00:00मिसाइलों की जंग, आरोपु की जंग और अब समुद्र के सीने पर छिडी है नारेटिव की एक ऐसी जंग जिसने
00:06पूरी दुन्या को हिला कर रख दिया है।
00:08लेकिन इस बार इस माहाशक्तियों की लडाई के बीच में फसा है हमारा हिंदुस्तान।
00:12फसा है भारत का वो खून जो अपने परिवारों का पेट पालने के लिए हजारों मीलों दूर नीले समंदर की
00:19लहरों पर दिन रात एक करता है।
01:09लेकिन जैसे यह आरोप लगा, इरान भड़ा कुट है।
01:12इरान ने इस पर एक ऐसा तीखा पलटवार किया कि अमेरिका खुद बाक्फुट पर आता दिख रहा है।
01:18इरान के विदेश मंत्री अबास रागची मैदान में उत्रे, उन्होंने सिर्फ ट्रम्प के आरोपों को खारज नहीं किया, बल्कि वशिंग्टन
01:24पर एक ऐसा अलजाम लगा दिया, जिसने इस पूरी जंग का रुक मोड दिया।
01:28इरानी विदेश मंत्री अबास रागची ने अमेरिका की सेने कारवाईयों को सीधे सीधे शशत्र डखेती और राज्य प्रायोजित समुदरी डखेती
01:35यानिकी स्टेट स्पॉंसर्ट पाइरस ही करार दे दिया।
01:38इरान का कहना है कि ट्रॉम्प जो कहानी दुनिया को सुना रहे हैं वो सरासर जूटी है असलिक कहानी तो
01:43कुछ और ही।
02:08कते वैश्विक समुदवी वैपार और फ्रीडोम ओफ नाविकेशन के लिए सबसे बड़ा खत्रा है या रोपो की लड़ाई हवा में
02:14नहीं चल रही है इसके पीछे एक दर्दनाक और कड़वी हकीकत इरान ने जुस घटना का जिक्र किया है वो
02:20पिछले सब्ता ओमान की खा�
02:36अलकी 21 अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया लेकिन जो तीन नाम इस संगर्ष की भेट चड़ गए उनकी
02:43परिवारों के घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया
02:54इरान के विदेश मंत्री ने इन मृतकों के परिवारों और भारत सिरकार के पृति अपनी समवेधनाई तो जाहिर की है
03:04लेकिन भारत के लिए ये सिर्फ समवेधनाओ का मामला नहीं है
03:07इदेश के आत्म सम्मान और अपनी नागरिकों की सुरक्षा का मामला है इस घटना के बाद नहीं दिल्ली शांत नहीं
03:13बैठी बारत में गेरा अक्रोश पैल गया जुसके बाद हमारी कूटनिती मशीनरी तुरंथ आक्शन में है
03:23अपने अमेरिकी समक्ष यानी अमेरिकी विदेश मंत्री मारको रूवियों के सामने इस मुद्दे को बेहद कड़े शब्दों में उठाया
03:30जशंकर ने साफ और दो टूक शब्दों में कहा कि कमर्शिल जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक कारवाई किसी भी स्थिती
03:36में किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराई जा सकती
03:39भारत ने इस मामले पर अमेरिका के सामने अपना डिप्लोमेटिक प्रोटेसी तरज कराया है और साफ तो और पजवाब देही
03:46की मांग की है
03:47बारत के लिए चुंता इसले भी बहुत बड़ी है क्योंकि खाडी छेतर के रूट पर हजारों की तादात में भारतिय
03:53नाविक दिन रात काम करते हैं
03:55अगर ये लाका दो देशों की जंग का खाड़ा बन गया तो इन निर्दोश नागरेकों की सुरक्षा की गारंटी कौन
04:00लेगा
04:01अब आपके मन में सवाल होगा कि इस पर अमेरिका का क्या कहना है वाशिंटन अपनी इस कारवाई का बचाव
04:05कर रहा है
04:06अमेरिका का दावाई की खाड़ी छेतर में लगे अंतराष्ट्र प्रतिबंधों को लागू करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान
04:12जरूरी था
04:13अमेरिका का रोप है कि इन जिन जहाजों को निशाना बनाया गया उन्हें बार बार चेतावनिया दी गई थी लेकिन
04:19उन्होंने चेतावनियों को नजर अंदास किया और वो इरान हितों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे
04:23तो सच क्या है? ट्रम्प कहते है कि कसूर इरान का है और इरान कहता है कि गुनिगार अमेरिका है
04:29लेकिन इन दावो, प्रतिदावो और नारेटिव की इस जहरीली जंग के बीच का सबसे बड़ा सच ये ही है कि
04:34नुकसान सिर्फ भारत का हुआ है
04:45तीन भारती परिवारों ने अपने बेटों को हो दिया है
04:52राजमीती और कूटनीती अपनी जगा चलती रहेगी
04:56या फिर खाड़ी का ये समंदर आने वाले दिनों में किसी बड़ी वैश्वी त्रास भी का गबाह बनेगा
05:02इस कबर पर हमारी नजर लगतार बनी रहेगी देश और दुम्या की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहेए
05:07One India है
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