00:00एक बार फिर देश में परटूल डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं, एक बार फिर आपकी जिप पर पढ़ेगा महगाई
00:06काणचा।
00:30पेट्रोल की कीमतों को कम रख कर नहीं जी सकता, यानि कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ातरी संभव है, आने
00:36वाले दिनों में भी स्मात्र दस दिन के भीतर तीन बार पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धी हुई स्यून जीपीस
00:42में शामिल रही, लेकिन मामले पर जानक
00:57को लेके क्योंकि पिट्रोल और डीजल की जो चीजे होती है फ्यूल में हर चीज का फीड होता है और
01:05जो ट्रांसपोर्ट माल भारा और सीपिया इंफ्लेशन सब कुछ ये डीजल और पिट्रोल प्राइस के इंक्रीज होने की वज़े से
01:13बढ़ सकता है हमने अभी देखा था कि
01:21तो ये इसका इंफ्लेशन पर असर होगा लेकिन एक मैस है मैं आपको सामने कुछ नंबर करना चाहता हूं उसके
01:31बाद आप फुद डिसाइड कर लीजीगा कि इसको बढ़ाना जायज है या बढ़ाना अभी जायज नहीं था देखिए सबसे पहले
01:38हम को ये देखेंगे कि हम
01:4085% से जादा हम अपनी एनर्जी जरूरत बाहर से हम इंपोर्ट करते हैं और जब ये मार्च 2026 में
01:48स्टेट अफॉर्मुज जब बंध हो गया ब्रेंद कुरूर्ट सतर डॉलर से बढ़के 115-120 पर बैलल तक चला गया यानि
01:5660-70% का जंप आया सिफ कुछ महीनों में 2-3 महीनों
02:01और इंडिया अपनी जरूरत का 85% बाहर से हम इंपोर्ट करते हैं तकरीबन हमारा आधा हिसा इसी स्टेट ऑफॉर्मुज
02:09के तुरू आता था तो आप इसका कैल्कुलेशन समझे कि हमारे उपर कितना बड़ा इंपैक्ट है 10 डॉलर अगर पर
02:16बैल की इंक्रीज बरहतरी होत
02:30क्रूड के प्राइसस में तो यह कैट पर 2% का दबाव डाल सकता है यही वज़ा है कि रूपी
02:36अपने आल टाइम लो पे है सर्थ आर्वी आई कोशिश कर रही है लेकिन फिर भी रूपी समालने का नाम
02:42नहीं ले रहा है आपने देखा होगा कि जो फॉरण इन्वेस्टर से �
02:47इफाई आई जिनको बोलते हैं वो काफी मातरा में यहां से इंडिया से पैसे वापस ले जा रहे हैं क्योंकि
02:52उनका उनकी जो इन्वेस्टर वैलू है उनकी वही है तो सबसे पहले हमें यह देखना पड़ीगा कि दो साल लगतार
02:59दो महीने लगतार सरकार और OMC जो ओयल मार
03:16पहा रही थी और अगर हम पर डे की बात करें तो तकरीबन एक हजार करोर रुपे का घाटा हो
03:22रहा था तो यह बहुत दिनों तक सस्टेनेबल नहीं है कोई ट्रेजरी कोई बैलेंश शीट इसको बरदास नहीं कर सकती
03:28है जो प्राइस बड़े हैं तकरीबन पांच रुपे �
03:32पिछले दस दिनों में ये प्राइस हाइक नहीं है ये एक दबाव था जो रिलीज किया जा रहा है तो
03:48वहां एक दूसरे पर आरो पैसे मड़ दिये जाते हैं कि सरकार ने तो एकसाइस जूटी कम की लेकिन आप
03:56अपने राज्य में वेट घटा लीजे
03:59सामने वाली सकता कहती है आप अपने राज्य में खटा लीजे तो सर आप कैसे देखते हैं इस मामले को
04:04असल में इंधन की जो ये बढ़ती कीमते हैं इसके पीछे अंतराश्वे कच्छे तिल और कच्छे तिल के दाम बाजार
04:10जिम्मेदार है या फिर घरेलू टैक्स भी कु
04:28उसको हमने पूरा डाइवसिफाई कर गिया है पहले 27 कंट्री से हम इंपोर्ट किया करते थे और अब 40 से
04:33ज्यादा कंट्री से हम इंपोर्ट करते और हमने ये इंशोर किया हमारी गवर्मेंट ने कि कहीं भी किसी कोई भी
04:39पेट्रोल पर्म ड्राई नहों और हम देख रहे है
