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स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष एक बार फिर एकजुट हो गया है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, डीएमके, टीएमसी, आरजेडी और शिवसेना (यूबीटी) समेत 23 विपक्षी दलों ने भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को संयुक्त चिट्ठी लिखकर SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्या यह इंडिया गठबंधन की नई शुरुआत है या चुनाव से पहले विपक्ष की नई रणनीति? जानिए इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम की हर अहम जानकारी इस वीडियो में।

The Opposition has united once again over the Special Intensive Revision (SIR) issue. A total of 23 political parties, including Congress, AAP, DMK, TMC, RJD and Shiv Sena (UBT), have jointly written to Chief Justice of India Surya Kant, raising concerns over the SIR process. Is this the revival of the INDIA bloc or a major political strategy ahead of elections? Watch this detailed report for the latest developments and political reactions.

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Transcript
00:00भारत की राजनीती में एक बार फिर बड़ा सियासी मोर जिस विपक्ष को बिक्रा हुआ बताया जा रहा था वही
00:07विपक्ष अब एक ऐसे मुद्दे पर फिर से एक मंच पर दिखाई दे रहा है
00:11आम आदमी पाटी, DMK, कॉंग्रेस, TMC, RJD, शिव से नई UBT और कुल 23 विपक्षी दल सभी ने मिलकर देश
00:20के नए चीफ जस्टिस सूर्य कांथ को एक चिट्थी लिखी है
00:24सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक दूसरे पर आरोप लगाने वाले दल फिर साथ आ गए
00:41अगले 10 मिनिट में आपको पूरी कहानी हम बताएंगे
00:44इस वीडियो को अन तक जरूर देखिए
00:46नमस्कार, मैं हूँ जस्वी कौशिक और आप देख रहे हैं बनिंटिया हिंदी
00:50देश में चुनावी राजनिती के बीच एक बार फिर SIR यानी
00:55Special Intensive Revision सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है
00:59विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि इस प्रक्रिया के जरिये
01:03मद्दाता सूची में ऐसे बदलाफ किये जा रहे हैं
01:06जिन से सत्ता रूड विजेपी को फाइदा हो सकता है
01:09दूसरी तरफ विजेपी और चुनाव आयोग इन आरोपों को पूरी तरह खारिच करते हुए
01:15नजर आ रहे हैं
01:16कहते हैं कि ये प्रक्रिया मद्दाता सूची को अधिक स्थिक और पारदर्शी बनाने के लिए हैं
01:21अब इस विवाद के बीच मंगलवार को बड़ा घटना क्रम सामने आया
01:25विपक्षी इंडिया ब्लोक से जुड़े और अन्य विपक्षी दलो सहितकुल 23 राशनितिक दलो ने देश के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को
01:33एक सयुक्त पत्र बेजा
01:35इस पत्र में नयाय पालिका से अपील की गई कि वे SIR प्रक्रिया को गंभीता से देखे और विपक्ष की
01:42चिंताओ पर ध्यान दे
01:43सबसे बड़ी बात सिरफ चिटी नहीं है
01:45सबसे बड़ा संदेश उस चिटी पर मजूद हस्ताक्षर है
01:49क्योंकि जिन दलो को पिछले कुछ महीनों से इंडिया गटबंदन से अलग माना जा रहा था वे भी इस पत्र
01:55का हिस्सा बने है
01:56आम आदमी पार्टी जिसने लोग सभा चुनाओ के बाद कॉंग्रिस पर गंबीर आरोप लगाये थे और गटबंदन से दूरी बना
