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Monsoon 2026 Alert: क्या इस साल मानसून मेहरबान रहेगा या फिर अल-नीनो बिगाड़ देगा पूरी बारिश का गणित? मौसम वैज्ञानिकों की इस नई रिपोर्ट ने किसानों से लेकर सरकार तक की चिंता बढ़ा दी है, जानिए क्या होने वाला है असर।
भारत में जब भी मानसून (Monsoon) की बात होती है, तो उसके साथ एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आता है अल-नीनो (El Nino)। मौसम वैज्ञानिकों के लिए यह सिर्फ एक जलवायु घटना नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्राकृतिक ताकत है जो पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करती है। दरअसल, अल-नीनो प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह के असामान्य रूप से गर्म होने की स्थिति है। जब यहां तापमान बढ़ता है, तो दुनिया भर का वायुमंडलीय पैटर्न बदलने लगता है, जिसका सीधा असर एशिया, अमेरिका, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया तक देखा जाता है।

About the Story:
As India updates its climate outlook, the looming presence of El Niño has sparked concerns among meteorologists and agricultural experts regarding Monsoon 2026. El Niño, characterized by the abnormal warming of sea surface temperatures in the central and eastern Pacific Ocean, significantly alters global atmospheric patterns.
#Monsoon2026 #ElNinoEffect #WeatherUpdate #OneindiaHindi

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Transcript
00:00क्या इस साल मौनसून महरबान रहेगा या फिर बारिश का गणित बिगड़ सकता है।
00:03इस सवाल के पीछे एक नाम बार-बार सामने आता है, अल-नीनो।
00:07मौसम विग्यानिकों के लिए ये सिर्फ एक जल वायू घटना नहीं, बलकि पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करने वाली
00:13एक बड़ी प्रकृतिक ताकत है।
00:14भारत में जब भी अल-नीनो सक्रिया होता है, किसानों से लेकर सरकार तक की चिंता बढ़ जाती है क्योंकि
00:20इसका सीधा असर मौनसून पर पड़ता है।
00:22दरसल अल-नीनो प्रिशान्त महा सागर के मध्य और पुर्वी हिस्से में समुद्र की सते के आसमाने रूप से गर्म
00:29होने की सिथी है।
00:30जब समुद्र का ताफ पान सामाने से ज्यादा बढ़ता है, तो दुनिया भर के वायू मंडलिये पैटन बदलने लगते हैं।
00:36इसका असर एशिया, अमेरिका, अफ्रिका और आस्ट्रेलिया तक देखने गुंबलता है।
00:41भारत के लिए अल-नीनो इसलिए महतोपून है क्योंकि हमारा कृशी तंत्र और जल संसाधन काफी हद तक मौनसून पर
00:48निर भर है।
00:49देश की लगभग आधी कृशी भूमी आज भी बारिश आधारित खेती पटी की हुई है।
00:54ऐसे में अगर मौनसून कमजोर पड़ता है तो फसलों, जलाशयों और ग्रामिड अर्थ वैवस्था पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता
01:01है।
01:02इतिहास बताता है कि कई बार मजबूत अल्नीनों के दौरान भारत में समाने से कम बारिश तरफ की गए।
01:082002 और 2015 जैसे वर्षों में अल्नीनों को कमजोर मौनसून की बड़ी वजह माना गया था।
01:13अलकि ये भी सच है कि हर बार अल्नीनों का मतलब सुखा नहीं होता।
01:18कई बार हिंद महासागर की परिस्तिथियां और अन्य जलवायू कारक इसके प्रभाव को कम कर देते हैं।
01:24वह सब बैग्यानिक बताते हैं कि मौनसून केवल एक फैक्टर पर नर्भर नहीं करता।
01:28इंद महासागर, डाइबोल यानि की IOD अरब सागर का ताप मान बंगाल की खाड़ी की स्तिथी और पश्चिमी विक्षोब जैसे
01:36कई कारक मिलकर मौनसून की तस्वीर तै करते हैं।
01:39इसलिए केवल अल नीनो के अधार पर पूरे मौनसून का अनुमान लगाना सही नहीं माना जाता।
01:45पिर भी जब अल नीनो की चर्चा होती है तो किसानों को चिंदा बढ़ी जाता।
01:49अगर बारिश कम हुई तो धान, मक्का, सोया बीन, डालों और अन्या खरी फसलों पर असर पड़ेगा।
01:54जलाशेयों में पानी का स्तर घट जाएगा और बिजली उत्पादन पर भी दबाब बढ़ेगा।
01:59यही वज़ा है कि मौसम विभाग और कृशी विशशग्य लगतार पुशान्त महसागर की गतिविदियों पर नजर रख रहे हैं।
02:06दूसरी तरफ अलनीनो कमजोर रहे या उसका असेसिमित हो जाए तो मौनसुन समान्या या फिर समान्या से बहतर भी रह
02:13सकता है।
02:13ऐसे में कृशी उत्पादन बढ़ने, खादे कीमतों को नियंत्रित रखने और ग्रामिड अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिलने की उमीद रहती
02:20है।
02:21दिल्चस बात ये है कि पिछले कुछ वर्षों में जलवायू परिवर्तन ने मौसम के पारंपरिक पैटर्न को और जटल बना
02:27दिया है।
02:27कई बार ऐसे हालात बने हैं जब अलनीनों मौजूद था लेकिन मौनसून ने उमीद से बहतर प्रदशन किया।
02:33इसी विजह से वैज्ञानिक अब मौसम की भविश्यवानी के नए मौडल और तक्निकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
02:40फिलाल पूरे देश की नजर मौनसून की प्रगति और प्रशांत महसागर की गतिविधियों पर बनी हुई है क्योंकि भारत में
02:47मौनसून सिर्फ मौसम नहीं होता।
02:49ये खेती, अर्थव्यवस्था, रोजगार और करोडों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ है।
02:55और जब बात अलनीनों की हो, तो हर बादल, हर बारिश और हर मौसम रिपोर्ट पर नजर अपने आप तेखे
03:02जाती है।
03:02इस ख़बर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें, One India हैंदी.
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