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Petrol Diesel Price Hike: 1 June से पहले फिर बढ़ेंगे दाम? Economist की बड़ी चेतावनी ने उड़ाए सबके होश! जानिए आखिर क्यों मोदी सरकार के बड़े आश्वासनों के बावजूद देश में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं।

India's retail fuel markets are witnessing heavy inflationary pressure as state-owned Oil Marketing Companies (OMCs) announced consecutive hikes in petrol and diesel prices ahead of June 1. Driven by the geopolitical conflict in West Asia and skyrocketing global crude oil prices, petrol has breached the ₹110 mark in multiple metropolitan cities. While the central government reassures citizens of strategic measures, top economists warn of a cascading effect on core inflation and logistics across the country.

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Transcript
00:00यह unexpected तो है, लेकिन आप यह समझे कि मैं आपको तीन सच्चा ही बताऊंगा, एक दाम state of hormones
00:07से linked है, ठीक है, क्रूड 70 से 115 तक चला गया है, और यह हम 85% oil import
00:14करते हैं, जैसा मैंने कहा था, और यह war shock है, election का issue नहीं है, दूसरा government ने एक
00:20size duty कम भी किया है, 10 उल पे कम किया तक पहले, औ
00:25और जब दुनिया के बाकी देशों में हम 30 से 50% तक increase देख रहे हैं, इंडिया में 5
00:29% बढ़ा है, तीसरा यह है कि जो oil marketing companies और government ने यह losses bear किये थे, कर
00:36रहे हैं यह temporary था, इसको कोई भी अच्छी country बहुत दिनों तक sustain नहीं कर सकती इस पे, और
00:44जो यह war है, I am not sure, even Iran और Trump को भी न
00:54में नहीं भी है, उनको भुगतना पर रहा है, जैसे हमारी countries, क्योंकि हम अपनी oil, अपनी energy के जरुड़तों
01:01के लिए बाहर पर dependent है, मैं आपको यही कहूंगा कि मार्यवाले टाइम को हम बिलकुल गेस नहीं कर सकते,
01:08अगर यह international market में अगर प्राइस इसी level के रहे, 100 डॉलर से
01:24बिलकुल, रामकुमार जी, final comment आपका देश की जनता के लिए, एक संतोज यनक टिपपने हम समझना चाहेंगे, सुनना चाहेंगे,
01:32उसी roadmap को लेकर, जो आपके सरकार कहती है, जनता की रहात के लिए
01:38देखिये, मैं तो यहीं चाहूंगा, कि हमारी सरकार, पेट्रोल डीजल को जीएश्टी के दाइरे में लाए, और रहात मिले, हमें
01:46वीपन की सरकारों पर आरोप लगना से बचना पड़े, तो जीएश्टी के दाइरे में लाने से भी काफी कुछ कंट्रोल
01:53होगा, लेकिन हम
02:05जाने लगवा दी है, टैक्सेस में, तो उनकी चिंताएं कम है, वो पुरे देश को परिसान करना चाहते हैं, और
02:12आपने कहा जो टेंकर, देखिये, दो टेंकर हमारे लॉस्ट हो चुके हैं, तो टेंकर की कीमत कम नहीं होती, रजनिस
02:20भाईया बता भी सकते हैं, यह सरकार नह
02:35वो नहीं ले रही है, जिरान छोड़ रहा है, लेकिन अमेरिका हमारे पीछे पड़ा है, और वो उसको में दुस्मनी,
02:46जो भारत के हमारे प्रधान मंत्री हैं, जो डॉलर की वेल्यू घटाना चाहते हैं, दिरम में और अपने रुपए, रुपीज
02:52में यो बैभार करना चा
03:05वो तोड़ने का काम हमारे भारत के प्रधान मंत्री कर रहे हैं, तो यह वो समभाई नहीं है, जो मैं
03:11समझदार ही वा परनी चाहिए, मैं अपने रजनीज भाही कर गलत हो तो बता देना, लेकिन यह समभाई नहीं है,
03:18कि डॉलर को जुकाने का, उन डॉलर को जुका दे, ज�
03:33परिशान है, कोई राय, कोई एक कैसी सीख, जो किसी भी तरह से रहा दे सके.
