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00:13उस वक्त आसली को इतना अवसुर्दा देखा मैंने
00:16तो मेरे मूँ में जो आया है मैंने बोल दिया
00:19हो सकता है हद से जादा बोल दिया हो लेकिन एक मां का दिल है आखिर
00:23मैं बिल्कुल भी नाराज नहीं हूँ आपसे
00:27वाकई में?
00:28बिल्कुल
00:30आपने जो किया सही किया
00:32सही किया मैंने?
00:34आराज से मैं भी बहुत नाराज हूँ
00:37मतलब उसने आसली की जिंदगी पर बात कर दी
00:39और उस मासूम लड़की को देखो जरा
00:42आराज की वज़ा से उसका अपने मंगेते से रिष्टा तूट गया
00:45उसने उस पर इल्जाम लगा दिया
00:48बहुत परिशानी हुई उसे
00:51उसने तो आपसे भी ये कहा कि आसली का उसके मंगेते से रिष्टा तूड़वा दे
00:57उसका तो दिमाग खराब हो चका है
01:00देखो तो जरा
01:02आपसे आकर कह रहा है के रिष्टा खतम कर दे
01:06अब आकरी में
01:07मगर आप फिकर मत करें ने उसको समझा दिया
01:11मैंने कहा कि अपनी हाँ में रहो तुमारी हिम्मत कैसे हुई
01:13और कै कहा
01:15मैंने कहा तुम्हें शरम नहीं आती है क्या
01:17जो इस तहां की बाते कर रहे हो तुम
01:19अगर मेरा अलकान हानान से तालोक नहीं होता ना तो
01:22और बुरी तरह समझाती है तुम्हें
01:24बिल्कुल ठीक कहा आपने
01:27वैसे ये कब कहा
01:28हाँ?
01:30मतलब आपने ये सब कब कहा आरास से?
01:37आरास?
01:38उलिया साइबा
01:42असलियो तुम्हारे बीच क्या चल रहा है?
01:50मैंने अभी थोड़ी देर पहले आप सब के गुफ्तुकु सुनी
01:54आपने कल रात उसे यहां पर बुलाया था
01:56आप किसी ऐसे शखस को अपने घर पे कैसे बुला सकती है
01:59जिसने आप से इस तरह की बाते की हो
02:01अरे रहान साइबा
02:03अगर मुझे पता होता पहले से तो मैं क्या उसे बुलाती अपने घर पर?
02:06ये सारी बाते तो उसने मुझसे कल रात जाते हुए की थी
02:09हाँ बिल्कुल, आसली को बताया आपने, मुझे नहीं लगता है वो ये सब को जानती होगी
02:14नहीं नहीं बताया उसको, जानना भी नहीं चाहिए उसे
02:19अगर ये बातें लोगों को पता चल गई तो आसली को बहुत तकलीफ होगी
02:25बहुत तकलीफ होगी, सच है
02:28हाँ फिर भी
02:31जब आराज सखमी हुआ था तो आप उससे मिलने के लिए हस्पताल गई थी
02:35इस दोरान आपने आसली को अकेला नहीं छोड़ा
02:38आपकी ये बात काबले तारीफ है
02:40आपकी जगा मैं होती तो इस बात की अजाज़त नहीं देती
02:43और इस बात को लेकर मैं उसे खूब सुनाती
02:45सच में आपके अंदर बहुत सबर है, सबरदस्त
02:49अब क्या कहूं मैं रहान साहबा, इस सब कुछ आपके सामने है
02:53याने जब आसली को मेरी ज़रूरत थी, तो उसका पूरा साथ दिया मैंने
02:57कोई भी माँ ऐसा ही करेगी
03:00सही कहा आपने, समझ सकती हूँ मैं
03:03मुझे नहीं लगता कि इस बारे में आसली को जरा भी मालूम होना चाहिए
03:09रहान साहबा मैंने कमरा त्यार करती है
03:10बहुत शुक्रिया मेरी जान, बहुत शुक्रिया, शब भा खेर
03:16मैंने आपके कप्टे भी विस्तर पर रखती हैं कि चाहें तो चींज कर लें
03:19बहुत शुक्रिया
03:24मरिया, कल दुपहर सिबेल साहबा अपनी बेटी की साथ आ रहेंगे
03:28क्या तुम अपनी मशूर पेस्ट्रियों में से कुछ बना सकती हो
03:31और ऐसा करेंगे कि दुकान से एक अच्छा फ्रूट केक भी ले आएंगे
03:35गुलाई भी मदद कर देगी
03:36वैसे वो क्यों आ रहे हैं फेगन अम्मी? कोई खास बात है क्या?
