00:03माहắt महरम का चांद मंगलवार को देखा गया है जिसके बाた से इसलमी नए साल के शुरूबात हो चुकी है
00:0917 जून को माहे महरम की पहली तारीख है महरम की दसमी तारीख यानी यौम अशूरा 26 जून को है
00:16महरम इसलामिक कैलेंडर यानि हिज्जरी साल का पहला महीना है
00:19चांद के साथ ही 1448 का आगास हो गया है
00:23इसे के साथ परगंबर इसलाम हजरत मुहम्मद صلی اللہ علیہ وسلم के नवासे
00:26हजरत स्यदना इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके साथियों द्वारा दी गई
00:31अजीज कुर्बानी की याद ताज़ा हो गई है
00:33बहुत से लोग ये सवाल पूछते हैं कि महरम में कितने रोजे रखने चाहिए
00:38क्या एक से दस महरम तक का रोजा रखना जरूरी है
00:40सबसे अवजल रोजा कौन सा है और इन रोजों का क्या सवाब है
00:44आज की इस वीडियो में हम यही जानेंगे
00:46सबसे पहले ये जान लीजिए कि महरम कोई आम महीना नहीं है
01:02अगर कोई इनसान एक से दस तक सारे रोजे रखता है
01:06तो ये नफल अबादत है और अच्छा काम है
01:08लेकिन ये जरूरी नहीं है
01:09उलेमा बताते हैं कि महरम के पूरे महीने में रोजा रखना जायज और सवाब का काम है
01:13क्योंकि ये महीना रोजे के लिए बहुत फ़जीलत वाला है
01:16सबसे एहम और सबसे ज्यादा फ़जीलत वाला रोजा दस महरम यानी आशूरा का रोजा है
01:24अशूरा का रोजा पिछले एक साल के गुनाहों का कफारा बन जाता है
01:27यानी अगर कोई मुसल्मान इमान और सवाब की नियत से अशूरा का रोजा रखे
01:31तो अल्ला पिछले एक साल के छोटे गुना माफ फरमा सकता है
01:36अशूरा का रोजा क्यों रखा जाता है
01:48इसी खुशी में हजरत मुसा लेथ स्लाम रोजा रखते थे
01:51तब रसूल Warum ने फर्माया, मुसा से हमारा रिश्टा तुम से ज़्यादा है
01:54फिर आपने खुद भी रोजा रखागा और मुसल्मानों को भी रखने का हुकम दिया
01:58रसुल आल्ला ने आखरी दिनों में इरादा फर्माया था कि अगले 9 और 10 दोनों दिन रोजा रखेंगे ताकि मुसल्मान
02:04यहूदियों से अलग पहचान रखें
02:06इसलिए उलेमा इकराम ने बताया कि सबसे बहतर तरीका है 9 और 10 महरम उसके बाद 10 और 11 महरम
02:12और अगर कोई सिर्फ 10 तारीक का रोजा रखे तो वो भी जायज है
02:16सबसे अवजल 9 और 10 महरम हैं दूसरा दरजा 10 और 11 महरम हैं तीसरा दरजा 9, 10 और 11
02:22तीनों दिन हैं कम से कम सिर्फ 10 महरम
02:25रमजान के बाद सबसे अवजल रोजे अल्ला के महीने महरम के रोजे हैं
02:29इस हदीस से पता चलता है कि पूरे महरम में ज्यादा से ज्यादा नफल रोजे रखना बहुत सबाब का काम
02:35है,
02:35अलांकि पूरे महीने रोजा रखना ज़रूरी नहीं है.
02:38तो दोस्तो महरम में एक से दस तक रोजा रखना ज़रूरी नहीं है,
02:41सबसे अफ़ल रोजा 10 महरम यानि आशूरा का रोजा है
02:44और सबसे बहतर तरीका 9 और 10 महरम दोनों दिन रोजा रखना है
02:47आशूरा का रोजा पिछले एक साल के छोटे गुनाहों के लिए कफारा बनने की उमेद रखता है
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