04:42कि हमारे हैं फ्योल की कोई कमी नहीं है लेकिन जो प्राइस है वह हमारे हाथ में नहीं है वह
04:46इंटरनेस्ट अब मार्क इस चलता है वस्ते बंध होनी के वज़ए से पूरी तरह बिगड़ गया है उसका अहालत खड़ाब
04:52हो गया है और उसका इतना डीप असर हमारी उपर पर �
05:11तो यह बाहर इंट्रिशनल मार्केट की वज़े से ऐसा हो रहा है।
05:15आपके जो बात थी कि क्या हम इसे प्राइस कम कर सकते हैं, बिल्कूल कम कर सकते हैं।
05:20आपने दिखा होगा कि जब सेंट्रो गवर्मेंट ने एक्साइज ड्यूटी कम किया, तो स्टेक गवर्मेंट भी इसमें प्राइस कम कर
05:27सकती है।
05:28और वैट वगरण कम करने से जंटा के ऊपर इसका जो दबाव है उग कम आएगा।
05:35अब बहुत दिनों से आपने दिखा होगा कि लोग बात कर रहे हैं कि ये पेट्रोल डीजल के प्राइस को
05:40आप जीएटी के दारे में लेगी।
05:42क्यों नहीं ले आते हैं आप जीएटी के दारे में लाने से यह होगा कि जो मैक्सिम्म टैक्स करेट है
05:47वो 28% है।
05:49अब जो टैक्स करेट है तक्रीबन मदब एस्टेट और एकसाई जूटी वगरे मिला के 30 से 40 रुपे 50 रुपे
05:58तक का है पर लिटर।
05:59तो यह अगर एकसाई इसमें जीएटी के दारे में आएगा प्राइस अपने आप बहुत कम हो जाएंगे।
06:06बहुत सारी एस्टेट अपना रिवेनू छोड़ना नहीं चाहती तो थोड़ा सा इसमें मैं पॉलिटेक्स भी देखता हूँ अपना इनकी थोड़ी
06:13सी इनकी प्रेजडी अपेक्टिट होगी तो इस वज़ए से यह कम नहीं हो पा रहे हैं।
06:18हमारे साथ रामकुमार जी भी जुड़ गए हैं भाजपा का पक्षक ने के लिए बिशक एक बार फिर मैं रामकुमार
06:23जी बहुत शुक्रिया आपका वर इंडिया को वक्त देने के लिए आपको थोड़ा सा मैं क्लियर कर दूँ कि हमारे
06:28साथ अर्द्शास्त्री रजनीश �
06:30हैं और हम पॉलिटिकल कुछ इस discussion को नहीं रखना चाहते आप कई बार जुड़े भी हैं और हमारे दर्शकों
06:35को अच्छे insights आपने दिये हैं एक कच्छी परीचर्चा का हिस्सा बने हैं तो मैं sir आपसे समझना चाहूंगा petrol,
06:41diesel को लेकर ही क्योंकि यहां पर कोई आरूप, प
06:57रहा दे सकते हैं, एक और insight मैं जोड़ दूँ अपने दर्शकों को के लिए कि भारत उन चुनिंदा देशों
07:02में से हैं जिसमें बहुत कम, तेल के दामों में बढ़ातरी हुई है, तीन से पांच परसेंट के बीच वो
07:06बढ़ातरी है, अगर आप अमेरिका में देखेंगे, म
07:22या फिर यहां से भी सरकार जो बोज अभी नहीं संभाल पारी, उसका थोड़ा बहुत असर जनता को जिलना पड़ेगा
07:28देश के लोगों को, देखेंगे यह देश के जवाबदार सरकार है, और बहुत कुछ तो रजिस जी ने बताया आपको,
07:36और यह सरकार ने 75-76 दिन अप
07:40अपने हिसाब से सम्हाला भी है, जो भाग्यवान है, हम लोग भारतवासी, जो ऑईल बॉण का पैसा दो आजर आटा
07:49से दो आजर चब्विस, एक लाग पैतालीजर पोड़ जाता थो, दो आजर चब्विस में पेड़ो चुपा है, तो तीन लाग
07:55तीस क्रोड का जो बॉण
08:10काफी कुछ किया हैं, वहां से अपने देशके लिए उन्होंने बिचार विंश किया है, और पाइपलान का पात कि trending
08:33का यू ने आ हमदान के भी बात कि
08:36जुनला भी वह सबस्टे में डीजल पैट्रल दे रहे हैं लेकिन वहां से लाना बहुत कठी नहीं अभी होर्मुज की
08:42समस्या है दुसरा रूट है पचीज दिन में आता है होर्मुज से तीन दिन में बहुत है
08:46तो समस्या हैं पर रशिया भी पूरा साथ दे रहा है और बड़ी समस्या यह है कि मोदी जी बड़ा
08:53खेला कर रहे हैं इसके लिए हमको और तकलीफ हो रही है तारंग क्या है युवे इस उन्होंने कहा हम