04:03अगर चापेंगे तो हमारे महेंगाई बढ़ जाएगा, इंफ्लेशन बढ़ जाएगा, वेनेजुला में ऐसे हुआ था, उन्होंने करेंसी बिदम चापना शुरू
04:09कर दिया और उनकी करेंसी गिर गई, एकोनोमी बढ़ाद हो गई, वैसी अगर मैं यूएस के बात करूँ
04:16प्रोणा के बाद उन्होंने बहुत सारे करेंसी प्रिंट किया हैं, अपने नोट चापे हैं, तो इसका क्या असर हुआ, वो
04:21सारे अब्जॉब हो गए, मांकिट में चले गए, क्योंकि बाहर में डॉलर में ही सारी डिमांड है, सबकी टांजेक्शन डॉलर
04:29में होती हैं, ले
04:44क्या है, हमारी डॉलर के मुकाबले हमारी करेंसी की एक दम गिरती चली जा रही है, तो इसका क्या सोलूशन
04:49है, इसका सोलूशन यह होना चाहिए, कि हम ट्रांजेक्शन आइनर में करें, अभी आपने देखा हुआ कि दो-तीन महीने
04:54पहले, अर्भी आई में एक गाइडलाइ
05:10में भी तरीके से भी यह सही है, यह हमारी ट्रांजेक्शन अगर आप सुचिए कि यह रूपी में होगा, तो
05:14हमें फॉर्ण एक्षिंज का कोई घाटा होगा ही नहीं होगा, तो यह लोकल करिंसी में डिल करने का फाइडा होता
05:28है, जो किया जा रहा है, और यह जरूरत भी है
05:31लेकिन डॉलर के दवदवा को हम कम नहीं कर सकते हैं, बिल्कुल नहीं कहुंगा कि जब यह पिट्रोल डीजल को
05:37हम अगर मेरा यह सुझाव है कि अगर इसको जीस्टी के दारे में आ जाए, तो यह तकरीबन सात रुपे
05:43से लेके पंदरे रुपे तक का बेनिफिट हो सकता ह
05:49अगर हम एवरेज मान लो तो दस से बारो रुपे तो बिल्कुल इसका फरक पड़े गा ही, तो पिट्रोल डीजल
05:55के प्रस्टी को हम जासे बहुत सारे मीडिया पर्सनल भी समझाने कोशिश करते हैं, इसके लवा कई लोग समझना भी
06:05चाहते हैं, जो कि रामकुमार जी भी �
06:10चाहते हैं, आखिर वो क्या सटी, आपने एक अमाउंट बताया, लेकिन पूरी प्रक्रिया अगर थोड़ा साब बता पाएं, एक डिड़
06:16मिनट में, जी, एक टर्म है, एड वो ट्रांजिक्शन वैलू के उपर प्राइस रेट लगता है, जी एस्ट में जो
06:25रेट है, अभी
06:36जो सिन प्रडुक्स होते हैं, जो समाज के लिए नकरात्मक होते हैं, वो आठाइस परसंट के दारे में अभी भी
06:43हैं, लेकिन जादातर समान अभी यहां पे इंडिया में 18 परसंट में ते दारे में हैं, जी एस्ट के दारे
06:49में हैं, अगर यह हम इसको जी एस्ट के दारे मे
06:52आते हैं पेटोल डीजल के प्राइस को तो जो टैक्स अभी तकरीबं पैटिस से पचास परसंट का जो टैक्स है
06:59मतलब गवर्मेंट सेंट्रल गवर्मेंट का हम मिला दे और इस्टेट गवर्मेंट के हम वैट को मिला दे वो घटके आप
07:05सोचिए कि अगर 28% के दारे में भी आ
07:21अगरिख चोगन कि अबला। झाला झाला उटके आलाधन आव आटके जान आवड़ गवर्मेंट से वालत आपके चक्वर्मेंट के �aufen술
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