- 4 hours ago
Category
📚
LearningTranscript
00:00ये राशी कौन है?
00:03मुझे नहीं मालूँ
00:04आपका नाम है आशना
00:06उसका नाम है राहुल
00:07ये बीच में राशी कौन है?
00:13कुंडली वगेरा मिलाना
00:15इसके पीछे क्या मनो विज्ञान है?
00:17मेरे लिए तो इन बातों का खंडन करना भी
00:20एक तरह का अपमान है
00:22अपने प्रति
00:24कोई बात कुछ दम रखती हो
00:26तो मैं उसका खंडन भी करूँ
00:27जो बात दिल्कुल बे तुकी बिना सरपैर की है
00:29जिसमें कोई तुक न तर्क न अर्थ
00:32उस बात का मैं खंडन भी क्या करूँ
00:34एक डेटिंग आप एक फीचर लेके आए
00:36जिसमें राशी के थूँ आप अपना पार्टनर चुन सकते हैं
00:40शनीचर वहाँ आसमान में क्या कर रहा है
00:42इससे आपकी जिंदगी में शनीचर लग गया
00:44ये क्या है
00:44और जेंजी थोड़ा आगे निकल गई है
00:46वो कुंडली बाद में मिलवाती है
00:48पहले hobbies and interests and passions मिलवाती है
00:51जेचिंग apps पर
00:52जो काम पिछली पीड़ी कुंडली बाजी में कर रही थी
00:55वो आपकी पीड़ी, एस्ट्रो बाजी, एप्स चलती हैं उसकी भी
01:00कुछ भी नहीं बिगड़ा
01:00दोनों हाथों में लड़ू है
01:02परंपरा भी नहीं छूटी और modern भी कहला गई
01:05पहले चलती थी परंपरा, अब चलती है
01:08पसंद, प्रेम ना परंपरा का नाम है ना पसंद का नाम है
01:12प्रेम तो एक
01:17प्रनाम अचारे जी, मेरा नाम आशना है
01:20और मेरा जो सवाल है वो dating apps related है
01:24अभी एक dating app एक feature लेके आया है
01:27जिसमें राशी के थूँ आप अपना partner चुन सकते है
01:31तो मेरा सवाल ये है कि हमें dating app की जरूरत ही क्यों है
01:36और साथ ही साथ जब हम आमने सामने ही सहचता से बात नहीं कर पाते हैं
01:41तो फिर dating app पर पीछे से चुप चुप कर बात क्यों करते हैं
01:45आपने हमेशा समझाया है कि प्यार जो है सच्चा प्रेम जो है
01:49उसकी बुनियाद जो है वो सच्चाई होती है
01:51तो फिर ये कुंडली वगेरा मिलाना इसके पीछे क्या मनोविज्यान है
01:56क्या हम सच्च मुझ सच्चा प्यार हून रहे हैं
01:59या मतलब हमारे फैसलों का दोश किसी और पर डालने का ये बहाना है एक
02:10ये राशी कौन है
02:24मुझे नहीं मालूम आपकी दुनिया है
02:26बहुत अजीव है
02:30सवाल सुनकर थोड़ी देख के लिए तो मैं सकते में आ जाता हूँ कि जवाब शुरू कहां से करूँ
02:38कहते हैं प्यार में कोई तीसरा बीच में नहीं आना चाहिए
02:41आपका कुछ नाम है आपका नाम है आशना
02:44आपका नाम है आशना
02:47ठीक है
02:48उसका नाम है राहुल ये बीच में राशी कौन आई
02:53क्या आशना राशी को बरदाश्ट करेगी
02:56क्या करना चाहिए
02:57नहीं
02:59ये दो के बीच में तीसरा कौन आ गया
03:01और देखो कितनी
03:04विर्थ शुरूआत करनी पड़ रही है जवाब की
03:06क्योंकि मुझे समझ भी नहीं आता मैं जवाब क्या दूँ
03:09कैसी दो आपने दुनिया बनाई ए
03:14और राशी तो आई आई
03:16अपनी फूफी कुंडली को भी साथ लाई
03:21अब कोई मुझे बता है ये कुंडली कौन है
03:28हम कौन हैं
03:30हम कैसे लोग हैं हम क्या कर रहे हैं
03:36हम जिन्दा हैं या बस बेहोशी में चल रहे हैं यह क्या चला रखा है हमने
03:50सूर्य नक्षत्र चांद तारे आकाश गंगाएं सारी वो एक निश्चित नियम पर चलते हैं वो नियम आपको विज्ञान पता देता
04:03है वहां तक बिल्कुल ठीक है
04:06वो गणनाएं विज्ञान की हैं वो बिल्कुल ठीक है बात आप गणना करके बिल्कुल बता सकते हो
04:13कि किस दिन उदाहरण के लिए प्रत्वी और मंगल करहें के बीच में दूरी सबसे कम होगी
04:21ठीक है आप बता सकते हो
04:26व्यापक तोर पे आप कहोगे उख शेत्र फिजिक्स का है