03:41अम्मी? उनका ड्राइवर आ गया
03:43लेकिन रेहान आपन उसके साथ नहीं आई
03:46क्या? क्या मतलब उनहीं आई?
03:48उन्होंने ड्राइवर को अकेले भीज दिया
03:50और कहा के मैं आप घर वापस नहीं आ रही
03:52क्या कहा रेहान ने उससे?
03:54बात सुनो क्या तुमने रेहान को फोंग किया था?
03:56सिर्फ मेसेज तुने ही भेजा था ना?
03:58जी किया था
03:59मैसेज कह रही हूँ मैंने किया था
04:00उन्होंने वापस कॉल भी नहीं कि मुझे
04:13अह रेहान ना?
04:15क्या हूँ आप क्या बात है?
04:18रेहान ने अपने ड्राइवर भेश दिया लेकिन खुद नहीं आ रही
04:21क्या मतलब कि वो नहीं आ रही?
04:22फोन उठाएगी तो पता चलेगा बेटा भी नहीं मालू
04:42चिक कहिए फिग अनापा
04:43रेहान?
04:44तुम अपने ड्राइवर की साथ घर क्यों नहीं आई?
04:46इसका मैं क्या मतलब समझू बेटी?
04:48मैं सब को एक साथ रखते की कोशिश कर रही हूँ
04:50तुम घर को बिखड़ने से बचाने की कोशिश कर रही हूँ
04:52और दूसी तरफ तुम ये कर रही हूँ?
04:54मेरे पास अब उस घर में वापस आने की कोई वज़ा नहीं
04:57क्या मतलब?
04:57तुम अपना खांदान चोड़ रही हो?
05:00घर वो होता है
05:02जहां हम खुशी और सकून महसूस करते हैं
05:05जब तक मेरे साथ मेरी बीटी थी मुझे बहुत सकून था
05:08मगर अब ऐसा कुछ नहीं
05:12अब मेरे पास एक दूसरा घर मौजूद है
05:15आप ही ने कहा था कि मेरे होते हुए ऐसा नहीं हो सकता
05:20फीगन आपा मैं आपसे लड़ना नहीं चाहती हूँ
05:23लेकिन आपने मुझे से हस्पताल में जो बात की थी
05:25ये उसका जवाब है
05:28इस जट के नीचे हर शखस ने इन तमाम सालों में
05:30तुम्हारी बलाई का ख्याल रखा
05:32वो तुम्हारे लिए बेतरी चाहते थे
05:34लेकिन अगर इसके बावजूद तुमने अपने खांदान पर
05:38उस लड़की को तरजी दी है
05:39तो मेरे पास तुमसे कहने के लिए कुछ नहीं है
05:41ऐसा लगता है कि तुम्हारी नजर में
06:00अन तमाम कोशिशों का सिला है जो मैंने तुम्हारे लिए की
06:03अफसूस
06:04तो तुम नहीं आ रही हो
06:06ये तुम्हारा अपना फैसला है
06:13अम्मी
06:14आपको इस तरह फोन बन नहीं करना चाहिए था
06:17खामोश हो
06:19मैंने बड़ा दिल दिखा कर उसे फोन किया
06:21तुम्हें खबर भी है कि उसने मुझसे कितनी बत्तमीजी किये
06:24इस घर का कोई भी फर्द बेरी अजास्त के बगएर
06:27खानदान को नहीं चोड़ सकता
06:28हम भी देखेंगे कि वो कब तर टिक पाती है
06:30बाहर की दुनिया में रहना का आसान नहीं है
06:33उसका गुरूर खाक में मिल जाएकर वो वापिस आएगे
06:52बात सुने आपका पैन रहे गिया है
06:54बात सुने
07:01रुको रुको
07:14मैं जानती हैं तुम मुझसे बात नहीं करना चाहते
07:16लेकिन एक बात ऐसी है जो मुझे तुम्हें बताना बहुत जरूरी है
07:19मैं आज इस हालत में तुम्हारी वज़ा से हूँ
07:21तुम्हारी वज़ा से
07:22तो तुम्हारी माफी या तुम्हारे बुरा महसूस करने से
07:25मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा
07:27मैं आज के बाद
07:28तुम्हें अपने आस पास नहीं देखना चाहता हूँ
07:31समझ गई तुम
07:54आलत देखो उसकी
07:56जिस दिन से तुम हमारी जिन्दगी में आई हो
07:59हमारे घर का सुकोन खत्म होंकिया है
08:01अपनी लहूसत और बत्पस्मती लेकर हमारी जिन्दगी से निकल जाओ
08:06तुबारा कभी हमें अपना चेहरा मत दिखा
08:09समझ गई तुम
08:28तुम बेजी तो नहीं?
