00:00यह तरक मैंने बहुत सुना है, कि अगर गाये का दूद नहीं निकाला तो गाये को बड़ा कष्ट हो जाएगा,
00:04तो फिर जंगल में जो गाये भैंस होती हैं, वो तो कष्ट से मरी जाती होगी, क्योंकि इंसान उनका दूद
00:08नहीं निकाल रहा, और तरक आते हैं, कहते हैं, अ�
00:13पूरी दुनिया पर यही चाँ जाएंगे, पागल, वो तो पैदा होना ही नहीं चाहा रहे थे, पहले तो तुम उन्हें
00:19सबरदस्ती पैदा करते हो, उसके बाद तर्क देते हो, कि अब यह पैदा हो गए, तो इन्हें खाना जरूरी है,
00:24नहीं तो यह दुनिया पर चाँएं�
00:38उसको एक रोटी देकर उसका खून निकाल लेते हैं
00:41यह रोटी नहीं जहर है
00:43जंगल में जाईए
00:44वहाँ आपको कोई पशो पक्षी, कीट, पतंगा
00:47छोटे से छोटा, बड़े से बड़ा कोई प्राणी मिलता है
00:50क्या जो कह रहा हो कि इंसान हमें रोटी दे
00:52सब अपने अपने तरीके से जीना जानते हैं ना
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