04:30और और ज्यादा उसको पिन पॉइंट करके कहोगे कि सहाब यह जो है यह एस्ट्रानमी है कॉस्मालजी है
04:36यह काम विज्ञान का है बिलकुल हम जान सकते है कि
04:43किस तरीके से अपनी धूरी पर अपनी कक्षाओं में अपने औरबिट्स में
04:49यह जितनी सेलिस्टियल बॉडिई होती है या आकाशी है पिंड यह कैसे गति करते हैं
04:56बिल्कुल जाना जा सकता है क्योंकि उसके नियम है भई वैग्यानिक नियम है एक्वेशन्स हैं आपने पढ़ी हुई है जुन्होंने
05:05बहुत आगे तक नहीं पढ़ा उन्होंने भी केपलर स्लॉस पढ़े होंगे हम जानते हैं वहाँ पर मामला क्या रहता है
05:12यहां तक तो ठीक है मामला अब उसके आगे यह कहां से आ गया कि जब ब्रहस्पति यहां होगा और
05:23शुक्र यहां होगा तो आपका भाग यह फिर यहां होगा
05:33उसका आपकी जिन्दगी से कुछ तालुक है यह बात कहां से आ गई और कैसे आ गई और कोई लेना
05:40देना नहीं कोई उटपठांग बिलकुल
05:46नसर नपैर एक इनसान की जिन्दगी पर चांद का क्या असर पढ़ जाएगा और वहां शनी का क्या असर पढ़
05:56जाएगा
06:00हाँ खुबसूरत ग्रह है शनी
06:05देखने में सबसे बढ़िया लगता है
06:06सबसे सुन्दर रात में आप देखोगे आसमान को
06:08तो सैटर नहीं लगेगा
06:10वहां तक तो बात ठीक है
06:11पर वो शनीचर वहां आसमान में क्या कर रहा है
06:14इससे आपकी जिन्दगी में शनीचर लग गया
06:16ये क्या है
06:18ये क्या है
06:21अब क्या जवाब दूँ इसका
06:23जवाब आप दीजिए कि आप इन बातों को मानते क्यों
06:28मेरे लिए तो इन बातों का
06:29खंडन करना भी
06:31एक तरह का अपमान है
06:33अपने प्रति
06:34कोई बात कुछ दम रखती हो
06:36तो मैं उसका खंडन भी करूँ
06:37जो बात बे तुकी बिना सरपैर की है
06:41जिसमें कोई तुक न तर्क न अर्थ
06:44उस बात का मैं खंडन भी क्या करूँ
06:46आप बताओने मुझे आप इन बातों को मान कैसे लेते हो
06:49और उनको मानने के पीछे आपके पास
06:51न वैज्ञानिक कारण है न धार्मिक कारण है
06:54बताता हूँ आपको इन बातों को मानने के पीछे
06:58आपके पास बस मनोवैज्ञानिक कारण है
07:01और मनोवैज्ञानिक कारण है डर
07:03आप डरे हुए हो
07:10विज्ञान तो कहता ही नहीं कि ऐसा कुछ हो सकता है
07:14अध्यात्म भी नहीं कहता है कि ऐसा कुछ हो सकता है
07:17कि राहु केतु आ करके आपकी दुकान में आग लगा देंगे
07:22या आपका धंधा किरा देंगे
07:24धर्म भी ये नहीं कहता
07:26विज्ञान भी नहीं कहता धर्म भी नहीं कहता ऐसा बस डर कहता है
07:30ऐसा बस अज्ञान कहता है
07:32और हम मेंसे ज़्यादातर लोग न विज्ञान पर चलते हैं
07:37न धर्म पर चलते हैं बस डर पर चलते हैं
07:40इसलिए ये सब चीज़ें चल रही है
07:43कोई आपसे कहे कि सिद्ध करो के ऐसा कुछ नहीं होता आपको जवाब देनी नहीं चाहिए आपको कहना चाहिए तुम
07:50सिद्ध करो के ऐसा कुछ होता है
07:54तुम सिद्ध करो के ऐसा कुछ होता है यहाँ पर सिद्ध करके दिखाओ सबूत तथ्य तर्क प्रमान के साथ
08:04कि बुद्ध प्रहस्पत शुक्रशनी राहू के तू इनसे एक इनसान की जिंदगी पर कोई फर्क पड़ सकता है लो सिद्ध
08:12करके दिखाओ तुम दिखाओ न क्योंकि दावा तुम्हारा है यह बेतुका बेसिरपैर का उटपठांग अनरगल दावा तुम कर रहे हो
08:19तो तु
08:22कि अतंव कुछ सिद्ध करें। आप मुझसे कहो उधारन के लिए कि सिद्ध करो कि कपाड़ पोटा मीठा नहीं होता
08:36मैं CT करी नहीं पाओंगे बताओ क्यों क27 कर कि कपाड़ पोटा कुछ आ कुछ है झी नहीं आए
08:46तो एक ही जवाब आपको दे सकता हूं, तुम सिद्ध करोगी कपाड़ पोटा मीठा होता है।
08:51मैं कैसे साबित करोगी कपाड़ पोटा मीठा नहीं होता।
08:55वैसे ये सवाल आजाता है कि नहीं, आप ज़रा साबित करके दिखाएं।
08:59ये कुंडली और अगरा से कुछ नहीं होता कपाड़ पोटा मीठा नहीं होता तुम साबित करो न की कुछ होता
