Skip to playerSkip to main content
खाड़ी क्षेत्र के समुद्री जलक्षेत्र में भारतीय संबंध वाले जहाजों पर हुए हमलों को लेकर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने राष्ट्रपति Donald Trump के ईरानी ड्रोन हमले संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका हालिया वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ अपनी कार्रवाइयों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। अराघची ने अमेरिकी अभियानों को “राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती” (स्टेट पाइरेसी) करार दिया और दावा किया कि अमेरिकी हमलों में भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। वहीं, भारत में ईरानी दूतावास ने ट्रंप के आरोपों को “निराधार” बताते हुए खारिज कर दिया। इस विवाद ने समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को लेकर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

A sharp war of words has erupted between Washington and Tehran over attacks involving Indian-linked vessels in Gulf waters. Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi rejected President Donald Trump’s allegations of an Iranian drone attack, accusing the United States of attempting to divert attention from recent actions against commercial shipping. Araghchi described U.S. operations as “state piracy” and claimed American strikes had already resulted in the deaths of Indian sailors, while extending condolences to the victims’ families. Meanwhile, the Iranian Embassy in India dismissed Trump’s accusations as “baseless.” The dispute has intensified tensions surrounding maritime security and freedom of navigation.

#Iran #UnitedStates #DonaldTrump #AbbasAraghchi #India #StraitOfHormuz #MaritimeSecurity #GulfRegion #Geopolitics #BreakingNews #WorldNews

~HT.410~PR.516~ED.108~GR.510~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00मिसाइलों की जंग, आरोपु की जंग और अब समुद्र के सीने पर छिडी है नारेटिव की एक ऐसी जंग जिसने
00:06पूरी दुन्या को हिला कर रख दिया है।
00:08लेकिन इस बार इस माहाशक्तियों की लडाई के बीच में फसा है हमारा हिंदुस्तान।
00:12फसा है भारत का वो खून जो अपने परिवारों का पेट पालने के लिए हजारों मीलों दूर नीले समंदर की
00:19लहरों पर दिन रात एक करता है।
01:09लेकिन जैसे यह आरोप लगा, इरान भड़ा कुट है।
01:12इरान ने इस पर एक ऐसा तीखा पलटवार किया कि अमेरिका खुद बाक्फुट पर आता दिख रहा है।
01:18इरान के विदेश मंत्री अबास रागची मैदान में उत्रे, उन्होंने सिर्फ ट्रम्प के आरोपों को खारज नहीं किया, बल्कि वशिंग्टन
01:24पर एक ऐसा अलजाम लगा दिया, जिसने इस पूरी जंग का रुक मोड दिया।
01:28इरानी विदेश मंत्री अबास रागची ने अमेरिका की सेने कारवाईयों को सीधे सीधे शशत्र डखेती और राज्य प्रायोजित समुदरी डखेती
01:35यानिकी स्टेट स्पॉंसर्ट पाइरस ही करार दे दिया।
01:38इरान का कहना है कि ट्रॉम्प जो कहानी दुनिया को सुना रहे हैं वो सरासर जूटी है असलिक कहानी तो
01:43कुछ और ही।
02:08कते वैश्विक समुदवी वैपार और फ्रीडोम ओफ नाविकेशन के लिए सबसे बड़ा खत्रा है या रोपो की लड़ाई हवा में
02:14नहीं चल रही है इसके पीछे एक दर्दनाक और कड़वी हकीकत इरान ने जुस घटना का जिक्र किया है वो
02:20पिछले सब्ता ओमान की खा�
02:36अलकी 21 अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया लेकिन जो तीन नाम इस संगर्ष की भेट चड़ गए उनकी
02:43परिवारों के घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया
02:54इरान के विदेश मंत्री ने इन मृतकों के परिवारों और भारत सिरकार के पृति अपनी समवेधनाई तो जाहिर की है
03:04लेकिन भारत के लिए ये सिर्फ समवेधनाओ का मामला नहीं है
03:07इदेश के आत्म सम्मान और अपनी नागरिकों की सुरक्षा का मामला है इस घटना के बाद नहीं दिल्ली शांत नहीं
03:13बैठी बारत में गेरा अक्रोश पैल गया जुसके बाद हमारी कूटनिती मशीनरी तुरंथ आक्शन में है
03:23अपने अमेरिकी समक्ष यानी अमेरिकी विदेश मंत्री मारको रूवियों के सामने इस मुद्दे को बेहद कड़े शब्दों में उठाया
03:30जशंकर ने साफ और दो टूक शब्दों में कहा कि कमर्शिल जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक कारवाई किसी भी स्थिती
03:36में किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराई जा सकती
03:39भारत ने इस मामले पर अमेरिका के सामने अपना डिप्लोमेटिक प्रोटेसी तरज कराया है और साफ तो और पजवाब देही
03:46की मांग की है
03:47बारत के लिए चुंता इसले भी बहुत बड़ी है क्योंकि खाडी छेतर के रूट पर हजारों की तादात में भारतिय
03:53नाविक दिन रात काम करते हैं
03:55अगर ये लाका दो देशों की जंग का खाड़ा बन गया तो इन निर्दोश नागरेकों की सुरक्षा की गारंटी कौन
04:00लेगा
04:01अब आपके मन में सवाल होगा कि इस पर अमेरिका का क्या कहना है वाशिंटन अपनी इस कारवाई का बचाव
04:05कर रहा है
04:06अमेरिका का दावाई की खाड़ी छेतर में लगे अंतराष्ट्र प्रतिबंधों को लागू करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान
04:12जरूरी था
04:13अमेरिका का रोप है कि इन जिन जहाजों को निशाना बनाया गया उन्हें बार बार चेतावनिया दी गई थी लेकिन
04:19उन्होंने चेतावनियों को नजर अंदास किया और वो इरान हितों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे
04:23तो सच क्या है? ट्रम्प कहते है कि कसूर इरान का है और इरान कहता है कि गुनिगार अमेरिका है
04:29लेकिन इन दावो, प्रतिदावो और नारेटिव की इस जहरीली जंग के बीच का सबसे बड़ा सच ये ही है कि
04:34नुकसान सिर्फ भारत का हुआ है
04:45तीन भारती परिवारों ने अपने बेटों को हो दिया है
04:52राजमीती और कूटनीती अपनी जगा चलती रहेगी
04:56या फिर खाड़ी का ये समंदर आने वाले दिनों में किसी बड़ी वैश्वी त्रास भी का गबाह बनेगा
05:02इस कबर पर हमारी नजर लगतार बनी रहेगी देश और दुम्या की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहेए
05:07One India है
Comments

Recommended