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00:13आसली, आसली, क्या उसकी माने कुछ कहा है तुमसे? क्या उन्होंने तक्रीफ पहुचाई है तुम्हें? बेटा क्या बात हुई है
00:21तुम्हारी अराज से? क्या कुछ कहा है उसने तुमसे?
00:23बस करें बहुत हो क्या आज के बाद हम इन लोगों से कभी भी नहीं मिलेंगे ठीक है? समझ गई
00:31आप? मैं आखिर आपकी सुनती ही क्यों हूँ? जब जब मैं आपकी बात मानती हूँ हर चीज बरबाद हो जाती
00:38है आपने कहा है अमरे को सच बताओ मैंने उसे बताया और अब स
00:55आसली? हुलिया साहिबा? आप लोग तो फ्रेश होने के लिए गए थे ना? हम गए थे रहान साहिबा उसके बाद
01:04मैं और अम्मी मेरा मतलब मैं अराज से मिलने चली गए
01:06काश तुम मुझे बता देती हम साथ चले जाते अराज काफी बेदर है आप उससे खुद भी मिलने के लिए
01:15जा सकती है रहान साहिबा कुछ हुआ है क्या तुम्हारे साथ आसली? क्या हमारे घरवालों में से किसी ने तुमसे
01:23कुछ बुरा कहा है? हाँ? क्या हुआ है बताओ
01:26मुझे रहान साहिबा मैं सक बात नहीं करना चाती है खुदा के लिए आप दोनों मुझे अकेला छोड़ दे है
01:32हाथ होती है रहान साहिबा वैसे कुछ तेर के लिए आप हमें अकेला छोड़ दे मुझे कुछ बात है करनी
01:38है अपनी बेटी से अभी मैं घर जा रही हूँ और
01:58हुलिया साहिबा, एक सेकिंड रुकिए जरा
02:03क्या हुआ है आसली को?
02:06क्या मतलब है आपका?
02:08अभी थोड़ी देर पहले जब वो मेरे साथ थी तो बिलकुल ठीक थी
02:11आप उसे अपने साथ लेके गए और अब उसकी ये हालत है
02:15किस तरह की बात कर रही है आप ये मुझसे?
02:18क्या इस सब में मैं कुसूर वार हूँ?
02:21आपको ये सबार अपनी खांदान से करना चाहिए
02:23मेरी बेटी तो आरास से सिर्फ ये पूछ ले गई थी कि वो कैसा है अब?
02:27उसके बाद फिगन साहबाई अंदर गई थी
02:29पता नहीं उन्होंने क्या कहा?
02:31बाहर आकर मेरी बेटी का ये हाल होगे
02:32वो आरास के कमरे में अकेली गई ही क्यो?
02:35क्या आपने सब्र क्या था उसे?
02:38मैं क्यों उसरा करूंगी इस पर?
02:40वो खुद ही आरास से जा कर मिलना चाहती थी
02:43उसने मुझसे कहा कि मैं उसके साथ चलूँ
02:46आप मुझी से मेरी बेटी के हवाले से इसाब किताब कर रही है
02:49क्या माज रहा है रिहान साइबा
02:51नहीं नहीं मैं आपसे कोई सवाल नहीं कर रही
02:53मुझे नहीं लगता
02:55आपका वैसे भी कोई हग नहीं बनता है
02:57अगर हग बनता है ना आपका कुछ सवाल करने का
03:00तो जाकर अराज और फिकन्ट सहवा से सवाल कीजिया लाला
03:04मैं अराज को देखने जा रहे हूँ अभी तक उससे मिलने नहीं कई
03:09अब ये पागल और अरत मुझसे सवाल किया करेगी
03:11आँ, हद होती है यार
03:16मुझे जाकर अराज से बात करनी होगी
03:35लगता है तुमने मुझे संजीदगी से नहीं लेकिन दوبारा कोशश करके तो देखो
03:40मेरे खांडान में किसी को भी दوبारा अपना चेहरा दिखाने की कोशश की ना तो फिर देखना
03:45मैं तुम्हारा क्या हाल करूंगी याद रखो
03:47मेरे बेटे की दरफ देखो सराथ
