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Muharram 2026: मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला और सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुहर्रम 2026 में आशूरा 26 जून को है या 27 जून को? इस वीडियो में जानिए मुहर्रम की सही तारीख, आशूरा के रोज़े की फज़ीलत, इस महीने की अहमियत, इमाम हुसैन (रज़ि.) की शहादत का इतिहास और इस महीने में मुसलमानों को क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए। कुरान, सहीह हदीस और मशहूर इस्लामी विद्वानों के हवालों के साथ आसान हिंदी में पूरी जानकारी।

Muharram is the first month of the Islamic calendar and one of the four sacred months in Islam. But is Ashura in 2026 on June 26 or June 27? In this video, learn about the correct date of Ashura, the virtues of fasting on Ashura, the significance of Muharram, the martyrdom of Imam Hussain (RA), and what Muslims should do and avoid during this blessed month. All information is explained in simple language with references from the Quran, authentic Hadith, and respected Islamic scholars.


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~HT.504~PR.115~ED.120~VG.HM~

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Transcript
00:02माह मुहर्म का चान नजर आ चुका है इसी के साथ इसलामी नए साल की शुरुआत भी हो चुकी है
00:0817 जून को माह मुहर्म की पहली तारीख है मुहर्म की दस्वी तारीख यौम आशूरा 26 जून को है
00:14महर्म इसलामी कलेंडर यानि हिज्री वर्ष का पहला महीना है
00:18चांद के साथ ही 1448 का आगास हो गया है
00:21इसी के साथ पेगंबर इसलाम हज्रत पहुम्मत स्लिल्लाव लग्यों के नवासि
00:26हज्रत स्यदना इमाम हुसैन रदियल्लाव ताला नहू
00:29और उनके साथियों द्वारा दी गई आजीम कुर्बानी की याद ताजा हो गई है
00:34कुरान में अल्लाव तालाव ने चार महीनों को बेहत पाक बताया
00:37बेशक अल्लाव के यहां महीनों की गिंती 12 है
00:40उनमें से चार बेहत खास है
00:42महर्म उनी पाक महीनों में से एक हर
00:45रसुलल्ला्ख ने इस महीने को खास सम्मान देते हुए शैरुला-ल-म महर्म यानी लॉर्ला का महीना कहा।
00:51हदीस में आता है रमजान के बाद सबसे बहतर रोज आ लॉर्ला के महीने महर्म के होते हैं।
00:56मुहरम की दस तारीक को यौम अशूरा कहा जाता है, ये दिन इसलामी इतिहास में एहम है, यौम अशूरा का
01:03दिन इस बार 27 जून को होगा, हजरत अबन अब्बास रजिया लाह अन्हा बयान करते हैं कि जब नभी अधिया
01:10मुझा आए तो आपने देखा कि यहूदी इस दिन �
01:13रोजा रखते हैं, नभी ने पूछा कि उन्होंने बताया कि इसी दिन आल्लह ने हजरत मुसा लिए सलाम और बनी
01:18इसराईल को फिरौन से निजात दी थी, इसी खुशी में हजरत मुसा लिए सलाम ने रोजा रखा था, तब नभी
01:24ने फरमाया हम मुसा के ज्यादा हगदार ह
01:26फिर आपने खुशूरा का रोजा रखा और मुसल्मानों को भी इसकी तरकीब दी, सही मुसलिम की हदीस में आता है
01:32कि नभी सलाम ने फरमाया, मुझे उमीद है कि आशूरा के दिन का रोजा पिछले एक साल के गुनाहों का
01:37कफारा बन जाएगा, इसलिए इस दिन रोजा र�
01:55फिर आप के करबला मैदान में नभी सलाला लगाले सलम के नमा से इमाम हुसैन और उनके साथियों को शहीद
02:00कर दिया गया, उन्होंने जल्म और अन्याए के सामने जुकने से इंकार करते है, इमाम हुसैन की कुर्बानी हमें सिखाती
02:06है कि सच पर डटे रहू, जल्म का साथ म
02:08अध्दू, इंसाफ और हक के लिए खड़े रहू, इसी वज़ए से दुनिया भर के मुसल्मान करबला की घटना को सम्मान
02:14और दुक के साथ याद करते हैं, महरम में क्या करना चाही ये भी जालेजे, तौबा और इस्तखवार, लल्ला से
02:19अपने गुनाहों की माफी, नफली
02:34में पढ़ना, क्योंकि ये पवितर महीना है, जूट, गाली, डड़ाई, जगड़े से दूर रहना, दिखावा और रियाकारी से बचना, इसलाम
02:40में साब इतना होने वाली बातों को दीन समझ कर उसे फॉलो ना करना, किसी भी अमल को दीन का
02:46हिस्सा मानने से पहले, कुरान, स
03:01आर वीडियो को लाइक करें, शरी करें और चैनल को सब्सक्राइब करना, बिल्कुल न भूलें
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