08:29आ जाओ
08:32अरास क्या तुमने रिहान आपसे बात की?
08:35क्यों क्या हुआ?
08:37मत पूछो वो घर छोड़कर चली गई है
08:41क्या? उन्होंने घर छोड़ दिया?
08:43कब? और क्यों?
08:45अम्मी ने उनसे फॉन पर बात की उन्होंने कहा कि मैं नहीं आ रही हूँ
08:49अच्छा रुको मैं करता हूँ
09:00वो हमारी कॉल्स का जवाब नहीं दे रही है
09:06अब चलो मुझे उठने में मदद चाए
09:08हाँ करती हूँ
09:10आजाओ अराम से
09:26हमी क्या फिर से कॉल करेंगी उससे? कर लेनी चाहिए वैसे
09:30आखिर ये और क्या कर सकती है?
09:31ये तो उसकी मिन्नत तक कर रही है
09:33जबके रहान बत्तमीजी कर रही है
09:35अगर फिगन अमी कॉल ना करती
09:37तो हमें पता ही न चलता कि रहान ने क्या किया
09:41खेरियत तो है अमल
09:43क्या तुमने आराज को बता दिया?
09:45भाई ने कहा था कि आराज भी उन्हें फोन करे
09:48लेकिन रिहान आपा ने बात ही नहीं की
09:50अब क्यों फून कर रहे हो तुम लोग उसको
09:52वो जाना चाहती थी चली गए
09:54उसके पीछे क्यों पड़े हुए हो
09:55ये भी तो हो सकता है कि हॉस्पिटल में उनको कोई ऐसी बात कही गई हो
09:58जो ने अच्छी ना लगी हो
10:00मेरा मतलब है आप उनको हर बात के लिए बलेम नहीं कर सकते
10:02अरे देखो तो सरा हमारे हसास आराज साहब को
10:06क्या बरेहान का दिफ़ा करना तुम्हारा काम है
10:09तुम्हें इस बारे में बोलने का कोई हक नहीं है
10:27अगर वो जाना चाहती है तो उसे जाने दो
10:29शौक से जरूर जाए उसे भी दुनिया का मज़ा चकने दो
10:39नहीं
10:44मलिका रुक जाओ
10:50मलिका रुको गाड़े से बाहर ने लो
10:54कोई अवास सुन रही हो तुम
10:56मलिका मेरी बात सुनो बाहर निकलो
10:59ये तो रहान साहिबा की आवाज है
11:02रुक जाओ
11:03नहीं क्या हो रहा है ये
11:06नहीं अभी रहान साहिबा की आवाज है
11:08रुक जाओ मलिका रुक जाओ
11:15मलिका
11:18ये कैसी आवाज है
11:23नहीं
11:25क्या मैं जाओ
11:26हाँ जाओ
11:28नहीं मुझे यकीन नहीं आ रहा
11:33रिहान साहिबा
11:35नहीं
11:37मलिका
11:39अराम से
11:39रुक जाओ
11:41बात मान लो मेरी
11:42देखो गाड़ी के अंदर मत जाओ
11:45बाहर निकलो गाड़ी से
11:48मलिका
11:53मलिका बाहर निकलो
11:54जल्दी करो
11:58आसली तुम मलिका
12:00क्या जगा दू इने
12:02नहीं
12:03मच जाओ
12:05देखो कितनी तकलीफ में ये
12:07नहीं
12:09रुक जाओ
12:11मलिका
12:12नहीं जाओ
12:13रुक जाओ
12:15मलिका
12:18मलिका
12:20मलिका
12:21मलिका
12:22ब्रिहान सहीब
12:24पिरिहान सहीब
12:29मलिका
12:29अमीत ने क्यूं जाय रही है
12:33मलिका
12:34मेरी जान
12:36मेरी जान
12:36कोई जगई थी तुम