03:53मैं आज इस हालत में तुम्हारी वज़ा से हूँ
04:21अगर आप चाहे तो मैं आपका जखम साफ कर दू
04:23शुक्रिया
04:23ठीक है बिटा ठीक है
04:24हम सभाल लेंगे
04:25ठीक है आप जल से हित्याप हो जाए
04:28अमी प्लीज आप मंदाखलत ना करें
04:30उन्हें अपना काम करने दे
04:33मंदाखलत ना करुआ रहा रहा
04:34यह मेरी मदाखलत ना करने कही नतीजा है
04:37अब आप बात को बढ़ा रही हैं मी
04:39कोई आवारा लड़का मेरे घर में गुसाता है
04:41मेरे बेटे को जखमी करता है
04:43और मैं अपने बेटे को खून में लदपत पाथ
04:45तो क्या मैं इसे बड़ा मसल हना बना
04:46ये एक छोटा सा जखड़ा था, आप खामक है इस बात को इतना बढ़ा रही है, भूल जाए से
04:50हाँ हाँ, बिलकुल
04:52जैसे मैंने तो तुम्हे उस लड़की के साथ देखा ही नहीं था रास
04:56हाँ
04:57मैंने देखा कि तुम उसे कैसे देख रहे थे रास
05:00बात कर रहे थे
05:16जूटी कस्में मत खाओ, क्या मैं अपने बेटे को नहीं जानती
05:20भेहान की वज़ा से, उस लड़की, उसकी माँ और अब उसके मंगेतर की वज़ा से
05:23वो लोग कीड़ों की तरह हम पर चड़ाए है
05:25लेकि तुम देखना, अगर तुम अपनी चीज़ की हफाज़त नहीं करोगे आरास
05:29तो यकीनन उससे कोई और फाइदा उठा के ले जाएगा
05:32अम्मी आप क्या बात ही कर रही है
05:33पहले ठीक हो जाओ, ये बात करने के लिए नहीं ये जगा मुनासिब है और नहीं ये वक्त
05:38तुम बस देखते जाओ, मैं क्या करती
05:40नहीं क्या करने वाली हैं आप
05:42तुम देख ले ना, मुझे तुमें सीधा करना ही होगा हराल
05:46सारी बिमारियों के अलाज ठूंडी आपने
05:48मैं जानता हूँ, आप मेरी शादी करवा देंगी
05:50और अगर मेरी शादी हो जाएगी तो सारे मसाइल ठीक हो जाएंगे
05:53ये ही कहना चारी है ना आप
05:54हाँ, बिल्कुल, सारे मसले हरो जाएगे
05:57देखे अम्मी, मैं पहले ही बहुत परिशान हूँ
05:59खुदा के लिए मेरे जहन में उल्टी सीधी बाते मट डाले
06:02मेरा मूट खराब मत करें
06:03रिक्वेस्ट कर रहा हूँ उपसे मैं
06:04जो कहना है कहो बेटा, इस बार मैं करके रहा हूँ
06:07अम्मी, बस बहुत हो गया, बहुत हो गया
06:09इस मौजू को यहीं खतम कर दें, प्लीज
06:14अल्ला तुमें सेहत दे
06:16शुक्रिया
06:16जोट जादा गहरी तो नहीं है ना
06:18नहीं, बस थोड़ा सा दर्द है
06:21ठीक हो जाएगा
06:26ये जल ठीक हो जाएगा फिगनापा
06:28आप भी बहुत ठक गई होंगी
06:30अगर चाहें तो कोई आपको घर छोड़ देगा
06:32मैं अरास के पास रुख जाती हूँ
06:34मुझे मालूम है मुझे कब जाना है
06:36तुम कहा थी
06:38हम साथ अस्पताल आएगे
06:40और तुम घंटों खाइब रहें
06:43मैं आसली के साथ थी
06:45तुम अब भी ये कह रही हो
06:47कि तुम आसली के साथ थी
06:49बस भी करो
06:50मुझे समझ नहीं आता कि तुम से क्या कहूँ
06:52फीगन आपा इसमें आसली के कोई गलती नहीं है
06:54उसके मंगेतर ने किया है
06:55उसके मंगेतर ने किया या खुद उसने
06:57क्या फरक पड़ता है
06:58हमारे साथ जो कुछ भी होता है उस लड़की और उसके खानान की वज़ा से होता है
07:02क्या ये जूट है?
