00:03उत्तर प्रदेश के अयोध्या से एक अनोखी खबर सामने आई है।
00:30कीमत करीब एक लाक रुपए तक पहुंचती है।
00:33किसान भाई ने कहा कि उन्होंने करीब दो साल पहले जापानी किस्म के पौधे को अयोध्या की जलवायू में परकने
00:39के लगाया था।
00:40पेड़ ने स्थानिय मौसम में खुद को सफलता पूरवक ढाल लिया और इस सीजन में करीब 12 फल भी दिये।
00:46स्थानिय परंपरा के मताबिक पहली फसल भगवान को ही अर्पित की जाती है।
00:51इसलिए पहला पका हुआ आम तुलसे के पत्ते के साथ भगवान श्री राम को चड़ाया गया।
00:56अब बात करते हैं इस खास आम की।
01:13अगर आपके पास थोड़ा सा बगीचा या पर्याप्त जगा है तो आप भी इस खास आम को उगा सकते हैं।
01:18विशेशग्यों की माने तो मियाजा की आम उगाने के लिए सबसे पहले किसी विश्वस्नी या नर्सरी से एक ग्राफ्टिड पौधा
01:25खरीदना होगा।
01:26स्वस्त पौधों की उचाई लगभग दो से चार फीट होनी चाहिए और उसकी जड़े मजबूत होनी चाहिए।
01:32इस किसम के पौधों को भी आम पौधों की तरह ही पाले।
01:35पौधे की जड़ों को परियाप्त जगा देने के लिए बड़ा ग्रो बैग या गमले का इस्तमाल करें।
01:41मियाजा की आम के लिए मिट्टी में नौतरह के मिनरल्स होते हैं जिनमें गोबर, भेड की खाद, घर का बना
01:47दही और सबजियों का कचरा शामिल है।
01:50कि मिश्रन पोशक तत्वों से भरपूर होता है जिससे पौधा स्वस्त रहता है।
01:55साथ ही अगर आप इसे उगाने की सोच रहे हैं तो 50% घर का बना मिश्रन और 50%
02:00सामान ने मिट्टी मिलाने की सला दी जाती है।
02:03पौधा लगाने से पहले लगभग 3 फीट गहरा और 3 फीट चौड़ा गढढ़ा खोदे जिसमें गोबर की खाद, वर्मी कमपोस्ट
02:10और थोड़ी मात्रा में नीमखली मिला कर भर दे।
02:13इससे पौधे को शुरुवाती पोशन मिल जाएगा।
02:16इस पौधे को भरपूर धूप की जरुवत होती हैं इसलिए बगीचे में ऐसी जगा चुड़े जहां कम से कम 6
02:21-8 घंटे सीधी धूपाए।
02:24पानी निकासी की अच्छी ववस्था होनी चाहिए क्योंकि जल भराव से पौधे की जड़ों को तुकसान होता है।
02:29गर्मियों में हफ्थे में 2-3 बार से चाहिए करें। बरसाथ के मौसम में जरुवत अनुसार पानी दें। ज़ादा तर
02:36पानी देने से बचें। इसलिए वशे शग साल में कम से कम दो बार खाद देने की सलह देते हैं।
02:41मियाजाखी के पौधे में किसी भी तरह के रासायने कीट नाशकों का इस्तमाल करना खतरनाक है। क्योंकि ये पौधों के
02:48लिए हानिका रखोते हैं। इन में आप कीडों से बचाने के लिए नीम के तेल का इस्तमाल कर सकते हैं।
02:54वोई कलमी पौधों में आमतोर पर तीन से पांच सालों के भीतर फलाने शुरू हो जाते हैं।
02:59उचित देखभन और अनुकूल मौसम मिलने पर पौधा अच्छी गुणवत्ता के फल भी देता है।
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