02:03ली थी
02:03वही आम आदमी पार्टी इस बार कॉंग्रिस के साथ खड़ी दिखाई दे रही है
02:07दूसरी और DMK भी इस साजा पल में शामिल है
02:11हाल के राजनितिक घटना क्रमों के बाद कॉंग्रिस और DMK के रिष्टों में तनाओ की चर्चा हो रही थी
02:17लेकिन इस मुद्दे पर दोनों दल एक ही मंच पर दिखाई दिये
02:20यानि संदेश काफी साफ है
02:22चाहे राजनितिक मदवेद कितना भी हो
02:25SIR के मुद्दे पर विपक्ष फिलाल एक जुट दिखाई देना चाता है
02:29इस पूरे घटना क्रम के बाद सबसे पहले प्रतिक्रिया ITMC सांसद सागरे का घोश की
02:35उन्होंने कहा कि 8 जून को 21 विपक्षी दलो की बैठक हुई
02:39जिसमें फैसला लिया गया कि SIR प्रक्रिया को लेकर सभी दल मिलकर अवाज उठाएंगे
02:45उनके अरुसार विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के साथ छेड़ छार की जा रही है
02:50और SIR का इस्तमाल BJP के राजनितिक लाप के लिए किया जा रहा है
02:54सागरिका घोश ने ये भी दावा किया कि पहली बार ऐसा हुआ है
02:59जब 23 विपक्षी दलों ने एक साथ चीफ जस्तिस को पत्र लिखकर नयाय पालिका से हस्त शेप की अपील की
03:06है
03:06उनके मुताबिक ये विपक्ष की एक जुटता, एकता और प्रतिरोध का प्रतीक है
03:11उधर कॉंग्रिस के वरिष्टर नेता जैराम रमेश ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी
03:15कि इस पत्र पर 23 राजनितिक दलों के अलावा एक निडड़ले सांसद ने भी हस्ताक्षर की है
03:21उन्होंने कहा कि विपक्ष लोग तंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े इस मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ एक जुट
03:28है
03:28अब सवाल उठता है कि आखिर SIR है क्या और इससे लेकर इतना बड़ा विबात क्यों हो रहा है
03:35SIR यानि Special Intensive Revision मद्दाता सूची के विशेश पुनरिक्षन की प्रक्रिया है
03:41इसका उदेश्य ये सुनिश्चत करना होता है कि वोटर लिस्ट में केवल पात्र मद्दाताओं के नाम हो
03:48ब्रत लोगों के नाम हटाए जाए धोरी एंट्री खतम हो और नई पात्रबादी को जोड़ा जाए
03:54सिधान्त रूप से ये एक प्रशासनिक प्रक्रिया है
03:57लेकिन जब चुनाओ नस्दीक होते हैं तो इसका राजनितिक महत्व काफी बढ़ जाता है
04:02विपक्ष का कहना है कि अगर इस प्रक्रिया में पारदर्शता नहीं होगी
04:06तो बड़ी संख्या में योग्य मद्दाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं
04:11वही चुनाओ आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून और नियमों के तहट संचालित होती है
04:16और किसी भी राजनितिक दल के पक्ष या विपक्ष में काम नहीं किया जाता
04:21यही वज़ा है कि यह मुद्दाप सिरफ रशासनिक नहीं बलकी राजनितिक और कानूनी भहस का विशाय बन गया है
04:27गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले SIR से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष को कई
04:33बार राहत नहीं मिल सकी
04:34अदालत ने विभिन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कई मौकों पर ततकाल हस्त शेप से इंकार किया
04:41प्रक्रिया को जारी रखने दिया
04:43ऐसे में अब विपक्ष ने सीधे देश के चीव जस्टिस को पत्र लिखकर अपनी चिंताओं से अफगत कराने की कोशिश
04:50की है
04:51हाला कि ये भी समझना जरूरी है कि किसी भी पत्र का अपना समवेदानिक महत्व सीमित होता है
