00:02माह मुहर्म का चान नजर आ चुका है इसी के साथ इसलामी नए साल की शुरुआत भी हो चुकी है
00:0817 जून को माह मुहर्म की पहली तारीख है मुहर्म की दस्वी तारीख यौम आशूरा 26 जून को है
00:14महर्म इसलामी कलेंडर यानि हिज्री वर्ष का पहला महीना है
00:18चांद के साथ ही 1448 का आगास हो गया है
00:21इसी के साथ पेगंबर इसलाम हज्रत पहुम्मत स्लिल्लाव लग्यों के नवासि
00:26हज्रत स्यदना इमाम हुसैन रदियल्लाव ताला नहू
00:29और उनके साथियों द्वारा दी गई आजीम कुर्बानी की याद ताजा हो गई है
00:34कुरान में अल्लाव तालाव ने चार महीनों को बेहत पाक बताया
00:37बेशक अल्लाव के यहां महीनों की गिंती 12 है
00:40उनमें से चार बेहत खास है
00:42महर्म उनी पाक महीनों में से एक हर
00:45रसुलल्ला्ख ने इस महीने को खास सम्मान देते हुए शैरुला-ल-म महर्म यानी लॉर्ला का महीना कहा।
00:51हदीस में आता है रमजान के बाद सबसे बहतर रोज आ लॉर्ला के महीने महर्म के होते हैं।
00:56मुहरम की दस तारीक को यौम अशूरा कहा जाता है, ये दिन इसलामी इतिहास में एहम है, यौम अशूरा का
01:03दिन इस बार 27 जून को होगा, हजरत अबन अब्बास रजिया लाह अन्हा बयान करते हैं कि जब नभी अधिया
01:10मुझा आए तो आपने देखा कि यहूदी इस दिन �
01:13रोजा रखते हैं, नभी ने पूछा कि उन्होंने बताया कि इसी दिन आल्लह ने हजरत मुसा लिए सलाम और बनी
01:18इसराईल को फिरौन से निजात दी थी, इसी खुशी में हजरत मुसा लिए सलाम ने रोजा रखा था, तब नभी
01:24ने फरमाया हम मुसा के ज्यादा हगदार ह
01:26फिर आपने खुशूरा का रोजा रखा और मुसल्मानों को भी इसकी तरकीब दी, सही मुसलिम की हदीस में आता है
01:32कि नभी सलाम ने फरमाया, मुझे उमीद है कि आशूरा के दिन का रोजा पिछले एक साल के गुनाहों का
01:37कफारा बन जाएगा, इसलिए इस दिन रोजा र�
01:55फिर आप के करबला मैदान में नभी सलाला लगाले सलम के नमा से इमाम हुसैन और उनके साथियों को शहीद
02:00कर दिया गया, उन्होंने जल्म और अन्याए के सामने जुकने से इंकार करते है, इमाम हुसैन की कुर्बानी हमें सिखाती
02:06है कि सच पर डटे रहू, जल्म का साथ म
02:08अध्दू, इंसाफ और हक के लिए खड़े रहू, इसी वज़ए से दुनिया भर के मुसल्मान करबला की घटना को सम्मान
02:14और दुक के साथ याद करते हैं, महरम में क्या करना चाही ये भी जालेजे, तौबा और इस्तखवार, लल्ला से
02:19अपने गुनाहों की माफी, नफली
02:34में पढ़ना, क्योंकि ये पवितर महीना है, जूट, गाली, डड़ाई, जगड़े से दूर रहना, दिखावा और रियाकारी से बचना, इसलाम
02:40में साब इतना होने वाली बातों को दीन समझ कर उसे फॉलो ना करना, किसी भी अमल को दीन का
02:46हिस्सा मानने से पहले, कुरान, स
03:01आर वीडियो को लाइक करें, शरी करें और चैनल को सब्सक्राइब करना, बिल्कुल न भूलें
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