00:00यह unexpected तो है, लेकिन आप यह समझे कि मैं आपको तीन सच्चा ही बताऊंगा, एक दाम state of hormones
00:07से linked है, ठीक है, क्रूड 70 से 115 तक चला गया है, और यह हम 85% oil import
00:14करते हैं, जैसा मैंने कहा था, और यह war shock है, election का issue नहीं है, दूसरा government ने एक
00:20size duty कम भी किया है, 10 उल पे कम किया तक पहले, औ
00:25और जब दुनिया के बाकी देशों में हम 30 से 50% तक increase देख रहे हैं, इंडिया में 5
00:29% बढ़ा है, तीसरा यह है कि जो oil marketing companies और government ने यह losses bear किये थे, कर
00:36रहे हैं यह temporary था, इसको कोई भी अच्छी country बहुत दिनों तक sustain नहीं कर सकती इस पे, और
00:44जो यह war है, I am not sure, even Iran और Trump को भी न
00:54में नहीं भी है, उनको भुगतना पर रहा है, जैसे हमारी countries, क्योंकि हम अपनी oil, अपनी energy के जरुड़तों
01:01के लिए बाहर पर dependent है, मैं आपको यही कहूंगा कि मार्यवाले टाइम को हम बिलकुल गेस नहीं कर सकते,
01:08अगर यह international market में अगर प्राइस इसी level के रहे, 100 डॉलर से
01:24बिलकुल, रामकुमार जी, final comment आपका देश की जनता के लिए, एक संतोज यनक टिपपने हम समझना चाहेंगे, सुनना चाहेंगे,
01:32उसी roadmap को लेकर, जो आपके सरकार कहती है, जनता की रहात के लिए
01:38देखिये, मैं तो यहीं चाहूंगा, कि हमारी सरकार, पेट्रोल डीजल को जीएश्टी के दाइरे में लाए, और रहात मिले, हमें
01:46वीपन की सरकारों पर आरोप लगना से बचना पड़े, तो जीएश्टी के दाइरे में लाने से भी काफी कुछ कंट्रोल
01:53होगा, लेकिन हम
02:05जाने लगवा दी है, टैक्सेस में, तो उनकी चिंताएं कम है, वो पुरे देश को परिसान करना चाहते हैं, और
02:12आपने कहा जो टेंकर, देखिये, दो टेंकर हमारे लॉस्ट हो चुके हैं, तो टेंकर की कीमत कम नहीं होती, रजनिस
02:20भाईया बता भी सकते हैं, यह सरकार नह
02:35वो नहीं ले रही है, जिरान छोड़ रहा है, लेकिन अमेरिका हमारे पीछे पड़ा है, और वो उसको में दुस्मनी,
02:46जो भारत के हमारे प्रधान मंत्री हैं, जो डॉलर की वेल्यू घटाना चाहते हैं, दिरम में और अपने रुपए, रुपीज
02:52में यो बैभार करना चा
03:05वो तोड़ने का काम हमारे भारत के प्रधान मंत्री कर रहे हैं, तो यह वो समभाई नहीं है, जो मैं
03:11समझदार ही वा परनी चाहिए, मैं अपने रजनीज भाही कर गलत हो तो बता देना, लेकिन यह समभाई नहीं है,
03:18कि डॉलर को जुकाने का, उन डॉलर को जुका दे, ज�
03:33परिशान है, कोई राय, कोई एक कैसी सीख, जो किसी भी तरह से रहा दे सके.
04:03अगर चापेंगे तो हमारे महेंगाई बढ़ जाएगा, इंफ्लेशन बढ़ जाएगा, वेनेजुला में ऐसे हुआ था, उन्होंने करेंसी बिदम चापना शुरू
04:09कर दिया और उनकी करेंसी गिर गई, एकोनोमी बढ़ाद हो गई, वैसी अगर मैं यूएस के बात करूँ
04:16प्रोणा के बाद उन्होंने बहुत सारे करेंसी प्रिंट किया हैं, अपने नोट चापे हैं, तो इसका क्या असर हुआ, वो
04:21सारे अब्जॉब हो गए, मांकिट में चले गए, क्योंकि बाहर में डॉलर में ही सारी डिमांड है, सबकी टांजेक्शन डॉलर
04:29में होती हैं, ले
04:44क्या है, हमारी डॉलर के मुकाबले हमारी करेंसी की एक दम गिरती चली जा रही है, तो इसका क्या सोलूशन
04:49है, इसका सोलूशन यह होना चाहिए, कि हम ट्रांजेक्शन आइनर में करें, अभी आपने देखा हुआ कि दो-तीन महीने
04:54पहले, अर्भी आई में एक गाइडलाइ
05:10में भी तरीके से भी यह सही है, यह हमारी ट्रांजेक्शन अगर आप सुचिए कि यह रूपी में होगा, तो
05:14हमें फॉर्ण एक्षिंज का कोई घाटा होगा ही नहीं होगा, तो यह लोकल करिंसी में डिल करने का फाइडा होता
05:28है, जो किया जा रहा है, और यह जरूरत भी है
05:31लेकिन डॉलर के दवदवा को हम कम नहीं कर सकते हैं, बिल्कुल नहीं कहुंगा कि जब यह पिट्रोल डीजल को
05:37हम अगर मेरा यह सुझाव है कि अगर इसको जीस्टी के दारे में आ जाए, तो यह तकरीबन सात रुपे
05:43से लेके पंदरे रुपे तक का बेनिफिट हो सकता ह
05:49अगर हम एवरेज मान लो तो दस से बारो रुपे तो बिल्कुल इसका फरक पड़े गा ही, तो पिट्रोल डीजल
05:55के प्रस्टी को हम जासे बहुत सारे मीडिया पर्सनल भी समझाने कोशिश करते हैं, इसके लवा कई लोग समझना भी
06:05चाहते हैं, जो कि रामकुमार जी भी �
06:10चाहते हैं, आखिर वो क्या सटी, आपने एक अमाउंट बताया, लेकिन पूरी प्रक्रिया अगर थोड़ा साब बता पाएं, एक डिड़
06:16मिनट में, जी, एक टर्म है, एड वो ट्रांजिक्शन वैलू के उपर प्राइस रेट लगता है, जी एस्ट में जो
06:25रेट है, अभी
06:36जो सिन प्रडुक्स होते हैं, जो समाज के लिए नकरात्मक होते हैं, वो आठाइस परसंट के दारे में अभी भी
06:43हैं, लेकिन जादातर समान अभी यहां पे इंडिया में 18 परसंट में ते दारे में हैं, जी एस्ट के दारे
06:49में हैं, अगर यह हम इसको जी एस्ट के दारे मे
06:52आते हैं पेटोल डीजल के प्राइस को तो जो टैक्स अभी तकरीबं पैटिस से पचास परसंट का जो टैक्स है
06:59मतलब गवर्मेंट सेंट्रल गवर्मेंट का हम मिला दे और इस्टेट गवर्मेंट के हम वैट को मिला दे वो घटके आप
07:05सोचिए कि अगर 28% के दारे में भी आ
07:21अगरिख चोगन कि अबला। झाला झाला उटके आलाधन आव आटके जान आवड़ गवर्मेंट से वालत आपके चक्वर्मेंट के �aufen술
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