07:03मैंने असली से बात की है
07:04इस मामले का एक और रुख भी है
07:06अभी मैं कुछ नहीं कहूंगी मगर
07:09शायद आरास बता दे
07:12नहां तुमारी बातों से तो लग रहा है
07:14जैसे आरास ही इस सब बात का जिम्मेदार है
07:16मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं का फिगनापा
07:17देखो रहे हैं मैं उस लड़की को भी कह चुकी हूँ
07:19अब तुम भी सी लिए
07:21आज के बाद वो लड़की उसकी बत्तमीज मा
07:23या उसका नंकमा मंगे तर
07:25मेरे घर के करीब भी नहीं आएंगे
07:26वो ना आरास से बात करेंगे
07:28ना मेरे खानदान के किसी और फर्द से
07:30अगर ऐसा हुआ तो इसका नतीज़ा अच्छा नहीं निकले रही
07:33तो शायद आप मुझे भी अब खानदान का हिसा नहीं समझती
07:36तुम मेरा खानदान हो ये मैं जानती
07:39लेकिन लगता है तुम भूल गई हो
07:41कि तुम्हारा असली खानदान कौन है और तुमें किस का साथ देना चाहिए
07:45आप सब मेरा खानदान है
07:48लेकिन आसली भी अब मेरा खानदान है
07:49ये बात अब कोई नहीं बदल सकता
07:53फिर दोनों में से तुम्हें किसी एक का अंतखाब करना हो
07:57या तो हमें चुन लो
07:58या फिर उस लड़की को अपनी जिन्दगी से निकाल बाहर कर
08:01उसके बाद हम सब यहां से घर चलेंगे
08:05अम्मी बहुत हो गया
08:08प्लीज एक दूसरे से ऐसा कुछ मत कहें के बाद में पच्टाना पड़े
08:10नहीं नहीं आरास
08:12फीगन आपने जो भी कहना था वो कह चुकी
08:15अब मजीद कुछ कहने की जरूरत नहीं
08:31रिहान
08:35क्या हुआ अंदर अम्मी ने तुमसे कुछ कहा है क्या
08:42अमल रिहान के साथ जाओ
08:45रिहान आपा
08:59अठालो मेरा फोन भाई
09:05क्या मसला है क्या
09:07अरास साब मैंने पहले भी कॉल की थी
09:09आपने सुना नहीं होगा
09:11गतल सून
09:12आप है कौन
09:14मैं हूलिया आसली की अम्मी
09:17मैं आसली के साथ आई थी रूम में
09:19मगर फिर वो चली गई
09:20पता नहीं क्या हुआ उसके साथ
09:22यकीन करें बहुत अफसुर्दा है वो
09:25मुस्तकिल रोई जा रही है वो आपके लिए
09:27खुलिया साहब इस वक मैं आपसे बात नहीं कर सकता है
09:29ने ने बिल्कुल मैं आपको तंग नहीं करूंगी
09:30वैसे भी आप बिल्कुल शेरों की तरह ठीक हो जाएंगे
09:33बहुत जल्द इंशाल्ला
09:34इतना कुछ होने के बाद आसली वैसे ही एमरे को छोड़तेगी
09:37एक दफ़ा आप ठीक हो जाएं हॉस्पिरल से निकल जाएं
09:40तो फिर हम बाकी चीजों की बात करेंगे
09:42क्या?
09:47यानि आइस्ता आइस्ता
09:48बहुत आहस्ता भी नहीं अब
09:50फिगन साहे बगा गुस्सा थोड़ा
09:52कम हो जाए तो
09:53ये आप क्या बाते कर रही हैं? कौन सी मंगनी?
09:56मैं आपकी बेटी से क्यों शादी करूँगा?
10:01लेकिन आप ही ने तो कहा था
10:02कि उन दोनों को साथ नहीं होना चाहिए?
10:04मैंने इसे कब कहा आपसे?
10:06मैंने कभी नहीं कहा कि अगर आप Embreeor और Asli को अलग कर देंगी
10:08कि मैं असे शादी कर लूँगा? कहा इसा है मैंने क्या?
10:12मगर...
