सोच आसली की है आपकी नहीं
21:45अल्ला अल्ला
21:47आसली मेरी बेटी है
21:48ये सब इसलिए बर्टाश करी हूँ क्योंकि वो पसंद करती है आपको
21:51अगर मैं चाहती तो आपको मिलने नहीं देती उससे
21:53आसली एक बालिग लड़की है
21:55वो समझदार है वो खुद फैसला कर सकती है कि उसे क्या करना है
21:58इसके इलावा आसली को मुझसे क्यों मिलने देती है
22:01इसकी असल वज़ा आसली नहीं है
22:03ये तो आपको भी अच्छी तरह से मालूम है
22:08अच्छा तो फिर क्या वज़ा है
22:09देखे मुझे मजबूर मत करें
22:11अरे कहें ना रोकें खुद को
22:13कल से आप अच्छीब तरहां से बात करिये
22:15मेरे साथ क्या आपको लगता है
22:16मुझे समझ नहीं हा रहा है कुछ भी
22:18आप अपना घर छोड़कर आ गई है
22:19और आपकी तबियत भी ठीक नहीं है
22:21इसलिए बर्टाश करी हूँ ये सब कुछ
22:22अगर मैं आपको कुछ नहीं बता रही
22:24तो इसकी वज़ा ये है कि मैं आपको तकलीफ से बचा रही हूँ
22:26ना कि ये कि मैं आपसे डरी हुई हूँ
22:28तो फिर कहिए ना रहान साइबा ना रोकें खुद को कहिए
22:31हाँ
22:32तो आप चाहती है कि मैं बता हूँ
22:34ठीक है फिर आप मेरी बात गोर से सुने
22:37जानती हो कि आरास की कुछ बाते आपने मुझे से चुपाई हैं
22:40जिने आपने बताना जरूरी नहीं समझा
22:44मान लेते हैं कि आरास आपके पास आया और आपसे कहा कि
22:47आसली को उसके मंगेतर से अलग कर दें
22:52और आपने इतनी आसानी से उसकी ये बात माननी मुझे यकीन नहीं आ रहा
22:55हाला के ये जितनी भी कहानी आपने मुझे सुनाई है
23:00इसका आरास से कोई तालुक नहीं है
23:06इस सब के पीछे आपका हाथ है
23:08अब मुझे एसास हुआ कि आसली को हिफाज़त की कितनी जरूरत है
23:13तो आप हिफाज़त करेंगी आसली की है न?
23:18तो मेरी एक बात अच्छी तरह से सुन लीजी रहान सहबा
23:20ऐसा लगता है कि किसी खैयाली दुनिया में रह रही हैं आप तो
23:24क्या लगता है आपको?
23:27आसली के साथ कोई बहुत अनोखा रिष्टा है आपका
23:30मेरे और आसली के बारे में आप क्या सोचती है इसकी मुझे बिल्कुल परवा नहीं
23:34और नहीं इस वर बात करनी है मुझे
23:38जाहर आपको नहीं बात करनी
23:40आसली का हास तालुक नहीं है आपसे कोई
23:43आपको जितना लगता है वो आप पर अतना भरोसा नहीं करती
23:47मसलन कहां है इस वक्त आसली?
23:49हाँ?
23:51वो किसी कैफिन नहीं गई है
23:55वो आरास से मिलने गई है
24:04आप से ये बात छपाने के लिए कही थी उसने
24:09अब भी लगता है खास रिश्टा है आप दोनों का
24:13आरास से मिलने?
24:22तुम आरास वाले मामने में कुछ ज़्यादा ही नहीं सोच रहे मुराद
24:25तो मैं और क्या करूं से जिन? आखिर करूं क्या?
24:27इस बारे में सोचते ही घुस्सा आता है मुझे
24:30मंगर आप अप पे नहीं आता
24:32उस आदमी पे आता है
24:34इतनी भी कोई बड़ी बात नहीं है मुराद
24:35क्या मतलब है आखिर से जिन यार?