12:38मेरी बीटी, मैंने तुम्हें तुम्हें बुरी आलत में देखा एक अचीब जगा पर वो में तुम्हें ठीक तो हो ना
12:48तुम्हें थेखा कि तुम्हें छोड़कर
13:15माफी जोती हूँ आपको ये डरावना हो आप देख रहें तेरे हांसाहएबा डरावना खाप था बहुत जादा डरावना जाओ ये
13:27उन्हें दो आपा येले पानी पिये तुम्हें
13:43अब ठीक है आप चलो बच्चो अपने कबरों में जाओ चलो शाबाज जाओ जाओ आजए रहान साहिबा आसली अराम करने
14:00देना तुम्हें रहान साहिबा को ठीक है
14:07आप ठीक तो है
14:19प्षबगर प्षबगर
14:36प्षबगर
14:48मैं इससे पहले अपने घर के लावा कही नहीं सोई शायद यही वज़ा होगी
14:52शायद रहान साहिबा हो सकता आपको आदत ना हो बिल्कुल
14:59आदत हो जाएगी मगर उस घर में मैं वापस कभी नहीं जाओंगी
15:07रहान साहिबा क्या आपको यकीन है
15:08मेरा मतलब है कि इनसान को अपने घर की याद आती है
15:15और मलिका की भी
15:17नाश्ती के बाद ऐसा करते हैं कि हम घर डूंगने चलते हैं
15:20मैं ऐसा घर लेना चाहती हूँ जो तुम्हारे घर के बिल्कुल करीब हो
15:26क्या आपको यकीन है?
15:28मुझे अपने उपर पूरा यकीन है
15:30सोच समझ कर फैसला किया है मैंने
15:33और तुम्हें मेरी फिकर करने की जरूरत नहीं
15:36और अगर फिकर करना चाहती ही हो
15:38तो पहले अपनी फिकर करो
15:42तुम्हें इसकी आदत हो जाएगी असली
15:46क्योंके माएं तो अपनी बच्चों की फिकर करती ही है
15:50मगर तुम एक समझदार लड़की हो
15:52मुझे तुमारे बारे में जादा फिकर करने की जरूरत नहीं
15:56मुझे यकीन है कि तुम हमेशा सही काम करोगी
16:03जैसा कि अब तुम आराज से नहीं मिलोगी
16:19शिट
16:22सुबाबा खेर हुलिया साहबा
16:23अच्छी गुजरी ना आपकी रात
16:26नीम तु अच्छी आयोगी
16:27तो कैसा लगा मेरा बिस्तर
16:30सिजन हट जाओ यहां से सोने दोना मुझे
16:32चले अम्मी बस भी करें अब उट भी जाएं
16:34वहां रेहान साहबा किचन में नाश्टा बना रही है
16:36और आप मेस्वान होके माशाला से अब तक सो रही है
16:41और अम्मी आप चानती है वो इटेलियन ओमलेट बना रही है
16:46क्या कह रही हो क्या बना रही है वो
16:50क्या बक्वास है एक दिन आग लगा दूँगी में तुम्हें
16:54कसम खुदा की अपने इक घर में दर्बदर हो गई हूँ मैं तो यार
16:59इस वारत के पास अतना पैसा है कि किसी फाइव स्टार होटल में रह सकती है
17:02और हमें भी दावाद दे सकती है लेकिन इसने तुआ कर मेरे बिस्तर पर ही कबसा कर लिया
17:06इनकी वज़े से मैं पूरी रात ठीक से सोगी नहीं सकी
17:09इतना तक्रीब ते बिस्तर है में जो तो पूरी रात ठीक से नीन नहीं आई
17:12वैसे अम्मी ये बहुत बुरी बात है कि मेजमान अराम कर रहे हैं और मेहमान किचन में नाश्टा बना रहे