10:12देखें मैंने ये बात की या नहीं की ये बताएं
10:15मैंने नहीं की
10:16तो अपनी ख्यालों की दुनिया से बाहर निकला है
10:18मैं आपकी बेटी से शादी नहीं करूँगा
10:20और ना ही इस मोज उपर दुबारा बात करना चाहूँगा
10:22मेरी बात सुनो अवारा इंसान
10:24क्या समझ रखा है तुमने मुझे
10:26तुम्हे लगता तुम मेरे साथ खेल-खेल सकते हो
10:29अभी तुम मुझे जानते नहीं हो
10:30आज तक ऐसा कोई मट पैदा नहीं हो सका
10:33जो मुझे से खेल-खेल सके
10:34तुमने जी कि सारा तमाशा लगा है ना
10:36इसका हिसाब रूंगी मैं
10:41मेरे मुझे पर फोन बंग करती है इसने तो यह पाथ है
10:48अराशाब अब मैं तुम्हें बताऊंगी इसका अंचाम क्या होता है
10:54पच्चता होगे एक दिन
11:03विगन साहिबा अरे यह औरत फिर आ गई
11:08चले अच्छी बात है कि आप सब लोग यहाँ है
11:10अब क्या चाहिए तुम्हें
11:12आप लोगों साब की बेटे की बात करने आई हूँ मैं
11:15हमें तुमसे कोई बात नहीं करने
11:17ठीक है फिर आप खामोश रही और मेरी बात सुने
11:22दिहान से सुने
11:23अपने बेटे को यह समझा दीजिए
11:25कि मेरी बेटी से दूर रहे
11:27तुम क्या बकवास कह रही औरत
11:30मेरे बेटे का तुम्हारी बेटी से कोई तालुक नहीं
11:34तालुक तो है उसके साथ
11:36मौतर मा इसकदर तालुक है
11:38कि उसने मुझ से कहा
11:39कि मैं अपनी बेटी का रिश्टा खतम कर दूँ उस एम्रे के साथ
11:43क्या
11:45तुम्हें मालूम भी है कि तुम क्या बक्वास कर रही है
11:47मैं जानती हूँ मैं क्या कह रही हूँ
11:49बहुत अच्छी तरह जानती हूँ मैं क्या कह रही हूँ
11:51क्या बक्वास है
11:52आपको क्या लगता है वो लड़का आपके घर में क्यों गुसाया था?
11:56हाँ? सोचा है आपने?
11:58वो एक इंजीनियर है, अपना काम कर रहा है वो
12:00पहले आप अपने बेटे को समझाए
12:02कि वो लोगों की जिन्दगियों के साथ इस तरह से नहीं खेल सकता है
12:05उसका जो कुछ भी गुमान ताना खुद पर
12:08आज उसने उसी का सबक सीखा है
12:10लेकिन उस सबक की तकलीफ
12:11वो अकेले नहीं जहल रहा है
12:13उसके साथ साथ मैं और मेरी बेटी भी जहल रहे है
12:16उसने जो कुछ भी किया उसका हग नहीं था उसे
12:19मेरी मासूम बेटी के खाब तोड़े है उसने
12:21उसने जूट बोला, धोका देने की कोशिश की
12:24यहाँ तक कि मैं भी उस मक्तार की बातों में आ गई थी
12:27क्योंकि यह उसने आभारसा थी
12:32बात सुने फिगन साइबा, मैं यह आखरी दफ़ा समझा रहे हूँ
12:35अपने बेटे को समझा दीजे
12:38मेरी बेटी का पीछा करना छोड़ दे
12:41बिकड़वा रही इस इंसान
12:44अमी आप तो ठीक है ना
12:46अमी
13:27आप आप कहा है हम बस निकलने वाले है
13:43मैं आरही हूँ, फिर मिलते हैं सिजन
13:48मैं माजरत चाहती हूँ, मैंने देखा नहीं
13:57बात सुने, आपका पहन रहे गिया है
13:59बात सुने
14:05अरास, अरास
14:09बिरिजीक को बार-बार मेसेज क्यों करें तुम
14:11मैं बिरिजीक को नहीं चानता, बलिगे ने मुझसे कर्द लिया था
14:13उसने मुझे अपने फून से कॉल की, मैंने तो सिर्व उससे पैसे मांगे थे
14:19रुको, रुको
14:24कोई इसे पकड़ो
14:27आपा
14:31क्या कर रहें आप यहाँ
14:36मैंने किसी को देखा
14:38अच्छा चले चलते हैं, अम्मी बहार इंतिजार कर रहें हैं काफी देर से
14:46आज आएं
14:54टैक्से, टैक्से, कोई टैक्सी नहीं मिल वही है
15:04रेहान साहिबा से फिर बात हुई है न आपकी
15:06बिटा बस ही रेहान रेहान की रट लगाना छोड़ दो मेरे दमाग खराब हो रहा है
15:09निकलते हैं हैं असे पौरन
15:11टैक्सी, रुको
15:14टैक्सी
15:19आसली
15:21रिहान साहिबा
15:24क्या तुम लोग जा रहे हो
15:25जी, हम लोग बस जाई रहे थे
15:28क्या मैं चल सकती हूँ तुम्हारे साथ
15:30जी, बिल्कुल, वैसे आपको छोड़ना कहा होगा
15:37तुम्हारे साथ रह सकती हूँ
15:54अपना हाथ दीजिए मुझे
15:57खुशामदीद, फीगन सहबा
15:58रहान आगई क्या? नहीं फीगन सहबा
16:01एमल, जब तुम्हारे से निकनी ती तो तुम्हारे रहान को बताया था क्या जा रहे हैं?
