00:07यूएस और इरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब भारतिय तेल कमपनियों की माली हालत पर पड़ रहा
00:13है।
00:40कमपनियों का घाटा लगातार बढ़ रहा है।
01:28रूस तिर रखा गया है।
01:30आंकडों पर गौर करें तो सरकारी तेल कमपनियों की स्थिती काफी चिंता जनक नजर आती है।
01:35पिछले महीने तक इन कमपनियों को रोजाना करीब 2400 करोड रुपय का घाटा जहिलना पड़ रहा था।
01:41कि सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एकसाइस ड्यूटी में 10 रुपय प्रती लीटर की कटोती करने से ये घाटा
01:47थोड़ा कम होकर 1600 करोड रुपय प्रती दिन की स्थर पर आया है।
01:51फिर भी ये राशी इतनी बड़ी है कि कमपनिया इसे लंबे समय तक वहन नहीं कर सकती है।
02:21महत्वपूर्ण राजियों में चुनाफ प्रक्रिया संपन होने के बाद अपरेल के अंध तक पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाये जाने
02:28की पूरी संभावना है।
02:29रिपोर्ट के अनुसार पंपों पर तेल की बढ़ती कीमतों का जोखिम साफ नजर आ रहा है क्योंकि कमपनिया अपने बढ़ते
02:36घाटे को कम करने के लिए भारी दबाव में है।
02:38यदि अंतराष्ट्रे स्तर पर तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की आपूर्ती प्रभावित रहती है तो आने वाले समय
02:45में आम आदमी को इंधन के लिए जादा कीमत चुकानी होगी।
02:49ये स्थिती ना केवल व्यक्तिगत परिवहन को महंगा करेगी बलकि माल धुलाई की लागत बढ़ने से बाजार में अन्य आवश्यक
02:56वस्तूओं की कीमतों में भी तेजी आ सकती है।
02:58फिलहाल सरकार ने राजनीतिक कारणों से कीमतों को बांध कर रखा है लेकिन विशेशग्यों का मानना है कि चुनाव खत्म
03:05होते ही ये राहत खत्म हो जाएगी और तेल की कीमतों में बड़ा उच्छाल देखने को मिलेगा।
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