17:17हैं
17:17रुको तुम जरा तुम तो इसी चप्पल के लाइक हो शर्म नहीं आती
17:29क्या बात है तुमारी कितनी नफासत से काट रही हो बिल्कुल जैसे मैं काटती हूँ
17:35ये सब मेरी अम्मी की वज़े से जब मैं छोटी थी और काटून देख रही होती थी तो अक्सर अम्मी
17:41मुझे प्यास काटने के लिए बुला लीती थी
17:42जाहिर है मेरा ध्यान सारा काटून की तरफ ही होता था इस चुक्तर में मेरा हाथ कई बार कटा है
17:53अरे बेटा माशालला उटे के साथी तुमने रहान साहबा के सामने अपनी मा की बुराईयां करना शुरू कर दी है
18:00नहीं अम्मी मैं तो बस मजाक कर रही थी
18:04मुझे पता है ये बात
18:05मैं भी मजाकी कर रही हूँ तुमसे मेरी जान
18:08ओफ मेरी जान सुबा बखेर
18:10सुबा बखेर हम काम कर रहे है
18:12तो इसमें क्या हो गया मेरा दिल कर रहा था तुम्हें प्यार करने का
18:15पता है, रेहन साहिबा, मेरे तीनों बच्छे बिल्कुल ऐसे ही हैं
18:17बस μέए ही प्यार करती हूँ, बल्लै लगाती हूँ
18:20अल्ला अल्ला शाइद किसी ओहरी दुनिया में ऐसा होता होगा
18:23सरा शर्म करो
18:29रिहान साहिबा, उमीद है कि आप उसके बार ठीक से सो सकी होंगे?
18:32नहीं सो सकी मैं
18:34क्या लग रहा तो दुबारा बुरे हाब आएंगे आपको
18:39नहीं ऐसा नहीं है, असल में मेरा सर थोड़ा भारी हो गया था
18:44समझ सकती हूँ, अपना घर छोड़ कर आई है यहाँ
18:47जब आपके घर में सब को पता चला होगा तो उन्होंने कयामत बर्पा कर दी होगी
18:51क्या उनसे बात हुए नहीं अभी उटते के साथ यह इतने सारे सवाल क्यूं पूछ रही हैं?
18:57क्या मस्ताय बेटा, फिकर है तो पूछ रही हूँ ना, अल्ला अल्ला
19:01नहीं, मैं बन से बात करना नहीं जाती
19:04ठीक है, मत बात करें, अपने जहन को अराम दे
19:10ओ, माशाआलला, क्या बात है, जिस हिसाब से आपने ये खरीदारी की है ना, लगता है पूरे महीने यहां रहने
19:17के इंतिजाम कर लिया है
19:19अम्मी, क्या मस्ता है तुम्हारा, मजाग नहीं कर सकती हूँ क्या मैं
19:22तुम्हें तो मेरे मजाग समझ ही नहीं आते
19:24रहान साहबा, आपको तो पता है न, मैं मजाग कर रही हूँ आपसे
19:27मैं अच्छी तरह जानती हूँ कि आप मजाग कर रही हैं
19:31लेकिन आपको परिशान होने की जरुवत नहीं, मैं ज्यादा दिन इस घर में नहीं रहूँगी
19:36आप जब तक चाहें या रुख सकती हैं, रहान साइबा?
19:39बहुत शुक्रिया, मिरी जान
19:40नाश्ते के बाद हम दोनों मिलकर घर देखने चलेंगे
19:44कौन सा घर?
19:45रहान साइबा हमारे महले में या रहे हैं, और इसलिए इनके लिए घर ढूनना है
19:52मैं जरा आती हूँ, तुम तब तक इसे देख लोगी?