16:06मैसेज कर दिया था
16:07मैसेज क्या हो था? क्या तुम बच्ची हो?
16:10फॉरान उसे फुन करो बताओ कि हम घर पहुच गए ताकि वो वहाँ इंतजार न करे वो घर आ जाए
16:14अम्मी वो अपने ड्राइवर के साथ कई है
16:15आप जानती तो है बहार कितना ट्रैफिक है वो आ आ जाएंगे
16:19जब रहान आ जाए तो उससे कहना कि पहले मुझस से आके मिले
16:22जी ठीक है
16:23मतीन आरास को लेकर आगे?
16:25जी वो उन्हें ले आए हैं
16:26अच्छा ठीक
16:27अराम से चलो आरास
16:33ठीक है
16:37ठीक है भाई
16:39अराम से
16:44अराम से
16:47चलो पहाओं पर रखो
16:48तुम ठीक हूँ?
16:49ठीक हूँ मैं ठीक हूँ
16:56अम्मी आज कुछ जादे ही जज़पाती हो गई थी
17:00क्या ये नॉर्मल नहीं है?
17:03वो आरत अस्पताल तक पूरे रास्ते शोर मचाती रही है
17:06अम्मी को ना जाने क्या-क्या कहती रही वो
17:08शायद तुमने नहीं सुना होगा
17:10नहीं वो ऐसा तो कुछ भी नहीं सुना मैंने
17:13जाहर है तुमने नहीं सुना
17:15क्योंकि तुमने हंगावा नहीं किया तो शायद वो अपनी बात पर ठीक ही थी
17:19क्या बाकि तुमने उसके पास जाके ये सब कहा था?
17:21उस औरत का दिमाग ठीक नहीं है
17:24मेरा क्या लेना देना आसली से
17:28मौमला तुम्हारे ख्याल से ज्यादा संजीदा है
17:30अम्मी वाक़ी बहुत घुस्सम है ये जान लो
17:32हमारी फैमली को छोटी बात को बड़ा बनाने की आदत हो गई ये वैसे भी
17:36और वैसे भी मैं अब उन लोगों से कभी नहीं मिलूँगा
17:39मुझे समझ दिया रहा कि आप लोग इस बात को इतना तूल क्यूं दे रहे हैं
17:42आप तो बिग बास हैं वैसे भी
17:43छोड़ दे मैं खुद इसामाल लूँगा
17:45बिलकुल
17:46चाहे मैं कुछ भी ना कहूँ लेकर मुझे यकीन है
17:48कि अम्मी इस वक्त इसी बारी में सोच रही होँगी
17:50देखें अम्मी अच्छी तरह जानते है कि वो औरत किसक ensl….
17:53की है ठीक है
17:54वो वो मेरी बात को ही सच मानेंगी
17:56देखो मेरे भाई तुम भी ये बात जानते हो और मैं भी
17:58कि हमी सिर्फ अपनी बात मनती है
18:03नई
18:04ऐसा कुछ भी नहीं होगा
18:05मैं उन्हें मना लूँगा
18:08जैसा तुम चाहो
18:13एक मुकाबला हो जाए
18:14ठीक है अगर हार नहीं चाहते हैं तो
18:17चलो देखते हैं
18:18कि कौन कैसे हरा तमयें
18:30जब उसे मलिका के बारे में पता चला
18:38वह उसके लिए बहुत दुआ करती है
18:40बहुत अफसोस है हमें
18:42अल्ला तुम लोगों को सबर दे
18:44अल्ला उस्से राजी हो
18:47मैंने तुम्हें एक खास मकसद के लिए फून किया है
18:53खेर होगी इंशालला
18:56मैं तुमसे मिल के बात करना चाहती हूँ
18:58क्या तुम मेरी बीटी तारिया को लेकर कल तुबहर यहां आ सकती हूँ
19:01क्यों नहीं?
19:03मैं उसे लेके कला आजाए
19:04फिर मैं कल तुम्हारा इंतिजार करूगी
19:07शब बाखेर
19:08शब बाखेर, ख्याल रखना अपना
19:21खुशाम दी
19:22अरे मुराद पूरा घर पहलाया हुआ है
19:24खाना खाकर तुमने समेटा भी नहीं है
19:25अरे रुक जाओ सांस दिलो से जिन यार
19:28मैं क्यों करूँ ऐसा?
