00:00भारत की राजनीती में एक बार फिर बड़ा सियासी मोर जिस विपक्ष को बिक्रा हुआ बताया जा रहा था वही
00:07विपक्ष अब एक ऐसे मुद्दे पर फिर से एक मंच पर दिखाई दे रहा है
00:11आम आदमी पाटी, DMK, कॉंग्रेस, TMC, RJD, शिव से नई UBT और कुल 23 विपक्षी दल सभी ने मिलकर देश
00:20के नए चीफ जस्टिस सूर्य कांथ को एक चिट्थी लिखी है
00:24सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक दूसरे पर आरोप लगाने वाले दल फिर साथ आ गए
00:41अगले 10 मिनिट में आपको पूरी कहानी हम बताएंगे
00:44इस वीडियो को अन तक जरूर देखिए
00:46नमस्कार, मैं हूँ जस्वी कौशिक और आप देख रहे हैं बनिंटिया हिंदी
00:50देश में चुनावी राजनिती के बीच एक बार फिर SIR यानी
00:55Special Intensive Revision सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है
00:59विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि इस प्रक्रिया के जरिये
01:03मद्दाता सूची में ऐसे बदलाफ किये जा रहे हैं
01:06जिन से सत्ता रूड विजेपी को फाइदा हो सकता है
01:09दूसरी तरफ विजेपी और चुनाव आयोग इन आरोपों को पूरी तरह खारिच करते हुए
01:15नजर आ रहे हैं
01:16कहते हैं कि ये प्रक्रिया मद्दाता सूची को अधिक स्थिक और पारदर्शी बनाने के लिए हैं
01:21अब इस विवाद के बीच मंगलवार को बड़ा घटना क्रम सामने आया
01:25विपक्षी इंडिया ब्लोक से जुड़े और अन्य विपक्षी दलो सहितकुल 23 राशनितिक दलो ने देश के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को
01:33एक सयुक्त पत्र बेजा
01:35इस पत्र में नयाय पालिका से अपील की गई कि वे SIR प्रक्रिया को गंभीता से देखे और विपक्ष की
01:42चिंताओ पर ध्यान दे
01:43सबसे बड़ी बात सिरफ चिटी नहीं है
01:45सबसे बड़ा संदेश उस चिटी पर मजूद हस्ताक्षर है
01:49क्योंकि जिन दलो को पिछले कुछ महीनों से इंडिया गटबंदन से अलग माना जा रहा था वे भी इस पत्र
01:55का हिस्सा बने है
01:56आम आदमी पार्टी जिसने लोग सभा चुनाओ के बाद कॉंग्रिस पर गंबीर आरोप लगाये थे और गटबंदन से दूरी बना
02:03ली थी
02:03वही आम आदमी पार्टी इस बार कॉंग्रिस के साथ खड़ी दिखाई दे रही है
02:07दूसरी और DMK भी इस साजा पल में शामिल है
02:11हाल के राजनितिक घटना क्रमों के बाद कॉंग्रिस और DMK के रिष्टों में तनाओ की चर्चा हो रही थी
02:17लेकिन इस मुद्दे पर दोनों दल एक ही मंच पर दिखाई दिये
02:20यानि संदेश काफी साफ है
02:22चाहे राजनितिक मदवेद कितना भी हो
02:25SIR के मुद्दे पर विपक्ष फिलाल एक जुट दिखाई देना चाता है
02:29इस पूरे घटना क्रम के बाद सबसे पहले प्रतिक्रिया ITMC सांसद सागरे का घोश की
02:35उन्होंने कहा कि 8 जून को 21 विपक्षी दलो की बैठक हुई
02:39जिसमें फैसला लिया गया कि SIR प्रक्रिया को लेकर सभी दल मिलकर अवाज उठाएंगे
02:45उनके अरुसार विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के साथ छेड़ छार की जा रही है
02:50और SIR का इस्तमाल BJP के राजनितिक लाप के लिए किया जा रहा है
02:54सागरिका घोश ने ये भी दावा किया कि पहली बार ऐसा हुआ है
02:59जब 23 विपक्षी दलों ने एक साथ चीफ जस्तिस को पत्र लिखकर नयाय पालिका से हस्त शेप की अपील की
03:06है
03:06उनके मुताबिक ये विपक्ष की एक जुटता, एकता और प्रतिरोध का प्रतीक है
03:11उधर कॉंग्रिस के वरिष्टर नेता जैराम रमेश ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी
03:15कि इस पत्र पर 23 राजनितिक दलों के अलावा एक निडड़ले सांसद ने भी हस्ताक्षर की है
03:21उन्होंने कहा कि विपक्ष लोग तंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े इस मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ एक जुट
03:28है
03:28अब सवाल उठता है कि आखिर SIR है क्या और इससे लेकर इतना बड़ा विबात क्यों हो रहा है
03:35SIR यानि Special Intensive Revision मद्दाता सूची के विशेश पुनरिक्षन की प्रक्रिया है
03:41इसका उदेश्य ये सुनिश्चत करना होता है कि वोटर लिस्ट में केवल पात्र मद्दाताओं के नाम हो
03:48ब्रत लोगों के नाम हटाए जाए धोरी एंट्री खतम हो और नई पात्रबादी को जोड़ा जाए
03:54सिधान्त रूप से ये एक प्रशासनिक प्रक्रिया है
03:57लेकिन जब चुनाओ नस्दीक होते हैं तो इसका राजनितिक महत्व काफी बढ़ जाता है