19:54जी ठीक है
20:02बेटा, तुम्हार दुमाग तो खराब नहीं होगे, ये कैसे रख सकती हैं इस महले में?
20:05और क्या खेती मैं अम्मी?
20:07क्या कभी तुमने इस महले में रहान साहबा जैसी कोई औरत देखी है?
20:11वो यहां का महल परदाश नहीं कर पाएंगी
20:14क्या देखा नहीं तुमने? कल राट कैसे खौप आ रहे थे उन्हें?
20:17बेचारी और दो और उनकी बेटी का सब कुछ उस घर में
20:20बीच में फस जाएंगी
20:21परदाश नहीं कर पाएंगी वो ये सब कुछ दिमाग खराब हो जाएगा उनका
20:25मुझे नहीं मालू मम्मी
20:26शायद हो सकतार उन्हें हुस्से में आके कह दिया हो कि मैं याँ शिफ्ट हो जाएंगी
20:30अरे बेटा, किराय का घर ले रही है वो
20:33क्या तुम्हारा जमीर तुम्हें जिन जोडता नहीं है?
20:36मेरा जमीर मुझे क्यों जिन जोड़ेगा?
20:39मैं कह रही हूँ कि इस बात की तुम भी जिमेदार हो ना असली?
20:43अगर तुम्हारा आराज के साथ कुछ ना हुआ होता
20:46तो ये तुम्हारा दिफा करने के लिए अपना घर ना छोड़ कर आई होती
20:52आसली, तुम्हें इस सब कुछ ठीक करने के लिए कुछ करना चाहिए
20:55वरना तो सब कुछ बहुत बिगड़ जाएगा
20:57मैं इसे कैसे ठीक करूँ अम्मी?
20:59मैं एक समझदार औरत को कैसे समझा सकती हूँ?
21:05फेर, किसी ऐसे को ढूंडो ना जो इनसे बात कर सके
21:08सोच लो
21:37क्या मिल सकते हैं?
21:38रहान साहबा के वारे में बात करेंगे
21:42ओके
21:50अरास साहब फिगन साहबा गार्डन में आपको इंतजार कर रहे हैं
21:55तुम से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई
22:03अम्मी मैं एक ज़रूरी काम से बाहर जा रहा हूँ
22:08आरास आओ देखो हमाय गर आज कौन महमान आया है
22:14आरास कैसे हो बेटा
22:23दरियो और से बेल साहबा को तुम्हारे हाथ से का पता चले तो तुम्हारी खेरियत मालू करने चली है
22:30सलाम
22:35दरिया
22:37अरास
22:39कैसे हो तुम्हार तुम्हार जा रहे हो तो दरिया को भी अपने साथ ले जा
22:43यहां बैठेगी तो हमाई साथ बोर होती रहेगी
22:45तबील अरसे से नहीं मिले ओ एक दूसरे से
22:47बहुत कुछ होगा तुम लोगों के पास एक दूसरी को बताने के लिए
22:55सॉरी मुझे एक जरूरी काम से जाना है
22:58अगली बार में भी
23:05जरूर क्यों नहीं
23:08बहुत शुक्रिया
23:12एक मिनिट मैं आती हूँ
23:25अंदर आई अम्मी
23:31जी तो कहीं अम्मी
23:36मैं सुन रहा हूँ
23:38देखो
23:40देखो आरास तुम अभी धरिया के पास जाओ
23:43और उससे कहो कि तुम मेरे साथ चल सकती हूँ
23:46समझ के?