19:29उठो यार, महमान आए है, घर में उठ भी जाओ
19:32ठीक है बई, उठ रहूँ मैं
19:35बहुत शुक्रिया तुम्हारा
19:36आईए
19:37इसे यहां रख देती
19:38जी, इसे यहां रख दें
19:39अगर चाहें तो अपना वैग भी यहां रख दें
19:41नहीं है, मेरे पासे लिका
19:43आजए
19:45कौन आ है?
19:46आएए
19:48आए, रहान साहिबा आप आई है
19:50खुश आहमदीख
19:51माप कीज़ेगा इस जीब से है वैलकम के लिए
19:53सब पहला हुआ
19:54अरे ठीक है, ऐसे कोई बात नहीं
19:56रहान साहिबा परिशान ना हो
19:57इसे आप अपने ही घर समझे
19:59सेजन तुमने पहले क्यों नहीं बताया के रहान साहिबा आई है
20:01अलागी दरफ से महमान है हमारी
20:03हमें भी पता नहीं था
20:05यहां बेट चाहिए न प्रीज, आएए, आएए बेट चाहिए
20:08मैं देखती हूँ आपके सोने के इंदसाम कहां हो सकता है
20:13अरे, लगता है मैंने आपको परिशान करने है
20:15नहीं नहीं, ऐसे कैसे हो सकता है
20:16आपके सोनी के जगा हमारे पास मौझूद है
20:20आप मुझे प्लीज घलत मत समझेगा
20:21हमारा घर तर असल छोटा सा है न
20:23मैं तो बस ये नहीं चाती हूँ कि आपको कोई परिशानी हो
20:28नहीं, नहीं, हम आपके लिए बहुत अच्छे अंदसाम कर सकते है
20:31एक काम करते हैं
20:33आप अम्मी के गमरे में रुख जाएं
20:35हाँ?
20:37नहीं, ये ठीक नहीं रहेगा
20:39बिलकुल, बिलकुल ये ठीक रहेगा
20:41सिजन में तुम्हारे साथ सूजाओंगे और अम्मी मेरे बेट पर सूजाएंगी
20:44लो, सब तया हो गया
20:45सिजन, तुम्हें तो कोई मसला नहीं है, ना?
20:47मुझे भी कोई मसला नहीं है, क्या ही हो सकता है?
20:49देखे, सब हो गया
21:01बात में कॉल कर लूगी
21:08मुझे बाथरूम जाना है
21:09ठीक है
21:12तुम क्या दीख रहे हो?
21:14ओ हाँ, रिहान साहिबा, अच्छुभाई मेरे दर्वाजी के पीछी एक साफ सॉलिया लटकाया था
21:18ठीक है, बहुत शुक्रिया तुम्हें
21:19कुछ बात नहीं
21:32लड़की, तुमने मुझसे पूछे बगएर उनको मेरा बिस्तर क्यों दे दिया?
21:35तुम्हें क्या करती है, मैं उनको अपने साथ सुलाती क्या?
21:37मुझे परवाण नहीं
21:38आपको क्या हो गया, अपने ये बाते तब क्यों नहीं की जब जहस का समान खरीद वा रहीं थी?
21:42उनकी अपनी खाहिश थी
21:43मैं समझ नहीं पा रहा, रिहान साहिब आपा की बज़े से अपना खर चोड़ के आई है
21:47मुझे समझ नहीं आ रहा, वो तो होटेल में भी रह सकती थी न
21:50एक छोटे से घर में घुस के रहाना मुनासिब है क्या?