09:06है तो साबित करने के लिए क्या करेंगे कहेंगे आपको पता है हमारी मौसी के दादा की बेटी की फूफी
09:15का चाचा कपडोसी उसको बताया गया था कि फलाने दि
09:23कि फलानी रात को जब चांद निकलेगा और चांद के नीचे तारे टिम्टिमाएंगे तब तुम्हारा व्यापार में घाटा हो जाएगा
09:42और हो गया
09:45अगर ऐसा कुछ होता तो तुझे इतनी दूर जाके काई को बताना पड़ता अपनी जिन्दगी से बता दे और अपनी
09:51ही नहीं फिर सबकी जिन्दगी से बता दे क्योंगे अगर नियम है तो सबकी उपर लागू होगा फिर कोई अपबाद
09:56नहीं होगा फिर ये नहीं होगा कि
09:58100 में से को एक मामला उठाया
10:00और उसकी डुकडुगी वजा रहे हैं
10:02कह रहे हैं देखो वहाँ पर हमें पंडित जी ने बताया
10:04और ऐसा हो गया
10:04ये भी तो बताओ कि पंडित जी ने 100 लोगों को बताया
10:07उसमें से 99 के साथ कुछ नहीं हुआ
10:18एक के साथ तो तुम बता दो तब भी हो जाएगा
10:22सौ लोगों पकड़ो और सौ के सौ को एक ही बात बता दो कुछ भी
10:27एक साल में तेरी शाधी हो जाएगी ऐसी सबक पर निकल पड़ो जो मिले उसी को ये बोले
10:32एक साल में तेरी जिनकी हो गई उनको भी बोलो
10:38सौ में से एक तो तुम्हारा पढ़ी जाएगा
10:42और बस ये सब को बता देना कि ये देखो
10:44यूही चलते चलते बस हमने
10:46उसका मुख मंडल पढ़ लिया
10:49और घोशणा कर दी कि ऐसे हो जाएगी
10:53आज से हमारा नाम है भविश्यम सरकार
10:59बस हो गया
11:08और जहां डर होगा वहाँ प्रेम हो सकता है क्या
11:11डर और प्रेम साथ चल सकते हैं
11:15तो जहां कुंडली मिला करके काम हो रहा है
11:17वहाँ तो पहले ही पता है कि इस रिष्टे में कभी प्रेम नहीं होगा
11:21हाँ दहेज हो सकता है
11:23हाँ माननताएं हो सकती है
11:25हाँ वरजनाएं हो सकती है
11:27हाँ संसकार किसम की कुछ चीज़ें हो सकती है
11:30हाँ आसकती भी हो सकती है
11:33हाँ कामनाएं हो सकती है
11:34हाँ लेंदेन हो सकता है
11:36प्रेम नहीं हो सकता
11:50कहते हुए दरध हो रहा है क्योंकि सोयम भी भारती है हूँ
11:55जहां डर इतना ज्यादा हो वहां प्रेम कैसे आएगा
12:01प्रेम तो सबसे पहले निर्भैता मांगता है
12:08जहां दहेज भी कुंडली मिला के लिया जाता है
12:11वहां आप उमीद करते हो कि प्रेम होगा हा हा हा
12:24और जेंजी थोड़ा आगे निकल गई है
12:28वो कुंडली बाद में मिलवाती है
12:31पहले hobbies and interests and passions मिलवाती है
12:39जेटिंग आप्स पर
12:41ये नए तरीके की कुंडली आए
12:44ये कुछ आगे नहीं बढ़ गए
12:47भीतर जो मनो वैज्ञानिक मशीन काम कर रही
12:50ये ये वही है बिलकुल पुरानी
12:52पुराने लोग भी प्रेम के अलावा कुछ और मिलाते थे
12:57जो आपकी जेंजी है वो भी प्रेम के अलावा कुछ और मिलाती है
13:05अच्छा चेहरा पसंद आ रहा है कि नहीं आ रहा है
13:08अच्छा political opinions match कर रहे हैं कि नहीं
13:14आम तौर पर तो sexiness से काम चली जाता है
13:18पर कोई intellectual हो तो वो थोड़ा आगे जा कर पूछेगा
13:21कि किताबे कौन सी पढ़ते हो
13:25तो उसके लिए chat GPT है
13:29chat just tell me
13:32five books to sound intellectual
13:37और फिर उसने ये भी पूछ लिया आगे कि अच्छा फलानी तुमने पढ़ी है
13:40मेरी भी पसंदीदा है
13:42इसमें तुम्हें क्या पसंद है
13:43chat give me a quick summary of फलानी बुक
13:48खट से चिपका दिया
13:53जो काम पिछली पीड़ी
13:56कुंडली बाजी में कर रही थी
13:59वो आपकी पीड़ी एस्ट्रो बाजी एप्स चलती है उसकी भी
14:04कई बार तो एस्ट्रो और डेटिंग एप्स एक में ही रहती है
14:08कि डेटिंग करने जाओ वहीं पर बटन है मैच एस्ट्रो
14:15सब कुछ एक साथ हो जाएगा
14:23वो बोलेगा लाल छड़ी मैदान खड़ी
