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पूरा वीडियो : किसने कह दिया राजनीति में धर्म नहीं होना चाहिए? || आचार्य प्रशांत (2019)
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Transcript
00:00एक फकीर हुआ करता था वो मस्त एक जील किनारे रहा करता था
00:04राजा को पता चला कि वो भूत समझदार है वो दिमान है राज जमें कुछ कड़बर चल रही थी राजा
00:09ने गा इसको बुलाओ मैं इसको अपना मंत्री बनाऊंगा
00:11तो राजा के दूद गए उसके पास बोले चलिए मंत्री बनिये आपको बुलाया गया बोला अरे राम की भात करो
00:16मैं मस्तू मैं नहीं आने वाला
00:18तो राजा को अचरज हुआ फिर कहा की खुद जाके पूछते हैं तो राजा ने पूछा बात क्या है वही
00:23तो उसने कहा नहीं सुनाई
00:25बुला एक बहुत उमदा चिडिया थी इसी जील में रहती थी आपके जैसे ही एक राजा थे उन्हें दिख गई
00:30बोले वाँ वाँ वाँ क्या चिडिया है इसको तो हमारे महल के बाग में होना चाहिए तो चिडिया उठा के
00:36ले गए महल के बाग में रख दी और इतने प्रस
00:51आदमियों के लिए बनाया गया था मसालेदार पकवान वो सब चिडिया को दे दिया तू भी खा दावत बाद में
00:56खत्म होती चिडिया पहले खत्म हो गई बोला बस इसलिए धर्म उंची जगह है राजनीत छिछोरी जगह है इसलिए वास्तविक
01:05धार्मिक आदमी आम तोर �
01:06पर राजनीति में प्रवेश करना नहीं चाहता पर कभी कभी कुरुक्षेत्र जैसी स्थिति पैदा होती है तब आप देखते हो
01:13वो मूर्तियां जिनके एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में धर्म गरंथ होता है
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