21:53मैं रिहान साहिब को होटेल नहीं बेच सकती
21:55इसको तो देखो जरा
21:57वो हमारी महमान है
21:58और उन्हें हमारी जरुत है अम्मी
22:00और वो जब तक चाहेंगे मैं या उन्हें रहने दूँगी
22:04मैं बस ये कहते हूँ
22:05उनकी खुता के लिए खामूश है जाए
22:07ऐसा नहो वो आपकी बाते सुन ले
22:09और वैसे भी मैं तो आपसे नराज हूँ
22:12मुझसे किसलिए नराज हूँ मैंने क्या किया है
22:14मैं क्यों नराज हूँ अम्मी
22:15क्या जिमारी अस्पिताल में बात नहीं हुई थी
22:17जब भी आप मेरे मामले में दखल देती है
22:19और मैं आपके मशवरे मानती हूँ
22:20महीं शाफस जाती हूँ
22:21आपने एक आता ना जाके अमरे से बात करो
22:23पूरा मामला आपके सामने है
22:24हर चीज बरबाद हो गई
22:25और फिर आपने का आराज को जाके बोला तुमें सहथ दे
22:28एक मिनिट जरा रुकें तो सही
22:32आपने अमरे से क्या बात किया पा
22:33और आखिर आराज को क्या हुआ है क्या मुझे कुछ बताएगा कोई
22:36एमरी ने आराज पर हाथ उठाया
22:38सेजिन
22:39क्या
22:42किसलिए
22:49मैंने कर रात भी उन दोनों को नीचे काफी भैस करते हुए देखा था तो
22:58ऐसी क्या बात है जो नहीं बता रही है आपा
23:04एमरी से क्या बात किया आपने
23:11अब आपके दर्म्यान कुछ हुआ है आपा
23:20वा क्या बात है अपकी अवग्री क्या कर रही है क्या आपको जेब देता है और आप सबको ये बात
23:25मालूम थी या नी
23:28यहां लगा मेरा दिमाग खुराब हो जाएगा प्रागर हो जाएगा मैं
23:31कल रात की ही बात है कि हमने उस आदमी को अपनी टेबल बे बिठाया था
23:34उसे अपना महमान बनाया था
23:35उसे बिलकुल दोस्तों की तरह हम बात की थी
23:38अम्मी आपा की मंगनी हो चुकी है
23:40आपा आपकी मंगनी हो चुकी है, भूल गई हैं कि आप?
23:42मुराद ठीक है, बस भी करो.
23:43आपकी और अरास के तर्मियान ऐसा कैसे हो सकता है?
23:46कैसे हो सकता है?
23:47अपनी जबान सम्हाल के बात करो मुराद.
23:49उससक्त एमरे और मैं साथ नहीं थे.
23:54एमरे की मंगनी किसी और से हो गई थी.
23:56तो आपने क्या किया आपा?
23:57इंतिकाम देना था एमरे से.
23:59अगर आपको अरास के साथ जगवा, उस पर पश्टावा था, तो रिष्टा क्यों खतम नहीं किया?
24:04हम अब भी उससे क्यों मिल रहे हैं?
24:05तुम अपनी हर बार कर रहे हो, क्या इस घर में हर बार का फैसला तुम भी करोगे?
24:08तुम्हारा काम नहीं हैंगे?
24:09हाँ, मेरा ही काम है, जेजिन.
24:10ये बात आप में दुमागे मिठा लेंके इस घर में एक ही मर्द है और वो मैं हूँ.
24:13तुम्हारे ये मेरा ही काम है, उराद मेरे खुस्से को बढ़ावा मत दोता हूँ.
24:16बबंद रखो अपना, ठीक है, मान लिया के जवाब उससे अलग थी तब हुआ, मान ली यी बात मैंने.
24:21लेकिन फिर किया आप हमारे खिलाफ जाके एमरे के पास वापस नहीं गई थी आपा?
24:25आपने सोना भी खरीदा था, हम एक रहा पे चल पड़े थे आपा, तो फिर आप आकर उस आपनी को
24:31कैसे जिनने पर बुला सकती है, हाँ?
24:34मैंने नहीं बुलाया था, मुराध. मैंने उसे नहीं बुलाया था.
24:42अरे मेरा क्या कुसूर है? वो लड़का हमारे घर के नीजे आकर खड़ा था. अच्छा लगता गर मैं उसे उपर
24:47ना बुलाती. अलकान खानदान से हमारे इतना तो ताल्लोख है ना?
24:50भाड में जाया, अलकान खानदान. जो करना है करें आप लोग. वैसे तो कर ही रहे हैं. लेकिन अब मुझे
24:59कोई परवा नहीं है.
25:04मुराध?
25:05रहान साहबा मुझे माफ कर दीजेगा लेकिन मुझे ताजा आवा चाहिए.
25:20मैं पानी लाती हूँ. नहीं आप रुके मैं लेकर आती हूँ. नहीं. तुम जहमत मत करो.
25:42जहान साहबा मैं नहीं चाहती थी आप इस बहस की गवाबने. कल रात अरास यहां आया था.
25:48मुराद अंदर इसी बारे में बात कर रहा तो और आपने वो सुन लिया.
25:52लेकिन मैंने उसे नहीं बुलाया था.
25:54अम्मी ने बुलाया था.
