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Amidst the ongoing West Asia geopolitical crisis and soaring global crude oil prices, prominent economists have issued a stark warning regarding another major petrol and diesel price hike in India. With state-owned Oil Marketing Companies (OMCs) facing under-recoveries due to benchmark Brent crude trading well above $100 per barrel, experts predict a continuous calibrated rise in fuel rates over the next 10 days. Watch this detailed analysis on how the escalating energy crisis could push retail fuel prices further and affect India's retail inflation and household budgets.

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~HT.504~PR.250~ED.520~VG.HM~

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00:00यह unexpected तो है, लेकिन आप यह समझे कि मैं आपको तीन सच्चा ही बताऊंगा, एक दाम state of hormones
00:07से linked है, ठीके, क्रूड 70 से 115 तक चला गया है, और यह हम 85% oil import करते
00:14हैं, जैसा मैंने कहा था, और यह war shock है, election का issue नहीं है, दूसरा, government ने exercise duty
00:20कम भी किये है, 10 उल पे कम किया तर पहले, और ज
00:29India में से 5% बढ़ा है, तीसरा यह है कि जो oil marketing companies और government ने losses bear
00:35किये थे, कर रहे थे, यह temporary था, इसको कोई भी अच्छी country बहुत दिनों तक sustain नहीं कर सकती
00:43इस पे, और जो यह war है, I am not sure, even Iran और Trump को भी नहीं पता होगा
00:50कि यह war कब जाके खतम होगा, और इसका असर क्या हो रहा है, ज
00:54जो लोग war में नहीं भी है, उनको भुगतना पर रहा है, जैसे हमारी countries, क्योंकि हम अपनी oil, अपनी
01:00energy के ज़रोतों के लिए बाहर पर dependent है, मैं आपको यही कहूंगा कि मार्य वाले time को हम बिलकुल
01:06gas नहीं कर सकते, अगर यह international market में अगर prices इसी level के रहे, 100 डॉलर से उपर रहे
01:13तो इसी पैसे बढ़े हैं और आ सकते हैं, increase आ सकता है, मैं देख रहा हूँ कि अगले 10
01:20-15 दिन में पिर से increase आएगा, अगर यह 100 डॉलर की उपर रहे, बल्कुल, रामकुमार जी, final comment आपका
01:27देश की जनता के लिए, एक संतोज यनक टिपड़े हम समझना चाहेंगे, सुनना �
01:31उसी रोड मैप को लेकर, जो आपके सरकार कहती है, जनता की राहत के लिए.
02:01पास वेजनुला है, और रिलाइंस को भी वहाँ उन्होंने बुला लिया, रिफाइनिर लगवा दी है, टैकसेस में, तो उनकी चिंताएं
02:09कम है, वो पुरे देश को परिसान करना चाहते हैं, और आपने कहा जो टेंकर, देखिए, दो टेंकर हमारे लॉस्ट
02:17हो चुके, वो �
02:19पास विए जो बाता है, प्रदान मंत्री है, जो टेंकर हमारे बुली बारी में लॉस्ट हो गए, और एक टेंकर
02:29के अमारे बारा भारती सेनिक भी जा चुके हैं, इसलिए जो पहले रिस्क ले रही थी भारत सरकार, अब ओर
02:35नहीं ले रही है, जो आपने चोड़ रहा है, ल
02:48डॉलर की वेल्यू घटाना चाहते हैं, जो बैभार करना चाहते हैं, उससे उसको तकलीफ है, डॉलर उसका बिना कुछ यह
02:58उसकी मुद्रास्पृती बहुत मजबूत है, हर बाहरत के कंट्री में डॉलर से ही काम होता है, उसको तोड़ने का काम
