00:00जब विभाजन हुआ था भारत का, जानते हो उस वक्त लाखों हत्याय हुई थी ये तो पता ही है, युतिये
00:07विश्युद के बाद का वो सबसे खूनी काल था, दुनिया भोचक्की रह गई थी, हिंदू, उसिक, मुसलिम, सब लाखों में
00:14मरे थे, जानते हो इनको मारा किसने �
00:16अगर तुम थोड़ा सा उसके विवरण में, विस्तार में जाओगे, पढ़ोगे, कि जितने भी मरे थे, इनको मारा किसने था,
00:23इन में से ज्यादा तरको उनके महले वालों नहीं मारा था, उनके पडोसियों ने मारा था, उनके गाहों वालों ने
00:30मारा था, 80-90 प्रतिशत ल
00:43लोग थे, इन्हों नहीं मारा था एक दूसरे को, और बहुत-बहुत-बहुत मामलों में तो जो आपका पडोसी ही
00:48है, उसने मारा था, क्योंकि वो बहुत अच्छे से जानता था, कि तुम काँ छुपे होगे, ऐसे तक मारा गया
00:54है, कि आओ-ओ, भीड आईये मारने के लिए
00:56हमारे घर में पनाह ले लो, और वो उनको घर में बुला लिए और खुदी मार दिया, या कि तुम्हें
01:01काम करो, तुम अपने घर में घुझजाओ, उम भारते ताला लगा देते हैं, और जो तुम्हें भीड मारने आएगी हैं,
01:05उसको बोल देंगे, कि ये लोग तो घर में ह
01:24वो देश्य था कि मरें, उसे बारह मारने से चार उसने मारे, आठ तुम से मरवा दिया, कुल मिला करके
01:29सफल माया हो गई, तुम सोच रहे हो कि तुम आठ चार से जीत रहे हो, दूसरा वाला सोच रहे
01:37है कि वो चार आठ से हार रहा है, स्कोर, धंगों में स्कोर बहुत गिना
01:41जाता है बता हो जादा कौन मरा थुम सोच रहे हो आठ चार है कोई दूसरा सोच रहा है चार
01:45आठ ए ना चार आठ है स्कोर है बारह शून्य समझना है रियाक्ट नहीं करना है भावनात्मक आवेग में नहीं
01:54जाना है अगर आप बच्पन से विज्डम लिटरेचर नहीं पढ�
02:08साने में और अगर भीड का शिकार नहीं बनोगे तो कहेगा कोई कहेगा यह जाति द्रोही है कोई कहेगा वंश
02:15द्रोही है कोई कहेगा कुल द्रोही है कोई कहेगा देश द्रोही है कोई कहेगा धर्म द्रोही है
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