23:47देखे अम्मी मैं समझ सकता हूँ
23:49आप इसलिए परिशान हैं के आंटी छोड़कर चली गए हैं
23:52इसका मतलब यह नहीं के भड़ास मेरे उपर निकाले
23:54और यह जो भी शादी के उल्टी सीदी आप चीज़े कर रहे हैं इसको खतम करें
23:58बेटा तुम उस लड़की को जानते हो हम उसके खांदान को जानते हैं
24:01इसके अलावा उन लड़कियों में से यह मेरी सबसे पसंदीदा थी जिनकी साथ तुम रहे हो
24:05और इस से जादा मैं क्या करूँ तुम्हारे लिए
24:07अम्मी आप क्या बात करी हैं क्या बोले चले जा रहे हैं आप
24:10आपका बस चिले तो आप अभी अंगूटी पैना दे उसे
24:13यह कोई मजाग चल रहे हैं
24:14मेरी तरफ देखो आरास मुझे पागल मत करो
24:17तुम शादी कर रहे हो
24:18बिलकुल भी नहीं
24:20वो एक बेतरीन लड़की है
24:22हुबसूरत है
24:23उसका कल भी बिलकुल ठीक है
24:25उसका खांदान शरीफ है
24:27वो जानती है किस तरह पहशाना है
24:29और क्या चाहते हो तुमारास
24:3232 साल के हो चुके हो तुम
24:33जब मैं तुम्हारी उमर की थी
24:35तो मेरा एक बच्चा था मेरी गोद में
24:37वाँ
24:37आप तो बिलकुल ही अपना जहन खो चुकी है
24:40देखे
24:41मैं भाई जैसा नहीं हूँ
24:43आप मुझ पे उस तरह से पट्टा नहीं डाल सकती
24:47मैं तुम से बात में बात करूँगी
25:14क्या हमारे दर्मियान तालुकात इतने खराब हो गए है आरास
25:16कि तुम मुझे देखते ही अपनी गाड़ी में बैट कर भाग रहे हूँ
25:19अफसोस हो मुझे
25:20तुम से नहीं भाग रहा हूँ मैं
25:21अपनी अम्मी के इरादों से भागने की कोशिश कर रहा हूँ मैं
25:24जानते हूँ उनके इरादे कुछ ठीक नहीं है
25:26फीगन साहिबा हमारी शादी करवाने पर तुली हूई है
25:29उन्होंने ये बात सीधे मूद तो नहीं कही मगर
25:32उनकी बातों से ये साफ जाहिर होता है
25:34बोर हो चुकी होगी अब तक
25:36मुझे ये सुनकर बहुत हैरानी हूई
25:38क्योंकि उनका कहना है
25:39कि तुमने अपनी जन्दगी को बदलने का फैसला किया है अरास
25:42और ये भी बताया कि तुमने अपनी
25:44पुरानी आदत को छोड़कर नई जन्दगी का अगास कर लिया है
25:46ये अच Χी बात है
25:48ऐसा ही है ना?
25:49ऐसा ही है, बेलकुल.
25:51और अम्मी ने भी यकीन कर लिया.
25:57क्या भी नाराज हो मुझे?
26:01क्यों ना हूँ?
26:02जो हरकत तुमने की है मेरी जगा कोई और भी होता तो वो भी नाराजी होता.
26:05जो तुमने किया ठीक नहीं था.
26:07कोई वजा तो बताते.
26:09समझता हूँ
26:11सच कहूं तो तुमने मेरा दिल दुखाया था, मगर
26:18तुमसे ज्यादा मलिका ने मेरा दिल दुखाया है
26:23जो लोग जा चुके हैं, उनकी बारे में ना बात करें तो बेतर होगा
26:26बुरी बात होती है
26:27बिल्कुल, सही कहा तुमने
26:29वो तो अब फरिष्टा बन चुकी है
26:32लेकिन अगर वो सब ना हुआ होता
26:36तो चीजे काफी बहतर और मुक्तलिफ होती
26:38ठीक कहा न मैंने
26:43दरिया
26:46एहमल
26:46अच्छा सर्प्राइज है, खुशामदीद
26:49शुक्रिया तुम्हारा
26:51मैं बस अम्मी के पास ही जा रही थी
26:53और दरसल
26:54फिगन सहाइबा को अम्मी से कुछ काम था
26:59फिर मिलेंगे
27:02चलती हूँ
27:07यह यहाँ क्या कर रही है
27:09मुझे नहीं पता, अम्मी ने इन्वाइट किया था
27:11क्या वाकई?