14:26और एस्ट्रो में बनी रहूँगी पापा की परी
14:30कुछ भी नहीं बिगड़ा
14:37दोनों हाथों में लड़ू है
14:44परंपरा भी नहीं छूटी और
14:47मॉडरन भी कहला गई
14:54आधोनी खोने के लिए अंध विश्वास त्यागना जरूरी थोड़ी होता है
14:58क्या घजब की बात कही है
15:00चलो जल्दी से इस पर एक पोस्टर बना दो इंस्ट्रा पर डाल दो
15:04आधोनी खोने के लिए अंध विश्वास त्यागना जरूरी थोड़ी होता है
15:09वाह
15:15प्रेम ना कुंडली एप में है ना एस्ट्रो एप में है ना डेटिंग एप में है
15:20वो चीज दूसरी होती है
15:28पुरानी पीड़ी बंधक थी
15:37पाहर से आपकी पीड़ी बंधक है भीतर से
15:46पुरानी पीड़ीों का शोशन बाहर वाले कर जाते थे
15:51आपकी आज की नई पीड़ी को शोशित होने के लिए किसी बाहर वाले की जरूरत ही नहीं
15:57आप खुद अपना शोशन कर लेते हो
16:03आपकी likes, dislikes, opinions, vibes काफी हैं आपका शोशन करने के लिए
16:10वो जब आप इठला के इतरा के बोलती हैं न
16:14you know this is who I am
16:17तो यह आप नहीं बोल रही है यह भीतर
16:20कि बहुत सड़ी हुई बदबुदार कोई चीज बोल रही है
16:26और वो आत्म शोशक होती है
16:30बाहर से कोई आपका exploitation शोशन कर रहा हो
16:34तो दिखाई दे जाता है
16:35विद्रो करना आसान हो जाता है
16:38पर जब आप स्वयम ही अपने शोशक हो जाओ
16:43तो गुलामी बहुत गहरी हो जाती है
16:46आपकी जो पीड़ी है
16:48वो अपनी exploiter खुद है
16:50वो कहते हैं हम किसी की नहीं सुनते
16:53हम तो बस अपनी सुनते हैं
16:54यह तो तुम अपनी सुनते हो न यह अपनी सुनना ही सबसे बड़ी गुलामी है
17:03क्योंकि जिसको तुम कह रहे हो
17:05mad
17:08जिसको तुम कह रहे हो अपनी बात सुनना
17:11वो तुम्हारी बात नहीं है
17:14वो भी पूरे तरीके से
17:16शारीरिक और सामाजिक बात है
17:18जिसको तुमने कह दिया
17:20कि यह तो मेरी बात है
17:22मैं किसी बाहर वाले की नहीं सुनती मैं तो rebel हूँ
17:28काहे का rebellion
17:30वही बाहर वाले जो बाहर से तुमारे उपर चड़े रहते थे
17:33अब वो सुक्ष्म रूप से तुमारे भीतर प्रवेश कर गए हैं
17:36वो तुमारे भीतर रह करके तुम्हें नियंतृत करते हैं
17:43पुरानी पीड़ी के गुरू होते थे
17:46वो कहा करते थे
17:47अरे समाज से दब कर रहो
17:51और भगवान से डरो
17:54और परंपरा के पीछे चलो
17:57ये बाते आज की पीड़ी को अब पुरानी लगती है
18:00कि हम बाहर किसी से क्यों दब के रहें
18:02किसी से क्यों डर के रहें
18:04तो अभी जो fashionable guru लोग हैं वो बताते हैं मैं तो अपने मन की करूँगा
18:10मैं किसी की नहीं सुनता मैं तो अपने मन की करता हूँ
18:13और ये पुरानी गुलामी से ज्यादा भीशन गुलामी है
18:19ये fashionable और trending rebellion है जो दो कोड़ी का नहीं है ज्यादा घातक है
18:30अहंकार rebel बनकर बैठ गया है भीतर
18:34अहंकार ने टी-शर्ट पहन लिया और उस पर क्या लिख दिया है
18:37I'm a rebel
18:39हम किसी की नहीं सुनते तुम तो अपनी जिंदगी अपने हिसाब से चलाना तुम किसी की मत सुनना
18:45ये ज्यादा घातक बात है पुरानी बातों से भी ज्यादा घातक ये नई बात है और ये खूब चल रही
18:52है
19:01पुरानी पेड़ी कहेगी आयोजित विवा करो
19:03ठीक कुंडली मिलाके
19:06अच्छे ही करा कि उसकी उनकी बात
19:10कुठुकराना शुरू कर दिया
19:12ठीक किया चलो ठीक किया
19:14लेकिन आपकी पेड़ी क्या कह रही है
19:17जो हमें पसंद आएगा
19:20हम तो उसके साथ रहेंगे
19:22अच्छे चलो सुनने में तो अच्छी लगी ये बात
19:24लेकिन ये तो बता दो
19:26कि पसंद करने का तुम्हारा पैमाना क्या है
19:32ये तो बता दो
19:36तुमने कह दिया मावाप की पसंद पर नहीं चलेंगे