24:37और उपर से बड़ा शरीफ बनता है मेरे पास आके कहता है के
24:40जानते हो मुराद
24:41हालत को अच्छी तरह जानता हूँ मैं
24:43जाहो तो उनके सेट पे चलेंगे दिल चाता है मुका मारू रखके
24:46ठीक है अगर ऐसा जाते हो तो चले जाओ
24:48मैं? हाँ हाँ जरूर जाओंगा
24:50उसके साथ सेट पे जानो तो बहुत दूर की बात है
24:52उसके तो चेहरा भी नहीं देखना आप मुझे
24:55मुराद तुम बिला वज़ा अपने आपको ठका रहे हो
24:58देखो दिल के मामलाद ऐसे ही होते हैं
25:00आज कुछ होता है कल कुछ होता है कोई नहीं जानता
25:02लेकिन मैं तुम्हारी जैसी सोच नहीं रखता सेजन
25:04माफ करना मुझे
25:04और सुन लो ये
25:06वो आदमी अब इस घर में कदम भी नहीं रखेगा
25:08बात खत्म
25:08बलके कोई भी अलकान नहीं रखेगा
25:10बस अब ये लोग दूर रहे हमसे
25:12कैसा खानदान है या आखिर हमें सुकून नहीं लेने देटे
25:14और रिहान सहभा
25:18अहां, रिहान सहीबा की अलग बात है
25:20वो उस घर की दुलहन है
25:23जाओ देखो कौन आया है दर्वाजे पे
25:25नहीं, तुम जाके खोलो
25:26उठो और दर्वाजा खोलो
25:28उठो
25:29याँ मेरे अल्लाव
25:30वाकई तंग आचुका हूँ, पागल हो जाऊँगा मैं
25:32बस बहुत हो गया या अलकान खानान
25:34बस अब हमसे दूर हैं, इंसे कोई वास्ता नहीं पड़े हमारा
25:46हेलो
25:48अ, भरिजिक अलकान हूँ मैं
25:54मैं
25:56दरअसल आसली से मिलने आई हूँ, क्या वो घर पे है
26:02और रेहान आउंटी से भी मिलना है मुझे
26:20हाँ तो मेरा नाम है सिजिन
26:22मैं भरिजिक
26:24और ये जो सद्वे में मेरा भाई खड़ा है, इसका नाम है मुराद
26:28हम असली के भाई भाहन है
26:30आपा रेहान साहवा के साथ बाहर गई है, कुछ देर में वापिस आएंगी
26:33अगर आप चाहें तो अंदर आ सकती है, वो कुछ देर में आई ही जाएंगी
26:36अच्छे ठेक है
26:42रास्ते से हटो मुराद, उसे अंदर आने दो
26:45माफी चाहता हूँ, आप आएंगी
26:47शुक्रिया
26:48संभर के कहीं दरवाजा न लग जाए
26:50चलिए, आ अंदर चलिए
26:57आजो अंदर आजाओ
27:05अगर चाहो तो मुझे यही उतार दो, घर तक आने की जरुरत नहीं है
27:14तुम्हें क्या लगता है, इस बारे में रिहान साहिबों को बताना चाहिए, जो कुछ मलिका के साथ हुआ
27:18कौन सा टेस हा, और ऐसे कौन सा टेस है, जो चुपके करवा रही थी
27:22कई किसम के टेस्ट होते हैं, कई किसम के जिन से बीमारियों के लिए होते हैं, हमल का टेस्ट और
27:28अपने बाप का मालूम करना
27:29नई, सच्चा ही मालूम होने तक हमें इस बारे में बात नहीं करनी चाहिए
27:35ठीक है
27:37मेरी अम्मी नहीं चाहती कि आंटी छोड़के जाए
27:39लेकिन वो कभी नहीं कहेंगी उनसे के वापस आजाओ
27:41इसलिए आंटी का माफी मांगना ज़रूरी है
27:43मुझे नहीं लगता रहाँ सहे पर घर जाकर माज़रत करेंगे अरास
27:52क्योंकि कलरा तुनों ने इक डरावना खुआप दिखा था
27:54और वो मलिका के बारे में था
27:58जब वो जागी ही तो ऐसे पेश आ रही थी जैसे मलिका अभी तक जिन्दा है
28:03वो मंसर बहुत दर्दनाग था
28:08समझ सकता हूँ
28:09मैं और तुम मिलके कोई रास्ता ढून लेंगे
28:11उसे जो हुआ मैं करूँगा
28:17वैसे भी जब बात मलिका की हो तो हम दोनों की टीम बहुत अच्छी है
28:22सही कहा
28:26चलो अब मैं चलती हूँ
28:27वैसे मैं
28:31एक बात कहना चाहरा था
28:33कल जो कुछ भी हॉस्पिरल में हुआ वो
28:35दर्द में होता हूना तो मुझे पता नहीं होता मैं क्या कह रहा हूँ
28:38जो भी मेरे जहन में आता है मैं कह देता हूँ
28:40इसलिए तुम बुरा नहीं मानना
28:42सामने चाहे जो भी हो
28:44जो भी मेरे जहन में आता है मैं कह देता हूँ
28:46और लिहास वगेरा सब कुछ भूल जाता हूँ मैं
28:48अजीब अत्तमीज सा हो जाता हूँ
28:50इसलिए अगर तुम्हें बुरा लगा तो गलत मत समझना
28:53अब मज़ीद खुद को इतनी तकलीश में मत डालो आरास
28:57मैं तुम्हारी माज़त कर्बूल करती हूँ
29:01मैं माफी मांग तो नहीं सका लेकिन तुम समझ कही हो अच्छी बात
29:05दरसल ये बहुत आसान है
29:07मैं माज़त चाहता हूँ
29:11बाइदवे मुझे लग रहा है मैं शर्ट जीत क्या हूँ
29:15मतलब तुम एमरे से मंगनी तोड़ रही हो ना
29:17हम
29:22रुको रुको
29:25अब जब कि मैं शर्ट जीत चुका हूँ तो पूछो कि नहीं कि मुझे नाम में क्या चाहिए
29:31क्या चाहिए
29:36जब तुमने ओस्प्रेटल में मुझे बताया कि तुमने एमरे को सब बता दी है
29:42तो मुझे घुसा नहीं आया
29:46बलके मैं तो खुश था
29:47बहुत सादा खुश
29:51और जानती हो क्यों?
29:57मुझे नहीं मारम
30:01क्यों?
30:07मुझे खुद पी नहीं पता
30:08मुझे नहीं मारम
30:24मुझे अच्छ

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