04:02विपक्ष का कहना है कि अगर इस प्रक्रिया में पारदर्शता नहीं होगी
04:06तो बड़ी संख्या में योग्य मद्दाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं
04:11वही चुनाओ आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून और नियमों के तहट संचालित होती है
04:16और किसी भी राजनितिक दल के पक्ष या विपक्ष में काम नहीं किया जाता
04:21यही वज़ा है कि यह मुद्दाप सिरफ रशासनिक नहीं बलकी राजनितिक और कानूनी भहस का विशाय बन गया है
04:27गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले SIR से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष को कई
04:33बार राहत नहीं मिल सकी
04:34अदालत ने विभिन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कई मौकों पर ततकाल हस्त शेप से इंकार किया
04:41प्रक्रिया को जारी रखने दिया
04:43ऐसे में अब विपक्ष ने सीधे देश के चीव जस्टिस को पत्र लिखकर अपनी चिंताओं से अफगत कराने की कोशिश
04:50की है
04:51हाला कि ये भी समझना जरूरी है कि किसी भी पत्र का अपना समवेदानिक महत्व सीमित होता है
04:57आगे क्या होगा ये पूरी तरह न्याइपालिका की प्रक्रिया और संबंदत मामलों पर निर्भर करेगा
05:03अब बात करते हैं उस राशनितिक संदेश की जो इस पूरे घटना क्रम से निकल कर सामने आया है
05:09लोग सबर चुनाओ के बात लगातार कहा जा रहा था कि इंडिया कटबंदन लगबग बिखड चुका है
05:14कहें शेत्रे दल अपने अपने रास्ते पर चल पड़े थे
05:18अलग-अलग राज्यों में सयोगी दल एक दूसरे के खिलाफ चुनाओ लड़ते वे दिखाई दिये थे
05:23लेकिन अब विपक्ष को SIR के मुद्दे में एक साजा एजेंडा मिलता दिखाई दे रहा है
05:29यही वज़ा है कि कॉंग्रिस, टीमसी, आम आदमी पार्टी, डीमके, आजेडी, शिफ सेना यूबिटी समेट के इंदल एक साथ नजर
05:36आ रहे हैं
05:37राजनितिक एक्सपोर्ट का मानना है कि विपक्ष समुद्दे को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शता से जोड़कर राष्ट्य स्तर पर उठाना चाता
05:45है
05:45वहीं विजेपी का पक्ष ये है कि विपक्ष चुनाव से पहले ही हार का महल बनाकर संस्ताव पर सवाल उठा
05:52रहा है
05:53यानि आने वाले दिनों में ये मुद्दा और जादा गर्मानी की पूरी संभावना है
05:57अब बात और नेताओं की जिनके नाम में संयुक्त पत्र से जुड़े बताये जा रही है
06:02इनमें कॉंग्रिस के राहुल गांदी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्य मंत्री मम्ता बेनर जी
06:07आजेडी नेता ते जस्वी यादव
06:10और शेव सेना यूबिटी के वरिष्ट नेता संजे राउट सहीत कईवे पक्षी नेताओं के हस्ताक्षर होने की जानकारी सामने आई
06:17है
06:17हाला कि अभी तक पत्र की पूरी सामागरी सारवजनिक नहीं की गई
06:21इसलिए इस पश्ट नहीं है कि उसमें विस्तार से कौन-कौन सी मांगे रखी गई है
06:27और नयायपालिका से किस प्रकार के कदम उठाने की अपील की गई है
06:31यही वज़ा है कि राच्रितिक हलकों में इस पत्र को लेकर लगतार चर्चा बनी हुई है
06:37अब सबसे बड़ा सवाल, क्या यह सिरफ एक चिट्टी है या फिर विपक्ष की नई रणिती की शुरुआत
06:42क्या SIR आने वाले चुनाओं का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनने वाला है
06:47क्या विपक्ष इस बहाने फिर से इंडिया कटबंदन को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है
06:53और क्या विजेपी इस पूरे अभियान को केवल राच्रितिक प्रचार बता कर खारिच करी
06:58इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में राच्रितिक घटना करम तै करेंगे
07:02पिलाल इतना तो तै है कि SIR आप केवल मद्दाता सूची का तक्मीकी मामला नहीं रह गया
07:08ये राच्रितिक कानूनी और समविदानिक बहस का केंद्र बन चुका है
07:12एक तरफ विपक्ष, चुनावी, पारदर्षता की मांग कर रहा है
07:16तो दूसरी तरफ सरकार और चुनावायोग मियमो के अनुसार प्रक्रिया चलने की बात कर रहे है
07:22अंतिम निर्णय तथ्यो, कानून और न्याइक प्रक्रिया के अधार पर ही सामने आएगा
07:27अब आप अपनी राय हमें कमेंट सेक्षिन में जरूर बताएं
07:30क्या विपक्ष की ये संयोक्त पहल लोक तंत्र की रक्षा के लिए जरूरी कदम है
07:34या फिर ये केवल चुनावी राजनीती का हिस्सा है
07:37अपनी राय हमें जरूर बताएं
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