19:38चलो ठीक किया
19:40काहे को कोई आजाद आदमी किसी और की पसंद को जीवन भर अपने उपर लाद कर रखे
19:46चलो ठीक किया तुमने कह दिया
19:47समाज की नहीं सुनते मावाप की नहीं सुनते
19:50पर ये तो बतादो अब किस की सुन रहे हो
19:53आप तुम कहा रहे हो हम अपने पसंद की सुन रहे हैं
19:56अब तुम्हें पसंद करने की तमीज है
20:00मूँ देखो अपना
20:02जल्दी से मूँ देखो अपना
20:05तुम्हें पसंद करने की तमीज है
20:09अपनी पसंद माने क्या किसकी पसंद
20:13तुमारे शरीर की पसंद
20:15तुमारी कंडिशनिंग
20:17मीडिया की पसंद
20:19उस सारी चीज़े जो तुमारे भीतर घुसकर के बैठ गई है
20:22जो टीवी फीरियल तुमने देखे
20:25जो वेब सिरीज तुमने देखी
20:27जो तुम्हारे और परिवेश रहाचारोर
20:30जो तुम्हारा पियर ग्रुप रहा
20:32और जो तुम्हारे हॉर्मोनल उबाल आ रहे हैं
20:36उनकी पसंद
20:37तुम्हारी कोई पसंद नहीं है
20:38क्योंकि तुम तुम अभी हो इन तुम क्या प्रेम करोगे
20:41प्रेम करने के लिए पहले होना तो पड़ता है
20:46तुम्हारे मूँ से तो तुम्हारे हॉर्मोंस बोल रहे है
20:49तुम्हारे मूँ से तो वो केप आप बोल रहा है
20:54दस साल पहले जिस किसम के लड़कों को लड़किया कहती है
20:57कितना बेकार है एया कैसे फेमिनिन सा लगता है हाग वह तुमारी पसंद अगया
21:06मेरि पसंद तुमारी पसंद जबँआरी पसंद सत्मुच तुम हो कहा कुछ भी पसंद नापसंद करने लिए
21:19पहले अपनी हस्ती
21:24को पैदा तो कर लो
21:25तुम तो अभी पैदा ही नहीं हुए
21:27तुम किसको पसंद करने लग गए
21:28कि इसके साथ जीएंगे, मरेंगे, ब्या करेंगे, कुछ और करेंगे
21:36पसंद में और प्रेम में
21:38जमीन आसमान का अंतर होता है
21:43पसंद तो मशीन भी कर सकती है
21:47पसंद तो पागल भी कर सकता है पसंद तो शरावी भी कर सकता है प्रेम सब के बूते की बात
21:54नहीं होती है पसंद तो किसी को भी कोई आ जाता है 12-14 की उमर आई नहीं कि लड़के
22:01को लड़की लड़की को लड़का पसंद आना शुरू हो जाता है पसंद में क्या रखा है दो
22:17कोरियन कल्चर ना हावी हुआ होता एफ्रिकन कल्चर हावी हो गया होता तो आपको सब जितने भी हमारे श्याम घंश्याम
22:26है वही पसंद आने लग जाते
22:33काला रंग अपने अलग अलग शेड में बड़ी डिमांड में आ जाता क्यों के पॉप की जगा एपॉप पॉप पॉपुलर
22:40हो गया है एफ्रिकन पॉप
22:43तो सारी लड़किया ढूंड रही होती है, कोई मिले
22:47मेरा घंश्याम
22:49श्याम मने गाला, घंश्याम मने गाला
23:00और फिर बोलती ही, मेरी पसंद, मेरी पसंद,
23:02नहीं डैड़ी, how can you
23:04इंटरफेर इन माइ परस्नल प्राइवे लाइफ,
23:07ये मेरी पसंद, मेरा घंश्याम
23:13तुम्हारी पसंद का कोई मुल्य है
23:20जैसे पेड से तूटा हुआ पत्ता, हवाओं में बह रहा है
23:24संयोगों के जोके ले रहा है, अपनी कोई हैसियत नहीं, अपनी कोई हस्ती नहीं
23:28कभी किधर को हवा चली तो उधर बह गया, कभी कहीं जाकर गिर गया, कभी किसी की गोद पर बैठ
23:33गया
23:40इसका मतलब यह नहीं कि माबाप आपके लिए बहतर फैसला कर देंगे
23:45मैं अरेंज्ड मैचेस के पक्ष में नहीं बोल रहा हूँ
23:49जो अरेंज्ड के सामने सर जुका दे, वो डर पोक
23:54और जो अपनी पसंद के पीछे पीछे चल दे, वो पागल
24:00अब मैं इन दोनों में किसको उपर रखूँ, मेरी तो आफ़त हो जाती है, मैं जवाब क्या दूँ
24:06कुछ लगे हुए हैं हम डर पोगे, डर पोगे, पापा ने सेटिंग कर दी, उधर ही जाना है
24:12पापा पापा
24:13और दूसरे हैं वो विद्रोही बन रहे हैं, कह रहे हैं नहीं हम, हम भी विद्रोही है
24:21हमारी स्प्रिच्वालिटी भी रिबेलियन की है
24:27तो हम तो चलते हैं
24:30मेरी पसंद
24:34यह तुमारा एक्सेंट भी उधार का है
