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Rambha Teej Vrat Kya Hai 2026: बुधवार, 17 जून को ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया यानी रंभा तीज है। यह व्रत महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और घर-परिवार में सुख-समृद्धि, शांति बनाए रखने की कामना से यह व्रत करती हैं। तीज तिथि पर माता पार्वती की विशेष पूजा करने की परंपरा है, इसलिए इस तिथि पर शिव-पार्वती की विधिवत पूजा की जाती है।Rambha Teej Vrat Kya Hai 2026: Rambha Teej Vrat Vidhi,Upvas Ka Fal Kya Milta Hai ?

Jyeshtha Shukla Tritiya, also known as Rambha Teej, falls on Wednesday, June 17th. This fast is considered extremely auspicious for women. Married women observe this fast to pray for their husbands' long life, good fortune, a happy married life, and peace and prosperity in their families. There is a tradition of performing special worship of Goddess Parvati on Teej Tithi, so Shiva and Parvati are duly worshipped on this date.

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~HT.318~ED.120~PR.111~VG.HM~
Transcript
00:04रम्भा तीज जिसे रम्भा तृतिया भी कहते हैं सनातन धर्म में महलाओं के लिए एक बेहद खास और चमतकारी वरत
00:11माना गया है
00:12साल दोहजार चबबस में रम्भा तीज का वरत 17 जून दिन बुधवार को रखा जा रहा है
00:18इस विशेश दिन पर पूजा के लिए शुब चोगडिया मुहुरत सुब पांच बचकर 23 मिनट से सुब 7 बचकर 8
00:26मिनट तक
00:26वही दूसरा शुब मुहुरत सुब 8 बचकर 53 मिनट से सुब 10 बचकर 37 मिनट तक
00:33शाम का समय 5 बचकर 21 मिनट से शाम 7 बचकर 6 मिनट तक
00:38अब सवाल युटता है कि आखर रंभा तीज वरत क्या है इसे कैसे करें और इसका फल क्या मिलता है
00:45पौरानिक मानिताओं के मताबिक समद्र मंथन के दौरान जब अपसरा रंभा प्रकट हुई तब से इस तिथी को रंभा तीज
00:52की रूप में मनाय जाने लगा रंभा को सौं�
00:54और योवन और कला का प्रतीक मानते है इस दन अपसरा रंभा के साथ साथ माता पार्वती और भगवान श्रफ
01:00की मुख्य पूजा की जाती है मानिता है कि इसी तिथी पर माता पार्वती ने कठिन तपस्या के बाद भगवान
01:06श्रफ को पती के रूप में पाया था इस दन स�
01:10नानादी से निवरित्त होकर साफ या नय वस्त्र पहन ले, संभव हो तो लाल पीलिया हरे रंग के वस्त्र धारन
01:16करे, हाथ में जल लेकर रंभाती जिवरत और अपनी मनोकामना पूर्ती का संकल पले,
01:21पूर्वदिशा की और मुंकर के बैठे, एक चौकी पर लाल कपडा विछा कर भगवान शिव, माता पार्वती और माता लक्ष्मी
01:27जी की पूर्ती की या तस्वीर स्थापत करे,
01:30पूजा की थाली में मुंगा या स्फटिक की माला या फिर अनाज की धेरी पर दीपक रखकर उसे रंभा का
01:35प्रतीक मान कर पूजन करे,
01:36शिव पार्वती को चंदन, अक्ष्रत, फूल, धूप और दीप अर्पत करे, माता पार्वती को सोलह श्रंगार की सामगरी भेट चड़ाए,
01:44पूजा के दोरान इस मंत्र का जाप करे, ओम रंभाय नमा या ओम ओम उमा महिश्वरा अभ्याम नमा पूजा के
01:52अंत में आरती करे, और सफेद मिठाई आखीर का भोग लगाए, दिन भर वरत रख्या और शाम को फलहार करे,
01:58ये वरत आमत और पिर सुहागिन महलायप निपती की लंबी उमर और वैवाहिक जीवन सुखमे बनाने के लिए रखती है,
02:04कुवारी करन्याओं को योग और गुणिवर की मनुकामना के साथ ये वरत किया जा सकता है, ध्यान रहे, रंभा अपसरा
02:10की कृपा से स्वरूप में
02:11निखारात और मानसिक शान्ती मलती है, घर में दरदरता दूर होती है और माता लक्षमी की कृपा बनी रहती है,
02:18फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें
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