27:15अम्मी ने तुम्हारी शादी कराने का पका इरादा कर लिया है
27:18जो भी कहा उन्होंने, मुझे कोई परवा नहीं, कुछ नहीं होने वाला
27:21बस भी करो आरास
27:22यह सब हाला तुमने खुद पैदा किये है
27:25हाँ हाँ, बोलो बोलो, सब कुछ मेरी ही गलती है
27:27नहीं मैंने ऐसा भी नहीं कहा आरास
27:29कमसकम तुम आसली से सच तो बोल सकते थे
27:37हाँ हाँ, खामोश रहू
27:39मालूम है, अब तुम कुछ नहीं कहोगे
27:41खेर है, मैं ब्रिजिक के साथ रिहान आपा से मिलने जा रही हूँ
27:45उनका कुछ समान है वस वही देने जा रही हूँ, मनाने की कोशिश करूँगी
27:49तुम भी चलो ना साथ
27:50ओ प्लीज, मुझे आब इन चीजों में इन्वाल्व ना करो
27:54आरास, क्या ये इस तरह बैठे रहने का वक्त है?
27:56क्या तुमने रिहान आपा को फॉन किया था?
27:58नहीं
27:59बहुत खुब, क्या बात है तुम्हेरे?
28:02अम्मी के बाद उन्हें सबसे ज़्यादा गुस्सा तुम पर ही आ रहा होगा
28:05इसलिए मेरा उनको शकल ना दिखाने ही बेतर है
28:07तुम अपने तोर पे उन्हें मना सकती हो
28:11अरास
28:11क्या है?
28:13एक बात बताओ, हॉस्पिटल में हूलिया ने जो कुछ कहा था, क्या वो सच था?
28:16खुधा के लिए मेरी चांद छोड़ दो, वो औरत पागल है
28:21अरास
28:21क्या?
28:22जब तुम पोचते हो कि मैं इसका मुस्ताहिक हूँ, तो कभी-गभी तुम वाकई होते हो
28:26ठीक एमिल, ठीक एमिल
28:28माफ करना, लेकिन कभी-गभी तुम सही भी होते हो, अब सब कुछ मज़े ही ठीक करना पड़ेगा
28:48वाकई रिहान साब, वह यह बहुत दबुदिस बना आपके हातों को सलाम
28:51इससे अच्छा उम्डूड नहीं खाया मैंने
28:53सोही कह रहा है, बहुत मज़ेदार आमलेट अब
28:58मुझे बहुत खोशी हुई
29:01कसम से तुम लोग कोई गेर मुलकी नाम सुनकर पागल ही हो जाते हो
29:05है तो एक आमलेट ही ना, स्पैनिश होने से कि यह बहतरीन आमलेट हो गया
29:09सिर्फ प्यासर आलू ही तो डले हैं इसमें
29:11रिहान सहीवा जायके में तो आपके ही हाथ का कमाले मैं आपको नहीं कह रही हूँ
29:15मगर यह आजकल के बच्चे भी ना, कोई नया नाम सुनकर दिवाने ही हो जाते हैं
29:19नाम इतना जरूरी नहीं, बस कुछ मसालों का फर्क है
29:22कभी-कभी कुछ मसाले बदल लेने से जायकल अजीज हो जाता है
29:26और फिर वो जायकल सबको बहुत पसंद आता है
29:32अरे याद आया मुझे, मैंने भी तो इस तरह कॉमलेट बनाया था ना आलू किसा
29:37हाँ, बिल्कुल अम्मी, अब बची हुई आलू की बुजिया पर अंडे तोड के डाल दिया करती थी
29:40बस इतना ही फर्क है
29:43तो क्या मतला भे बेटा, क्या बचा हुआ खाना फेग दें?
29:45बस यह हमारे पास, जाहरे जाया तो नहीं होने दे सकते
29:48अरे वैसे यह आलू बालू छोड़ दे, पता है मैं पोस्ट टेक सबसे बहतरीन बनाती थी
29:53मेरे पोस्ट टेक का तो मुकाबला नहीं कर दो कोई
29:55बहुत पसंद था तुम लोगों को, उसके ओपर थोड़ा सा लेसन और दही डालतो
29:59मुझे तो ऐसा कुछ ही आदी
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