24:40भारत पर अंग्रेज न चड़े होते, पुर्तगाली चड़े होते
24:44तो तुम पुर्तगाली एक्सेंट में आज बोल रहे होते
24:48तुमारा अपना क्या है
24:51तुम्हें गोरा रंग भी पता है न क्यों पसंद आता है भारत में कोई परंपरा नहीं है गोरा रंगी ठ्रेश्ट
24:55होता है
24:57हमारे यहां तो श्याम वर्ण को नील वर्ण को सबको उचा माना गया है
25:02तुम्हें गोरा रंगी क्यों पसंद है पसंद मेरी पसंद
25:06तो लड़की कोई कहते ने अरे गोरी कहां जा रही हो
25:09गोरी क्यों पसंद आता है क्योंकि भारत को
25:11कॉलोनाईज अंग्रेजों ने करा
25:15मा भी अगर अफ्रीकन आ गए होते तो क्या होता
25:20अभी ब्लैक स्टॉक सबसे उपर होते
25:25तो तुम्हारी पसंद माने क्या
25:27किसकी पसंद तुम हो यह नहीं तुम तो
25:30प्रभावों का एक पुतला हो
25:32संसकारों का एक पिंड हो
25:34तुमारी अपनी निजी वास्तविक कोई हस्ती कहां
25:38उसको ही आत्मा बोलते हैं वो है कहां
25:53और पसंद हमारी इतनी चिछलीश होती है
25:56कि सबको पता होता है कि हम क्या पसंद करेंगे
26:01कोई अगर चाहे कि आपको पसंद आ जाए
26:04तो उसके लिए बड़ी मुश्किल नहीं है
26:08वो इतैही कर लेगी आपको पटाना है
26:11तो वो ऐसी स्थितिया निर्मित कर देगा
26:13कि आप उसे करने पसंद खुदी
26:15और बोले नहीं उसने मुझे नहीं पचाया
26:17वो मेरी पसंद है
26:21क्योंकि आपकी पसंद आपकी है यह नहीं उस्तारुजनिक है
26:23पूरी दुनिया जानती है आप क्या पसंदगर होगे
26:25तो पूरी दुनिया के लिए बहुत आसान है
26:27आपके सामने पसंद योग्य बनकर आ जाना
26:34लड़का लड़की नहीं
26:36नेता जी और बाबा जी भी जानते हैं आपको क्या पसंद है
26:39वो भी आपके सामने वही सब ले आते हैं जो आपको पसंद है
26:44तो बाबा दी को आप दान्दिक्षण दे देते हो और नेता जी को वोट दे देते हो और लड़का लड़की
26:48जी को दिल दे देते हो
26:51क्योंकि सब को पता है कि आपको क्या पसंद है क्योंकि आपको जो पसंद है उसमें निजता कहीं है यह
26:58नहीं
26:58वो सोशल है सारोजनिक है
27:03सब जानते है
27:10सोचो हम कितने प्रेडिक्टिबल है
27:12कोई भी हमें पूर्वानुमानित कर सकता है
27:16कोई भी जान सकता है कि क्या कर दूँ
27:18तो सामने वाला लट्टू हो जाएगा
27:23लड़के भी जानते हैं लड़कियां महिलाएं सब
27:25आप लोग जानती हैं कि नहीं जानती हैं अच्छे से इमानदारी से बताना कि क्या कर दें कि सामने अला
27:30भी नाचना शुरू कर दें
27:31अच्छे से पता है कि नहीं अरे है कि नहीं और ये सोचते हैं मुझे वो पसंद आ गई तुम्हें
27:38वो पसंद नहीं आ गई
27:42उसने पूरी विवस्थार अचीती बड़ी आसानी से कि तुम उसे पसंद कर लो
27:50महिनाओं के लिए बहुत आसान होता है कि कोई उन्हें पसंद कर ले
27:54ज्यादा कुछ करना ही नहीं है वो दो-चार छोटे-मूटे कामे हो कर देने लड़के तुरन तुन्हें पसंद कर
27:58लेंगे
28:00और फिर कहेंगे वो तो मेरी पसंद है बाप से लड़ जाओंगा वो मेरी पसंद है
28:09बाप से लड़ जाओ पर इस मुद्दे के लिए नहीं
28:19प्रेम क्या होता है
28:21आप जवान हो ठीक है
28:23प्राकृतिक बात है
28:24विप्रीत लिंगी से आपका आकर्शन होगा अच्छी बात है
28:27बढ़ियां
28:28प्रकृति में हम क्या कह दे कि कुछ बुरा है
28:30जो है सो है
28:33हम होते कौन है उसे बुरा घोशित करने वाले
28:37दो व्यक्तियों में परस्पराकर्शन होता है एक उम्र में आकरके
28:42हम क्या जाएं और कहें कि शुब है कि अशुब है कि ये है कि वो है
28:47वो हो रहा है अपने आप हो रहा है
28:48प्रश्ण ये है कि उस आकर्शन को ड्राइव करने वाला कौन है
29:01इस्त्री और पुरुष में जो परस्पर आकरशन होता है वो वैसा ही नहीं होता
