00:05भारत ने एक बार फिर दुनिया को अपनी सैन्य और तक्नीकी ताकत का एहसास करा दिया है।
00:30ये सिर्फ एक मिसाइल टेस्ट नहीं था, बलकि ये भारत की बढ़ती रक्षा शमता, स्वदेशी तक्नीक और भविश्य की युध
00:37तैयारियों का बड़ा प्रदर्शन था।
01:00भारतिय शसस्त्र बलों के संयुक्त प्रयास से किये गए इस परिक्षन का उद्देश्य सिर्फ मिसाइलों की शमता को परखना नहीं
01:06था, बलकि ये दिखाना भी था कि भारत अब मल्टी टागिट और मल्टी थ्रेट वातावरण में भी तेजी से प्रतिक्रिया
01:13देने में स
01:27शमता चाहिए होती है, भारत का ये परिक्षन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
01:57रडार, युद्धक में मान और रक्षा उपकरणों के स्वदेशी विकास पर तीजी से काम किया गया है।
02:27दोनों मजबूत होंगे। भविश्य में किसी भी आपात स्थिती या सैन्य चुनौती के दोरान ऐसी तकनीक भारत को निरनायक बढ़त
02:35दिला सकती है।
02:36रक्षा विशेशग्यों का कहना है कि मल्टी मिसाइल रौंच ख्लमता आधुनिक युद्ध रणनीती का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
02:43यदि किसी देश को एक साथ कई खत्रों का जवाब देना हो तो उसे ऐसी ही उन्नत तकनीकों की आवश्यक्ता
02:49होती है।
03:13इंजीनियरों और रक्षा विशेशग्यों की वर्षों की महनत का परिनाम है। ये दिखाता है कि भारत अब रक्षा तकनीक के
03:20क्षेत्र में सिर्फ उपभोकता नहीं बल्कि एक अग्रणी नवाचार करता बन रहा है।
03:25कुल मिलाकर तीन मिसाइलों का ये सफर परिक्षन भारत की सैन्य शक्ती, तकनीकी आत्म निर्भरता और रणनीतिक शमता का मजबूत
03:33प्रदर्शन है।
03:34और ये संदेश भी कि भारत अपनी सुरक्षा से जुड़े किसी भी खत्रे का जवाब देने के लिए पूरी तरह
03:40तैयार है।
Comments