25:57क्यूंके अम्मी को यह मामला पता नहीं था.
26:07और आप जानती हैं, अ...
26:12रहान साहिबा मेरी अम्मी अलकान खांदान को लेके थोड़ी हसास है.
26:19इसलिए वो अरास को यहां फॉरन बुलाना चाहती थी.
26:23लेकिन आप यकीन रखें.
26:26मेरे और आरास के बीश में ऐसा कुछ नहीं है.
26:30मुझे यकीन है तुम पर आसली.
26:36लेकिन आरास के बारे में अभी भी तुमने मुझे सब कुछ नहीं बताया.
26:40प्रिहान साहिबा.
26:41ठीक अब बताने की जरूरत नहीं है.
26:44मैं समझती हूं तुमें.
26:46मैं उसे बचपन से जानती हूं.
26:48शायद तुम्हें लगता है मैं उसका दिफा करूँगी क्योंके वो मेरा रिष्टितार है.
26:52लेकिन मैं चाहती हूं कि तुम ये समझ लो कि तुम मेरे लिए कितनी कीमती हो.
26:57तुम्हारे अंदर मेरी जान बसी है
27:01मैंने तुम्हारे लिए अपना
27:04घर छोड़ दिया
27:07उन्होंने मुझे किसी एक को चिनने को कहा
27:09सु तुम्हें चुन लिया
27:13मलिका और तुम्हें फर्क नहीं है बिल्कुल
27:15तुम्हें डरने की कुई भी जरूरत नहीं
27:18चाहे कुछ भी हो जाए
27:20मैं हमेशा साथ हूँ तुम्हारे
27:22तुम मुझे जो भी बताओगी मैं उसी बात पर यकीन करूँगी
27:25कभी इल्जाम नहीं लगाओंगी ठीक है
27:29अगर तुम उसके बारे में मुझे कुछ भी बताना चाहती हो तो
27:33मैं बिल्कुल सुनूंगी
27:43तुम्हें फिकर करने की जरूरत नहीं है
27:46बस ये याद रखो
27:48कि तुम मेरे लिए बहुत कीमती हो
27:55क्या मैं वागई हूँ?
27:57बिल्कुल बहुत स्यादा
28:12मुझे आसली की फिकर हो रही थी
28:15आप दोनों को क्या हुआ है?
28:16कुछ नहीं
28:17हम बस थोड़ा जजबाती हो गए थे
28:21शायद हम खुद जादे ही जजबाती हो गए थे अम्मी
28:26अंदर बैठकर तुम्हारी ही फिकर हो रही थी
28:29मगर शुकर है के तुम्हारे पास कोई और कंदा है रोने के लिए
28:34सही कहा न आसली मैंने?
28:39मुझे माफ कर दी मैं बस आसली से बात कर रही थी
28:45अस्तखवरुल्ला रहान साहिबा आप जब चाहें इससे बात तो कर सकती है
28:51आम सब आज बहुत थक चुके हैं
28:53तो मैं ऐसा करती हूँ आपके लिए विस्तर त्यार कर देती हूँ
28:56मुझे यकीन है आप अम्मी के कमरे में बहुत आराम से रहेंगी
28:58और आप जब तक चाहें यहां रुख सकती है
29:05है ना अम्मी
29:08हुलिया साहिबा मैं माफी चाहती हूँ
29:10मेरी वज़ा से आपको तकलीफ हो रही है
29:12मगर आपका शुक्रिया कि आपने मुझे अपने गर में जगा दे
29:14अरे ऐसे मत कहिए रहान साहिबा
29:16मेरा बिस्तर आपके लायक नहीं
29:18माजरत
29:19मैं ज़र जाकर यह कमरा चीख कर दी
29:21हुलिया साहिबा
29:23अब जब कि हम लोग यहां अकेले हैं
29:25तो हमें बात कर लिनी चाहिए
29:27आपने हस्पिताल में जो भी
29:28फीगन साहिबा से कहा उस हवाले से
29:31रहान साहिबा
29:32इस वक्त तो मैं बिल्कुल भी इस बारे में बात नहीं करना चाहती हूँ
29:35घुसा रहा है मुझे इस बात पर
29:37उस वक्त आसली को इतना अफसुर्दा देखा मैंने
29:40तो मेरे मूँ में जो आया है मैंने बोल दिया
29:44हो सकता है हद से जादा बोल दिया हो लेकिन एक माँ का दिल है आखिर
29:48मैं बिल्कुल भी नराज नहीं हूँ आप से
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