29:07कि जैसा लोहे और चुम्बक में होता है ना बिल्कुल वैसा नहीं होता
29:14यहां लोहे के पीछे भी कोई है और चुम्बक के पीछे भी कोई है प्रशन यह है कि वो कौन
29:19है
29:22हाँ ठीक है
29:23जवान हो गए हो तो लड़कियों की तरफ जाओगे
29:26प्रश्णी यह है कि लड़की चुनने वाला कौन है
29:30शरीर तो इतना ही कह रहा है
29:33शरीर की प्राकृतिक रूब से
29:35तो पस इतनी ही मांग है कि कोई विपरीत लेंगी चाहिए ठीक
29:39पर ये तो बता दो कि दुनिया में इतनी लड़कियां है
29:43वो कौन बैठा है पीछे शरीर के जो चुनाओ कर रहा है
29:46उसका क्या नाम है
29:49और क्या वो चुनाओ करना जानता है
29:51और यही प्रश्ण मैं लड़कियों से पूछूँगा
29:54हाँ ठीक है
29:55जीवन में पुरुष प्रवेश करेंगे
29:57पर क्या तुमको तमीज है
29:59ये चुन्ने की कौन होगा वो पुरुष
30:04चुन्ने वाले का नाम बताओ
30:07क्या नाम है उसका
30:09अहंकार
30:10दइगो
30:13आपको लगता ऐसा है
30:15कि जैसे ये शारीरिक आकरशन है
30:18नहीं
30:19आकरशन जरूर शरीर से शुरू हुआ है
30:22पर साथी का चुनाव करने वाला अहंकार होता है
30:29और जब भी वो चुनाव करेगा
30:31तो चुनाव उटपटांग ही बैठेगा
30:35अध्यात्म ये नहीं कहता
30:38कि इस्तरी पुरुष दूरी बना कर रहें
30:40वो पूछता है
30:42किसको चुना है
30:45ठीक है जीवन में इस्तरी को ले आओ
30:47पर कौन सी इस्तरी को लाए हो
30:49और कौन सी इस्तरी को लाए हो
30:51वो इस पे निर्भर करेगा
30:52कि तुम कौन हो
30:54आत्म ग्यान है कुछ
30:55स्वयम को जानते हो
30:58स्वयम को जानते हो
31:02गिरा हुआ आदमी
31:03जिसको गिरा हुआ ही रहना है
31:05वो जाकर जो सबसे गिरी हुई औरत होगी उसको चुन लेगा
31:08क्योंकि अगर वो थोड़ी सी भी उची स्तरी को अपने जीवन में ले आया
31:13तो उसके गिरे हुए अहंकार को खत्रा हो जाएगा
31:16ऐसे चुनता है अहंकार
31:20इसी तरीके से एकदम डरी हुई महिला
31:26किसी ऐसे पुरुष को चुन लेगी
31:28जो उसको सुरक्षा तो दे दे
31:30पर कभी उसका डर ना हटाए
31:33क्योंकि अगर डर हट गया तो रिष्टा तूट जाएगा
31:35रिष्टा बनाई इसलिए था क्योंकि महिला डरी हुई थी
31:38रिष्टे की बन्याद में ही डर था
31:40जिस दिन महिला का डर चला गया और रिष्टा भी चला जाएगा
31:42तो महिला कहेगी मुझे ऐसा
31:44पुरुष चाहिए जो मुझे अपनी
31:46च्छाओं में ले ले सुरक्षा दे दे
31:50पर डर नहीं हटना चाहिए डर हटा
32:04चुनाओ करते हैं फिर हम कहते हैं कि
32:06अरे रिष्टों में इतना कलेश क्यों है और क्या होगा
32:09तुमने चुना कैसे है ये देखो न चुनने वाला कौन है ये देखो न
32:16बहुत सारे तो पुरुष खोले आम कहते हैं
32:20बेधड़क भाई हमें न कोई बहुत पढ़ी लिखी और बड़े विराट व्यक्तित्व वाली दमदार तेज बीवी चाहिए ही नहीं हमें
32:33तो चाहिए सीधी साधी आज्या कारणी सुसीला
32:39ये देख रहो ये कौन चुन रहा है यहां तो शरीर भी नहीं चुनने आला है हंकार कह रहा है
32:44कि ज्यादा तेज लड़की अगर जिंदगी में आ गई तो हमारी पूल खोल देगी हमसे दब कर नहीं रहेगी हमारे
32:55हंकार को चुनौती देदेगी तो वो पहले ही कह देते हैं
32:58कि बहुत पढ़े लिखी भी मतला ना कवाने का काम हमारा है हम पढ़े लिखे हैं दसवी पास हो तो
33:03भी चलेगा पर जरा अदब्बू होनी चाहिए
33:09यह शरीर भी नहीं चुनू रामकसर कहते हैं कि जैंजी हॉर्मोनल डिसीजन्स ले लेती है नहीं साहब आपके डिसीजन्स हॉर्मोनल
33:17भी नहीं है इगोईक है और बुरे दोनों हैं हॉर्मोन्स भी अगर उन्हीं पर चल रहे हो तो तो तुम्हारा
33:31कोई कल्यान नहीं होगा
33:32और अहंकार भी तुम्हें नचा रहा है तो भी नहीं होगा
33:35लेकिन इन दोनों में भी
33:37अगर कभी मुटभेड होती है