08:58दरम में और इंडियन रुपीज में पैसा देंगे रशिया से वही ची
09:16अपनी बात रखता है और संदी रखता है और इसके लिए टरम तो बहुत ही बहुत कुछ नुपसान करना चाहता
09:21है भारत का लेकिन मोदी जी इस समय जो डॉलर की बात गिराने की बात युवे से करका है धर्यम
09:29में करेंगे थोड़ा सा समालना चाहिए क्योंकि लड़ाई का
09:33टाइम है लेकिन जो बात है वो सच रखने चाहिए
10:04केंदर सरकार ने डीजल पे टोटल खतम कर दिया है पेट्रल पे तीन रुपया है लेकिन वहीं पे विपक्स की
10:11स्कार्णा में पांच रुपया और ठोक दिया उन्होंने और उपर से लोग बात करते हैं कि महंगाई और दर कमने
10:21अरे आप पुछ नहीं कम कर से तो बढ़ाना
10:52तो नहीं चाहिए आपको
10:53कि दारे में जो इनका एक देड़ साल दो साल पहले विचाद हा थे इसको लागू करना जी मोदी जी
10:58ने और उनकी सरकार ने ये रजनी जी ने में कहां मैं भी यह कहता हूं कि जीएश्टी के दारे
11:04में आएगी तो सारी समस्या सबकी मनमानी कटम हो जाएगी जीब की सब ची
11:22ची से सवाल लें सर रजीश्टी इस महंगाई के दौर में जीडीपी रोजगार विरोजगारी इन सब बिंदूओं को इन सब
11:30पहलू को आप कैसे देखते हैं ये बढ़ती इंधन की जो कीमतें हैं ये कितना प्रभावित करने वाली है आपकी
11:37नजोरों में आपकी समझ कैसे
11:40इसका बहुत सीवियर इंपक्ट है और जीडेपी का ये इस्टिमेट है कि ये तक्रीबन एक परसंट नीचे गिर जाएगी हमारी
11:48जीडेपी और इंफलेशन तक्रीबन दो से तीम परसंट बढ़ जाएगा आर्बी आई का जो टार्गेट है उससे ऊपर भी जा
11:57सकता है और अ�
12:08कि हम डॉलर में बहुत कुछ खरीद रहे हैं बाहर में जैसे हम गाइब में अगर देखें तो एक से
12:14सो साके बिलियन डॉलर के खर्च करण एता है साठ से सातर बिलियन डॉलर हम सोना बाहर से खरीदते है
12:24इडिबल ओयल हुआ, ऐसे हुआ, आपने देखा हुए प्रधान मेंदियु में इसली जो यह वार है, अब हमारे लिए यह
12:30सिर्फ ओयल और गैस का वार नहीं है, यह हमारे लिए एक एक फॉरेंग मैनेजमेंट का वार हो चुका है,
12:35मतलब हमने हमारे रूपी के ओपर इतना प्
12:53सब्सक्राइब करें, आप अपनी पेट्रोल डिजल की जड़तों को थोड़ा सा सीमित करिए, घर से हो सकता है, तो काम
12:59करिए, और जो सोने की खरीद है, सोने को हम नौन प्रड़क्टिव मानते हैं, क्योंकि सोने से हम कोई मशीन
13:04नहीं बना सकते हैं, और बाखे सब चीज़
13:21में बढ़ने जा रही है, क्योंकि डॉलर का डिमांड बहुत हो गया है, रूपी गिर रहा है, और हमारे कंट्री
13:26में बहुत सारा टेक्नलोजी भी इंपोर्ट होता है, तो जो इंपोर्टेड इंफलेशन है, वो उसका असर देखने को मिल सकता
13:32है, तो जैसा मैंने कहा, कि ये
13:34जी डेपी को एक परसंट से डेर परसंट तक उंचे ले आएगा, इंफलेशन को भी बढ़ाएगा, ये बहुत सीवियर इंपैक्ट
13:40है, अगर एक महीने में ये खतम नहीं हुआ, तो इसका हम असर आने वाले एक साल में देखेंगे, तो
14:00ये थे आर्थर शास्तुरी रजने�
14:02डीजल की कीमतें और बढ़ाती आपको नजर आने वाली है, बेराल मामलों को आप कैसे देख रही है, पैट्रोल डीजल
14:08की ये बढ़ती कीमतें आपको आपकी जेप को कितना प्रभावित कर रही है, कॉमन बॉक्स आपके लिए अपनी टिपपणी बहाँ
14:14जरूर कीजेगा,
14:15मेरा नाम है मुकुंद, आप बने रहे वन इंडिया के साथ, शुक्रिया.
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