00:00यादेवी सर्व भूतेशु दैयारू पेण संसिता नमत तश्य नमत तश्य नमत तश्य नमो नमा प्यारे मित्रो जेश्य राम जै मातादी
00:09मित्रो आज आप से चर्चा करते हैं रमभातीच 17 जून 2026 दिन बुधवार को है
00:16रंभा तीज पर किस तरह से पूजन करना चाहिए और क्या लाबे की प्राप्तियां होती है
00:22तो वर्सो दो हजार चब्विस में रंभा तीज यह रंभा तरतिया जो है
00:27यह 17 जून दो हजार चब्विस दिन बुध्वार को मनाई जाएगी
00:31यह ब्रत जेश्ठ माहस के सुकल पक्ष की तरतिया को मनाया जाता है
00:38ब्रत का महत्तो है कि शौभाग्यवती महिलाएं अपने पती की दीरग आयू के लिए
00:46सुखी बैवाहिक जीवन एवं बुध्धिमान शंतान की प्राप्ति करने के लिए यह ब्रत रखती है
00:54अभिवाहित कन्याएं भी इस ब्रत को रखती हैं जिससे उनके जीवन में मन चाहा और योग जीवन साथी पाने के
01:04लिए वह इस ब्रत को शंपन्य करती हैं और वो प्राप्त होता है
01:09मुख्य परमपराएं एवं पूजन के विषय में बताया गया है कि अप्षरा रंभा की पूजा शमुद्र मन्थन से उत्पन अप्षरा
01:20रंभा की पूजा की जाती है
01:23पूजा की सामग्रियों के विषय में बताया गया है कि इस दिन माता सती भगवान शिव माता लक्षमी के साथ
01:34में रंभा की पूजा में गेहूं लाल फूल मौशमी फल और सूलह प्रकार के स्रंगार की वस्तुएं जिसमें काली चूडियां
01:47पायल आलता इत्याद अरपित क
01:51किये जाते हैं, ओ्म, रम, रमभाय नमः मंत्र का जब करना अत्यंत, शुभ माना जाता है ऐसा करने से जीवन
02:03में शुक्षम्रधी होती है, घर में खुशहाली आती है, ब्यापार भी अच्छा चलता है, और जीवन साथी के साथ में
02:13हमारा तालमेल अच्छा बना रहता है,
02:21आप पूजन करना चाहिए आधिक जानकारी के लिए आप हमसे भी संपर्क कर सकते हैं मैं पुना मिलूंगा एक नए
02:29वीडियो में तब तक के लिए दीजे इजाजात जै मातादी जै मागंगे
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