03:06हमारे बारत के प्रदान मंत
03:08चाहते हैं, तो यह वो समझदार ही वापरनी चाहिए, मैं अपने रजनीज भाही कर गलत हो तो बता देना, लेकिन
03:16यह समझदार को जुकाने का, उन डॉलर को जुका दे, जुका दे, कई हम न जुक जाएं, बलकुल, आपसे भी
03:23सेर, रजनीज जी आकरी कॉमेंट में समझन
03:38मैंतार कुमार जी के बात से बिलकुल सहमत हूँ, और आप देखेंगे कि दुनिया के तमाम देशों की ट्रांजेक्शन, जो
03:46ब्लोबल ट्रांजेक्शन होती है, वो तकरीबन 60% डॉलर में होती है, डॉलर का एक डॉमिनन्स है, दबदबा है, ठीके,
03:54इसकी डॉलर के दबद
04:06जाएगा, वेनेजुला में ऐसे हुआ था, उन्होंने करेंसी गिदम चापना शुरू कर दिया और उनकी करेंसी गिर गई, एकोनोमी बबाद
04:13हो गई, ऐसी अगर मैं यूएस के बात करूँ, पोरोना के बात उन्होंने बहुत सारे करेंसी स्पिंट किया है, अपने
04:34नोट च
04:39अगर में अट करेंसी हैंनु से महिता विनाके की पेंसी अड़ा गई, थे देहूंस के बड़ियंश के पेंसी जांसीर को
04:47चाहिएयलिक जाम इंवितुया है, आम करेंसी स्पार्ष्ण चाइधी पहले, आप खिचैसे द्धूमार, आप उी देश्पोर्र प्यू
05:03पहले foreign currency में आया करता था, आप INR में ही settle कर सेकते हैं,
05:07मतलब हमारी government ये चाहती है, और economic way में भी तरीके से भी ये सही है,
05:11कि हमारी transactions, अगर आप सुचिए ये रूपी में होगा, तो हमें foreign exchange का कोई घाटा होगा ही नहीं,
05:18यूएस के balance sheet में तो जो companies, यूएस dollar में ही deal करती हैं, उनको तो for exchange का
05:23कोई घाटा होता ही नहीं होगा,
05:25तो ये local currency में deal करने का फाइदा होता है, जो किया जा रहा है, और ये जरूरत भी
05:31है, लेकिन dollar के दबदबा को हम कम नहीं कर सकते हैं,
05:34बिल्कुल नहीं करूंगा कि जब ये petrol डीजल को हम अगर मेरा ये सुझाव है कि अगर इसको जियस्टी के
05:40दारे में आ जाए, तो ये तकरीबां 7 रुपे से लेके 15 रुपे तक का benefit हो सकता है,
05:45डिपेंडिंग कि ये क्या 18% वाले structure में रखेंगे और 28% में रखेंगे, मतलब अगर हम average मान
05:51लो, तो 10 से 12 रुपे तो इसका फरक पड़े गाई, तो पेट्रोल डीजल के प्रोड़ा सा, अगर रजनीश जी
05:57clear कर पाए आप हमारी दर्शकों को, ये सवाल हम जैसे बहुत सार
06:01मीडिया पर्सनल भी समझाने कोशिश करते हैं, इसके लवा कई लोग समझना भी चाहते हैं, GST में, GST के दाइरे
06:06में आने के बाद, जो कि रामकुमार जी भी बार बार कह रहे थे कि हमारी सरकार कोशिश करेगी, हम
06:10चाहते हैं, आखिर वो क्या सटी, आपने एक amount बताया, ल
06:30इस रेट नहीं है, फिर 5%, 18%, 28%, 28% अभी जो सिन प्रोड़क्स होते हैं, जो समाज के लिए
06:39नकरात्मक होते हैं, वो 28% के दाइरे में अभी भी है, लेकिन जादातर समान अभी यहां पे इंडिया में
06:4618% में ते दाइरे में हैं, GST के दाइरे में हैं, अगर यह हम इसको GST के �
06:51दाइरे में लाते हैं, पेटोल डीजल के प्राइस को, तो जो टैक्स अभी तकरीबं 35-50% का जो टैक्स
06:59है, मतलब गवर्मेंट, सेंट्रल गवर्मेंट का हम मिला दे, और स्टेट गवर्मेंट के हम वैट को मिला दे, वो घटके,
07:04आप सोचिए कि अगर 28% के दाइरे में भी
07:21आपने आपने अवर्मेंट.
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