00:00We need to reduce the petrol and diesel.
00:08We need to reduce the oil and oil and oil.
00:16Public transport can be used to be used.
00:19In the next year, gold will not buy.
00:22Foreign travel will be used to be used to work from home.
00:28We need to reduce the oil and oil levels.
00:36If we look at the oil and oil, we need to reduce the oil and oil.
00:39This is the唐 and oil oil.
00:40This is the weapon that you will get to do with the oil and oil.
00:43But this is the weapon that you will not use.
00:46But this version of the oil and oil company is used to actually get rid of the oil.
00:53This is the weapon that we use to avoid.
00:55फॉर्मूज में लगातार रुकावट ने दुनिया भर में कच्छे तेल की कीमतों को तेजी से बढ़ा दिया
01:00ग्लोबल मारकेट में क्रूड ओयल करीब 70 डॉलर प्रती बैरल से बढ़कर 126 डॉलर प्रती बैरल तक पहुंच किया
01:21वजह भी साफ है सरकारी देल कंपनिया लगातार भारी घाटा जेल रही है
01:25आकड़ों पर नज़र डालेंगे तो इंडिया नॉयल भारत पेट्रोलियूम और हिंदुस्तान पेट्रोलियूम जैसी कंपनियों को
01:30हर महीने करीब 30,000 करोड रुपे की अंडर रिकवरी हो रही है
01:34और ये दबाव हॉर्मूस संकट से बढ़ा है
01:36पश्यमेशिया में युद के चलते हॉर्मूस कई हफतों से प्रभावित है
01:40जिसके ग्लोबल एनरजी मारकेट पर एक बड़ा संकट पैदा हो गया है
01:45दुनिया के कई देशों में पेट्रोल की कीमत रिकॉर्ड इस्तर पर पहुँच गई है
01:49हॉंग कॉंग में पेट्रोल करीब 295 रुपे प्रती लीटर है
01:52सिंगपोर में 240 रुपे
01:53नीदे लांड्स में 225 रुपे
01:56इटली में 210 रुपे और ब्रिटेन में लगभग 195 रुपे प्रती लीटर बिक रहा है
02:01वहीं भारत के कई शेरों में पेट्रोल अब भी 95 रुपे प्रती लीटर के ही आसपास है
02:05अब देखिए तेल संकट से निपटने के लिए कई देशों ने सक कदम तो उठाएं
02:10बांगला देश ने फ्यूल राशणिंग लागव की है यानि लिमिट्ड फ्यूल ही मिल रहा है
02:14श्रीलंका ने चार दिन का वॉर्क वीक शुरू कर दिया है यानि आपको हफ़ते में सिफ चार दिन काम करना
02:19है
02:19पाकिस्तान ने सरकारी दफ्तरों के कामकाजी दिन घटा दिये हैं जबकि दक्षिन कोरिया ने दशकों बार पहली बार फ्यूल प्राइस
02:26कैप लागू कर दिया है
02:27भारत में हाला की ना तो फ्यूल की कमी देखने को मिली और ना ही लंबी लाइन या फिर राशनिंग
02:32की नौब बताई
02:33सरकार ने संकट शुरू होते ही इंडस्ट्री से जुड़े कदम तेजी से उठाए
02:37गरेलू एलपीजी प्रोडक्शन 36,000 टन रोजाना से बढ़ा कर 54,000 टन रोजाना कर दिया गया
02:43साथ ही पेट्रोल और डीजल पर एकसाइस ड्यूटी में कटोती भी की गई ताकि वो भोगता जो हैं जो कंजियूमर्स
02:49हैं उन पर बोज़ कम रहे
02:50इंडस्ट्री अनुमान के मताबिक माक्सिमम कीमतों के दौरान सरकार और तेल कमतियां मिलकर पेट्रोल पर करीब 24 रुपे प्रती लीटर
02:58और डीजल पर 30 रुपे प्रती लीटर का बोज़ उठा रहे थी
03:01भारत ने रूस, अमेरिका, पश्चिम, अफ्रीका और दूसरे शेतरों से कच्चे तेल का इंपोर्ट बढ़ा कर सप्लाई स्टेबल रखने की
03:08कोशिश की
03:09रिफाइनरी 100 फीसिदी से ज्यादे शमता पर काम कर रही हैं जिससे बाजार में फ्यूल की अवेलिबिलिटी बनी रहे
03:15पिसले एक दशक में देश के एनरजी स्ट्रक्चर को एक्स्पांशन का भी फाइदा मिला
03:202014 के बाद LPG Terminals की संख्या दोगुनी हुई है कच्चे तेल के सोर्से 27 देशों से बढ़ाकर 40 देशों
03:27तक पहुचाए गए है
03:28और एथिनॉल ब्लेंडिंग 1.5 फीसिदी से बढ़ाकर 20 फीसिदी तक पहुचाए गई है
03:50पेट्रोल गैस डीजल जैसी चीजों का इस्तमाल बहुत सयम के साथ करने की जरूरत है हमें इंपोर्ट पेट्रो प्रोडक्स का
03:58इस्तमाल सिर्फ जरूरत के अनुसार करना चाहिए इससे ना सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी बलकि युद के प्रतिकूल प्रिभा
04:05foreign
04:07PM Modi के मताबिक public transport, metro, car pooling का ज्यादा इस्तिमाल करिए, work from home और online meetings को
04:14बढ़ावा दीजिए,
04:15गैर जरूरी विदेश यात्राओं को टाल दीजिए और घरेलू tourism को प्राथमिक्ता दीजिए,
04:20शादियों में या फिर गैर जरूरी सोने की खरीदारी को भी टालिये, यानि गोल्ड की खरीदारी थोड़ी कम करिये,
04:27agriculture के लिए, क्रिशी में डीजल पंप की जगा सोलर पंप का इस्तमाल करिये और chemical fertilizer का कम इस्तमाल
04:33करिये,
04:33तो आखर सवाल ये कि PM मोदी क्या हिंट कर रहे हैं, देखे ये बयान सिर्फ सला नहीं है,
04:39बलकि एक मजबूत indirect संकेत है, सरकार और तेल कम्तियां भारी घाटे का दबाव जील रही हैं और कीमतें स्थिर
04:45रखना अप्टिकाव नहीं रह गया है,
04:46सरकार का focus विदेश जा रहे हैं पैसे पर रोक लगाने पर है, जिससे महंगे इंपोर्च कम हो और कीमत
04:52बढ़ोतरी का बोच आम आदमी पर कम पड़े,
04:54यानि यह अपील इसलिए कि लोगों को पहले से तयार कर ले कि कठिन समय आ रहा है, इसलिए व्यक्तिगत
05:00इस्तर पर सयंब बरतना पड़ेगा,
05:01यह पिछले संकट जैसे की कोवेड या फिर यूक्रेन यूद की तरह सबका साथ सबका प्रयास वाला अप्रोच था पीम
05:08मोदी का,
05:08हाला कि कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन सरकार लोगों की भागिदारी से इसका जटका कम करने की कोशिश कर रही
05:14है,
05:14कुल मिलाकर पूरी सिचुईशन यही कह रही है कि मिडलीस का यूज जारी रहने और कच्छे तेल की कीमतें उचे
05:20स्तर पर बने रहने से,
05:21सरकारी तेल कम्पनियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है,
05:24ऐसे मैं आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना तेज हो गई है,
05:29तो क्या आपके पास बजट तयार है?
Comments