04:57आगे क्या होगा ये पूरी तरह न्याइपालिका की प्रक्रिया और संबंदत मामलों पर निर्भर करेगा
05:03अब बात करते हैं उस राशनितिक संदेश की जो इस पूरे घटना क्रम से निकल कर सामने आया है
05:09लोग सबर चुनाओ के बात लगातार कहा जा रहा था कि इंडिया कटबंदन लगबग बिखड चुका है
05:14कहें शेत्रे दल अपने अपने रास्ते पर चल पड़े थे
05:18अलग-अलग राज्यों में सयोगी दल एक दूसरे के खिलाफ चुनाओ लड़ते वे दिखाई दिये थे
05:23लेकिन अब विपक्ष को SIR के मुद्दे में एक साजा एजेंडा मिलता दिखाई दे रहा है
05:29यही वज़ा है कि कॉंग्रिस, टीमसी, आम आदमी पार्टी, डीमके, आजेडी, शिफ सेना यूबिटी समेट के इंदल एक साथ नजर
05:36आ रहे हैं
05:37राजनितिक एक्सपोर्ट का मानना है कि विपक्ष समुद्दे को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शता से जोड़कर राष्ट्य स्तर पर उठाना चाता
05:45है
05:45वहीं विजेपी का पक्ष ये है कि विपक्ष चुनाव से पहले ही हार का महल बनाकर संस्ताव पर सवाल उठा
05:52रहा है
05:53यानि आने वाले दिनों में ये मुद्दा और जादा गर्मानी की पूरी संभावना है
05:57अब बात और नेताओं की जिनके नाम में संयुक्त पत्र से जुड़े बताये जा रही है
06:02इनमें कॉंग्रिस के राहुल गांदी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्य मंत्री मम्ता बेनर जी
06:07आजेडी नेता ते जस्वी यादव
06:10और शेव सेना यूबिटी के वरिष्ट नेता संजे राउट सहीत कईवे पक्षी नेताओं के हस्ताक्षर होने की जानकारी सामने आई
06:17है
06:17हाला कि अभी तक पत्र की पूरी सामागरी सारवजनिक नहीं की गई
06:21इसलिए इस पश्ट नहीं है कि उसमें विस्तार से कौन-कौन सी मांगे रखी गई है
06:27और नयायपालिका से किस प्रकार के कदम उठाने की अपील की गई है
06:31यही वज़ा है कि राच्रितिक हलकों में इस पत्र को लेकर लगतार चर्चा बनी हुई है
06:37अब सबसे बड़ा सवाल, क्या यह सिरफ एक चिट्टी है या फिर विपक्ष की नई रणिती की शुरुआत
06:42क्या SIR आने वाले चुनाओं का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनने वाला है
06:47क्या विपक्ष इस बहाने फिर से इंडिया कटबंदन को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है
06:53और क्या विजेपी इस पूरे अभियान को केवल राच्रितिक प्रचार बता कर खारिच करी
06:58इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में राच्रितिक घटना करम तै करेंगे
07:02पिलाल इतना तो तै है कि SIR आप केवल मद्दाता सूची का तक्मीकी मामला नहीं रह गया
07:08ये राच्रितिक कानूनी और समविदानिक बहस का केंद्र बन चुका है
07:12एक तरफ विपक्ष, चुनावी, पारदर्षता की मांग कर रहा है
07:16तो दूसरी तरफ सरकार और चुनावायोग मियमो के अनुसार प्रक्रिया चलने की बात कर रहे है
07:22अंतिम निर्णय तथ्यो, कानून और न्याइक प्रक्रिया के अधार पर ही सामने आएगा
07:27अब आप अपनी राय हमें कमेंट सेक्षिन में जरूर बताएं
07:30क्या विपक्ष की ये संयोक्त पहल लोक तंत्र की रक्षा के लिए जरूरी कदम है
07:34या फिर ये केवल चुनावी राजनीती का हिस्सा है
07:37अपनी राय हमें जरूर बताएं
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07:45ताकि देश और दुनिया की हर बड़ी खबर सबसे पहले हम आप तक पहुचा पाएं
07:49आप देख रहे हैं One India Hindi
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