00:00दिल्ली की सियासत में इस वक्त एक ऐसी चर्चा चल रही है जिसने बड़े-बड़े पिलिटिकल एक्सपर्ट्स के भी होश
00:06उड़ा दिये हैं
00:07सवाल सिर्फ एक है और वो सवाल बहुत बड़ा है
00:10क्या अमिट शहादेश के अगले उप्रधान मंतरी यानि डेप्यूटी प्राइम मिनिस्टर बनने जा रहे हैं
00:17क्या प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने दोहजार उनतिस के महाचुनाव से पहले ही अपना उत्तर अधिकारी यानि सकसेसर चुन लिया
00:25है
00:25क्या बीजेपी की अंदर नमबर टू की कुरसी को अब ओफिशिली सील करने का वक्त आ गया है
00:31आज मैं इस पूरे पुलिटिकल सिस्पेंस का सच इसका फैक्ट चेक और इसके पीछे का पूरा पुलिटिकल माइंड गेम आपके
00:38साथ डिकोड करूँगी
00:39तो अगले कुछ मिनिट मेरे साथ बने रही है
00:42सबसे पहले मैं आपको इस पूरी कहानी के परदे के पीछे ले चलती हूँ
00:46राजनीती की गल्यारों में काफी समय से एक चर्चा चल रही है कि बीजेपी दोजार अनत्यस से पहले ही अपना
00:54ग्लेम प्लान तयार करना चाहती है
00:56पार्टी चाहती है कि नरेंद्र मोदी के बाद कमान किसके हाथ में होगी इसकी तस्वीर बिलकुल साफ हो
01:03आके आगे चल कर पार्टी के अंदर किसी भी तरह का पावर स्ट्रगल ना हो और जब भी मोदी की
01:08बात होती है
01:09सबसे मजबूत नेता का नाम आता है तो सबसे उपर एक ही नाम नजर आता है अमित शाह देश के
01:15होम मिनिस्टर जिने बीजेपी का चानक्य भी कहा जाता है
01:19आर्टिकल 370 हटाना हो, CAA लाना हो या बड़े बड़े चुनावों की स्टार्टेजी बनानी हो अमित शाह ने हर बार
01:26खुद को प्रूफ किया है लेकिन राजनीती उतनी सिंपल नहीं होती जितनी दिखती है
01:32इस चल्चा के दो पहलू है, पहला पहलू ये कहता है कि अगर अमित शाह को डेपुटी पी-म बना
01:39दिया गया तो पार्टी वरकर को एक क्लियर मेसिज मिल जाएगा लीडर्शिप को लेकर जो सिस्पेंस है वो खतम हो
01:45जाएगा लेकिन इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी है
01:48ये थोड़ा ज्याता इंट्रिस्टिक है, कुछ पिलिटिकल उब्जर्वर्स का मानना है कि अगर अमित शाह को ओफिशली नंबर टू डिकलेर
01:54किया गया तो पार्टी के अंदर दूसरे बड़े नेता को साइड लाइन फील होगा
01:59गौर से देखिए, इन चेहरों को बीजेपी आज भी कई बड़े और पॉपलर लीडर्स हैं
02:05अगर एक व्यक्ति को ओफिशल नंबर टू बना दिया जाए तो बाकी दावेदारों के बीच नराजगी बढ़ने की आशंका भी
02:12जताई जाती है
02:13सियासत का एक पुराना नियम है, जब एक चेहरा सबसे उपर आता है तो बाकी लोग की उम्मीदे प्रभावित हो
02:20सकती है
02:21लेकिन अब सबसे जरूरी बात, आखिर सच क्या है, चलिए अब इसका फैक्ट चेक करते है
02:26सबसे पहला पॉइंट, भारत के समविधान में डेपीटी पीम नाम का कोई कॉंसिट्यूशनल पद है ही नहीं
02:33जो भी डेपीटी पीम बनता है, वो काबरेंट मिस्टर के रूप में ही शपत लेता है
02:38डेपीटी पीम सिरविक पिलिटिकल डेजिगनेशन होता है, कोई अलग सामविधाने के पद नहीं
02:43दूसरा पॉइंट, इतिहास देखिए, ज्यादा तर डेपीटी पीम तब बनाय जाते हैं जब कोईलिशन गवर्मेंट्स थी
02:50और किसी बड़े साथी या सीनिय लीडर को पॉलिटिकल इंपॉटन्स देनी होती थी
02:54जैसे अटल विहारी बाचपाई जी की सरकार में लाल कृशन अदवानी जी
02:58लेकिन आज नरेंद्र मोदी की सरकार मजबूत बहुमत के साथ है
03:02ऐसे में किसी पुलिटिकल प्रेशर की बात सामने नहीं आती
03:07और तीसरा सबसे इंपॉर्टन पॉइंट अब तक का
03:09गवर्मेंट की तरफ से ना पी एमो की तरफ से और ना ही बीजेपी हाय कमांड की तरफ से
03:15ऐसे कोई ओफिशल अनाउंसमेंट हुई है ना ही कोई ओफिशल संकेत दिया गया है
03:21यानि फिलहाल ये सिरफ पुलिटिकल स्पेकुलेशन है इसकी कोई ओफिशल पुष्टी नहीं हुई है
03:26तो अगर मैं इस पूरी रिपोर्ट को एक लाइन में समझाऊं तो कंक्लूजन ये निकलता है
03:31अमेट शहाब बिना डेपीटी पीम बने भी सरकार और बीजेपी में नरेंद्र मोदी के बाद सबसे प्रभाफ शाली नेताओं में
03:39से एक माने जाते है
03:40उनका सियासी कद सिर्फ किसी पद पर निर्भर नहीं करता
03:44लेकिन राजनीती के बारे में एक पुरानी कहावत है
03:47यहां जो दिखता है वो हमेशा होता नहीं और जो होता है वो अक्सर पहले दिखता नहीं
03:53तो क्या दोजार उनत्यस से पहले बीजेपी कोई बड़ा पुलिटिकल मास्ट श्ट्रोक खेलेगी
03:58या यह पूरी चर्चा सिर्व एक सियासी अफ़ा है
04:01इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा
04:03लेकिन आपको क्या लगता है
04:05क्या अमिर्चा को डेपुटी पीम बनाना चाहिए
04:07क्या इससे बीजेपी और मजबूत होगी
04:10या पार्टी के अंदर नई सियासत शुरू हो सकती है
04:13अपनी राए कॉमेंट में जरूर बताइए
04:15मैं हूर इताना मित्तिल और आप देख रहे हैं
04:17One India Hindi
Comments