33:39तो अहंकार हॉर्मोन को भी दबा देता है
33:42कोई बहुत आकरशक लगने वाली
33:44इस्तरी तुमारी जिंदगी में आए
33:45लेकिन वो बड़ी विदुशी हो
33:49दुनिया घुमी हो उसने
33:51तुमसे उची नौकरी करती हो
33:53तेज तर्रार हो अपनी बात रखना जानती हो
33:57न डरती हो न सहमती हो
34:00और सेक्सी खूब हो
34:01तुम कहोगे होगी सेक्सी मुझे नहीं चाहिए
34:06तुम अपने हॉर्मोन्स को भी ओवर्राइड कर दोगे
34:09तुम कहोगे भाई
34:13इतनी तेज है
34:14कि चाहिए ही नहीं जिंदगी में
34:16भले ही यह कितनी भी आकरशक हो
34:18कैसी भी कामिनी हो नहीं चाहिए
34:24अहंकार साथी को भी
34:26वैसे ही चुनता है
34:27जैसे वो जिंदगी में सारे काम करता है
34:30आत्मरक्षा के लिए
34:32और प्रेम का मतलब होता है
34:34उसको चुनना जो तुम्हें तोड़ दे
34:37अब कैसे होगा प्रेम
34:40परमपरा और पसंद के साथ बताओ
34:44पहले चलती थी परमपरा
34:46अब चलती है पसंद
34:48प्रेम ना परमपरा का नाम है
34:50ना पसंद का नाम है
34:53प्रेम तो एक पागलपन का नाम है
34:56जिसमें अहंकार
34:57स्वयम ही कह रहा है कि
34:59संगति उसकी मिले
35:01जो मेरे बंधन तोड़ दे
35:04जो मेरे पूर्वाग्रह तोड़ दे
35:07जो मुझे उन जगहों से उठा दे
35:10जहां मैं चिपक कर बैठा हुआ हूँ
35:15जो मेरी जंजीरे काट करके
35:17मुझे आकाश में खुला छोड़ दे
35:19प्रेम का अर्थ होता है
35:20जो उचे से उचा संभव हो सके
35:22उसकी संगति कर लेना
35:24चाहे उसके लिए जो कीमत देनी पड़े
35:26ये होता है प्रेम
35:27अंकार प्रेम करेगा ही नहीं
35:37अगर उसको डरा रखा है
35:40तो वो कहेगा मैं चलूँगा परमपरा पर
35:43और अगर उसको ढील दे रखी है
35:45तो कहेगा मैं चलूँगा पसंद पर
35:48पर प्रेम अंकार के बूते की बात नहीं है
35:53प्रेम ना पुरानी पीढ़ी जानती थी
35:58प्रेम पीडियों के बदलने से नहीं आ जाता
36:03प्रेम
36:04कोई काल चक्र की वस्तों नहीं है
36:06कि यह समय बदलेगा
36:07तो मानव प्रेम पूर्ण हो जाएगा
36:09ऐसा नहीं होता
36:12काल बदलता रहता है
36:13मनुष्य अप्रेमी का
36:15अप्रेमी ही रहता है
36:17पाँच हजार साल पहले भी हम प्रेम नहीं जानते थे
36:20सौ साल पहले भी नहीं जानते थे
36:22पिछली पीड़ी भी नहीं जानती थी
36:24और आज की पीड़ी भी नहीं जानती है
36:27कैसे ग्यानियों ने प्रेम को गाया है
36:30वो है प्रेम
36:32सर कटाए भूई धरे
36:34तब बैठे घर माही
36:37ये तो घर है
36:39प्रेम का खाला का घर ना ही
36:42किसका सर?
36:43शरीर का सर नहीं काटना है
36:44अहंकार का सर
36:48और उसके लिए बड़ी हिम्मद चाहिए
36:49इसलिए मैंने कहा था
36:51जहाँ डर है वहाँ प्रेम नहीं हो सकता
36:52जो डरा है वो सर काटना
36:54बरदाश नहीं कर पाएगा
36:59आधार ये समझ में
37:03अवसर बीत नहीं गया
37:06जब तक आप हो तब तक
37:08अहंकार है और जब तक
37:10अहंकार है तब तक प्रेम की
37:12उसकी प्यास है समझे अबस ये
37:14कि वो चुनता है आत्मरक्षा
37:16को प्रेम से ज्यादा चुनाओ बदला जा सकता है अभी जिन्दा हो आप आत्म रक्षा को छोड़िए प्रेम को चुनिए
37:37आपको खुशी होगी इसनाते जो हमारी अपनी एप है जिसमें हमारे गीता और
37:42बाकी सब कारेकरम चलते हैं यहाँ पर बुद्ध हैं गीता हैं उपनिश्यद हैं अश्टावक्र हैं यह मुझे मिले मेरी जिन्दगी
37:50बदली यह तुम्हें मिलेंगे तो महारी
38:06आप पर आपको मिलेंगे नियमित लाइफ सत्र, हर दिन आचार्य प्रशांत के विशेश समवाद, गीता कम्यूनिटी का एक्सिस, गीता परीक्षा,
38:17चैनित समाचार, ओडियो बुक्स, कोट्स और भी बहुत कुछ, गूगल प्ले स्टोर या एपल आप स्टोर पर आचार्य �
38:25प्रशांत सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
Comments